पुदुचेरी का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय केन्द्रशासित प्रदेश

इस अध्याय के माध्यम से हम पुदुचेरी (Puducherry) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त पुदुचेरी राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Puducherry General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

पुदुचेरी का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामपुदुचेरी (Puducherry)
इकाई स्तरकेन्द्रशासित प्रदेश
राजधानीपुदुचेरी
राज्य का गठन1 नवम्बर 1956
कुल क्षेत्रफल492 वर्ग किमी
जिले4
वर्तमान मुख्यमंत्रीनदेसन कृष्णासामी रंगासामी
वर्तमान गवर्नर तमिलिसाई साउंडराजन (अतिरिक्त प्रभार) (लेफ्टिनेंट गवर्नर)
राजकीय पक्षी एशियाई कोयल
राजकीय फूलकाननोनबल पेड़ का फूल
राजकीय जानवरभारतीय गिलहरी
राजकीय पेड़बिल्व
राजकीय भाषातमिल, अंग्रेजी

पुदुचेरी (Puducherry)

पुडुचेरी देश के 7 केंद्र-शासित प्रदेशों में से एक है। इस प्रदेश के पूर्व में बंगाल की खाड़ी और शेष तीन तरफ तमिलनाडु स्थित है। पुडुचेरी का कुल क्षेत्रफल 497 वर्ग किलोमीटर है। पुडुचेरी का प्राचीन नाम पांडिचेरी था, जिसे वर्ष 2006 के सितम्बर माह में बदलकर पुडुचेरी कर दिया गया। इसके नाम का अर्थ नई बस्ती या नया शहर है। केंद्र शासित प्रदेशो में से यह प्रदेश क्षेत्रफ़ल की दृष्टि से तीसरे स्थान पर है।

यहाँ पर प्राचीन काल में कई राजवंशों जैसे चोल, पंड्या, विजयनगर और मदुरई सल्तनत ने राज किया था। भारत के क्षेत्र पर लगभग 138 वर्षों तक फ्रांसीसियों ने शासन किया था और आज भी यहां फ्रांसीसी वास्तुशिल्प और संस्कृति देखने को मिल जाती है। प्राचीन काल में यह क्षेत्र फ्रांस के साथ होने वाले व्यापार का मुख्य केंद्र था। 01 नवंबर 1954 को भारत में इसका विलय हो गया और वर्ष 1963 में एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया।
पुदुच्चेरी चार अलग-अलग (बिना जुड़े) जिले से मिलकर बना है। पुडुचेरी भारत के पूर्वी तट पर चैन्नई के दक्षिण में 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कराईकल पूर्वी तट पर पुडुचेरी से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुडुचेरी का राजकीय फूल 'कैनन' है। पुडुचेरी का राजकीय पक्षी 'एशियाई कोयल' है। पुडुचेरी का राजकीय पशु 'गिलहरी पशु' है। पुडुचेरी का राजकीय पेड 'बेल' है।
पुडुचेरी की जलवायु गर्म और आर्द्र प्रकार की है। यहाँ का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। यहां पर औसत वार्षिक बारिश 130 सेंमी. तक होती है। यहां जुलाई से अगस्त और नवंबर से जनवरी तक उत्तर-पश्चिमी मानसून बरसता है। यहाँ पर मार्च से जुलाई तक गर्मियों का मौसम रहता है।

पुडुचेरी में जिला सरकार मुख्यमंत्री की नियुक्ति करती है, जोकि विधानसभा द्वारा नामांकित होता है। वह सभी प्रकार के सरकारी कार्यों की देखरेख करता है और साथ ही कैबिनेट व सिविल सेवाओं को भी संभालता है। अन्य राज्यों की तरह पुडुचेरी की सरकार में भी एक विधानसभा है, जिसमें 30 सदस्य होते हैं। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सिर्फ एक लोकसभा क्षेत्र है। यहां के दो प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)  है।

पुडुचेरी का वर्तमान मुख्यमंत्री नदेसन कृष्णासामी रंगासामी है। उन्होंने में 07 मई 2021 को पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की  है।। पुडुचेरी के वर्तमान उप-राज्यपाल (प्रशासक) डॉ तमिलिसाई सौंदराराजन (अतिरिक्त प्रभार) (लेफ्टिनेंट गवर्नर) है, उन्होंने 18 फरवरी 2021 को पुडुचेरी के उप-राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी।


