जोशना चिनप्पा का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे जोशना चिनप्पा (Joshna Chinappa) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए जोशना चिनप्पा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Joshna Chinappa Biography and Interesting Facts in Hindi.

जोशना चिनप्पा का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामजोशना चिनप्पा (Joshna Chinappa)
जन्म की तारीख15 सितम्बर 1986
जन्म स्थानचेन्नई , तमिलनाडु (भारत )
माता व पिता का नामसुनीता चिनप्पा / अनजन चिनप्पा
उपलब्धि2013 - एशियाई स्क्वॉश चैंपियनशिप खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी
पेशा / देशमहिला / खिलाड़ी / भारत

जोशना चिनप्पा (Joshna Chinappa)

जोशना चिनप्पा एक भारतीय महिला स्क्वॉश खिलाड़ी हैं। वर्ष 2003 में अंडर-19 कैटेगरी में ब्रिटिश स्क्वॉश चैम्पियनशिप जीतने वाली प्रथम भारतीय महिला है। ग्लासगो में आयोजित 20वें कामनवेल्थ गेम्स में जोशना चिन्नप्पा और दीपिका पल्लीकल की जोड़ी ने 02 अगस्त 2014 को स्क्वॉश में भारत के स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।

जोशना चिनप्पा का जन्म 15 सितम्बर 1986 को चेन्नई , तमिलनाडु में हुआ था| उनके पिता का नाम अंजन चिनप्पा था , जो कूर्ग में एक काफी का बागान चलाया करते थे तथा वह एक स्क्वैश खिलाड़ी भी थे।
जब वह आठ साल की थीं, तो उन्होंने माना कि बैडमिंटन या टेनिस को आगे बढ़ाया जाए। आखिरकार, उसने स्क्वैश को चुना जिसे उसने मद्रास क्रिकेट क्लब में खेलना शुरू किया। उनके पिता, जो तमिलनाडु स्क्वैश टीम का प्रतिनिधित्व करते थे, उनके पहले कोच भी थे
जोशना चिनप्पा के पिता और दादा दोनों एक स्क्वैश खिलाड़ी थे। जिसके कारण जोशना ने सात साल की उम्र में स्क्वैश खेलना शुरू कर दिया था। उनके पिता ने तमिलनाडु स्क्वैश टीम का प्रतिनिधित्व किया था, इसलिए जोशना के पिता उनके सबसे पहले कोच भी थे। जोशना महेश भूपति द्वारा लक्ष्मी मित्तल के वित्त पोषण के साथ स्थापित मित्तल चैंपियंस ट्रस्ट की पहली लाभार्थी थीं। वर्ष 2000 में, जोशना ने अपने करियर का पहला जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप खिताब जीता था। और जब वह 14 साल की उम्र में दोनों खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं थीं। जिसके 2 वर्ष बाद ही 2003 में, उन्होंने U17 श्रेणी में ब्रिटिश जूनियर ओपन खिताब जीतकर एक ओर इतिहास रचा था, जब वह 16 साल की थी। अगले वर्ष, वह उसी प्रतियोगिता के U19 वर्ग के फाइनल में पहुंच गई, लेकिन इस बार मिस्र के ओमेना अब्देल कवी से वह हार गई। 2005 में, वह फिर से उसी टूर्नामेंट में वापस आई और दक्षिण अफ्रीका के टेनिल स्वार्ट्ज को हराकर खिताब जीता। जुलाई 2005 में, जोशना ने बेल्जियम में विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भाग लिया जिसमे उनकी जीत हुई। जोशना ने अपना पहला WISPA टूर ख़िताब 2008 में जीता था 2010 में, उन्होंने ने जर्मन लेडीज ओपन जीता था। मई 2012 में सात महीने के ब्रेक के बाद वापस आई, तो उसने 2012 में अपने गृहनगर चेन्नई ओपन में WISPA का खिताब जीता। अप्रैल 2014 में, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विश्व चैंपियन राचेल ग्रिनहैम को पछाड़ते हुए रिचमंड ओपन जीता। अगस्त 2014 में, जोशना और दीपिका ने ग्लासगो में 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में महिला युगल में पांचवीं वरीयता प्राप्त की। ग्रुप स्टेज में हर मैच जीतने के बाद, वे क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए, जिसमें उन्होंने जोएले किंग और अमांडा लैंड-मर्फी को हराया, इस इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का पहला स्क्वैश पदक था। दिसंबर वर्ष 2015 जोशना ने अपना करियर में 13वां उच्च-विश्व स्तर पर हासिल किया, वह पहली बार रैंकिंग लिस्ट में दीपिका को पछाड़कर सबसे अधिक रैंक वाली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। अपनी लगातार कड़ी महनत करके जोशना ने 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों, गुवाहाटी, 2016 में स्वर्ण पदक भी हासिल किया। मार्च में, जोशना ने 2017 ब्रिटिश ओपन स्क्वैश चैम्पियनशिप में भाग लिया। वह रानेम एल वेलिली के खिलाफ दूसरे दौर के मैच में हार गई। फरवरी 2019 में, 77 वीं सीनियर नेशनल चैम्पियनशिप में जोशना ने अपना 18 वां राष्ट्रीय खिताब जीता।
2005 में अंडर -19 वर्ग में ब्रिटिश जूनियर स्क्वॉश चैम्पियनशिप का खिताब जीतने वाली वह पहली भारतीय थीं और सबसे कम उम्र की भारतीय महिला राष्ट्रीय चैंपियन भी थीं। वह 18 खिताबों के साथ, अधिकांश राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीत का वर्तमान रिकॉर्ड धारक है।

📅 Last update : 2021-09-15 00:32:11

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