भारत के उच्च न्यायालयों की सूची

✅ Published on July 31st, 2020 in भारत, भारतीय रेलवे, सामान्य ज्ञान अध्ययन

भारतीय उच्च न्यायालयों के नाम, स्थापना और स्थान: (High Courts of India in Hindi)

भारत के उच्च न्यायालय:

किसी भी देश की शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में वहां की न्यायपालिका का ही हाथ होता है। न्यायपालिका के संगठन से ही पता चलता है कि उस देश में जनता को कितनी अधिक स्वतंत्रता प्राप्त है। भारत एक प्रजातंत्रात्मक देश है और ऐसे में स्वतंत्र न्यायपालिका का होना अनिवार्य है। भारतीय उच्च न्यायालय भारत के उच्च न्यायालय हैं। भारत में कुल 24 उच्च न्यायालय है जिनका अधिकार क्षेत्र कोई राज्य विशेष या राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के एक समूह होता हैं। उदाहरण के लिए, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय, पंजाब और हरियाणा राज्यों के साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को भी अपने अधिकार क्षेत्र में रखता हैं।

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 के तहत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दो अलग-अलग राज्य बने हैं। यह भारत का 25वां उच्च न्यायालय होगा। 02 जून, 2014 को आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए हैदराबाद में एक ही उच्च न्यायालय था, अब इस हैदराबाद के उच्च न्यायालय को तेलंगाना उच्च न्यायालय के नाम से जाना जायेगा। तो अब आपको पता चल गया होगा कि वर्तमान समय में भारत में कुल 25 उच्च न्यायालय हैं क्योंकि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की सेवाएं 1 जनवरी 2019 से शुरू हो गई है।

उच्च न्यायालय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 214, अध्याय 5 भाग 6 के अंतर्गत स्थापित किए गए हैं। न्यायिक प्रणाली के भाग के रूप में, उच्च न्यायालय राज्य विधायिकाओं और अधिकारी के संस्था से स्वतंत्र हैं। चलिये जानते है भारत में मौजूद सभी उच्च न्यायालयों के बारे में:-

भारत के उच्च न्यायालयों की सूची:

न्यायालय का नाम स्थापना
इलाहाबाद उच्च न्यायालय (इलाहाबाद) 11 जून 1866
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय (हैदराबाद) 05 जुलाई 1954
मुंबई उच्च न्यायालय (मुंबई) 14 अगस्त 1862
कलकत्ता उच्च न्यायालय (कलकत्ता) 02 जुलाई 1862
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बिलासपुर) 01 नवम्बर 2000
दिल्ली उच्च न्यायालय (नई दिल्ली) 31 अक्टूबर 1966
गुवाहाटी उच्च न्यायालय (गुवाहाटी) 01 मार्च 1948
गुजरात उच्च न्यायालय (अहमदाबाद) 01 मई 1960
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (शिमला) 1971
जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय (श्रीनगर और जम्मू) 28 अगस्त 1928
झारखण्ड उच्च न्यायालय (रांची) 15 नवम्बर 2000
कर्नाटक उच्च न्यायालय (बंगलौर) 1884
केरल उच्च न्यायालय (कोच्चि) 1956
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर) 02 जनवरी 1936
चेन्नई उच्च न्यायालय (चेन्नई) 15 अगस्त 1862
उड़ीसा उच्च न्यायालय (कटक) 03 अप्रैल 1948
पटना उच्च न्यायालय (पटना) 02 सितम्बर 1916
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय (चंडीगढ़) 15 अगस्त 1947
राजस्थान उच्च न्यायालय (जोधपुर) 21 जून 1949
सिक्किम उच्च न्यायालय (गंगटोक) 16 मई 1975
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय (नैनीताल) 09 नवंबर 2000
मणिपुर उच्च न्यायालय (इम्फाल) 25 मार्च 2013
मेघालय उच्च न्यायालय (शिलांग) 23 मार्च 2013
त्रिपुरा उच्च न्यायालय (इटानगर) 26 मार्च 2013
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय 01 जनवरी 2019

उच्च न्यायालय का गठन कैसे होता है?

