भारत के प्रमुख पर्वतीय नगर और उनकी ऊंचाई

✅ Published on March 5th, 2021 in भूगोल, सामान्य ज्ञान अध्ययन

भारत के प्रमुख पर्वतीय नगरों के नाम, और उनकी ऊंचाई की सूची: (Leading Mountain Town of India in Hindi)

यहां पर भारत के प्रमुख पर्वतीय नगरों के नाम, ऊंचाई  और किस राज्य में स्थित है के बारे में सामान्य जानकारी दी गयी है। भारत के प्रमुख पर्वतीय नगरों के आधार पर हर परीक्षा में कुछ प्रश्न अवश्य पूछे जाते है, इसलिए यह आपकी सभी प्रकार की परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइये जाने भारत के प्रमुख पर्वतीय नगरों के नाम, ऊंचाई  और उनके स्थान के बारे में:-

भारत के प्रमुख पर्वतीय नगरों की सूची

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नगर का नाम राज्य का नाम ऊँचाई (मी० में)
गुलमर्ग जम्मू – कश्मीर 2651
गुलमर्ग (Gulmarg) भारत के जम्‍मू और कश्‍मीर केन्द्रशासित प्रदेश का एक हिल स्‍टेशन है। इसका मूल नाम गौरीमर्ग (Gaurimarg) हुआ करता था, जिसे 16वीं शताब्दी में युसुफ शाह चक ने बदलकर गुलमर्ग कर दिया। इसकी सुंदरता के कारण इसे धरती का स्‍वर्ग भी कहा जाता है। यह देश के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों में से एक हैं। फूलों के प्रदेश के नाम से मशहूर यह स्‍थान बारामूला ज़िले में स्थित है। यहाँ के हरे भरे ढलान सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं। समुद्र तल से 2730 मी. की ऊँचाई पर बसे गुलमर्ग में सर्दी के मौसम के दौरान यहाँ बड़ी संख्‍या में पर्यटक आते हैं।
ऊँटी तमिलनाडु 2286
उटकमंडलम या ऊटी तमिलनाडु राज्य का एक शहर है। कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा पर बसा यह शहर मुख्य रूप से एक पर्वतीय स्थल (हिल स्टेशन) के रूप में जाना जाता है। कोयंबटूर यहाँ का निकटतम हवाई अड्डा है। सड़को द्वारा यह तमिलनाडु और कर्नाटक के अन्य हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा है परन्तु यहाँ आने के लिये कन्नूर से रेलगाड़ी या ट्वाय ट्रेन किया जाता है।
शिमला हिमाचल प्रदेश 2206
शिमला उत्तर भारत के राज्य हिमाचल प्रदेश की राजधानी तथा सबसे बड़ा नगर है। यह इसी नाम के एक जिले का मुख्यालय भी है 1864 में, शिमला को भारत में ब्रिटिश राज की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया था। स्वतंत्रता के बाद, शिमला नगर पूर्वी पंजाब राज्य की राजधानी बन गया और बाद में हिमाचल प्रदेश के गठन पर इसे राज्य की राजधानी घोषित कर दिया गया। एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल, शिमला को अक्सर पहाड़ों की रानी के नाम से भी जाना जाता है। यह राज्य का प्रमुख वाणिज्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र है।
पहलगाँव जम्मू कश्मीर 2195
पहलगाम भारत के जम्मू और कश्मीर प्रान्त में अनंतनाग जिले का एक छोटा सा कस्बा है। यह एव विख्यात पर्यटक स्थान है साथ ही अमरनाथ यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है।
दार्जिलिंग प० बंगाल 2134
दार्जिलिंग भारत के राज्य पश्चिम बंगाल का एक नगर है। यह नगर दार्जिलिंग जिले का मुख्यालय है। यह नगर शिवालिक पर्वतमाला में लघु हिमालय में अवस्थित है। दार्जिलिंग शब्द की उत्त्पत्ति दो तिब्बती शब्दों, दोर्जे (बज्र) और लिंग (स्थान) से हुई है। इस का अर्थ “बज्रका स्थान है।”
कोडाईकनाल तमिलनाडु 2133
कोडैकनाल भारत के तमिल नाडु राज्य में बसा एक शहर है। समुद्र तल से 2133 मीटर ऊंचा तमिलनाडु का कोडईकनाल हिल रिजॉर्ट अपनी सुन्दरता और शान्त वातावरण से सबको सम्मोहित कर देता है। पलनि हिल के बीच बसा यह जगह दक्षिण भारत का प्रमुख हिल स्टेशन है। यहां घूमने का मजा कुरिन्‍जी के खिलने के समय दोगुना हो जाता है। हालांकि यह फूल बारह साल में एक बार खिलता है। यहां के लोग कुरिन्जी के फूल को अपनी शान समझते है।
