नजमा हेपतुल्ला का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे नजमा हेपतुल्ला (Najma Heptulla) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए नजमा हेपतुल्ला से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Najma Heptulla Biography and Interesting Facts in Hindi.

नजमा हेपतुल्ला का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामनजमा हेपतुल्ला (Najma Heptulla)
जन्म की तारीख13 अप्रैल 1940
जन्म स्थानभोपाल,मध्यप्रदेश, भारत
उपलब्धि1999 - इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की प्रथम आजीवन महिला अध्यक्ष
पेशा / देशमहिला / राजनीतिज्ञ / भारत

नजमा हेपतुल्ला (Najma Heptulla)

नजमा हेपतुल्ला एक भारतीय राजनीतिज्ञ है, तथा वर्तमान में वह मणिपुर की गवर्नर तथा जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की चांसलर भी है, इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में सबसे अधिक उम्र की और एकमात्र मुस्लिम महिला सदस्या रही हैं। उन्हें अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री बनाया गया था।

नजमा हेपतुल्ला का जन्म 13 अप्रैल 1940 को भोपाल मध्य-प्रदेश में हुआ था। इनका पूरा नाम नजमा अकबर अली हेपतुल्ला है. इनके पिता का नाम सैय्यद युसुफ बिन अली अलहश्मी और माता का नाम सय्यदा फातिमा युसूफ अली था।
डॉ. हेपतुल्ला को राजनीति विरासत में मिली है। रिश्ते में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की नातिन हेपतुल्ला ने एम.एससी. करने के बाद हृदय रोग विज्ञान में पीएच.डी. प्राप्त की, पर राजनीति में दिलचस्पी के कारण वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ी रहीं और जमीनी स्तर पर काम करती रहीं।
नजमा हेपतुल्ला मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की नातिन लगती है। हेपतुल्ला ने मुंबई प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महासचिव से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया, तत्पश्चात उन्होंने उपाध्यक्ष का उत्तरदायित्व भी निभाया। वे 1980 से राज्यसभा की सदस्य हैं। 1985 से 1986 तथा 1988 से जुलाई 2007 तक वे राज्यसभा की उपसभापति रहीं। इस दौरान उन्होंने सदन की कार्यवाही का कुशल संचालन किया और सत्तापक्ष तथा विपक्ष में भी लोकप्रिय बनी रहीं। लेकिन श्रीमती सोनिया गाँधी से उनके रिश्तों में आई खटास के बाद वह भाजपा में शामिल हो गई। डॉ॰ हेपतुल्ला भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की अध्यक्ष भी रहीं हैं। सन 2004 के लोकसभा चुनाव में शामिल हो गई। और वे जुलाई 2004 में दोबारा राज्यसभा के लिए भाजपा के टिकट पर चुनी गईं। वे भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी बनाई गईं। वर्ष 2007 में वह उपराष्ट्रपति के चुनाव में हामिद अंसारी से 233 वोटों से हार गई थीं उन्होंने 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली। भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की नातिन डॉ. हेपतुल्ला वर्ष 1986 से लेकर वर्ष 2012 तक राज्यसभा की पांच बार सदस्य व राज्यसभा की उप सभापति भी रह चुकी हैं। डॉ. हेपतुल्ला ‘भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद" की अध्यक्ष भी रहीं है। नजमा हेपतुल्ला राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ वे लेखिका भी हैं। मणिपुर की राज्यपाल रह चुकी डॉ. नजमा हेपतुल्ला को 26 मई 2018 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पहली महिला कुलाधिपति (अमीर-ए-जामिया) के रूप नियुक्त किया गया है। वे अगले 5 सालों के लिए पदभार संभालेंगी। उन्होंने ‘एड्स: ऐप्रोचेज टु प्रिवैंशन" नाम की किताब भी लिखी है।
रशिया ने उन्हें वर्ष 2019 में मैत्री के आदेश के प्राप्तकर्ता के रूप में शामिल किया था ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप रूसी संघ और रूसी नागरिकों को पुरस्कृत करने के लिए 2 मार्च 1994 के राष्ट्रपति डिक्री 442 द्वारा बोरिस येल्तसिन द्वारा स्थापित रूसी संघ की एक राज्य सजावट है, जिसका काम रूसी संघ और उसके साथ संबंधों की बेहतरी के उद्देश्य से किया गया है वर्ष 2013 के लिए भारत सरकार ने उन्हें उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार के प्राप्तकर्ता के रूप में नवाजा था।

📅 Last update : 2021-04-13 00:30:03

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