हरिता देओल का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on December 25th, 2020 in प्रसिद्ध व्यक्ति

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे हरिता देओल (Harita Deol) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए हरिता देओल से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Harita Deol Biography and Interesting Facts in Hindi.

हरिता देओल के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामहरिता देओल (Harita Deol)
वास्तविक नामहरिता कौर देओल
जन्म की तारीख25 दिसम्बर 1972
जन्म स्थानपंजाब, चंडीगढ़, (भारत)
निधन तिथि25 दिसम्बर 1996
उपलब्धि1994 - भारतीय वायुसेना के विमान की प्रथम भारतीय महिला पायलट
पेशा / देशमहिला / पायलट / भारत

हरिता देओल (Harita Deol)

फ्लाइट लेफ्टिनेंट हरिता कौर देओल एक भारतीय महिला पायलट थी। हरिता देओल भारतीय वायु सेना में कार्यरत थीं। वह भारतीय वायु सेना में अकेले उड़ान भरने वाली देश की पहली महिला विमानचालक (पायलट) थीं।

हरिता देओल का जन्म 25 दिसम्बर 1972 को पंजाब, चंडीगढ़, (भारत) में एक सिख परिवार में हुआ था। इनका पूरा नाम हरिता कौर देओल था।
हरिता देओल की मृत्यु 24 दिसंबर 1996 को नेल्लोर के पास बुक्कपुरम, प्रकाशम, आंध्र प्रदेश में भारत भारतीय वायु सेना का एरो विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण मात्र 24 वर्ष की आयु में ही इनका निधन हो गया था
उन्होंने अपनी शिक्षा चंडीगढ़ से पूरी करने के बाद वायु सेना अकादमी में प्रारंम्भिक प्रशिक्षण में प्रवेश लिया, यहां प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने हैदराबाद के नजदीक डंडीगुल के येलहांका वायुसेना स्टेशन में एयरलिफ्ट कोर्स प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एएलएफटीई) में आगे प्रशिक्षण प्राप्त किया।
हरिता देओल एक सिख परिवार में चंडीगढ़ से, 1993 में, वह शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) अधिकारियों के रूप में वायु सेना में शामिल पहली सात महिला कैडेटों में से एक बन गई। इसने भारत में परिवहन पायलट के रूप में महिलाओं के प्रशिक्षण में एक महत्वपूर्ण चरण को चिह्नित किया। हैदराबाद के पास दुंदीगुल में वायु सेना अकादमी में प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने येलहंका वायु सेना स्टेशन में एयर लिफ्ट फोर्सेस ट्रेनिंग प्रतिष्ठान (ALFTE) में और प्रशिक्षण प्राप्त किया। जब वायुसेना ने 1992 में महिला पायलटों के लिए आठ रिक्तियों के लिए विज्ञापित किया था, तो पूरे देश में 20,000 आवेदक थे। उनमे से एक हरिता देओल थी। उस वक्त उनकी उम्र मात्र 22 साल थी। इस दिन हरिता देओल अकेले विमान उड़ाने भरते हुए पहली भारतीय महिला पायलट के रूप में एक नया इतिहास रच दिया था। इसी के साथ हरिता देओल ने भारत में महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए परिवहन पायलटों के रूप में एक महत्वपूर्ण चरण को भी चिन्हित किया।
व्यक्तिउपलब्धि
सरला ठकराल की जीवनीविमान उड़ाने वाली प्रथम भारतीय महिला
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