तमिल नाडु का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम तमिल नाडु (Tamil nadu) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त तमिल नाडु राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Tamil nadu General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

तमिल नाडु का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामतमिल नाडु (Tamil nadu)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीचेन्नई
राज्य का गठन26 जनवरी 1950
सबसे बड़ा शहरचेन्नई
कुल क्षेत्रफल1,30,058 वर्ग किमी
जिले38
वर्तमान मुख्यमंत्रीमुथुवेल करुणानिधि स्टालिन
वर्तमान गवर्नर रवींद्र नारायण रवि
राजकीय पक्षी मरकती पंडुक
राजकीय फूलकरी हरी
राजकीय जानवरनीलगिरि तहर
राजकीय पेड़ताड़
राजकीय भाषातामिल
लोक नृत्यभरतनाट्यम, कुमी, कोलट्टम, कवाडी।

तमिल नाडु (Tamil nadu)

तमिलनाडु भारत के दक्षिणी भाग में स्थित एक राज्य हैं। राज्य की राजधानी चेन्नई है। प्राचीन काल में चेन्नई को मद्रास के नाम से जाना जाता था। चेन्नई भारत का चौथा सबसे बड़ा शहर है। चेन्नई का कुल क्षेत्र 175 वर्ग किलोमीटर का है। राज्य के पड़ोस में आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल स्थित हैं। प्रदेश के दक्षिण दिशा में हिंद महासागर और पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी हैं। राज्य का कुल क्षेत्रफल 1,30,058 वर्ग किलोमीटर है। राज्य में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा तमिल है।

तमिलनाडु का इतिहास बहुत प्राचीन है, यह लगभग 6,000 साल पुराना है। इतिहासकार तमिलनाडु के इतिहास को तीन विशेष भागों में बांटते हैं- प्राचीन, मध्य और आधुनिक। इस राज्य में चोल, पल्लव और पांडवों से लेकर कई राजवंशों ने शासन किया है। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान यह प्रान्त मद्रास प्रेसिडेंसी का हिस्सा था। स्वतन्त्रता के बाद मद्रास प्रेसिडेंसी को विभिन्न भागों में बाँट दिया गया, जिसके फलस्वरूप मद्रास तथा अन्य राज्यों का निर्माण हुआ।। 1968 में मद्रास प्रान्त का नाम बदलकर तमिलनाडु कर दिया गया।
राज्य के उत्तरी भाग में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश तथा पश्चिमी भाग  में केरल से घिरा होने के कारण यह राज्य जमीन से घिरा है। इसके अतिरिक्त राज्य के उत्तरपूर्व में पुडुचेरी भी स्थित है। यहाँ की प्रमुखनदियों में कावेरी, पोन्नैयार, पलार, वैगई और तांब्रपर्णी शामिल हैं। राज्य का पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तरपूर्वी भाग पहाड़ी भूभाग वाला है। तमिल नाडु देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी सीमा के भीतर पूर्वी और पश्चिमी घाट पड़ते हैं जो नीलगिरी में जुड़े हुए हैं। सुंदर तटीय किनारा, सैकड़ों नारियल के पेड़, राजसी मंदिर, सांस्कृतिक विरासत और वन्य अभयारण्य तमिलनाडु को सैलानियों की पसंदीदा जगह बनाते हैं। तमिल नाडु का राजकीय पेड 'पाल्मायरा खजूर' है। तमिल नाडु का राजकीय फूल 'करी हरी' है। तमिलनाडु का राजकीय पक्षी 'पन्ना कपोत' है। तमिल नाडु का राजकीय पशु 'नीलगिरि तहर' है।
तमिल नाडु का मौसम शुष्क से लेकर नम और अर्ध शुष्क जितना भिन्न है। तमिलनाडु में बरसात के तीन समय होते हैं। जून से सितंबर माह तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ तेज दक्षिण-पश्चिम हवाओं का, अक्टूबर से दिसंबर तक उत्तर-पूर्वी मानसून का जिसमें उत्तर-पूर्वी हवाएं चलती हैं और जनवरी से मई तक शुष्क मौसम का। राज्य में औसत वार्षिक वर्षा 945 मिमी. होती है।

तमिलनाडु में 234 विधानसभा क्षेत्र और 40 लोकसभा क्षेत्र हैं। राष्ट्रीय पार्टियों जैसे कांग्रेस और भाजपा के असर के कारण राजनीतिक शक्ति केंद्र सरकार में ही केंद्रीयकृत है।तमिल नाडु के वर्तमान मुख्यमंत्री इदापड्डी पलानीस्वामी है। उन्होंने 16 फरवरी 2017 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति पी. एस. कुमारस्वामी राजा थे। उन्होंने 26 जनवरी 1950 में राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