लैंस डाउन उत्तराखंड 2118
लैंसडाउन उत्तराखण्ड राज्य (भारत) के पौड़ी गढ़वाल जिले में एक छावनी शहर है। उत्तराखण्ड के गढ़वाल में स्थित लैंसडाउन बेहद खूबसूरत पहाड़ी है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 1706 मीटर है। यहाँ की प्राकृतिक छटा सम्मोहित करने वाली है। यहाँ का मौसम पूरे साल सुहावना बना रहता है। हर तरफ फैली हरियाली आपको एक अलग दुनिया का एहसास कराती है। दरअसल, इस जगह को अंग्रेजों ने पहाड़ों को काटकर बसाया था। खास बात यह है कि दिल्ली से यह हिल स्टेशन काफी नजदीक है।
डलहौजी हिमाचल प्रदेश 2035
डलहौज़ी एक पहाड़ी स्टेशन है जो औपनिवेशिक आकर्षण से भरा हुआ है, जिसमें राज की धीमी गूँज हैं। पांच पहाड़ियों (कैथलॉग पोट्रेस, तेहरा , बकरोटा और बोलुन) से बाहर फैले शहर का नाम 19वीं शताब्दी के ब्रिटिश गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौज़ी के नाम पर रखा गया है।
मसूरी उत्तराखण्ड 2005
मसूरी भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक पर्वतीय नगर है, जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, मसूरी उन स्थानों में से एक है जहाॅं लोग बार-बार आते जाते हैं। घूमने-फिरने के लिए जाने वाली प्रमुख जगहों में यह एक है। यह पर्वतीय पर्यटन स्थल हिमालय पर्वतमाला के मध्य हिमालय श्रेणी में पड़ता है, जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है।
नैनीताल उत्तराखण्ड 1938
नैनीताल भारत के उत्तराखण्ड राज्य में स्थित भारत का सुप्रसिद्ध पर्यटन नगर है। यह नैनीताल जिले का मुख्यालय भी है। कुमाऊँ क्षेत्र में नैनीताल जिले का विशेष महत्व है। देश के प्रमुख क्षेत्रों में नैनीताल की गणना होती है। यह ‘छखाता’ परगने में आता है। ‘छखाता’ नाम ‘षष्टिखात’ से बना है। ‘षष्टिखात’ का तात्पर्य साठ तालों से है। इस अंचल में पहले साठ मनोरम ताल थे। इसीलिए इस क्षेत्र को ‘षष्टिखात’ कहा जाता था।
कसौली हिमाचल प्रदेश 1890
कसौली भारत के हिमाचल प्रदेश प्रान्त का एक शहर है। समुद्री तल से 1890 की ऊंचाई पर स्थित कसौली हिमाचल प्रदेश का एक छोटा पर्वतीय स्‍थल है। यह शिमला के दक्षिण में 77 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है और टॉय ट्रेन पर जो समय शिमला की पहाडियों के पास पहुंचने पर कसौली दिखाई देता है। अपनी सफाई और सुंदरता के कारण मशहूर कसौली में बड़ी संख्‍या में पर्यटक आते हैं। इसे कभी कभार छोटा शिमला कहा जाता है
कुन्नूर तमिललनाडु 1859
कुन्नूर दक्षिण भारतीय राज्य तमिल नाडु के नीलगिरि जिले का एक ताल्लुका एवं नगरपालिका क्षेत्र है। यह अपने चाय उत्पादन के लिये प्रसिद्ध है नीलगिरी पर्वतमाला का ऊटी के बाद दूसरा सबसे बड़ा पर्वतीय स्थल है। यह नीलगिरी पर्वतमाला को जाने वाले ट्रैकिंग अभियानों के लिये एक आदर्श स्थल माना जाता है। इसका निकटतम विमानक्षेत्र कोयम्बतूर अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र है।
गंगटोक सिक्किम 1850
गंगटोक या स्थानीय नाम गान्तोक भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य सिक्किम की राजधानी है। एक बहुत आकर्षक शहर है जो रानीपूल नदी के पश्चिम ओर बसा है। कंचनजंघा शिखर की संपूर्ण शृंखला की सुंदर दृश्यावली यहां से दिखाई देती है। गंगटोक के प्राचीन मंदिर, महल और मठ आपको सपनों की दुनिया की सैर कराएंगे।
मनाली हिमाचल प्रदेश 1829
मनाली भारत के हिमाचल प्रदेश प्रान्त का एक शहर है। मनाली कुल्लु घाटी के उत्तर में स्थित हिमाचल प्रदेश का लोकप्रिय हिल स्टेशन है। समुद्र तल से 2050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मनाली व्यास नदी के किनारे बसा है। गर्मियों से निजात पाने के लिए इस हिल स्टेशन पर हजारों की तादाद में सैलानी आते हैं। सर्दियों में यहां का तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच जाता है। आप यहां के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के अलावा मनाली में हाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कायकिंग जैसे खेलों का भी आनंद उठा सकते है।
