इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे संजय गांधी (Sanjay Gandhi) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए संजय गांधी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Sanjay Gandhi Biography and Interesting Facts in Hindi.

संजय गांधी का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामसंजय गांधी (Sanjay Gandhi)
जन्म की तारीख14 दिसम्बर 1946
जन्म स्थानदिल्ली (भारत)
निधन तिथि23 जून 1980
माता व पिता का नामइंदिरा गांधी / फिरोज गांधी
उपलब्धि1971 - मारुति 800 को देश में लाने का श्रेय
पेशा / देशपुरुष / राजनीतिज्ञ / भारत

संजय गांधी (Sanjay Gandhi)

संजय गांधी भारत के एक राजनेता थे। वे भारत की सबसे प्रभावी व्यक्तित्व वाली प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी और फ़िरोज़ गाँधी के पुत्र थे। भारतीय राजनीति में संजय गाँधी का नाम एक ऐसे युवा नेता के रूप में दर्ज है जिसकी वजह से देश की राजनीति में कई बड़े परिवर्तन हुए थे। भारत में आपातकाल के समय उनकी भूमिका बहुत विवादास्पद रही थी।

संजय गांधी का जन्म 14 दिसम्बर 1946 को दिल्ली (भारत) में हुआ था। इनका जन्म देश के सबसे बड़े राजनीतिक घराने नेहरू गाँधी परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम फिरोज गांधी और माता का नाम इंदिरा गांधी था। ये अपने माता पिता की तीसरी संतानो में से सबसे छोटे थे इनके बड़े भाई का नाम राजीव गांधी और बड़ी बहन का नाम इंदिरा गांधी था।
संजय गांधी पर वर्ष 1977 में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने चुनाव अभियान के दौरान नई दिल्ली से लगभग 300 मील दक्षिण-पूर्व में उनकी कार पर गोलीबारी की लेकिन उनकी हत्या नहीं हो पायी थी। उसके बाद नई दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे के पास 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में सिर के घाव से संजय गांधी की मृत्यु हो गई।
अपने बड़े भाई राजीव गांधी की तरह, संजय की शिक्षा भी सेंट कोलंबा (St. Columba's School) , दिल्ली, और फिर वेल्हम बॉयज़ स्कूल (Welham Boys' School), देहरादून में हुई थी। और इससे आगे की शिक्षा भी इकोले डी"हुमनीटे ( Ecole D'Humanité), स्विट्जरलैंड के एक अंतर्राष्ट्रीय बोर्डिंग स्कूल में हुई थी। संजय ने विश्वविद्यालय में भाग नहीं लिया, लेकिन मोटर वाहन इंजीनियरिंग को एक कैरियर के रूप में लिया। शायद वह उनका मनपसंद विषय था, और तीन साल के लिए इंग्लैंड के क्रेवे (Crewe) में रोल्स-रॉयस ( Rolls-Royce) के साथ एक प्रशिक्षु के रूप में काम किया। वह स्पोर्ट्स कारों में बहुत रुचि रखते थे, और उन्होंने 1976 में एक पायलट लाइसेंस भी प्राप्त किया था। वे विमान कलाबाजी में रुचि रखते थे और उस खेल में कई पुरस्कार भी जीते थे। उनके बड़े भाई राजीव गांधी हालांकि इंडियन एयरलाइंस में बोइंग 737-200ADV विमान उड़ा रहे थे। संजय अपनी मां के भी करीब था
देश के सबसे बड़े राजनीतिक घराने नेहरू गाँधी परिवार में जन्मे संजय गाँधी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के छोटे भाई थे। वर्ष 1975 के आपातकाल में संजय गाँधी ही ऐसी ताकत साबित हुए थे जिसने राष्ट्रीय कांग्रेस के अस्तित्व को बचने की हिम्मत दिखाई थी। आपातकाल के दौरान संजय गांधी के तानाशाही रवैये को लेकर काफ़ी कुछ लिखा गया है, उनके दोस्तों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ज्यादतियों के बारे में भी सैकड़ों लेख लिखे गए, किताबें भी आईं थी। देश के आम आदमी की कार कहलाने वाली मारुति 800 को देश में लाने का श्रेय संजय गाँधी को ही जाता है। अब तक संजय गांधी की एकमात्र जीवनी लिखी गई है जिसका नाम है “द संजय स्टोरी” और उसके लेखक हैं – वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता। संजय गांधी शुरू से ही ऑटोमोबाइल इंजीनियर बनना चाहते थे क्योंकि उन्हें कारों से बहुत लगाव था तथा इंग्लैंड जाकर उन्होंने रोल्स-रोयस प्रसिद्द कंपनी के साथ तीन वर्षो का इंटर्नशिप किया था। भारत में नसबंदी कार्यक्रम भी इनकी सरकार में ही हुआ था, जो की परिवार नियोंजन कार्यक्रम को सख्ती से लागू करने के लिए चलाया गया था। इनकी पत्नी का नाम मेनका था जो की एक मॉडल थी वह प्रसिद्द ब्रांड बॉम्बे डाइंग के विज्ञापन का हिस्सा थी तथा इनका एक पुत्र है इनका नाम वरुण गांधी है।
देश के सबसे बड़े राजनीतिक घराने नेहरू गाँधी परिवार में जन्मे संजय गाँधी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के छोटे भाई थे। 1975 के आपातकाल में संजय गाँधी ही ऐसी ताकत साबित हुए थे जिसने राष्ट्रीय कांग्रेस के अस्तित्व को बचने की हिम्मत दिखाई थी। आपातकाल के दौरान संजय गांधी के तानाशाही रवैये को लेकर काफ़ी कुछ लिखा गया है, उनके दोस्तों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ज्यादतियों के बारे में भी सैकड़ों लेख लिखे गए, किताबें भी आईं थी। देश के आम आदमी की कार कहलाने वाली मारुति 800 को देश में लाने का श्रेय संजय गाँधी को ही जाता है। अब तक संजय गांधी की एकमात्र जीवनी लिखी गई है जिसका नाम है “द संजय स्टोरी” और उसके लेखक हैं – वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता। संजय गांधी शुरू से ही ऑटोमोबाइल इंजीनियर बनना चाहते थे क्योंकि उन्हें कारों से बहुत लगाव था तथा इंग्लैंड जाकर उन्होंने रोल्स-रोयस प्रसिद्द कंपनी के साथ तीन वर्षो का इंटर्नशिप किया था। भारत में नसबंदी कार्यक्रम भी इनकी सरकार में ही हुआ था जो की परिवार नियोंजन कार्यक्रम को सख्ती से लागु करने के लिए चलाया गया था। इनकी पत्नी का नाम मेनका था जो की एक मॉडल थी वह प्रसिद्द ब्रांड बॉम्बे डाइंग के विज्ञापन का हिस्सा थी तथा इनका एक पुत्र है इनका नाम वरुण गांधी है।

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