तमिल नाडु के वर्तमान राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित है। बनवारी लाल पुरोहित ने 06 अक्टूबर 2017 को तमिल नाडु के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।

तमिलनाडु जीडीपी के हिसाब से भारत का दूसरा सबसे धनी राज्य है और भारत में सबसे अधिक औद्योगीकृत राज्य है। राज्य का 60% से अधिक शहरीकरण है, जो देश में लगभग 10.6% शहरी आबादी के लिए जिम्मेदार है, जबकि भारत की कुल आबादी का केवल 6% शामिल है। राज्य में 55% आर्थिक गतिविधियों में सेवाओं का योगदान है, इसके बाद 34% पर विनिर्माण और 11% पर कृषि का योगदान है। सरकार राज्य में प्रमुख निवेशक है, जिसमें कुल निवेश का 52% है, इसके बाद निजी भारतीय निवेशक 29.9% और विदेशी निजी निवेशक 14.9% हैं। भारत के राज्यों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता रैंकिंग द्वारा इसे भारत में सबसे अधिक आर्थिक रूप से मुक्त राज्य के रूप में स्थान दिया गया है।

तमिल नाडु में मुख्‍य व्‍यवसाय‍ कृषि है। यहाँ की प्रमुख खाद्यान्‍न फ़सलें चावल, ज्‍वार और दालें हैं। प्रमुख व्‍यापारिक फ़सलों में गन्ना, कपास, सूरजमुखी, नारियल, काजू, मिर्च, झिंझेली और मूँगफली हैं। अन्‍य पौध फ़सलें हैं – चाय, कॉफी, इलायची और रबर। यहाँ स्थित कावेरी नदी द्रोणी को “दक्षिण भारत का चावल का कटोरा” कहा जात है। तमिल नाडु का चावल उत्पादन देश में पाँचवा सबसे अधिक है। तमिल नाडु केलों और फूलों का सबसे बड़ा, आम, रबड़, मूंगफली, नारियल का दूसरा सबसे बड़ा और कॉफ़ी का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। मुख्‍य वन उत्‍पाद हैं – इमारती लकड़ी, चंदन की लकड़ी, पल्‍पवुड और जलाने योग्‍य लकड़ी जैव उर्वरकों के उत्‍पादन और इस्‍तेमाल में तमिल नाडु का प्रमुख स्‍थान है।

तमिल नाडु, भारत का महाराष्ट्र के बाद सबसे बड़ा औद्योगिक राज्य है। यह भारत का एक ही ऐसा राज्य है जहां पावर और उर्जा के आरक्षण के कारण बिजली उत्पादन सरप्लस है। यह भारत का सर्वाधिक नगरीकृत राज्य भी है जहां की 47% जनसम्ख्या नगरीय क्षेत्रों में निवास करती है। तमिल नाडु, कर्नाटक के बाद देश का सबसे बड़ा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विकास का क्षेत्र है विशेषकर चेन्नई जो कर्नाटक की राजधानी बंगलौर के बाद देश का सबसे बड़ा आईटी नगर है और देश का सबसे बड़ा आईटी पार्क यहाँ स्थित है।


वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार तमिल नाडु की साक्षरता दर 80.3% है जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। 2001 की जनगणना में यह दर 73.5% थी। इसकी प्राथमिक या उच्च प्राथमिक शिक्षा में जीईआर 100 प्रतिशत है। तमिल नाडु में उच्च शिक्षा के लिए 40 विश्वविद्यालय हैं, जिसमें सरकारी और निजी दोनों शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में 480 इंजीनियरिंग काॅलेज, 5,000 मेडिकल काॅलेज, 1100 आर्ट काॅलेज भी हैं।
ग्रेनाइट, लिग्‍नाइट, चूना-पत्थर, बॉक्साइट, जिप्सम, लिग्नाइट, मैग्नेसाइट और लौह अयस्क राज्‍य की प्रमुख खनिज संपदा हैं। राज्‍य तैयार खालों और चमड़े का सामान, सूती धागे, चाय, कॉफी, मसाले, इंजीनियरिंग सामान, तंबाकू, हस्‍तशिप वस्‍तुएं और काले ग्रेनाइट पत्‍थर का प्रमुख निर्यातक है। कपास की ओटाई, कताई और बुनाई हमेशा से राज्य प्रमुख उद्योग रहे हैं। तमिल नाडु के अन्य उद्योगों में: सूती कपडा, भारी वाणिज्यिक वाहन, ऑटो कलपुर्जे, रेल के डिब्‍बे, विद्युतचालित पंप, चमडा उद्योग, सीमेंट, चीनी, काग़ज़, ऑटोमोबाइल और माचिस शामिल है।
तमिलनाडु की आबादी साल 2011 की जनगणना के अनुसार 7,21,47,030 है, जो देश में सातवीं सबसे अधिक है और देश की कुल जनसंख्या का 5.9 6% है। तमिल समाज में हिंदुओं की संख्या ज्यादा है और उनमें से ज्यादातर कट्टर ब्राम्हण हैं जिनकी अपनी धार्मिक और सामाजिक मान्यताएं हैं। यहां कुछ बौद्ध, सिख और अन्य धर्म के लोग भी हैं जो तमिल समाज का हिस्सा हैं। राज्य में अनुसूचित जाति और अनु
तमिलनाडु में महिलाओं के पारंपरिक कपड़ों में साड़ी का बहुत महत्व है। लोकप्रिय तमिल कविता सिलप्पतिकारम एक साड़ी में महिलाओं को चित्रित करती है। साड़ी एक ऐसा पहनावा है जिसे महिलाएं ऑफिस, मंदिरों, पार्टियों और शादियों में पहनती हैं। दक्षिण भारतीय साड़ियाँ अपने जटिल ज़री के काम के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध हैं।
तमिल सभ्यता विश्व की पुरातनतम सभ्यताओं में से एक है।तमिल लोगों की संगीत, नृत्य और साहित्य में बहुत रुचि होती है। कर्नाटक संगीत यहां की मुख्यधारा संगीत-विधा है। भरतनाट्यम् काफी लोकप्रिय और प्रसिद्ध है। तमिलनाडु की सांस्कृतिक विशेषता तंजावुर के भित्तिचित्र, भरतनाट्यम्, मंदिर-निर्माण तथा अन्य स्थापत्य कलाएं हैं। संत कवि तिरूवल्लुवर का तिरुक्कुरल, प्राचीन तमिल का सर्वप्रसिद्ध ग्रंथ है।
तमिल यहां की आधिकारिक और सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। यह देश में शास्त्रीय भाषा के रुप में मान्य होने वाली पहली भाषा है। हालांकि यहां रहने वाले लोग कुछ अन्य दक्षिण भारतीय भाषाएं भी बोलते हैं जिसमें तेलगु, कन्नड़ और मलयालम शामिल हैं।
देश हर प्रदेश की तरह ही यहाँ के खान-पान की अपनी विशेषता है। चावल तमिलनाडु का प्रमुख भोजन है, चावल व चावल के बने व्यञ्जन जैसे दोसा, उथप्पम्, इद्ली आदि लोकप्रिय है, जिन्हे केले के पत्ते पर परोसा जाता है। यहां के खाने में मिर्च-मसालों का काफी प्रयोग किया जाता है जिससे भोजन अतिस्‍वादिष्‍ट एवं रूचिकर लगता है।
तमिलनाडु के लोकप्रिय त्यौहारों में नवरात्र, दशहरा, दीपावली, कार्थिका, आदिपेरूकु, ममल्लापुरम पोंगल और दक्षिण तमिलनाडु के कुछ हिस्‍सों में ‘जल्लीकट्टू’ (तमिल नाडु शैली की सांडो की लडाई) सबसे लोकप्रिय त्यौहार है।
तमिलनाडु वन विभाग की वेबसाइट के अनुसार, 6 आदिवासी समुदायों, टोडा, कोटा, कुरुंबास, इरुलुर, पनियान और कट्टनायकन की पहचान आदिम आदिवासी समुदायों के रूप में की गई है। दिलचस्प बात यह है कि सभी छह जनजातियां नीलगिरी की मूल निवासी हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य की भरमार के कारण तमिलनाडु पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह है। इस राज्य के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में: ममल्लापुरम, पूंपुहार, कांचीपुरम, कुंभकोणम, धारासुरम, चिदंबरम, तियअन्‍नामलै, श्रीरंगम, मदुरै, रामेश्वरम, तिरूनेलवेली , कन्याकुमारी, तंजावुर, वेलंकन्नी, नागूर चित्‍तान वसाल, कलुगुमलै (स्‍मारक केंद्र), कोर्टलम, होगेनक्‍कल, पापनाशम, सुरूली (जल-प्रपात), ऊटी (उटकमंडलम), कोडैकनाल, यरकाड, इलागिरि कोल्लिहिल्‍स (पर्वतीय स्‍थल), गुइंडी (चेन्नई), मुदुमलाई, अन्‍नामलाई, मुंदांथुरै, वेल्लोर, मदुरांतक, कालाकाड (वन्‍य जीवन अभयारण्‍य), वेदंथंगल तथा प्‍वाइंट केलिमियर (पक्षी अभयारण्‍य) और चेन्नई के समीप अरिनगर अन्ना चिड़ियाघर आदि पर्यटन की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण स्‍थान हैं। चेन्नई का मरीना तट भी विश्व का दूसरा सबसे लम्बा समुद्रतट है।

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