भारतीय राज्यों के वर्तमान राज्यपाल की सूची 2021

भारत के वर्तमान राज्यपाल 2018 | Current Governors of Indian States 2019 in Hindi
भारतीय राज्यों के वर्तमान राज्यपालों की सूची

भारत के सभी राज्यों के वर्तमान राज्यपाल एवं उप-राज्यपाल 2020: (Current Governors of Indian States 2019 in Hindi)

राज्यपाल किसे कहते है?

भारत गणराज्य में राज्यपाल 28 राज्यों में राज्य प्रमुख का संवैधानिक पद होता है। राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति 5 वर्ष के लिए करते हैं और वे राष्ट्रपति की मर्जी पर पद पर रहते हैं। राज्यपाल राज्य सरकार का विधित मुखिया होता है जिसकी कार्यकारी कार्रवाई राज्यपाल के नाम पर सम्पन्न होती है।

सभी 28 भारतीय राज्यों के वर्तमान राज्यपालों की सूची:

राज्य का नाम राज्यपाल का नाम और  पदग्रहण (कार्यकाल अवधि)
अरुणाचल प्रदेश ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा (03 अक्टूबर 2017)
असम जगदीश मुखी (10 अक्टूबर 2017)
आंध्र प्रदेश विश्वभुषण हरिचंद्र (24 जुलाई 2019)
उत्तर प्रदेश आनंदीबेन पटेल (29 जुलाई 2019)
उत्तराखंड बेबी रानी मौर्या (26 अगस्त 2018)
ओडिशा प्रो. गणेश लाल (29 मई 2018)
कर्नाटक वजूभाई वाला (01 सितम्बर 2014)
केरल आरिफ मोहम्मद खान (06 सितम्बर 2019)
गुजरात आचार्य देवव्रत (22 जुलाई 2019)
गोवा सत्यपाल मलिक (03 नवंबर 2019)
छत्तीसगढ़ अनुसुइया ओइके (29 जुलाई 2019)
झारखण्ड द्रौपदी मुर्मू (18 मई 2015)
तमिलनाडु बनवारी लाल पुरोहित (06 अक्टूबर 2017)
तेलंगाना डॉ तमिलिसाई सौंदराराजन (08 सितम्बर 2019)
त्रिपुरा रमेश बैस (29 जुलाई 2019)
नागालैण्ड आर.एन. रवि (01 अगस्त, 2019)
पंजाब वी.पी. सिंह बदनोर (22 अगस्त, 2016)
पश्चिम बंगाल जगदीप धनखड़ (30 जुलाई 2019)
बिहार फागु चौहान (29 जुलाई 2019)
मणिपुर नजमा हेपतुल्ला (24 जुलाई 2019)
मध्य प्रदेश आनंदीबेन पटेल (अतिरिक्त प्रभार-1 जुलाई 2020)
महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी (05 सितम्बर 2019)
मिजोरम पी. एस. श्रीधरन पिल्लई (25 अक्टूबर 2019)
मेघालय तथागत राय (27 जनवरी 2020)
राजस्थान कलराज मिश्र (09 सितम्बर 2019)
सिक्किम गंगा प्रसाद (26 अगस्त 2018)
हरियाणा सत्यदेव नारायण आर्या (25 अगस्त 2018)
हिमाचल प्रदेश बंडारू दत्तात्रेय (11 सितम्बर 2019)

यह भी पढे: भारतीय राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्रियों के नाम एवं उनकी राजनीतिक पार्टी

भारत के केन्द्रशासित प्रदेशों के वर्तमान प्रशासक और उप-राज्यपालों की सूची:-

केन्द्रशासित प्रदेश नाम और पद ग्रहण(कार्यकाल अवधि)
अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह (उपराज्यपाल) एडमिरल डी के जोशी (लेफ्टिनेंट गवर्नर) (08 अक्टूबर 2017)
जम्मू और कश्मीर (उपराज्यपाल) गिरीश चन्द्र मुर्मू (लेफ्टिनेंट गवर्नर) (31 अक्टूबर 2019)
लद्दाख (उपराज्यपाल) राधाकृष्ण माथुर (उप-राज्यपाल) (31 अक्टूबर 2019)
चण्डीगढ़ (प्रशासक) वी.पी. सिंह बदनोर (प्रशासक) (22 अगस्त, 2016)
दमन और दीव (प्रशासक) प्रफुल्ल पटेल (प्रशासक) (29 अगस्त, 2016)
दादरा और नगर हवेली (प्रशासक) प्रफुल्ल पटेल (प्रशासक) (30 दिसम्बर, 2016)
दिल्ली (उपराज्यपाल) अनिल बैजल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) (31 दिसम्बर, 2016)
पुदुच्चेरी (उपराज्यपाल) किरन बेदी, आई.पी.एस, (सेवानिवृत) (लेफ्टिनेंट गवर्नर) (29 मई, 2016)
लक्षद्वीप (प्रशासक) फ़ारुक़ ख़ान, आई.पी.एस, (सेवानिवृत) (प्रशासक) (06 सितम्बर, 2016)

राज्यपाल के पद के लिए कौन-कौन सी योग्ताएं होनी चाहिए?

अनुच्छेद 157 के अनुसार राज्यपाल पद पर नियुक्त किये जाने वाले व्यक्ति में निम्नलिखित योग्यताओं का होना अनिवार्य है:-

  • वह भारत का नागरिक हो।
  • वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
  • वह राज्य सरकार या केन्द्र सरकार या इन राज्यों के नियंत्रण के अधीन किसी सार्वजनिक उपक्रम में लाभ के पद पर न हो
  • वह राज्य विधानसभा का सदस्य चुने जाने के योग्य हो।

राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?

संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार- राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से की जाएगी, किन्तु वास्तव में राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा भारत के प्रधानमंत्री की सिफ़ारिश पर की जाती है। राज्यपाल की नियुक्ति के सम्बन्ध में निम्न दो प्रकार की प्रथाएँ बन गयी थीं:-

  • किसी व्यक्ति को उस राज्य का राज्यपाल नहीं नियुक्त किया जाएगा, जिसका वह निवासी है।
  • राज्यपाल की नियुक्ति से पहले सम्बन्धित राज्य के मुख्यमंत्री से विचार विमर्श किया जाएगा।

यह प्रथा 1950 से 1967 तक अपनायी गयी, लेकिन 1967 के चुनावों में जब कुछ राज्यों में गैर कांग्रेसी सरकारों का गठन हुआ, तब दूसरी प्रथा को समाप्त कर दिया गया और मुख्यमंत्री से विचार विमर्श किए बिना राज्यपाल की नियुक्ति की जाने लगी।

राज्यपाल का वेतन और भत्ते

वर्ष 2020 के अनुसार भारत के राज्यों के राज्यपाल का वेतन 3 लाख 50 हजार रुपये और उप राज्यपाल का वेतन 1 लाख 10 हजार प्रतिमाह है। साथ ही राज्यपाल को निःशुल्क सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाता है। वह वे सभी वेतन, भत्ते तथा ऐसे विशेषाधिकारों का उपभोग करने का अधिकारी है, जो राज्यपाल (परिलब्धियां, भत्ते एवं विशेषाधिकार) अधिनियम, 1982 में विनिर्दिष्ट हैं।

राज्यपाल की शक्तियाँ, कार्य और विशेषाधिकार:

राज्यपाल को निम्नलिखित विशेषाधिकार तथा उन्मुक्तियाँ प्राप्त हैं:-

  • राज्यपाल अपने पद की शक्तियों के प्रयोग तथा कर्तव्यों के पालन के लिए किसी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं है।
  • राज्यपाल की पदावधि के दौरान उसके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में किसी भी प्रकार की आपराधिक कार्यवाही प्रारम्भ नहीं की जा सकती।
  • जब राज्यपाल पद पर आरूढ़ हो, तब उसकी गिरफ्तारी या कारावास के लिए किसी भी न्यायालय से कोई आदेशिका जारी नहीं की जा सकती।
  • राज्यपाल का पद ग्रहण करने से पूर्व या पश्चात उसके द्वारा व्यक्तिगत क्षमता में किये गये कार्य के सम्बन्ध में कोई सिविल कार्यवाही करने के पहले उसे दो मास पूर्व सूचना देनी पड़ती है।

नीचे दिए गए प्रश्न और उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। यह भाग हमें सुझाव देता है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्नोत्तरी एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC), रेलवे (Railway), बैंकिंग (Banking) तथा अन्य परीक्षाओं में भी लाभदायक है।

भारतीय राज्यों के राज्यपाल - महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQs):

  • प्रश्न: राज्यपाल कब तक अपने पद पर बना रह सकता है?
    उत्तर: राष्ट्रपति जब तक चाहे (Exam - SSC LDC Oct, 1998)
  • प्रश्न: किस राज्य की विधानसभा में स्त्रियों की नियुक्ति राज्यपाल करते है?
    उत्तर: नगालैंड (Exam - SSC CML Oct, 1999)
  • प्रश्न: किसी राज्य का राज्यपाल किसके प्रति उत्तरदायी होता है?
    उत्तर: भारत के राष्ट्रपति के प्रति (Exam - SSC LDC Aug, 2005)
  • प्रश्न: राज्यपाल अपना पद किसकी संतुष्टि के बाद धारण करता है?
    उत्तर: राष्ट्रपति (Exam - SSC CML Jul, 2006)
  • प्रश्न: राज्यपाल का मुख्य सलाहकार कौन होता है?
    उत्तर: मुख्यमंत्री (Exam - SSC SOA Sep, 2007)
  • प्रश्न: राज्यपाल द्वारा राज्य की विधान सभा में एंग्लो-इण्डियन समुदाय से कितने सदस्य/सदस्यों को नामित किया जा सकता है?
    उत्तर: एक (Exam - SSC SOC Jun, 2009)
  • प्रश्न: स्वतन्त्र भारत में किसी राज्य की पहली महिला राज्यपाल कौन बनी थी?
    उत्तर: श्रीमती सरोजिनी नायडू (Exam - SSC CPO Sep, 2009)
  • प्रश्न: पश्चिम बंगाल के प्रथम राज्यपाल कौन थे ?
    उत्तर: चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (Exam - SSC CHSL Nov, 2010)
  • प्रश्न: यदि किसी राज्य की विधान सभा में किसी दल को पूर्ण बहुमत नहीं प्राप्त हो तो राज्यपाल किसके अनुसार कार्रवाई करेगा?
    उत्तर: स्वनिर्णय (Exam - SSC CHSL Dec, 2011)
  • प्रश्न: राज्य विधान मंडल के अनुमोदन के बिना राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेश कितनी अवधि के लिए लागू रहेगा?
    उत्तर: छह सप्ताह (Exam - SSC MTS Mar, 2013)
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43 comments

  1. कुछ राज्यों के राज्यपाल का नाम एक ही दे दिए है जैसे जगदीश मुखी मणिपुर में भी और असम में भी क्यों?

    1. कुछ राज्यों का अपना राज्यपाल नहीं है इसलिए दूसरे राज्य के राज्यपाल को ही अतरिक्त प्रभार के साथ कुछ राज्य मे राज्यपाल बनाया गया है…!

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