तंजावुर तमिलनाडु के मनोरा किला का इतिहास तथा महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on August 9th, 2018 in प्रसिद्ध आकर्षण, प्रसिद्ध किले

मनोरा किला, तंजावुर (तमिलनाडु) के बारे में जानकारी: (Information about Manora Fort, Thanjavur, Tamil Nadu GK in Hindi)

मनोरा किला दक्षिणी भारतीय राज्य तमिलनाडु के तंजावुर जिले में स्थित प्राचीन किला है। वैसे तो यह भारतीय राज्य अपने ऐतिहासिक मंदिरों के कारण सारी दुनिया में विख्यात है, परन्तु  यहाँ पर कुछ किले भी मौजूद है जिनका भारतीय इतिहास में अपना अलग ही महत्व है।यह किले अपने प्राचीन इतिहास के लिए बल्कि अपनी वास्तुकला के लिए पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है।

मनोरा किले का संक्षिप्त विवरण: (Quick info about Manora Fort)

स्थान तंजावुर, तमिलनाडु (भारत)
निर्माण 1814-1815
निर्माता सर्फोजी II
वास्तुकला शैली द्रविड़ शैली
प्रकार  किला

मनोरा किले का इतिहास: (Manora Fort History in Hindi)

इस ऐतिहासिक किले का निर्माण मराठा शासक सर्फोजी द्वितीय ने 1814-1815 के मध्य करवाया था। सर्फोजी II भोंसले (सरभोजी II भोंसले) तंजौर की मराठा रियासत के भोंसले राजवंश के अंतिम शासक थे, उन्होंने यहाँ पर 24 सितंबर 1777 से 07 मार्च, 1832 तक राज किया था। इस किले का निर्माण ब्रिटिश सैनिकों से रक्षा के लिये किया गया था, लेकिन यह किला साल 1815 में वाटरलू की लड़ाई में फ्रांसीसी सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट के विरूद्ध बड़ा काम आया था। इस किले ने शाही परिवार के लिए निवास के रूप में और लाइट हाउस के रूप में भी कार्य किया था। यह ऐतिहासिक किला तंजावुर जिले के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है।

मनोरा किले के बारे में रोचक तथ्य: (Interesting facts about Manora Fort in Hindi)

  • मनोरा किला भारत के तमिलनाडु के तंजावुर से 65 कि.मी. (40 मील) दूर बंगाल की खाड़ी के तटों के पास पत्तुकोत्तई नगर में है।
  • इस किले की ऊंचाई 23 मीटर (75 फीट) है और षटकोणीय आकार में बना है। यह किला 8 मंजिलों से मिलकर बना हुआ है।
  • इस किले का नाम मीनार यानी टावर शब्द से मनोरा पड़ा है।
  • वर्तमान टावर एक दीवार से घिरा हुआ है और यह एक किले जैसा दिखता है।
  • स्मारक एक पगोडा की तरह लगता है, जिसमें खुली खिड़कियां, गोलाकार सीढ़ियां और एक मंजिल दूसरे को आपस में अलग करती है।
  • इस किले का निर्माण वास्तुकला की द्रविड़ शैली में किया गया है।
  • स्मारक की बहाली और संरक्षण का कार्य साल 2000 में शुरू किया गया था और 2003 में पूरा किया गया था।
  • 2004 दिसंबर माह में हिंद महासागर में आई सुनामी के कारण किले के एक बड़े हिस्से समेत 5 स्मारक क्षतिग्रस्त हो गए थे।
  • इसके बाद वर्ष 2007 में राज्य पर्यटन विभाग ने इस संरचना के नवीनीकरण करने के अलावा कुछ और पर्यटक सुविधाएं जैसे पर्यटक शेड, अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था, डिस्प्ले बोर्ड, सड़क के साथ पेड़ पौधे लगाना, सड़क व्यवस्था दुरस्त रखना, एक बढ़िया बच्चों का पार्क और समुद्र तट पर छत की संरचनाओं को संशोधित करने सहित कई अतिरिक्त सुविधाओं का भी निर्माण किया है।
  • तमिलनाडु राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किले के चारों ओर बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए उस समय 3,195,000 (यूएस $ 46,000) आवंटित किए थे।
  • यात्रियों को सुरक्षा कारणों से केवल संरचना की दूसरी मंजिल तक ही जाने की अनुमति दी जाती है।
  • यह स्थान अनुभवी व्यक्ति और प्रकृति से प्यार करने वाले लोगों के लिए एक आकर्षण पर्यटन स्थल है। यह पर्यटकों के लिए सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच खुला रहता है। स्मारक का आनंद लेने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है और स्मारक की सुंदरता का आनंद लेने और इसके इतिहास को समझने में लगभग 2 घंटे लगेंगे।
  • इस ऐतिहासिक मनोरा किले की यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच है।
  • तंजावुर का निकटतम हवाई अड्डा सिविल एयरपोर्ट है, जो तिरुचिराप्पल्ली में है। हवाई अड्डा शहर के केंद्र से लगभग 48 कि.मी. की दूरी पर है। यात्रा के लिए सार्वजनिक परिवहन आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा, पांडिचेरी एयरपोर्ट यहाँ से 138 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।
  • इसके अलावा अगर आप रेल द्वारा यहाँ जाना चाहते है तो मनोरा किला तंजावुर जंक्शन से लगभग 68 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।

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