भारतीय इतिहास के प्रमुख व्यक्ति और सम्बंधित स्थान:

यहां पर भारतीय इतिहास के प्रमुख व्यक्ति और सम्बंधित स्थान के बारे में महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान जानकारी दी गयी है। सामान्यतः इस सूची से सम्बंधित प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते है। यदि आप विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे: आईएएस, शिक्षक, यूपीएससी, पीसीएस, एसएससी, बैंक, एमबीए एवं अन्य सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी कर रहे हैं, तो आपको भारतीय इतिहास के प्रमुख व्यक्ति और सम्बंधित स्थान के बारे में अवश्य पता होना चाहिए।

भारतीय इतिहास के प्रमुख व्यक्ति और उनके स्थान की सूची:

भारतीय इतिहास के प्रमुख व्यक्तियों के नाम स्थान
अरविन्द घोष पांडिचेरी
ईसा मसीह जेरुसलम
गुरु नानक तलवंडी
जनरल डायर जलियावाला बाग
जयप्रकाश नारायण सिताब दियारा
डॉ० राजेन्द्र प्रसाद सदाकत आश्रम, जीरादेई
नेपोलियन कोर्सिका, सेंट हेलेना, वाटरलू
नेल्सन मंडेला ट्रेफलगर
पं० जवाहरलाल नेहरू त्रिमूर्ति भवन, आनंद भवन
महात्मा गाँधी साबरमती, सेवाग्राम, पोरबंदर
महात्मा बुद्ध बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर
महाराणा प्रताप चित्तौड़, हल्दीघाटी
महावीर स्वामी वैशाली, पावापुरी
मुहम्मद साहब मक्का, मदीना
सरदार बल्ल्भभाई पटेल बारदोली
सिकंदर महान मैसिडोनिया
सुभाषचंद्र बोस कटक
स्वामी रामकृष्ण परमहंस बेलूर
स्वामी विवेकानन्द कोलकाता

अब संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें और देखें कि आपने क्या सीखा?

भारत के प्रसिद्ध व्यक्ति से संबंधित प्रश्न उत्तर 🔗

यह भी पढ़ें:

प्रसिद्ध व्यक्ति के स्थान प्रश्नोत्तर (FAQs):

आर्किमिडीज़ एक ग्रीक गणितज्ञ, आविष्कारक और वैज्ञानिक थे जिन्होंने हाइड्रो-स्टेटिक्स और ज्यामिति में व्यापक काम पूरा किया। वह पेंच पंप का आविष्कारक भी है, जिसे आर्किमिडीज स्क्रू कहा जाता है।

फ़ाहियान एक चीनी बौद्ध भिक्षु, यात्री, लेखक और अनुवादक थे, जिन्होंने 399 से 412 ईस्वी तक भारत, श्रीलंका और आधुनिक नेपाल में स्थित गौतम बुद्ध के जन्मस्थान कपिलवस्तु का दौरा किया था। उनकी यात्रा के समय भारत में गुप्त वंश के चंद्रगुप्त विक्रमादित्य का काल था और चीन में जिन वंश का काल चल रहा था।

अब्दुल रहीम खान एक कवि थे जो मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल के दौरान रहते थे। वह अपने दरबार के नौ महत्वपूर्ण मंत्रियों में से एक थे, जिन्हें नवरत्न भी कहा जाता था।

बी कृष्णमूर्ति शास्त्रीगल प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रशंसित प्रतिपादक और आचार्य थे। वह कर्नाटक संगीत और संस्कृत भाषा के क्षेत्र में अपने गहन ज्ञान और प्रभावशाली बयानों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने संगीतशास्त्र, संस्कृत साहित्य और वेदांत दर्शन में महानता प्राप्त की।

पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी शास्त्रीय संगीत की हिंदुस्तानी संगीत शैली के सबसे प्रमुख गायकों में से एक हैं। वे मुख्य रूप से संस्कृत वाद्ययंत्रों के विशेषज्ञ थे और उनकी मुख्य पहचान तबले की उदारता थी।

  Last update :  Fri 28 Oct 2022
  Download :  PDF
  Post Views :  11671