रानी खेत उत्तराखण्ड 1829
रानीखेत भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थल है। यह राज्य के अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत स्थित एक फौजी छावनी है। देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरा रानीखेत बहुत ही रमणीक हिल स्टेशन है। इस स्थान से हिमाच्छादित मध्य हिमालयी श्रेणियाँ स्पष्ट देखी जा सकती हैं। रानीखेत से सुविधापूर्वक भ्रमण के लिए पिण्डारी ग्लेशियर, कौसानी, चौबटिया और कालिका पहुँचा जा सकता है।
राँची झारखण्ड 1800
राँची भारत का एक महानगर और झारखंड प्रदेश की राजधानी है। यह झारखंड का तीसरा सबसे प्रसिद्ध शहर है। इसे झरनों का शहर भी कहा जाता है। पहले जब यह बिहार राज्य का भाग था तब गर्मियों में अपने अपेक्षाकृत ठंडे मौसम के कारण प्रदेश की राजधानी हुआ करती थी। झारखंड आंदोलन के दौरान राँची इसका केन्द्र हुआ करता था।
श्रीनगर जम्मू कश्मीर 1768
श्रीनगर भारत के जम्मू और कश्मीर प्रान्त की राजधानी है। कश्मीर घाटी के मध्य में बसा यह नगर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से हैं। श्रीनगर एक ओर जहां डल झील के लिए प्रसिद्ध है वहीं दूसरी ओर विभिन्न मंदिरों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
भुवाली उत्तराखण्ड 1650
भवाली या भुवाली उत्तराखण्ड राज्य के नैनीताल जनपद में स्थित एक नगर है। यह कुमाऊँ मण्डल में आता है। शान्त वातावरण और खुली जगह होने के कारण ‘भवाली’ कुमाऊँ की एक शानदार नगरी है। यहाँ पर फलों की एक मण्डी है। यह एक ऐसा केन्द्र – बिन्दु है जहाँ से काठगोदाम हल्द्वानी और नैनीताल, अल्मोड़ा – रानीखेत भीमताल – सातताल और रामगढ़ – मुक्तेश्वर आदि स्थानों को अलग – अलग मोटर मार्ग जाते हैं।
शिलांग मेघालय 1496
शिलांग पूर्वोत्तर भारत के राज्य मेघालय में स्थित एक पर्वतीय स्थल एवं मेघालय की राजधानी है। यह ईस्ट खासी हिल्स जिले का मुख्यालय भी है। शहर के बारे में कहा जाता है कि नगर को घेरे हुए घूमती पहाड़ियां इसे ब्रिटिश लोगों को स्कॉटलैण्ड की याद दिलाती थीं। इसी लिये वे इसे स्कॉटलैण्ड ऑफ़ द ईस्ट कहा करते थे।
सोलन हिमाचल प्रदेश 1496
इस शहर को मशरूम सिटी के नाम से भी जाना जाता है। मशरूम उत्पादन सोलन से 2 कि.मी. दूर चंबाघाट में किआ जाता है। सोलन का नाम माता शूलिनी के नाम पर पड़ा है। यहाँ राज्य स्तरीय शूलिनी मेला वर्ष में 1 बार लगता है। प्रसिद्ध पांडव गुफा सोलन के करोल पहाड़ी के आंचल में बसी है। मान्यता है कि यह पांडवो के समय में लाक्षागृह के नीचे बनाई गई थी।
नंदी हिल्स कर्नाटक 1474
नंदी हिल्स गंगा राजवंश द्वारा बनाया गया एक प्राचीन पहाड़ी किला है। गंगा वंश के बाद चोलों को 11 वीं शताब्दी के दौरान नंदी पहाड़ियों में योग नंदेश्वर मंदिर की स्थापना की गई थी।
महाबलेश्वर महाराष्ट्र 1372
महाबलेश्वर भारत के महाराष्ट्र प्रान्त का एक नगर है। सैरगाह नगर महाबलेश्वर, दक्षिण-पश्चिम महाराष्ट्र राज्य, पश्चिम भारत में स्थित है। महाबलेश्वर नगर ऊँची कगार वाली पहाड़ियों की ढलान से तटीय कोंकण मैदान का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। समशीतोष्ण क्षेत्र के स्ट्रॉबेरी और अन्य फल यहाँ उगाए जाते हैं। निकटस्थ पंचगनी अपने पब्लिक स्कूलों, फलों के परिरक्षण और प्रसंस्करण उद्योग के लिए विख्यात है।
कुल्लू घाटी हिमाचल प्रदेश 1250
कुल्लू घाटी भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित एक हिमालय की घाटी है। ब्यास नदी इसमें मनाली से आगे बहती है। यह धाटी अपने मंदिरों और चीड़ व देवदार से ढके ऊँचे पहाड़ों और सेब के बाग़ान के लिए जानी जाती है। कुल्लू घाटी पीर पंजाल पर्वतमाला और मध्य हिमालय व महान हिमालय के बीच सटी हुई है। कुल्लू शहर घाटी में मुख्य नगर है और यह कुल्लू ज़िले का मुख्यालय भी है।
