चंडीगढ का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

इस अध्याय के माध्यम से हम चंडीगढ़ (Chandigarh) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त चंडीगढ़ राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है।

चण्डीगढ़ का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामचण्डीगढ़ (Chandigarh)
इकाई स्तरकेन्द्रशासित प्रदेश
राजधानीचंडीगढ़
राज्य का गठन1 नवम्बर 1966
कुल क्षेत्रफल114 वर्ग किमी
जिले1
वर्तमान गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित (प्रशासक)
राजकीय पक्षी भारतीय धूसर धनेश
राजकीय फूलपलाश
राजकीय जानवरभारतीय धूसर नेवला
राजकीय पेड़आम का पेड़
राजकीय भाषाहिंदी, पंजाबी, अंग्रेजी

चण्डीगढ़ (Chandigarh)

चंडीगढ़ भारतीय गणराज्य का एक केन्द्र शासित प्रदेश और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में से एक है। चंडीगढ़ की सीमांए 03 भारतीय राज्यों पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से लगी हुई है। चंडीगढ़ दो भारतीय राज्यों पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है। चंडीगढ़ देश का प्रथम सुनियोजित शहर है। फ्रांसीसी वास्तुकार ली कार्बुजिए द्वारा इसकी योजना बनाई थी। एशिया का सबसे बड़ा रोज़ गार्डन जिसका नाम “जाकिर हुसैन रोज़ गार्डन” है, चंडीगढ़ में ही स्थित है।

चंडीगढ़ मध्यकल में एक समृद्ध जगह होने के साथ-साथ पंजाब प्रांत का भाग था। सन् 1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन उपरांत पंजाब राज्य को भारत और पाकिस्तान में दो भागों में बाँट दिया गया था। विभाजन के बाद राज्य की पुरानी राजधानी लाहौर पाकिस्तान के पास चली गयी और पूर्व पंजाब के पास कोई राजधानी नहीं बची। जिसके फलस्वरूप एक नये योजनाबद्ध राजधानी शहर की स्थापना का निश्चय किया गया तथा साल 1952 में चंडीगढ़ शहर की नींव रखी गई। उसके बाद चंडीगढ़ को 01 नवंबर, 1966 को केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया।बाद में हरियाणा का गठन होने के बाद नजदीकी और महत्व के आधार पर चंडीगढ़ को दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी बनाया दिया गया।
चंडीगढ़ हिमालय की शिवालिक पर्वतमाला की तराई में देश  के उत्तर-पश्चिम में में स्थित भारत के 07 केंद्र शासित प्रदेशो में से एक है। शहर का क्षेत्रफ़ल लगभग 44 वर्ग मील (114 कि.मी.²) है। यह 30 डिग्री 14 उत्तर अक्षांश और 76 डिग्री 14 पूर्व देशांतर पर स्थित है। इसकी सीमाएं पूर्व में हरियाणा, उत्तर, पश्चिम और दक्षिण में पंजाब (भारत) से लगती हैं। शहर की समुद्र ताल ऊंचाई 321 मीटर (1053 फीट) है।चंडीगढ़ को “पेंशनर का स्वर्ग” भी कहा जाता है, चंडीगढ़ नाम यहां स्थित चंडी मंदिर के नाम से पड़ा है। चण्डीगढ़ की प्रमुख नदी पटियाला-की-राव है। चंडीगढ़ का राजकीय फूल 'पलाश' है। चंडीगढ़ का राजकीय पक्षी 'भारतीय ग्रे हॉर्नबिल' है। चंडीगढ़ का राजकीय पेड 'आम' है। चंडीगढ़ का राजकीय पशु 'ग्रे नेवला' हैं।
चंडीगढ़ में सब ट्राॅपिकल मानसून का मौसम रहता है। इसकी खासियत यहाँ की तेज गर्मियां, अस्थिर वर्षा और कंपकपाती सर्दियां हैं। यहां का तापमान बदलता रहता है और यहाँ का तापमान -1 डिग्री से 46 डिग्री तक रहता है। सर्दियों में यहां पाला भी पड़ता है। यहाँ पर औसत वार्षिक वर्षा 1100 मिमी. तक होती है।

चंडीगढ़ प्रशासन संविधान की धारा 239 के अंतर्गत नियुक्त किये गए प्रशासक के अधीन कार्यरत है। प्रशासन का मुखिया राज्यपाल होता है, जो प्रशासक के तौर पर जाना जाता है और उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। इनके पास सबसे ज्यादा कार्यकारी अधिकार होते हैं। इसका प्रशासन भारत के गृह मंत्रालय के तहत आता है। केंद्र शासित प्रदेश का अपना संसदीय निर्वाचन क्षेत्र है जिसमें पूरा चंडीगढ़ शामिल है। यहां पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की विधानसभा भी है।

चंडीगढ़ में प्रमुख राजनीतिक दलों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी शामिल हैं। चंडीगढ़ के वर्तमान प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित (प्रशासक) है। उन्होंने ने 31 अगस्त 2021 को चंडीगढ़ के 16वें राज्यपाल (प्रशासक) के रूप में शपथ ग्रहण की है।


