पी. वी. सिंधु का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे पी. वी. सिंधु (P V Sindhu) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए पी. वी. सिंधु से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। P V Sindhu Biography and Interesting Facts in Hindi.

पी. वी. सिंधु का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामपी. वी. सिंधु (P V Sindhu)
वास्तविक नामपुसरला वेंकट सिंधु
जन्म की तारीख05 जुलाई 1995
जन्म स्थानहैदराबाद, आंध्र प्रदेश,( भारत)
माता व पिता का नामपी.वी विजया / पी.वी रमण
उपलब्धि2016 - ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला
पेशा / देशमहिला / खिलाड़ी / भारत

पी. वी. सिंधु (P V Sindhu)

पी.वी. सिंधु जिनका पूरा नाम पुसरला वेंकट सिंधु है एक मशहूर भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वे एक भारतीय जाट परिवार से है। इससे पहले वे भारत की नैशनल चैम्पियन भी रह चुकी हैं। सिंधु ने सबसे पहले सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और दूर संचार के बैडमिंटन कोर्ट में महबूब अली के मार्गदर्शन में बैडमिंटन के प्रारंभिक गुणों को सीखा। इसके बाद वे पुलेला गोपीचंद के गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में शामिल हो गई। आगे चलकर उन्होंने मेहदीपट्टनम से इंटर्मेडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। पी. वी. सिंधु वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय चैम्पियन हैं।

पी .वी सिंधु का पूरा नाम पुसर्ला वेंकट सिंधु है उनका जन्म 5 जुलाई 1995 हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ| उनके पिता का नाम पी . वी रमण है और उनकी माता का नाम पी . विजया है उनके माता पिता दोनों ही भारत के पूर्व वॉलीबॉल खिलाडी रह चुके है उनकी एक बहन भी ह जिसका नाम पी . दिव्या है
पी. वी. सिंधु ने अपनी शिक्षा सेंट ऐन्स कॉलेज फॉर वुमेन, मेंहदीपट्टनम से की|
  • सिंधु ने 2001 के ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियन बने पुलेला गोपीचंद से प्रभावित होकर बैडमिंटन को अपना करियर चुना और महज आठ साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया।
  • सिंधु ने सबसे पहले सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और दूर संचार के बैडमिंटन कोर्ट में महबूब अली के मार्गदर्शन में बैडमिंटन की बुनियादी बातों को सीखा। इसके बाद वे पुलेला गोपीचंद के गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में शामिल हो गई।
  • आगे चलकर उन्होंने मेहदीपट्टनम से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की हैंअंतरराष्ट्रीय सर्किट में, सिंधु कोलंबो में आयोजित 2009 सब जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता रही हैं।
  • उसके बाद उन्होने वर्ष-2010 में ईरान फज्र इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज के एकल वर्ग में रजत पदक जीता। वे इसी वर्ष मेक्सिको में आयोजित जूनियर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची।
  • 2010 के थॉमस और उबर कप के दौरान वे भारत की राष्ट्रीय टीम की सदस्य रही। 7 जुलाई 2012 को वे एशिया यूथ अंडर-19 चैम्पियनशिप के फाइनल में उन्होने जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहरा को 18-21, 21-17, 22-20 से हराया।
  • उन्होने 2012 में चीन ओपन (बैडमिंटन) सुपर सीरीज टूर्नामेंट में लंदन ओलंपिक 2012 के स्वर्ण पदक विजेता चीन के ली जुएराऊ को 9-21, 21-16 से हराकर सेमी फाइनल में प्रवेश किया।
  • वे चीन के ग्वांग्झू में आयोजित 2013 के विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में एकल पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी है। इसमें उन्होने ऐतिहासिक कांस्य पदक पर अपनी अधिकार हासिल किया था।
  • भारत की उभरती हुई इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 1 दिसम्बर 2013 को कनाडा की मिशेल ली को हराकर मकाउ ओपन ग्रां प्री गोल्ड का महिला सिंगल्स खिताब जीता है।
  • शीर्ष वरीयता प्राप्त 18 वर्षीय सिंधु ने सिर्फ 37 मिनट चले खिताबी मुकाबले में मिशेल को सीधे गेम में 21-15, 21-15 से हराकर अपना दूसरा ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता। उन्होंने इससे पहले मई में मलेशिया ओपनजीता था|पी. वी. सिंधु ने 2013 दिसम्बर में भारत की 78वीं सीनियर नैशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप का महिला सिंगल खिताब जीता।
  • सिंधु ने ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में आयोजित किये गए 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बनीं। उनका मुकाबला विश्व की प्रथम वरीयता प्राप्त खिलाड़ी स्पेन की कैरोलिना मैरिन से हुआ। पहली गेम 21-19 से सिंधु ने जीता लेकिन दूसरी गेम में मैरिन 21-12 से विजयी रही, जिसके कारण मैच तीसरी गेम तक चला।
  • भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने स्विट्जरलैंड के बासेल में आयोजित BWF स्विस ओपन सुपर 300 के विमेंस सिंगल फाइनल में सिल्वर मैडल जीता है। विश्व की 7 नंबर खिलाड़ी सिंधु को एक कड़े मुकाबले में वर्ल्ड की 3 नंबर खिलाड़ी और ओलंपिक चैंपियन कैरोलिना मारिन से हार का सामना करना पड़ा।

पी.वी. सिंधु को वर्ष 2020 में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया वर्ष 2016 में भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न दिया गया। वर्ष 2015 में भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री पुरस्कार दिया गया वर्ष 2013 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया वर्ष 2014 का फिक्की ब्रेकथ्रू स्पोर्ट्सपर्सन चुना गया 2015 के मकाऊ ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में उसकी जीत के लिए, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया से 1 मिलियन (यूएस $ 14,000) से नवाजा गया।

📅 Last update : 2021-07-05 00:31:14

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