मीरा नायर का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे मीरा नायर (Mira Nair) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए मीरा नायर से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Mira Nair Biography and Interesting Facts in Hindi.

मीरा नायर का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नाममीरा नायर (Mira Nair)
जन्म की तारीख15 अक्टूबर 1957
जन्म स्थानराउरकेला , उड़ीसा , भारत
माता व पिता का नामपरवीन नायर / अमृत लाल नायर
उपलब्धि2001 - गोल्डन लॉयन पुरस्कार पाने वाली प्रथम भारतीय महिला
पेशा / देशमहिला / निर्देशक / भारत

मीरा नायर (Mira Nair)

मीरा नायर भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माताहिन्दी फ़िल्मों की एक निर्देशक हैं। उनकी प्रोडक्शन कंपनी, मिराबाई फिल्म्स भारतीय समाज पर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए आर्थिक, सामाजिक या सांस्कृतिक क्षेत्रों की फिल्मों में माहिर हैं।

मीरा नायर का जन्म 15 अक्टूबर 1957 को ओडिशा में हुआ था। इनके पिता का नाम अमित नायर तथा माता का नाम प्रवीण नायर है। इनके पिता एक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे और इनकी माता एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो हमेशा बच्चो की देखबाल और उनपर ध्यान केंद्रित करती हैं।
एक फिल्म निर्माता बनने से पहले, मिरा नायर को मूल रूप से अभिनय में दिलचस्पी थी, और एक समय पर उन्होंने बंगाली कलाकार बादल सरकार द्वारा लिखित नाटकों का प्रदर्शन किया। जब उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन किया, तो नायर थिएटर कार्यक्रम में शामिल हो गईं और सेनेका के ओडिपस से जोकस्टा के भाषण के प्रदर्शन के लिए एक बॉयलस्टोन पुरस्कार जीता था। ‘सलाम बॉम्बे" मीरा नायर की डेब्यू फीचर फिल्म थी। फिल्ममेकिंग करियर शुरू करने से पहले उन्होंने इंडियन कल्चर और ट्रेडिशन पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी। उन्होंने साल 1978 से 1979 के बीच एक ब्लैक एंड व्हाईट फिल्म ‘जामा मस्जिद स्ट्रीट जर्नल" बनाई। मीना नायर की पहली ही फिल्म ने 23 इंटरनेशनल अवार्ड जीते थे। अपने फिल्मी करियर की शुरुआत में, नायर ने मुख्य रूप से वृत्तचित्र बनाए, जिसमें उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की खोज की। 1978 और 1979 के बीच हार्वर्ड में उनकी फिल्म थीसिस के लिए, नायर ने जामा मस्जिद स्ट्रीट जर्नल नामक एक श्वेत-श्याम फिल्म का निर्माण किया था। नायर द्वारा निर्देशित मॉनसून वेडिंग का संगीतमय रूपांतरण, 5 मई से 16 जुलाई, 2017 तक चलने वाले बर्कले रिपर्टरी थिएटर में हुआ था। 2015 तक, वह न्यूयॉर्क शहर में रहती हैं, जहां वह कोलंबिया विश्वविद्यालय के लिए स्कूल ऑफ आर्ट्स के फिल्म डिवीजन में एक सहायक प्रोफेसर हैं। विश्वविद्यालय ने नायर की मैशा फिल्म लैब के साथ सहयोग किया है, और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को एक साथ काम करने और फिल्म बनाने में अपनी रुचि साझा करने के अवसर प्रदान करता है। जुलाई 2020 में, पत्रकार एलेन बैरी ने घोषणा की कि उनकी न्यू यॉर्क टाइम्स में प्रकाशित “अवध के शाही परिवार” के बारे में उनकी पुलित्जर पुरस्कार-नामांकित कहानी “द जंगल प्रिंस ऑफ़ दिल्ली” को नायर के साथ अमेज़न स्टूडियो के लिए एक वेब श्रृंखला में रूपांतरित किया जाएगा।

📅 Last update : 2021-10-15 00:30:37