महेंद्र सिंह धोनी का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Mahendra Singh Dhoni Biography and Interesting Facts in Hindi.

महेंद्र सिंह धोनी का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नाममहेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni)
उपनाममाही, कैप्टन कूल
जन्म की तारीख07 जुलाई 1981
जन्म स्थानरांची , झारखण्ड
माता व पिता का नामदेवकी देवी / पान सिंह
उपलब्धि2007 - एकदिवसीय क्रिकेट में 200 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज
पेशा / देशपुरुष / खिलाड़ी / भारत

महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni)

महेंद्र सिंह धोनी सफल भारतीय क्रिकेटर और इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान है। उनका नाम भारत के सबसे सफल कप्तानों में लिया जाता है। महेंद्र सिंह धोनी 22 टेस्ट जीतकर सौरव गांगुली को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे सफल कप्तान बने थे। वे एकदिवसीय मैचों में भी भारत के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। धोनी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान भी है। उनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने तीन बार आईपीएल का ख़िताब भी जीता है। धोनी ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 90 टेस्ट मैचों में 4876 रन, वही जुलाई 2018 तक खेले गए 318 एकदिवसीय मैचों में 9967 रन और 92 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 1400 से अधिक रन बनाये है।वहीं धोनी के नाम टेस्ट क्रिकेट में 256 कैच और 58 स्टंप्स दर्ज हैं। वहीं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में (जुलाई 2018 तक) उनके नाम 297 कैच और 107 स्टंप्स हैं। वहीं टी20 में (जुलाई 2018 तक) उनके नाम 49 कैच और 33 स्टंप्स हैं।

महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 में झारखण्ड के रांची में एक मध्यम वर्गीय राजपूत परिवार में हुआ था । उनके पिता का नाम पान सिंह व माता का नाम श्रीमती देवकी देवी है उनके पिताजी श्री पान सिंह मेकोन कंपनी के जूनियर मैनेजमेंट वर्ग में काम करते थे । रांची मे उनके पिता को और उनके परिवार को रहने के लिए सरकारी निवासस्थान मिला था। धोनी की माता श्रीमती देवकी देवी एक साधारण गृहिणी थीं। धोनी की एक बहन भी है जिनका नाम है जयंती और एक भाई भी है जिनका नाम नरेन्द्र है। धोनी के बड़े भाई नरेंद्रसिंह राजनीति में कार्यरत है और उनकी बहन जयंती गुप्ता एक शिक्षिका है।
धोनी ने डीएवी जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली, रांची, झारखंड में अध्ययन किया, जहां उन्होंने शुरुआत में बैडमिंटन और फुटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और इन खेलों में जिला और क्लब स्तर पर चुने गए। धोनी अपनी फुटबॉल टीम के लिए एक गोलकीपर थे और उन्हें अपने फुटबॉल कोच द्वारा एक स्थानीय क्रिकेट क्लब के लिए क्रिकेट खेलने के लिए भेजा गया था। धोनी ने अपने 10 वीं कक्षा के बाद क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया।

महेन्द्र सिंह धोनी को वर्ष 1998 में सर्वप्रथम देवल सहाय द्वारा सेंट्रल कोल फील्ड्स लिमिटेड (CCL) टीम के लिए खेलने के लिए चुना गया था। जब वे 12 वी कक्षा में पढ़ा करते थे। धोनी जब अपने स्कूल के जीवन में क्रिकेट केला करते थे, तब देवल सहाय उन्हें क्रिकेट मैचों में हिट होने वाले प्रत्येक छक्के के लिए 50 रुपये देते थे। देवल सहाय उस समय बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और रांची जिला क्रिकेट अध्यक्ष थे इसके कारण धोनी को उस समय में रणजी टीम के बड़े मंच पर धोनी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी वर्ष 1998-99 सीज़न के लिए धोनी को बिहार अंडर -19 टीम में शामिल किया गया, जिसमें उन्होंने 5 मैचों (7 पारियों) में 176 रन बनाए। बिहार अंडर -19 क्रिकेट टीम वर्ष 1999-2000 में कूचबिहार ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गई, जहाँ धोनी ने बिहार को 357 के कुल स्कोर तक पहुंचाने के लिए 84 रन बनाए। धोनी ने 2000/01 सत्र में बंगाल के खिलाफ बिहार के लिए खेलते हुए अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक बनाया अभी तक धोनी बिहार की जूनियर क्रिकेट टीम में खेला करते थे वर्ष 2002–03 के सीज़न में धोनी के प्रदर्शन में रणजी ट्रॉफी में तीन अर्धशतक और देवधर ट्रॉफी में एक अर्धशतक शामिल थे, क्योंकि उन्होंने अपने निचले क्रम के योगदान के साथ-साथ कठिन बल्लेबाजी शैली के लिए पहचान हासिल करना शुरू कर दिया था।