पांडिचेरी की अर्थव्यवस्था काफी हद तक इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, रसायन, धातु, पर्यटन, वस्त्र और सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित है। पांडिचेरी की अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार कृषि और अर्थव्यवस्था हैं। पांडिचेरी की लगभग आधी आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है।
पुडुचेरी के लगभग 24.37% लोग कृषि और उससे जुड़े व्‍यवसायों में लगे हुए है। धान यहाँ की मुख्‍य फ़सल है। दलहन उत्‍पादन में यह राज्य दूसरे नंबर पर है। यहां की अन्य प्रमुख फसलें चावल, दाल, नारियल, सुपारी, मसाला, मूंगफली और मिर्च हैं। पुडुचेरी में कई प्रकार की मिट्टी पाई जाती है जिनमें मुख्यतः लाल मिट्टी, काली मिट्टी और तटीय जलोढ़ शामिल है, जो भिन्न-भिन्न प्रकार की खेती के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होती है।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार पुडुचेरी की साक्षरता दर 86.5% है। बाकी देश के मुकाबले इस केंद्र शासित प्रदेश की आबादी उच्च शिक्षित है। यहाँ पर बहुत से शिक्षण है, जिनमें मुख्य रूप से पुडुचेरी इंजीनियरिंग कालेज, पुडुचेरी यूनिवर्सिटी, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान संस्थान, पशु चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान राजीव गांधी, शिक्षा श्री अरबिंदो इंटरनेशनल सेंटर, विवेकानंदा कॉलेज, भारतीय प्रबंधन संस्थान, आचार्या शिक्षा मंदिर, शारदा गंगाधरन कॉलेज और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान संस्थान आदि शामिल है।
पुडुचेरी में कई प्रकार के लघु, बड़े और मध्यम स्तर के उद्योग हैं। पुडुचेरी के प्रमुख उद्योगों में कपड़ा, कंप्यूटर हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक, साइकिल पार्ट्स, साबुन, चावल की भूसी का तेल, सूती धागा, हस्तशिल्प से तैयार चमड़े की वस्तुए, मिट्टी के बरतन, हाथ से तैयार काग़ज़, पुराना औपनिवेशिक फर्नीचर आदि प्रमुख हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पुडुचेरी की जनसंख्या लगभग 1,244,464 है। पुडुचेरी की जनसंख्या का घनत्व 2,598 वर्ग प्रति कि.मी. है। यहां का लिंग अनुपात प्रति 1000 पुरुषों के मुकाबले 1031 महिलाओं का है।
महिलाएं ब्लाउज और लंबी स्कर्ट के साथ साड़ी पहनना पसंद करती हैं। महिलाएं अत्यधिक शॉर्ट और बीच वियर से बचती हैं क्योंकि वे लोगों का अवांछित ध्यान आकर्षित कर सकती हैं। पांडिचेरी में नग्नता की भी अनुमति नहीं है। पांडिचेरी के मूल निवासी तमिल मूल के हैं।
पुडुचेरी की संस्कृति बहुराष्ट्रीय और महानगरीय प्रकृति की है। विभिन्न संस्कृतियों के प्रभाव के कारण यह छोटी सी जगह एक बहुत आकर्षक बहुसांस्कृतिक शहर में बदल गई है जिसकी अपनी विशेषताएं हैं। भारत के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशो की तरह ही यहाँ पर भी हिंदू, क्रिश्चियन, मुस्लिम, जैन, सिख और बौद्ध धर्म के लोग निवास करते है। पुडुचेरी का लोकप्रिय नृत्य पोडिकाजहि (Podikazhi) है।पूर्व तथा पश्चिम संस्‍कृति से प्रभावित पुडुचेरी में हस्‍तशिल्‍प से तैयार चमड़े की वस्‍तुएं, मिट्टी के बरतन, हाथ से तैयार कागज, धूप तथा पुराना औपनिवेशिक फर्नीचर आदि अनोखी वस्‍तुएं मिलती हैं।
तमिल, तेलुगु, मलयालम और फ्रांसीसी यहाँ की आधिकारिक भाषाएँ है। यहां के ज्यादातर निवासी अंग्रेजी, तमिल, फ्रेंच, तेलगु और मलयालम भाषा बोलते हैं। यहां के स्कूलों में तमिल, मलयालम और तेलगु के साथ साथ अंग्रेजी और फ्रेंच के माध्यम से भी पढ़ाया जाता है।
पुडुचेरी के मुख्य व्यंजनों में सब्जियों की करी, कोकोनट करी, सोया डोसा, इटालियन बेक्ड बीन, अस्साद, तंदूरी पोटेटो, स्टफ्ड कैबेज और पोडनलांगकल आदि काफी लोकप्रिय हैं।
यहाँ पर पुडुचेरी में सभी धर्मों (हिंदु, मुस्लिम, सिख और ईसाई) के लोग अपने-2 त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। यहाँ के मुख्य त्यौहारों में पोंगल, मासी मगम , गुड फ्राइडे, अक्षय तृतीया और बेस्टाइल डे आदि शामिल हैं।
आदि द्रविड़ 113,013 की आबादी के साथ संख्यात्मक रूप से सबसे बड़ा अनुसूचित जाति है, जो केंद्र शासित प्रदेश की अनुसूचित जाति की आबादी का 71.6 प्रतिशत है; उनके बाद परायण संख्या 26,658 (16.9 प्रतिशत), आदि आंध्र 4,606 (2.9 प्रतिशत) और वल्लुवन 3,915 (2.5 प्रतिशत) हैं।
भारत के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक माने जाने वाले पुडुचेरी में दुनिया भर के सैलानी हर साल आते है। यहाँ के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों में बोटैनिकल गार्डन, पेराडाइज बीच, ऑरोविल्ले बीच, पार्क स्मारक, अरिकमेडु, आनंद रंगा पिल्लई महल, डुप्लेक्स की प्रतिमा, विल्लन्नूर, चिदम्‍बरम, शिंजी, फ्रेंच वार मेमोरियल, पॉन्डिचेरी में म्युजियम, श्री गोकिलंबल तिरुकामेश्वर मंदिर, वरदराजा पेरूमल मंदिर और पंचवटी पंचमुख अंजनेय मंदिर, चिदम्‍बरम, शिंजी, अरिकमेडु, ओसुदू झील, सैर समुद्र तट, शांति समुद्र तट, स्वर्ग(पेराडाइज) समुद्र तट, ऑरोविले समुद्र तट आदि काफी प्रसिद्ध हैं।

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