ईसा मसीह जयंती (25 दिसम्बर) – Jesus Christ Jayanti (25 December)

क्रिसमस डे या ईसा मसीह जयंती (25 दिसम्बर) | Christmas Day in Hindi
25-Dec - हर साल दुनिया के अधिकांश देशों में 25 दिसम्बर को ‘क्रिसमस डे’ या ‘ईसा मसीह जयंती’ के रूप में शीत ऋतु में मनाया जाता है। 25 दिसम्बर को बेथलेहेम में ज़ोसेफ (पिता) और मैरी (माँ) के यहाँ प्रभु ईशु का जन्म हुआ था। क्रिसमस ईसाइयों का सबसे बड़ा त्योहार है। ब्रिटेन और अन्य राष्ट्रमंडल देशों में क्रिसमस से अगला दिन यानि 26 दिसम्बर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है।

क्रिसमस डे या ईसा मसीह जयंती (25 दिसम्बर): (25 December: Christmas Day in Hindi)

क्रिसमस डे कब मनाया जाता है?

हर साल दुनिया के अधिकांश देशों में 25 दिसम्बर को ‘क्रिसमस डे’ या ‘ईसा मसीह जयंती’ के रूप में शीत ऋतु में मनाया जाता है। 25 दिसम्बर को बेथलेहेम में ज़ोसेफ (पिता) और मैरी (माँ) के यहाँ प्रभु ईशु का जन्म हुआ था। क्रिसमस ईसाइयों का सबसे बड़ा त्योहार है। ब्रिटेन और अन्य राष्ट्रमंडल देशों में क्रिसमस से अगला दिन यानि 26 दिसम्बर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है।

इस दिन को क्रिसमस डे के रुप में प्रभु ईशु को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिये मनाया जाता है। क्रिसमस के छुट्टी में पूरे दिन लोग नाचना, गाना, पार्टी मनाना और घर के बाहर डिनर करके खुशी मनाते है। इसे सभी धर्मों के लोगों द्वारा मनाया जाता है, खासतौर से ईसाई समुदाय द्वारा। इस दिन सभी रंग-बिरंगे कपड़े पहनते है और खूब मस्ती करते है। सभी एक-दूसरे को “मैरी क्रिसमस” कहकर बधाईयाँ देते है तथा एक-दूसरे के घर जाकर उपहार देते है।

लगभग एक महीने पहले से ही क्रिश्चन इस त्योहार की तैयारीयाँ करने लगते है। इस दिन पर घर, कार्यालय, चर्च आदि की सफाई करते है: पोताई करना और कागज तथा प्राकृतिक फूलों से अच्छे से सजाना, चित्र, दीवार पर ध्वजपट लगाना। आकर्षक दिखने के लिये बाजारों को भी सजाया जाता है और हम देख सकते है कि बाजार क्रिसमस कार्ड, सुंदर ग्लासेज़, उपहार, सीनरी, खिलौने आदि से भर जाता है। लोग अपने घरों के बीच में क्रिसमस के पेड़ को सजाते है और उसको ढ़ेर सारे उपहार जैसे कि चौकोलेट, कैंडिज़, गुब्बारे, गुड़ीया, चिड़ीया, फूल, लाइटें आदि से इसे चमकदार और सुंदर बनाते है।

ईसाई लोग अपने प्रभु ईशु के लिये प्रार्थना करते है, वो सभी भगवान के सामने अपनी गलतीयों और पाप को मिटाने के लिये उसे स्वीकार करते है। भजन गाते है तथा अपने मित्र, सगे-संबंधियों, और पड़ोसियों में उपहारों का आदान-प्रदान करते है। इस दिन ये लोग एक बड़े भोज का आयोजन करते है जिसमें लजीज़ पकवानों से सभी का स्वागत किया जाता है। दावत के बाद सभी लोग गीत-संगीत पर झूमते है और रात में गाना गाते है। ये बहुत ही जोश और खुशी का उत्सव है जिसे पूरी दुनिया में मस्ती के साथ मनाया जाता है।

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