धर्मशाला हिमाचल प्रदेश 1250
धर्मशाला भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के काँगड़ा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है। धर्मशाला राज्य की शीतकालीन राजधानी है। यह कांगड़ा नगर से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। धर्मशाला के मैक्लॉडगंज उपनगर में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के मुख्यालय हैं, और इस कारण यह दलाई लामा का निवास स्थल तथा निर्वासित तिब्बती सरकार की राजधानी है।
माउण्ट आबू राजस्थान 1219
राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित अरावली की पहाड़ियों की सबसे ऊँची चोटी पर बसे माउंट आबू की भौगोलिक स्थित और वातावरण राजस्थान के अन्य शहरों से भिन्न व मनोरम है। यह स्थान राज्य के अन्य हिस्सों की तरह गर्म नहीं है। माउंट आबू हिन्दू और जैन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है। यहां का ऐतिहासिक मंदिर और प्राकृतिक खूबसूरती सैलानियों को अपनी ओर खींचती है।
मन्नार केरल 1158
मुन्नार दक्षिण-पश्चिमी भारतीय राज्य केरल के इडुक्की जिले में स्थित एक शहर और हिल स्टेशन है। मुन्नार पश्चिमी घाट पर्वत श्रृंखला में समुद्र तल से लगभग 1,600 मीटर (5,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। मुन्नार को “दक्षिण भारत का कश्मीर” भी कहा जाता है
पंचमढ़ी मध्य प्रदेश 1067
पचमढ़ी भारत के मध्य प्रदेश राज्य के होशंगाबाद ज़िले में स्थित एक पर्वतीय पर्यटक स्थल (हिल स्टेशन) है। यह ब्रिटिश राज के ज़माने से एक छावनी रही है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण 1067 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह शहर अक्सर “सतपुड़ा की रानी” कहलाता है। यह पचमढ़ी बायोस्फीयर रिजर्व में आता है और मध्य प्रदेश का उच्चतम बिन्दु, 1352 मीटर ऊँचा धूपगढ़, यहीं स्थित है।
पेरियार केरल 914
पेरियार वन्यजीव अभयारण्य या थेककडी कहा जाता है। इलायची हिल्स और तमिलनाडु की सीमा के पास दक्षिणी पश्चिमी घाट की पन्दलम् हिल्स में उच्च स्थित है।
मंडी हिमाचल प्रदेश 709
मंडी भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले में एक प्रमुख शहर और एक नगर निगम है। यह 145 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, मंडी भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में एक प्रमुख शहर और मंडी जिले में एक नगर निगम है। यह राज्य की राजधानी से 145 किलोमीटर उत्तर में स्थित है, उत्तर-पश्चिम हिमालय में शिमला 800 मीटर की औसत ऊँचाई पर है मंडी एक प्रमुख शहर और भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले में एक नगर निगम है।
लोनावाला महाराष्ट्र 620
लोनावला या लोनावाला, भारतीय राज्य महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित एक पर्वतीय स्थल और नगर परिषद है। भारत भर में लोनावला इसकी प्रसिद्ध मिठाई चिक्की के लिए प्रसिद्ध है। यह पुणे और मुंबई के बीच के रेलमार्ग पर स्थित एक प्रमुख स्टेशन भी है। पुणे और मुंबई के बीच स्थित दोनों प्रमुख सड़कों, मुम्बई-पुणे द्रुतगति मार्ग और मुंबई-पुणे राजमार्ग पर भी यह पड़ता है।
खंडाला महाराष्ट्र 620
खंडाला, भारत के राज्य महाराष्ट्र में, पश्चिमी घाट में स्थित एक पर्वतीय स्थल है। यह लोनावला से तीन किलोमीटर और कर्जत से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। खंडाला, भोर घाट के एक छोर (ऊपर) पर स्थित है, जो कि दक्कन के पठार और कोंकण के मैदान के बीच के सड़क संपर्क पर स्थित एक प्रमुख घाट है। इस घाट से भारी सड़क और रेल यातायात गुजरता है।

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