चंडीगढ़ को 3 अलग-2 तरह की सरकारों के आधार के तौर पर जाना जाता है। यहाँ लगभग 15 मध्यम से बड़े उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम हैं। यहां लगभग 2500 लघु उद्योग इकाईयां हैं। प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र भी बहुत समृद्ध है और यह भारतीय और विदेशियों के बीच बहुत लोकप्रिय है। चंडीगढ़ भारत के अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के मुकाबले सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय होने के कारण संघ शासित प्रदेशो की सूची में शीर्ष स्थान पर है।
चंडीगढ़ में खेती हेतु बहुत ही कम मात्र में भूमि उपलभ है। कृषि भूमि को शहर के विस्‍तार के लिए धीरे-धीरे अधिग्रहण किया जा रहा है। साल 1966 शहर का कृषि क्षेत्र 5,441 हेक्‍टेयर था जो, वर्ष 2002-03 में घटकर 1,400 हेक्‍टेयर रह गया है। यहाँ की मुख्‍य फ़सल गेहूँ है जो 700 हेक्‍टेयर में बोया जाता है।
चंडीगढ़ की साक्षरता दर 86.43 प्रतिशत है। यहां की सरकार ने हर बच्चे को घर से एक किलोमीटर की सीमा में ही शिक्षा मुहैया कराने का प्रयास किया है। यहां आपको बड़ी संख्या में निजी और सरकार स्कूल मिल जाएंगे। कई निजी स्कूल जो धर्मनिरपेक्ष होने के तौर पर जाने जाते हैं, उन्हें अनुदान और सहायता भी मिलती है।
चंडीगढ़ के प्रमुख उद्योगों में पेपर, सेनेटरी वेयर, मशीन टूल्स, बुनियादी धातु, ऑटो पार्टस्, फार्मास्यूटिकल्स और बिजली के उपकरणों का विनिर्माण मुख्य रूप से शामिल हैं। यहां खाद्य उत्पादों से जुड़े हुए भी कई उद्योग हैं।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार चंडीगढ़ की जनसंख्या 10,55,450 है। प्रदेश का जनसंख्या घनत्व 9252 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. का है। चंडीगढ़ का लिंग अनुपात 1000 पुरुषों पर 818 महिलाओं का है। कुल आबादी में से बच्चों की संख्या 10% की है।
चंडीगढ़ की परंपरागत पोशाकों में मुख्य रूप से कुर्ता सलवार, पटियाला सूट, घाघरा, चोली, लहँगा शामिल है, जो महिलायों द्वारा पहला जाता है। यहाँ ज्यादातर पुरुष शर्ट (कमीज) और जींस आदि पहने हुए देखे जा सकते हैं। सर्दियों के लिए गर्म मोजे, स्वेटर, जैकेट और शॉल आदि मुख्य रूप से उपयोग में लाये जाते हैं।
चंडीगढ़ में विभिन्न धर्मों के लोग निवास करते हैं, जिनमे हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई प्रमुख है। यहां हिंदू धर्म के लोगों की आबादी सबसे ज्यादा है तथा दूसरे नंबर पर सिख धर्म के लोग हैं। चंडीगढ़ बहुत ही प्रगतिशील है और इसका लगभग 90% क्षेत्र विकसित है। यह केंद्र शासित प्रदेश अपने लोक नृत्यों और संगीत के लिए जाना जाता है। यहां के ज्यादातर रिवाज़ और परंपराएं पंजाबी संस्कृति और हिंदू, सिख और मुस्लिम संस्कृति से जुड़ी हैं। यहां के प्रसिद्ध लोक नृत्यों में भांगड़ा, गिद्दा, जूली, सम्मी और तीयान शामिल हैं।
यहां की लोकप्रिय भाषा पंजाबी है। हिंदी भी यहां बहुत बोली जाती है। हरियाणा की राजधानी होने के कारण यहां हरियाणवी भी बोली जाती है। ज्यादातर लोग हिंदी और अंग्रेजी में बात करते हैं।
यहां का पारंपरिक भोजन मसालेदार ठेठ पंजाबी खाना है। शाकाहारी और मांसाहारी खाना दोनों ही यहां बहुत विविधता और स्वाद के साथ पकाए जाते हैं। शहर में अन्य मुख्य व्यंजनों में मक्की दी रोटी, सरसों का साग, दाल मखनी, कढ़ी, पंजाबी छोले, पालक पनीर, भरवां परांठा सब्जी पंजाबी, बैंगन दा भुरता, बटर चिकन, पंजाबी लच्छा पराठा और चिकन टिक्का शामिल है।
चंडीगढ़ में सभी धर्मों के लोग अपने-2 त्योहार मानाते हैं। यहाँ के मुख्य त्यौहारों में बैसाखी, गुरुपूरब, लोहड़ी, टीका, रक्षा बंधन आदि बड़ी श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं।
चंडीगढ़ का कैपिटल कॉम्प्लेक्स समकालीन वास्तुशिल्प का बहुत खूबसूरत उदहारण है। हाल ही में यूनेस्को ने कैपिटल कॉम्प्लेक्स को विश्व धरोहर स्थल घोषित कर दिया है। चंडीगढ़ एक आधुनिक शिल्‍पकला व खूबसूरत शहर है, जो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते है। यहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में केपिटल कॉम्प्लेक्स, पिंजौर गार्डन, रोज़ गार्डन, सुखना झील, रॉक गार्डन, सुखना झील, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, उद्यान और पार्क, अंतर्राष्ट्रीय गुड़िया संग्रहालय, राजकीय संग्रहालय और आर्ट गैलरी, देवी चंडी और छाया के टॉवर के मंदिर आदि काफी प्रसिद्ध हैं।
चंडीगढ़ में केवल 1 जिला है, जिसे चंडीगढ़ के नाम से ही जाना जाता है, इसकी जनसंख्या 10,55,450 और क्षेत्रफल 114 वर्ग किलोमीटर है।
  Last update :  2022-06-28 11:44:49
  Post Views :  877