अंडमान निकोबार द्वीप समूह का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय केन्द्रशासित प्रदेश

इस अध्याय के माध्यम से हम अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह (Andaman and Nicobar Islands) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Andaman and Nicobar Islands General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामअण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह (Andaman and Nicobar Islands)
इकाई स्तरकेन्द्रशासित प्रदेश
राजधानीपोर्ट ब्लेयर
राज्य का गठन1 नवम्बर 1956
सबसे बड़ा शहरपोर्ट ब्लेयर
कुल क्षेत्रफल8249 वर्ग किमी
जिले3
वर्तमान गवर्नर एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी (उपराज्यपाल) (सेवानिवृत्त)
राजकीय पक्षी अंडमान जंगली कबूतर
राजकीय फूलअंडमान जरुल
राजकीय जानवरडूगोंग
राजकीय पेड़अण्डमान रेडवूड
राजकीय भाषाहिंदी, अंग्रेजी

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह (Andaman and Nicobar Islands)

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह भारतीय गणराज्य का एक केन्द्र शासित प्रदेश है, जो बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भाग में हिन्द महासागर में स्थित है। यहाँ की राजधानी और सबसे बड़ा शहर पोर्ट ब्लेयर है। इस द्वीपसमूह के पूर्व में अंडमान सागर और पश्चिम में बंगाल की खाड़ी स्थित है। यह केंद्र शासित प्रदेश लगभग 572 छोटे बड़े द्वीपों से मिलकर बना है, जिनमें से सिर्फ कुछ ही द्वीपों पर लोग निवास करते हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप का एसटीडी कोड 03192 है।

17वीं सदी में इस द्वीप समूह पर मराठों ने शासन किया गया था। मराठों के बाद इस पर ब्रिटिश शासकों ने राज्य किया। 18वीं शताब्दी की शुरुआत में मराठा एडमिरल कान्होजी आंग्रे द्वारा यहाँ पर अधिकार किया गया था। सन् 1869 में अंग्रेजों ने निकोबार द्वीपों पर कब्जा कर लिया और उन्हें सन् 1872 में एक प्रशासनिक इकाई बनाने के लिए अंडमान द्वीपों से जोड़ दिया गया। जापानी सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान साल 1942 में द्वीपों पर कब्जा कर लिया जो सन् 1945 में विश्व युद्ध के अंत तक कायम रहा। सन् 1947 में ब्रिटिश शासन से देश आज़ादी के बाद यह द्वीप समूह भारत का केन्द्र शासित प्रदेश बना और उसका नियंत्रण भारत को सौंप दिया गया। यहां आने वाला पहला पश्चिमी व्यक्ति मार्को पोलो था जिसने इस जगह को ‘लैंड आॅफ हैड हंटर’ कहा था।
ये द्वीप बंगाल की खाड़ी का हिस्सा हैं, जो भौगोलिक दृष्टि से 11 डिग्री 41’ उत्तर और 92 डिग्री 46’ पूर्व में स्थित है। टापू, द्वीपों और चट्टानों के फैलाव वाला यह इलाका कुल 8249 वर्ग किलोमीटर का है। इस द्वीप समूह में मूंगा भित्ति, सुन्दर सागर तट, खंडहर और विभिन्न प्रकार को दुर्लभ वनस्पतियां देखने को मिलती हैं। यहाँ पर लगभग 572 द्वीप हैं। इस द्वीप समूह का लगभग 86% भाग वन संपदा से घिरा हुआ हैं। अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह का राजकीय पक्षी 'लकड़ी कबूतर' है। अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह का राजकीय पेड 'डमान पड़ौक' है। अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह का राजकीय पशु 'दुगोंग' हैं। हुगली, कलपोंग यहाँ की प्रमुख नदियाँ है।
इन द्वीपसमूहों का मौसम नम, उष्‍ण कटिबंधीय तटीय मौसम है। यहाँ का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इन द्वीपों में दक्षिणी पश्चिमी और उत्तरी पूर्वी मानसून से वर्षा होती है। यहाँ मई माह से दिसंबर माह के बीच अधिकतम वर्षा होती है। यहाँ पर सालाना औसत वर्षा 3180.0 मिमी तक होती है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सरकार और राजनीति भारत के राज्यों और कई केंद्र शासित प्रदेशों से भिन्न है। लेफ्टिनेंट गवर्नर खुद अंडमान और निकोबार की सरकार में कार्यकारी प्रमुख होता है। उनकी देखरेख में ही विभिन्न विभागों के प्रमुखों द्वारा प्रत्यक्ष निगरानी के तहत कार्यकारी शाखा चलती है। राज्य की न्यायपालिका कोलकाता हाईकोर्ट के अंतर्गत आती है। राज्य के सरकारी विभाग निदेशालय और सचिवालय दोनों स्तरों पर कार्य करते हैं।

