दमन दीव का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय केन्द्रशासित प्रदेश

इस अध्याय के माध्यम से हम दमन और दीव (Daman and Diu) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त दमन और दीव राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Daman and Diu General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

दमन और दीव का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामदमन और दीव (Daman and Diu)
इकाई स्तरकेन्द्रशासित प्रदेश
राजधानीदमन
राज्य का गठन30 मई 1987
कुल क्षेत्रफल112 वर्ग किमी
जिले112
वर्तमान गवर्नर प्रफुल्ल पटेल (प्रशासक)
राजकीय पक्षी अभी तक घोषित नहीं
राजकीय फूलअभी तक नामित नहीं किया गया है
राजकीय जानवरअभी तक घोषित नहीं
राजकीय पेड़अभी तक नामित नहीं किया गया है
राजकीय भाषाअंग्रेज़ी

दमन और दीव (Daman and Diu)

दमन और दीव भारतीय गणराज्य का एक केन्द्र शासित प्रदेश है जो मुंबई के निकट अरब सागर में स्थित द्वीप समूह हैं। यहाँ की राजधानी दमन है। दमन और दीव देश का दूसरा सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है। इसके पूर्व में गुजरात और पश्चिम में अरब सागर स्थित है। दीव दो पुलों से जुड़ा हुआ द्वीप है। दीव का पड़ोसी ज़िला गुजरात का जूनागढ़ है। दमन दो भागों में ‘मोती दमन’ और ‘नानी दमन’ में विभाजित है। इन दोनों भागों को विभक्त करने वाली नदी दमनगंगा नदी है।

दमन और दीव की देश की आज़ादी के पहले पुर्तगालियों अधीन रहे थे। भारत की स्‍वतंत्रता प्राप्ति के बहुत बाद तक यह पुर्तगालियों के कब्‍जे में रहा। वर्ष 1961 में जब भारतीय राज्य गोवा को पुर्तगालियों के कब्‍जे से मुक्‍त कर भारत में मिलाया गया। संविधान के बारहवें संशोधन अधिनियम 1962 के तहत गोवा व दमन और दीव को भारतीय संघ के एक क्षेत्र के रुप में भारतीय संविधान की पहली अनुसूची में शामिल किया गया। संविधान के 57वें संशोधन के ज़रिए दमन और दीव गोवा से अलग होकर एक स्वतंत्र केंद्र शासित प्रदेश बन गए। सन् 1987 में दमन और दीव को भारत के संविधान के द्वारा केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया।
दमन उत्‍तरी अक्षांश के 20 डिग्री 22’00” से 20 डिग्री 27’25” और पूर्वी देशांतर के 72 डिग्री 49’42” से 72 डिग्री 54’43” के बीच स्थित है। दमन और दीव के जिलों का भूगोल इसे केंद्र शासित प्रदेश बनाता है। दमन जिला भारतीय पश्चिमी तट पर स्थित है। दक्षिण में यह कलेम नदी से, उत्तर में भगवान नदी से, पश्चिम में अरब सागर से और पूर्व में वलसाड से घिरा है। गुजरात का वलसाड़, दमन का पड़ोसी ज़िला है। दीव दो पुलों से जुड़ा हुआ द्वीप है। दीव का पड़ोसी ज़िला गुजरात का जूनागढ़ है। दमन दो भागों में ‘मोती दमन’ और ‘नानी दमन’ में विभाजित है। दमनगंगा नदी दमन जिले को दो भागों में बांटती है। दमन और दीव की प्रमुख नदियां भगवान, दमनगंगा और कलेम, कलाई और छसी नदी है।
दमन और दीव दो द्वीपों में एक उपोष्णकटिबंधीय जलवायु है। समुद्र के निकट स्थित होने के कारण मौसम ठंडा, शांत और हवादार होता है। गर्मियों में तापमान 23 से 42 डिग्री के बीच रहता है जबकि वसंत और शरद ऋतु में यह 15 से 30 डिग्री के बीच रहता है। सर्दियों में दोनों द्वीपों का तापमान 10 से 24 डिग्री के बीच रहता है।

भारत के संविधान के अनुसार केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन का मुखिया राज्यपाल होता है, जो प्रशासक के तौर पर जाना जाता है और उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इसका प्रशासन भारत के गृह मंत्रालय के तहत आता है। भारत की लोकसभा में दमन एवं दीव के लिए एक सीट आबंटित है।

दमन और दीव के वर्तमान प्रशासक प्रफुल्ल पटेल है। उन्होंने अगस्त 2016 को दमन और दीव के राज्यपाल (प्रशासक) के रूप में शपथ ग्रहण की है।