प्रत्येक उच्च न्यायालय का गठन एक मुख्य न्यायाधीश तथा ऐसे अन्य न्यायाधीशों को मिलाकर किया जाता है, जिन्हें राष्ट्रपति समय-समय पर नियुक्त करे। इस प्रकार भिन्न-भिन्न उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की संख्या भी भिन्न है।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की योग्यता:

अनुच्छेद 217 के अनुसार कोई व्यक्ति किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के योग्य तब होगा, जब वह–

  • भारत का नागरिक हो और 62 वर्ष की आयु पूरी न की हो।
  • कम से कम 10 वर्ष तक न्यायिक पद धारण कर चुका हो। न्यायिक पद धारण करने की अवधि की गणना करने में वह अवधि भी सम्मिलित की जाएगी, जिसके दौरान कोई व्यक्ति पद धारण करने के पश्चात किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहा है या उसने किसी अधिकरण के सदस्य का पद धारण किया है या संघ अथवा राज्य के अधीन कोई ऐसा पद धारण किया है, जिसके लिए विधि का विशेष ज्ञान अपेक्षित है।
  • किसी उच्च न्यायालय में एक या से अधिक उच्च न्यायालयों में लगातार 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो। किसी उच्च न्यायालय का अधिवक्ता रहने की अवधि की गणना करते समय वह अवधि भी सम्मिलित की जाएगी, जिसके दौरान किसी व्यक्ति ने अधिवक्ता होने के पश्चात न्यायिक पद धारण किया है या किसी अधिकरण के सदस्य का पद धारण किया है या संघ अथवा राज्य के अधीन कोई ऐसा पद धारण किया है, जिसके लिए विधि का विशेष ज्ञान अपेक्षित है।

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कैसे होती है?

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश से, उस राज्य के राज्यपाल से तथा सम्बन्धित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके की जाती है। इस सम्बन्ध में यह प्रक्रिया अपनाई जाती है कि उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश राज्य के राज्यपाल के पास प्रस्ताव भेजता है और राज्यपाल उस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से परामर्श करके उसे प्रधानमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति के पास भेजता है। राष्ट्रपति उस प्रस्ताव पर भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके न्यायाधीश की नियुक्ति करता है।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश शपथ कौन दिलाता है?

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उस राज्य, जिसमें उच्च न्यायालय स्थित है, का राज्यपाल उसके पद की शपथ दिलाता है।

भारतीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की पदावधि:

उच्च न्यायालय का न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु पूरी करने तक अपना पद धारण कर सकता है। परन्तु वह किसी समय राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र दे सकता है। यदि त्यागपत्र में उस तिथि का उल्लेख किया गया है, जिस तिथि से त्यागपत्र लागू होगा, तो न्यायाधीश किसी भी समय अपना त्यागपत्र वापस ले सकता है। उदाहरणार्थ–

  • इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चन्द्र ने मई, 1977 में दिये अपने त्यागपत्र में लिखा था कि उनका त्यागपत्र 01 अगस्त, 1977 से लागू माना जाए, लेकिन वे 31 जुलाई, 1977 से पहले अपना त्यागपत्र वापस ले लिये थे। इसके विरुद्ध विवाद होने पर उच्चतम न्यायालय ने 4:1 के बहुमत से निर्णय दिया कि त्यागपत्र लागू होने के पूर्व वापस लिया जा सकता है।
  • इसके अतिरिक्त न्यायाधीश को साबित कदाचार तथा असमर्थता के आधार पर संसद द्वारा दो तिहाई बहुमत से पारित महाभियोग प्रस्ताव के द्वारा राष्ट्रपति द्वारा उसके पद से हटाया जा सकता है।

यह भी पढे: भारत के कैबिनेट मंत्रियों के नाम और उनके विभाग

📊 This topic has been read 7654 times.