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में, धोनी को पूर्वी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर दीप दासगुप्ता से चुना गया था, अपनी प्रतिभा की खोज BCCI के छोटे शहर की प्रतिभा-खोज पहल TRDW के माध्यम से की गई थी। धोनी की खोज 1960 के दशक में बंगाल के कप्तान टीआरडीओ प्रकाश पोद्दार ने की थी, जब उन्होंने 2003 में जमशेदपुर में एक मैच में धोनी को झारखंड के लिए खेलते हुए देखा, तब उन्होंने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी को एक रिपोर्ट भेजी। और जिसके अगले ही वर्ष 2004 में भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से खेलने के लिए चुना गया, जहां उन्होंने चिट्टागोंग में बांग्लादेश के खिलाफ खेलकर अपने (ओडीआई) एक दिवसीय करियर की शुरुआत की। इसी दौरान धोनी ने तीन देशों के बीच (केन्या ए, भारत ए और पाकिस्तान ए) हुई श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन किया और पाकिस्तान ए टीम के विरुद्ध खेले गए मैच में अपने अर्ध शतक की मदद से धोनी ने भारतीय टीम को मैच जिताया। धोनी को भारतीय टीम की ओर से पहला अंतर्राष्ट्रीय वन डे मैच (ओडीआई) खेलने का मौका साल 2004 में मिला था और यह मैच बंग्लादेश टीम के विरुद्ध खेला था। लेकिन वे इस मैच 0 रन पर ही आउट हो गए इसके बावजूद भी इनका चयन पाकिस्तान के साथ खेले जाने वाले अगले ओडीआई मैच में कर लिया गया था। जिसमें इन्होंने कुल 148 रन अपने नाम किए थे। अगले वर्ष 2005 में धोनी को भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से अपने करियर का फ़र्स्ट टेस्ट मैच खेलने का अवसर मिला यह मैच उन्होंने श्रीलंका के विरुद्ध खेला था। साल 2006 में पाकिस्तान के विरुद्ध खेलते हुए इन्होने अपनी पहली टेस्ट सेंच्युरी लगाई थी

धोनी ने अपना पहला टी- 20 मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था और अपने पहले टी 20 मैच में धोनी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था. क्योंकि इस मैच में धोनी ने केवल दो गेंदों का ही सामना किया था और शून्य पर आउट हो गए थे. हालांकि टीम इंडिया ने इस मैच को जीत लिया था। आईपीएल के पहले सीजन में धोनी को चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 मिलियन अमरीकी डॉलर (10 करोड़) में खरीदा था. और यह कीमत सबसे अधिक थी . इनकी कप्तानी के तहत इस टीम ने इस लीग के दो सीजन जीते थे. इसके अलावा इन्होंने साल 2010 के ट्वेंटी 20 की चैंपियंस लीग में भी अपनी टीम को विजय बनाया था। चेन्नई सुपर किंग्स पर दो साल का बैन लगाने के बाद इन्हें आईपीएल की दूसरी टीम राइजिंग पुणे सुपरजायंट ने करीब 1.9 मिलियन अमरीकी डॉलर (करीब 12 कोरड़) में खरीद लिया था. जिसके बाद धोनी ने इस टीम की ओर से मैच खेले थे. साल 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स पर लगा बैन खत्म हो गया था और इस सीजन में इस टीम ने फिर से धोनी को अपनी टीम में शामिल कर लिया और इस वक्त धोनी इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। धोनी के कप्तान बनने से पहले भारतीय टीम की जिम्मेदारी राहुल द्रविड़ के पास थी और जब राहुल द्रविड़ ने अपने इस पद को छोड़ दिया था. तो उनकी जगह भारत का अगला कप्तान धोनी को चुना गया था। कहा जाता है कि धोनी को भारतीय टीम की कप्तानी देने की बात राहुल द्रविड़ और सचिन ने बीसीसीआई (BCCI) से की थी. जिसके बाद बीसीआई ने धोनी को सन् 2007 में भारतीय टीम का कैप्टन बनाया था।

भारत के कप्तान बनने के बाद सितंबर 2007 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हुए आईसीसी विश्व ट्वेंटी 20 में इन्होने भारतीय टीम को लीड किया था और इस टूर्नामेंट को जीत लिया था। विश्व ट्वेंटी 20 कप जीतने के बाद धोनी को वन डे मैच और टेस्ट मैच की भी कप्तानी सौप दी गई थी और धोनी ने उनको दी गई इस जिम्मेदारी को खूब सही तरह से निभाया था। धोनी की कप्तानी के तहत ही भारत साल 2009 में आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल कर पाया था और धोनी ने कप्तान रहते हुए कई सारे रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं। धोनी ने दो विश्व कप में भारत का नेतृत्व किया है और अपनी कप्तानी के तहत, भारत साल 2011 में विश्व कप जीता था. जबकि साल 2015 के हुए विश्व कप में भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में कामयाब हुआ था.


महेंद्र सिंह धोनी वर्ष 2006, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014 (2009, 2011-2014 में कप्तान) आईसीसी विश्व एकदिवसीय एकादश (ICC वर्ल्ड ODI XI) चुने गए। धोनी के जीवन पर आधारित एक फिल्म बनाई गई थी, उनके बचपन से 2011 के क्रिकेट विश्व कप तक, जिसका शीर्षक एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी, टाइटैनिक की भूमिका में सुशांत सिंह राजपूत के साथ। एक और वेब श्रृंखला उनके जीवन पर केंद्रित थी और इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ 20 मार्च 2019 को हॉटस्टार पर प्रसारित हुई, जिसका शीर्षक था द लॉयर ऑफ़ द रूर।

📅 Last update : 2021-07-07 00:31:12

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