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के वर्तमान उपराज्यपाल देवेंद्र कुमार जोशी है। उन्होंने अक्टूबर 2017 को अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अर्थव्यवस्था में कृषि, व्यापार, वाणिज्य, मत्स्य पालन और उद्योग शामिल हैं।
अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह प्रदेश की मुख्य फसल चावल है। अंडमान की मुख्य नगदी फसल धान है जबकि नारियल और सुपारी निकोबार की मुख्य नगदी फसलें हैं। यहाँ पर विभिन्न प्रकार के फल जैसे आम, सेपोटा, संतरा, केला, पपीता, अनान्‍नास और कंदमूल आदि की भी खेती भी की जाती हैं। यहां की अन्य फसलों में दालें, तिलहन और सब्जियां और मसाले जैसे मिर्च, लौंग, जायफल और दालचीनी की भी पैदावार की जाती हैं। इन द्वीपों पर रबर, लाल तेल, पाम और काजू भी सीमित पैमाने में उगाए जाते हैं। शानदार वर्षा वन अंडमान को लकड़ी की ‘सोने की खान’ बनाता है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में शिक्षा पांच माध्यमों अर्थात अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु और बंगाली में प्रदान की जाती है। सभी सीनियर सेकेंडरी और सेकेंडरी स्कूल सीबीएसई से संबद्ध हैं। छात्राओं का प्रतिशत 48.38 और महिला शिक्षकों का प्रतिशत 56.62% है।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और आसपास के समुद्रों के प्राकृतिक संसाधनों पर चर्चा की गई है। अंडमान द्वीप समूह पर पाए जाने वाले चट्टानों और खनिजों में मैग्नेटाइट, पाइराइट-चलकोपीराइट, क्रोमाइट, सोना, निकल, सल्फर, कोयला और चूना पत्थर शामिल हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में उनकी सांद्रता उप-आर्थिक है।

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के प्रमुख उद्योगों में पीवीसी पाइप और फिटिंग, पेंट और वार्निश, फायबर ग्लास, साफ्ट ड्रिंक और पेय पदार्थ और स्टील फर्नीचर शामिल हैं। इस क्षेत्र में खनिज तत्वों में चुना पत्थर, मूंगा (कोरल) आदि पाए जाते है। अंडमान द्वीप समूह पर व्यवसायिक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा है


सन् 2011 की जनगणना के अनुसार देश के इन लोकप्रिय द्वीपों की जनसंख्या 380,581 है और इसका घनत्व 46 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर का है। यहाँ पर पुरुष की जनसंख्या 202,871 और महिलाओं की जनसंख्या 177,710 है। यहां का लिंग अनुपात 1000 पुरूषों के मुकाबले 878 महिलाओं का है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ऐसी कोई विशिष्ट पोशाक नहीं है। आज तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बहुत से लोग ऐसे हैं जो कोई पोशाक नहीं पहनते हैं। यह मुख्य रूप से सभ्य दुनिया से उनके अलगाव के कारण है। प्रहरी लोग अभी भी द्वीपों में नग्न घूमते हैं।
यहाँ के लोग मैत्रीपूर्ण और खुशनुमा होते हैं और पैसे स्वीकार नहीं करते और वस्तु-विनिमय को पसंद करते हैं। यहाँ पर हिंदू धर्म, ईसाई धर्म, इस्लाम धर्म के लोगो की मात्रा अत्यधिक है।
यहाँ पर अन्दमानी, महाअन्दमानी, सेन्टीनीली और ओंगान भाषाएँ आदिवासियों द्वारा बोली जाती है। भारत के अन्य राज्यों में बोली जाने वाली भाषाएं जैसे बंगाली, हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, मलयालम, निकोबारी और तेलुगू भी यहां व्यापक रूप से बोली जाती हैं।
अंडमान के मुख्य आहार में चावल, नारियल, मसाले और बहुत सारे समुद्री भोजन शामिल हैं। वास्तव में द्वीपों का समूह होने के कारण अंडमान समुद्री भोजन प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। कटलफिश, केकड़े, झींगा मछली, झींगे से लेकर सर्वकालिक पसंदीदा रेड स्नैपर तक, आप इन द्वीपों पर विभिन्न प्रकार के समुद्री भोजन का स्वाद ले सकते हैं।
अण्डमान और निकोबार में सभी धर्मों के लोग अपने-2 त्योहार मानाते हैं। विशेष समूहों के विशेष त्योहारो में बंगाली लोग दुर्गापूजा, तमिलों के लिए पंगुनी उथिरम, तेलगु के लिए पोंगल और मलयालियों के लिए ओणम शामिल हैं। यहाँ के कुछ खास त्यौहारों में शिवरात्रि, जन्माष्टमी, होली, दीपावली, रामनवमीं, ईद, क्रिसमस, गुड फ्राइडे आदि बड़ी श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं।
अंडमानी अंडमान द्वीप समूह के विभिन्न स्वदेशी लोग हैं, जो भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा हैं, जो दक्षिणपूर्व एशिया में बंगाल की खाड़ी के दक्षिणपूर्वी हिस्से में है।
एशिया का द्वितीय सबसे लम्बा और मशहूर राधानगर समुद्र तट इसी प्रदेश पर स्थित है। यहाँ पर ओर भी कई सारे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैैं, जो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते है। यहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में लांग आईलैंड, नील द्वीप, रंगत, डिगलीपुर, मायाबंदर, लिटिल अंडमान द्वीप समूह, कच्छल, कार निकोबार, ग्रेट निकोबार, रामनगर तट, गांधी पार्क, कार्पगा विनेगर मंदिर, महात्मा गांधी राष्ट्रीय उद्यान, चिडि़या टापू, सिप्पिघाट फार्म, कोलिनपुर, मिनी चिडि़यापुर, लिटिल निकोबार वन्यजीव अभयारण्य, लैंडफॉल आइलैंड वन्यजीव अभयारण्य, माउंट हेरिएट, करमतांग तट, और मधुबन आदि काफी प्रसिद्ध हैं।

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