भारत की प्रमुख जनजातियां:

भारत में जनजातीय समुदाय के लोगों की काफी बड़ी संख्या है और देश में 50 से भी अधिक प्रमुख जनजातीय समुदाय हैं। देश में रहने वाले जनजातीय समुदाय के लोग नेग्रीटो, ऑस्ट्रेलॉयड और मंगोलॉयड प्रजातियों से सम्बद्ध हैं। भारत सरकार अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए प्रयासरत है जो कि देश की आबादी का 08 प्रतिशत हिस्सा हैं। इनमें से 18 लाख आदिम जनजाति समूह के हैं।

दसवीं पंचवर्षीय योजना और 2006-07 की वार्षिक योजना का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के सामाजिक, आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक न्याय की त्रिस्तरीय व्यवस्था द्वारा इन्हें मजबूत बनाना है। दसवीं योजना के तहत 5,754 करोड़ रुपए योजना के लिए स्वीकृत किए गए जबकि 2006-07 की अवधि के लिए 1,760.19 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। पांचवी पंचवर्षीय योजना के दौरान अपनाई गई जनजातीय उपयोजना का विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी अनुपालन कर रही हैं।

जनजातीय उपयोजना को दी जा रही विशेष केंद्रीय सहायता के अतिरिक्त जनजातीय कल्याण और विकास के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं के लिए राज्य सरकारों को अनुदान भी प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीय जनजाति वित्त विकास निगम की स्थापना जनजातियों के आर्थिक विकास पर ध्यान देने के लिए किया गया है। वर्ष 2006-07 की अवधि के लिए इस मद में 30 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

भारत की प्रमुख जनजातियों की सूची:

भारतीय राज्य का नाम निवास करने वाली प्रमुख जनजातियां
आंध्र प्रदेश चेन्चू, कोचा, गुड़ावा, जटापा, कोंडा डोरस, कोंडा कपूर, कोंडा रेड्डी, खोंड, सुगेलिस, लम्बाडिस, येलडिस, येरुकुलास, भील, गोंड, कोलम, प्रधान, बाल्मिक।
असम व नगालैंड बोडो, डिमसा गारो, खासी, कुकी, मिजो, मिकिर, नगा, अबोर, डाफला, मिशमिस, अपतनिस, सिंधो, अंगामी।
झारखण्ड संथाल, असुर, बैगा, बन्जारा, बिरहोर, गोंड, हो, खरिया, खोंड, मुंडा, कोरवा, भूमिज, मल पहाडिय़ा, सोरिया पहाडिय़ा, बिझिया, चेरू लोहरा, उरांव, खरवार, कोल, भील।
महाराष्ट्र भील, गोंड, अगरिया, असुरा, भारिया, कोया, वर्ली, कोली, डुका बैगा, गडावास, कामर, खडिया, खोंडा, कोल, कोलम, कोर्कू, कोरबा, मुंडा, उरांव, प्रधान, बघरी।
पश्चिम बंगाल होस, कोरा, मुंडा, उरांव, भूमिज, संथाल, गेरो, लेप्चा, असुर, बैगा, बंजारा, भील, गोंड, बिरहोर, खोंड, कोरबा, लोहरा।
हिमाचल प्रदेश गद्दी, गुर्जर, लाहौल, लांबा, पंगवाला, किन्नौरी, बकरायल।
मणिपुर कुकी, अंगामी, मिजो, पुरुम, सीमा।
मेघालय खासी, जयन्तिया, गारो।
त्रिपुरा लुशाई, माग, हलम, खशिया, भूटिया, मुंडा, संथाल, भील, जमनिया, रियांग, उचाई।
जम्मू-कश्मीर गुर्जर, भरवर वाल।
गुजरात कथोड़ी, सिद्दीस, कोलघा, कोटवलिया, पाधर, टोडिय़ा, बदाली, पटेलिया।
उत्तर प्रदेश बुक्सा, थारू, माहगीर, शोर्का, खरवार, थारू, राजी, जॉनसारी।
उत्तरांचल भोटिया, जौनसारी, राजी।
केरल कडार, इरुला, मुथुवन, कनिक्कर, मलनकुरावन, मलरारायन, मलावेतन, मलायन, मन्नान, उल्लातन, यूराली, विशावन, अर्नादन, कहुर्नाकन, कोरागा, कोटा, कुरियियान,कुरुमान, पनियां, पुलायन, मल्लार, कुरुम्बा।
छत्तीसगढ़ कोरकू, भील, बैगा, गोंड, अगरिया, भारिया, कोरबा, कोल, उरांव, प्रधान, नगेशिया, हल्वा, भतरा, माडिया, सहरिया, कमार, कंवर।
तमिलनाडु टोडा, कडार, इकला, कोटा, अडयान, अरनदान, कुट्टनायक, कोराग, कुरिचियान, मासेर, कुरुम्बा, कुरुमान, मुथुवान, पनियां, थुलया, मलयाली, इरावल्लन, कनिक्कर,मन्नान, उरासिल, विशावन, ईरुला।
कर्नाटक गौडालू, हक्की, पिक्की, इरुगा, जेनु, कुरुव, मलाईकुड, भील, गोंड, टोडा, वर्ली, चेन्चू, कोया, अनार्दन, येरवा, होलेया, कोरमा।
उड़ीसा बैगा, बंजारा, बड़होर, चेंचू, गड़ाबा, गोंड, होस, जटायु, जुआंग, खरिया, कोल, खोंड, कोया, उरांव, संथाल, सओरा, मुन्डुप्पतू।
पंजाब गद्दी, स्वागंला, भोट।
राजस्थान मीणा, भील, गरसिया, सहरिया, सांसी, दमोर, मेव, रावत, मेरात, कोली।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह औंगी आरबा, उत्तरी सेन्टीनली, अंडमानी, निकोबारी, शोपन।
अरुणाचल प्रदेश अबोर, अक्का, अपटामिस, बर्मास, डफला, गालोंग, गोम्बा, काम्पती, खोभा मिसमी, सिगंपो, सिरडुकपेन।
सिक्किम लेपचा
बिहार बैंगा, बंजारा, मुण्डा, भुइया, खोंड
मध्य प्रदेश भील, मिहाल, बिरहोर, गडावां, कमार, नट

