अंतर्राष्ट्रीय अंहिसा दिवस (02 अक्टूबर) पर निबंध


Inter National Days: International Day Of Non Violence In Hindi Essay [Post ID: 10798]



अंतर्राष्ट्रीय अंहिसा दिवस (02 अक्टूबर): (02 October: International Day of Non-violence in Hindi)

अंतर्राष्ट्रीय अंहिसा दिवस कब मनाया जाता है?

महात्मा गांधी के जन्मदिन के अवसर पर 02 अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस या अंतर्राष्ट्रीय अंहिसा दिवस मनाया जाता है। भारत में इसे गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस का इतिहास:

संयुक्त राष्ट्र महासभा में 15 जून 2007 को 02 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस स्थापित करने के लिए मतदान हुआ। संयुक्त राष्ट्र महासभा के कुल 191 सदस्य देशों में से 140 से भी ज़्यादा देशों ने इस प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया। इनमें अफ़ग़ानिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान जैसे भारत के पड़ोसी देशों के अलावा अफ़्रीका और अमरीका महाद्वीप के कई देश भी शामिल थे।मौजूदा विश्व व्यवस्था में अहिंसा की सार्थकता को मानते हुए बिना मतदान के ही सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया था। अहिंसा की नीति के ज़रिए विश्व भर में शांति के संदेश को बढ़ावा देने के महात्मा गाँधी के योगदान को सराहने के लिए ही इस दिन को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाने का फ़ैसला किया गया। तब ही हर साल 02 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

गाँधीजी की विचारधारा:

गाँधीजी का दर्शन और उनकी विचारधारा सत्‍य और अहिंसा भगवद गीता और हिन्दू मान्‍यताओं, जैन धर्म और लियो टॉल्‍स्‍टॉय की शांतिवादी ईसाई धर्म की शिक्षाओं से प्रभावित हैं। गाँधीजी एक शाकाहारी और ब्रह्मचर्य के हिन्दू विचार के अनुयायी थे। वे आधात्‍यमिक और व्‍यवहारिक शुद्धता का पालन करते थे और सप्‍ताह में एक दिन मौन व्रत रखते थे। उनका विश्‍वास था कि बोलने पर संयम रखने से उन्‍हें आंतरिक शांति मिलती हैं, यह प्रभाव हिन्दू सिद्धांत मौन और शांति से लिया गया है। दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद गाँधीजी ने पश्चिमी शैली के कपड़े पहनना छोड़ दिया था, जो उनकी सम्‍पन्‍नता और सफलता से जुड़ा था। उन्‍होंने स्‍वदेशी रूप से बुने गए कपड़े अर्थात खादी का समर्थन किया। वे और उनके अनुयायियों ने सूत से बुने गए खादी के कपड़े को अपनाया। उन्‍होंने कपड़े को अपने आप चरखे से बुना और अन्‍य लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। यह चरखा आगे चलकर ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ के ध्वज में शामिल किया गया।

सत्याग्रह:

भारतीय संविधान मौलिक अधिकारों के माध्‍यम से भारत के सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता का अधिकार देता है। यह जाति, धर्म, नस्‍ल, लिंग या जन्‍म के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है और अस्‍पृश्‍यता को समाप्‍त करता है। भारत सत्‍य और अहिंसा की मान्‍यताओं का पालन करता है, क्‍योंकि देश की लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था स्‍वराज की विचारधारा का प्रतिनिधित्‍व करती है। महात्मा गाँधी ने सत्याग्रह को इन लोगों की परिस्थितियों में सुधार लाने और इन्‍हें सामाजिक न्‍याय दिलाने के साधन के रूप में इस्‍तेमाल किया, जैसे- सार्वभौमिक शिक्षा, महिलाओं के अधिकार, सामुदायिक सौहार्द, निर्धनता का उन्‍मूलन, खादी को प्रोत्‍साहन देना आदि। गाँधीजी ने सात सामाजिक बुराइयाँ गिनाई थीं, जो निम्नलिखित हैं-

  • सिद्धांतों के बिना राजनीति।
  • परिश्रम के बिना संपत्ति।
  • आत्‍म चेतना की बिना आनंद।
  • चरित्र के बिना ज्ञान।
  • नैतिकता के बिना व्‍यापार।
  • मानवता के बिना विज्ञान।
  • बलिदान के बिना पूजा।

अक्टूबर माह के महत्वपूर्ण दिवस की सूची - (राष्ट्रीय दिवस एवं अंतराष्ट्रीय दिवस):

तिथि दिवस का नाम - उत्सव का स्तर
02 अक्टूबरअन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
03 अक्टूबरविश्व पर्यावास दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
04 अक्टूबरविश्व पशु कल्याण दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
05 अक्टूबरविश्व शिक्षक (अध्‍यापक) दिवस (यूनेस्‍को) - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
09 अक्टूबरविश्व डाक दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
10 अक्टूबरविश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
12 अक्टूबरविश्‍व दृष्टि दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
14 अक्टूबरविश्व मानक दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
16 अक्टूबरविश्व खाद्य दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
17 अक्टूबरअन्तरराष्ट्रीय ग़रीबी उन्‍मूलन दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
20 अक्टूबरअंतरराष्ट्रीय ऑस्टियोपोरोसिस दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
21 अक्टूबरविश्व आयोडीन कमी दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
24 अक्टूबरविश्व पोलियो दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
24 अक्टूबरविश्‍व विकास सूचना दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
30 अक्टूबरविश्‍व मितव्‍ययता (बचत) दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
31 अक्टूबरराष्ट्रीय एकता दिवस - राष्ट्रीय दिवस

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