उच्च न्यायालयों की सूची - अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: कलकत्ता, बम्बई और मद्रास में उच्च न्यायालयों (High Courts) की स्थापना कब की गई?
उत्तर: कलकत्ता,बम्बई और मद्रास में उच्च न्यायालयों (High Courts) की स्थापना सन 1862 ईo में की गई थी। ब्रिटिश संसद ने 1861 में भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम पारित किया और इसी के साथ भारत में उच्च न्यायालयों के इतिहास का आरंभ हुआ।
📝 This question was asked in exam:- SSC LDC Aug, 1995
प्रश्न: भारत के सविधान में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों को न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति प्रदान की गई है, जिसका मुख्य आधार क्या है?
उत्तर: भारत के सविधान में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों को न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति प्रदान की गई है, जिसका मुख्य आधार अनुच्छेद-13 है। न्यायिक समीक्षा के लिये एक संवैधानिक आधार प्रदान करता है क्योंकि यह उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों को यह अधिकार देता है कि वे संविधान-पूर्व कानूनों की व्याख्या करें और यह तय करने का अधिकार देता है कि ऐसे कानून वर्तमान संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों के साथ सुसंगत है या नहीं।
📝 This question was asked in exam:- SSC STENO G-C Dec, 1996
प्रश्न: उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किस समादेश (Writ) को जारी करके, किसी प्राधिकारी द्वारा न किया जा रहा कोई कार्य के लिए उसे बाध्य किया जा सकता है?
उत्तर: सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 32 के तहत) एवं उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226 के तहत) रिट जारी कर सकते हैं। इसके अंतर्गत गिरफ्तारी का आदेश जारी करने वाले अधिकारी को आदेश देता है कि वह बंदी को न्यायाधीश के सामने उपस्थिति दर्ज करें और उसके कैद करने की वजह बताए।
📝 This question was asked in exam:- SSC CGL Feb, 2000
प्रश्न: भारत के किन दो राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय है?
उत्तर: भारत के हरियाणा व पंजाब राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय है, इसका मुख्यालय चंडीगढ़ में हैं।
📝 This question was asked in exam:- SSC CML May, 2000
प्रश्न: उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु जारी समादेश को क्या कहते हैं?
उत्तर: उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु जारी समादेश को बंदी उपस्थापक कहते हैं।
📝 This question was asked in exam:- SSC CML May, 2000
प्रश्न: उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है?
उत्तर: वर्तमान में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति की उम्र 65 साल है, वहीं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 साल में सेवानिवृत्त होते हैं। न्यायमूर्ति श्री एच जे कनिया भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे।
📝 This question was asked in exam:- SSC CML May, 2001
प्रश्न: उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर: प्रमुख बिंदु संविधान का अनुच्छेद 217: यह कहता है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI), राज्य के राज्यपाल के परामर्श से की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश के अलावा किसी अन्य न्यायाधीश की नियुक्ति के मामले में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श किया जाता है।
📝 This question was asked in exam:- SSC CML May, 2001
प्रश्न: एक उच्च न्यायालय से दूसरे में किसी न्यायाधीश के स्थानांतरण के लिए कौन प्राधिकृत है?
उत्तर: किसी उच्च न्यायालय या न्यायालयों में लगातार दस वर्ष तक अधिवक्ता रह चुका हो। वह व्यक्ति राष्ट्रपति की राय में एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता होना चाहिए। उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने हेतु किसी भी प्रदेश के उच्च न्यायालय में न्यायाधीश का पांच वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है और वह 62 वर्ष की आयु पूरी न किया हो।
📝 This question was asked in exam:- SSC CGL Mar, 2002
प्रश्न: भारत में किसी राज्य के उच्च न्यायालय की प्रथम महिला मुख्य न्यायमूर्ति कौन थी?
उत्तर: लीला सेठ (20 अक्टूबर 1930 – 5 मई 2017) भारत में उच्च न्यायालय ( हिमाचल प्रदेश ) की मुख्य न्यायाधीश बनने वाली पहली महिला थीं।
📝 This question was asked in exam:- SSC CML May, 2002
प्रश्न: हमारे देश की न्यायिक प्रणाली के अन्तर्गत राज्यों में उच्च न्यायालय सीधे किसकी अधिकारिता में आते है?
उत्तर: 3- रिट/आदेश संबंधी क्षेत्राधिकार- नागरिकों के मौलिक अधिकारों के हनन होने पर वे अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय एवं अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय जा सकते हैं।
📝 This question was asked in exam:- SSC AIC Oct, 2003

उच्च न्यायालयों की सूची - महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: कलकत्ता, बम्बई और मद्रास में उच्च न्यायालयों (High Courts) की स्थापना कब की गई?
Answer option:

      1863 ईo में

    ❌ Incorrect

      1860 ईo में

    ❌ Incorrect

      1872 ईo में

    ❌ Incorrect

      1862 ईo में

    ✅ Correct

प्रश्न: भारत के सविधान में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों को न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति प्रदान की गई है, जिसका मुख्य आधार क्या है?
Answer option:

      अनुच्छेद-20

    ❌ Incorrect

      अनुच्छेद-1

    ❌ Incorrect

      अनुच्छेद-77

    ❌ Incorrect

      अनुच्छेद-13

    ✅ Correct

प्रश्न: उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किस समादेश (Writ) को जारी करके, किसी प्राधिकारी द्वारा न किया जा रहा कोई कार्य के लिए उसे बाध्य किया जा सकता है?
Answer option:

      हैबियसकोर्पस की रिट (बन्दी प्रत्यक्षीकरण)

    ❌ Incorrect

      मैण्डेमस की रिट (परमादेश)

    ✅ Correct

      सर्टिओरैरी की रिट (उत्प्रेषण लेख)

    ❌ Incorrect

      कुओ वारन्टो की रिट (अधिकार - पृच्छा)

    ❌ Incorrect

प्रश्न: भारत के किन दो राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय है?
Answer option:

      उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश

    ❌ Incorrect

      केरल व बिहार

    ❌ Incorrect

      कर्नाटक व तमिलनाडु

    ❌ Incorrect

      हरियाणा व पंजाब

    ✅ Correct

प्रश्न: उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु जारी समादेश को क्या कहते हैं?
Answer option:

      प्रतिषेध लेख

    ❌ Incorrect

      उत्प्रेषण

    ❌ Incorrect

      बंदी उपस्थापक

    ✅ Correct

      अधिकार पृच्छा लेख

    ❌ Incorrect

प्रश्न: उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है?
Answer option:

      67 वर्ष

    ❌ Incorrect

      65 वर्ष

    ❌ Incorrect

      62 वर्ष

    ✅ Correct

      68 वर्ष

    ❌ Incorrect

प्रश्न: उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?
Answer option:

      मुख्य न्यायाधीश

    ❌ Incorrect

      सम्बन्धित राज्य का राज्यपाल

    ❌ Incorrect

      प्रधानमंत्री

    ❌ Incorrect

      राष्ट्रपति

    ✅ Correct

प्रश्न: एक उच्च न्यायालय से दूसरे में किसी न्यायाधीश के स्थानांतरण के लिए कौन प्राधिकृत है?
Answer option:

      प्रधानमंत्री

    ❌ Incorrect

      उच्च न्यायालय के न्यायधीश

    ❌ Incorrect

      केंद्रीय शिक्षा मंत्री

    ❌ Incorrect

      राष्ट्रपति

    ✅ Correct

प्रश्न: भारत में किसी राज्य के उच्च न्यायालय की प्रथम महिला मुख्य न्यायमूर्ति कौन थी?
Answer option:

      सुचेता कृपलानी

    ❌ Incorrect

      मायावती

    ❌ Incorrect

      सरोजिनी नायडू

    ❌ Incorrect

      लीला सेठ

    ✅ Correct

प्रश्न: हमारे देश की न्यायिक प्रणाली के अन्तर्गत राज्यों में उच्च न्यायालय सीधे किसकी अधिकारिता में आते है?
Answer option:

      जिला न्यायालय

    ❌ Incorrect

      इनमे से कोई नही

    ❌ Incorrect

      सर्वोच्च न्यायालय

    ❌ Incorrect

      उच्चतम न्यायालय

    ✅ Correct


You just read: Bhart Ke Ucch Nyayalyon Ki Suchi ( List Of High Courts Of India (In Hindi With PDF))

Related search terms: : हाई कोर्ट इन इंडिया, टोटल हाई कोर्ट इन इंडिया, भारत के हाई कोर्ट, Vartman Mein Kul Kitne Uchch Nyayalay Hain, Bharat Mein Kul Kitne Uchch Nyayalay Hain,bharat Ke High Court Ki List, Bharat Ke Uchch Nyayalay Ki Suchi, High Court Ki Sankhya, Total High Court In India In Hindi

भारत के उच्च न्यायालयों की सूची

✅ Published on November 20th, 2019 in सामान्य ज्ञान अध्ययन

राज्य स्तर पर सबसे कड़ी न्यायिक शक्ति देश में हाई कोर्ट यानी उच्च न्यायालय के पास होती है। देश में कुल 25 हाई कोर्ट हैं, जिनमें से सात में कई न्यायालय हैं। इनका क्षेत्राधिकार राज्य, केंद्र शासित प्रदेश या राज्यों के समूह पर होता है। सबसे पुराना हाई कोर्ट वर्ष 1862 में कलकत्ता में स्थापित हुआ था। हाई कोर्ट के तहत सिविल और आपराधिक निचली अदालतें और ट्रिब्यूनल कार्य करते हैं। परंतु सभी हाई कोर्ट भारत की सुप्रीम कोर्ट के तहत आते हैं।

भारतीय उच्च न्यायालयों की सूची:

न्यायालय (स्थापना वर्ष) स्थापित अधिनियम न्यायक्षेत्र
हैदराबाद उच्च न्यायालय (05 जुलाई 1957) उच्च न्यायालय अधिनियम, 1953 आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (1971) हिमाचल प्रदेश अधिनियम, 1970 हिमाचल प्रदेश
सिक्किम उच्च न्यायालय (16 मई 1975) भारतीय संविधान का 38 वाँ संशोधन सिक्किम
राजस्थान उच्च न्यायालय (21 जून 1949) राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 राजस्थान
मेघालय उच्च न्यायालय (23 मार्च 2013) पूर्वोत्तर क्षेत्र पुनर्गठन अधिनियम, 2012 मेघालय
मुंबई उच्च न्यायालय (14 अगस्त 1862) उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 महाराष्ट्र, गोवा, दादरा आणि नगर-हवेली, दमण आणि दीव.
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (2 जनवरी 1936) भारत सरकार अधिनियम, 1935 मध्य प्रदेश
मद्रास उच्च न्यायालय (5 अगस्त 1862) उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 तमिलनाडु, पुडुचेरी
मणिपुर उच्च न्यायालय (25 मार्च 2013) पूर्वोत्तर क्षेत्र पुनर्गठन अधिनियम, 2012 मणिपुर
पटना उच्च न्यायालय (2 सितम्बर 1916) भारत सरकार अधिनियम, 1915 बिहार
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय (15 अगस्त 1947) उच्च न्यायालय (पंजाब) आदेश, 1947 पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़
दिल्ली उच्च न्यायालय (31 अक्टूबर 1966) दिल्ली उच्च न्यायालय अधिनियम, 1966 राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश (दिल्ली)
त्रिपुरा उच्च न्यायालय (26 मार्च 2013) पूर्वोत्तर क्षेत्र पुनर्गठन अधिनियम, 2012 त्रिपुरा
झारखण्ड उच्च न्यायालय (15 नवंबर 2000) बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 झारखंड
जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय (28 अगस्त 1928) पत्र अधिकार-दान-पत्र काश्मीरचे महाराजा यांनी जारी. जम्मू और कश्मीर
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (1 नवंबर 2000) मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 छत्तीसगढ
गुवाहाटी उच्च न्यायालय (1 मार्च 1948) भारत सरकार अधिनियम, 1965 अरुणाचल प्रदेश, आसाम, नागालँड, मिझोरम
गुजरात उच्च न्यायालय (1 मई 1960) बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 गुजरात
केरल उच्च न्यायालय (1956) राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 केरल, लक्षद्वीप
कलकत्ता उच्च न्यायालय (2 जुलाई 1862) उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 पश्चिम बंगाल, अंदमान आणि निकोबार
कर्नाटक उच्च न्यायालय (1884) मैसूर उच्च न्यायालय अधिनियम, 1884 कर्नाटक
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय (9 नवंबर 2000) उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 उत्तराखण्ड
उड़ीसा उच्च न्यायालय (3 अप्रैल 1948) ओडिसा उच्च न्यायालय आदेश, 1948 ओडिशा
इलाहाबाद उच्च न्यायालय (11 जून 1866) उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 उत्तर प्रदेश
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय (1 जनवरी 2019) आंध्रप्रदेश

उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति:

उच्चतम न्यायालय के सभी न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा उच्चतम न्यायालय के परामर्शानुसार की जाती है। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इस प्रसंग में राष्ट्रपति को परामर्श देने से पूर्व अनिवार्य रूप से चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों के समूह से परामर्श प्राप्त करते हैं तथा इस समूह से प्राप्त परामर्श के आधार पर राष्ट्रपति को परामर्श देते हैं। अनुछेद 124 के अनुसार मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते समय राष्ट्रपति अपनी इच्छानुसार सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सलाह लेगा। वहीं अन्य जजों की नियुक्ति के समय उसे अनिवार्य रूप से मुख्य न्यायाधीश की सलाह माननी पड़ेगी।
संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय का प्रावधान है। अनुच्छेद 231 के तहत संसद को यह अधिकार प्राप्त है कि वह दो या अधिक राज्यों के लिए उच्च न्यायालय की स्थापना कर सकता है। उच्च न्यायालय को अभिलेख न्यायालय अनुच्छेद 215 के अनुसार घोषित किया गया है।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की योग्यताएँ:

  • व्यक्ति भारत का नागरिक हो।
  • कम से कम पांच साल के लिए उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या दो या दो से अधिक न्यायालयों में लगातार कम से कम पांच वर्षों तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो।
  • किसी उच्च न्यायालय या न्यायालयों में लगातार दस वर्ष तक अधिवक्ता रह चुका हो।
  • वह व्यक्ति राष्ट्रपति की राय में एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता होना चाहिए।
  • उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने हेतु किसी भी प्रदेश के उच्च न्यायालय में न्यायाधीश का पांच वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है और वह 62 वर्ष की आयु पूरी न किया हो।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का कार्यकाल:

भारतीय सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष होती है। न्यायाधीशों को केवल (महाभियोग) दुर्व्यवहार या असमर्थता के सिद्ध होने पर संसद के दोनों सदनों द्वारा दो-तिहाई बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर ही राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: भारतीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की सूची

📊 This topic has been read 283 times.


You just read: Bhaarat Ke Uchch Nyaayaalayon Kee Soochee
« Previous
Next »