यहां की मुख्य आर्थिक गतिविधि मछली पकड़ना है। इस इलाके में कुल 550 औद्योगिक इकाईयां हैं। दाभेल, भीमपोर, काचीगाम और कदाइयां दूसरे औद्योगिक क्षेत्र है। दमन और दीव में सड़कों की कुल लंबाई क्रमशः 191 और 78 किलोमीटर है। इस केंद्र शासित प्रदेश में कोई भी रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा नहीं है।
वर्ष 2000-01 की कृषिगणना के अनुसार दमन और दीव का कुल सिंचित क्षेत्र 393.93 हेक्‍टेयर है। यहाँ की महत्‍वपूर्ण फ़सलें धान, रागी, बाजरा, ज्‍वार, मूँगफली, दालें, सेम, गेहूँ, चीकू, सपोता, आम, केला, नारियल और गन्ना हैं। इस क्षेत्र में कोई बड़ा वन नहीं है।
वर्ष 2011 के अनुसार दमन और दीव की साक्षरता दर 92.28% है। यहां पर बहुत सारे स्कूल, हाई स्कूल और सरकारी संस्थान हैं, जो शिक्षा मुहैया कराते हैं। नानी दमन में कोस्ट गार्ड पब्लिक स्कूल, नानी दमन में सार्वजनिक विद्यालय, मोती दमन में इंस्टिट्यूट आॅफ अवर लेडी आॅफ फातिमा और नानी दमन में श्री मच्छी महाजन हाई स्कूल यहां के कुछ मशहूर स्कूल हैं।
यहाँ के प्रमुख उद्योगों में चमड़े की चप्पल, बांस की टोकरियों और मैट, शंख आइटम, मोती, तिनके से बने हस्तशिल्प आदि कार्य शामिल है।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार दमन और दीव की जनसंख्या 2,43,247 है। प्रदेश का जनसंख्या घनत्व 2169 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. का है। प्रदेश का लिंग अनुपात 1000 पुरुषों पर 618 महिलाओं का है। दमन और दीव में ज्यादातर हिंदू लोग रहते हैं।
महिलाएं साड़ी, कुर्ता सलवार, नव-वारी (9 इंच की साड़ी), पानो भाजू, कश्ती, (लंगोटी) को कंधे पर कंबल के साथ पहनती हैं, जिसे कुनबी, साड़ी के साथ पल्लो आदि कहा जाता है। महिलाएं और लड़कियां स्कर्ट, जींस, टॉप भी पहनती हैं।
यहां के सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन का चरित्र बहुआयामी है क्योंकि इतिहास में में यह पुर्तगाली उपनिवेश हुआ करता था। यहां का सांस्कृतिक जीवन यूरोपीय, आदिवासी और भारतीय तत्वों का मेल को दिखाता है। संगीत और नृत्य दमन और दीव के सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। गरबा और डांडिया नृत्य इस प्रदेश के मुख्य नृत्य है।
इस केंद्र शासित प्रदेश में कई भाषाएं बोली जाती हैं। हिंदी, अंग्रेजी, मराठी और गुजराती भाषाएं यहां आधिकारिक तौर पर इस्तेमाल होती हैं। कुछ बुजुर्ग लोग पुर्तगाली भाषा भी बोलते हैं। आधिकारिक भाषा के तौर पर अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाता है। यहां पर कोंकणी, अग्री और वर्ली भाषाओं की बोलियां भी बोली जाती हैं।
यहां के लोग समुद्री खाने के लिए जाने जाते है। दमन और दीव के अन्य मुख्य व्यंजनों में सी फूड, कांटिनेंटल, साउथ इंडियन, नॉर्थ इंडियन, चाइनीज और मुगलई शामिल है।
दमन और दीव में सभी धर्मों के लोग अपने-2 त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। यहाँ पर मुख्य रूप से होली, दीपावली, दशहरा, रक्षाबंधन, क्रिसमिस, ईद आदि त्यौहार मनाये जाते है।
दमन और दीव में हिंदू धर्म सबसे आम धर्म है। मुसलमान अब इस क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह हैं, इसके बाद स्वदेशी ईसाई हैं। दमन और दीव के कैथोलिक ईसाइयों को गोवा और दमन के मेट्रोपॉलिटन रोमन कैथोलिक द्वारा सेवा दी जाती है, जो भारत के आदिम दृश्य गोवा में अपनी नज़र रखता है।
दमन पर्यटन शहरी, यूरोपीय और भारतीय परम्पराओं का मिश्रण है, सभी समुद्र तटों में देवका बीच सबसे मशहूर है। दीव भारत में बेहतरीन स्थलों में से एक है, नैदा गुफाएं दीव के पर्यटकों के आकर्षण में से एक है। नागोआ बीच दीव का सबसे मशहूर समुद्र तट है। यहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में मोती दमन, नानी दमन, बॉम जीजस गिरजाघर, देवका तट, जैमपोरे तट, सेंट जेरोम, जैन मंदिर, अनुसूचित जनजाति कैथेड्रल चर्च, मनोरंजन पार्क और गांधी पार्क, सत्या नगर उद्यान, जम्पा गेटवे, सेंट पॉल चर्च, मारवाड़ मेमोरियल, गोम्प्टीमाता, चक्रतीर्थ तट, मिरासोल गार्डन, बॉम जीजस गिरजाघर, जैन मंदिर, सत्या सागर उद्यान, देविका बीच, जैमपोरे बीच, नगोआ बीच, चक्रतीर्थ बीच, गोमटीमाला तट, गिर राष्ट्रीय उद्यान, ससंगीर वन्यजीव अभयारण्य, फुडम वन्यजीव अभयारण्य आदि काफी प्रसिद्ध हैं।

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