अब संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें और देखें कि आपने क्या सीखा?

भारत की जनजातियाँ से संबंधित प्रश्न उत्तर 🔗

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राज्यों की जंजातियाँ प्रश्नोत्तर (FAQs):

वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार दूसरी सबसे बड़ी जनजाति गोंड जनजाति है, जिसकी जनसंख्या 4,357,918 है, जो कुल आदिवासी जनसंख्या का 35.6 प्रतिशत है।

ताना भगत आंदोलन (1914-1920) ब्रिटिश भारत के छोटानागपुर क्षेत्र में स्थानीय ब्रिटिश अधिकारियों की नीतियों और स्थानीय जमींदारों की शोषणकारी व्यावसायिक प्रथाओं के खिलाफ एक आंदोलन था, जो ज्यादातर उराँव जनजाति द्वारा किया गया था।

मालवा पश्चिमी भारत का एक क्षेत्र है जो ज्वालामुखीय उद्गारों से बना है। भील जनजाति मालवा क्षेत्र में पाई जाती है|

गारो खासी और जयन्तिया पहाड़ियों का निर्माण मालवा पठार के युग में ही हुआ था। गारो, खासी और जैन्तिया पहाड़ियाँ मेघालय में स्थित हैं। पहाड़ियों का नाम विशेष रूप से उस क्षेत्र में पाई जाने वाली जनजातियों के नाम पर रखा गया है।

चेंचू जनजाति आंध्र प्रदेश में पाई जाती है। यह जनजाति आज भी जीवनयापन के लिए शिकार पर ही निर्भर है, यह कृषि कार्य नहीं करती। चेंचू जनजाति चेंचू भाषा बोलती है, जो द्रविड़ परिवार की एक बोली है।

  Last update :  Wed 2 Nov 2022
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