राष्ट्रीय पक्षी दिवस (12 नवम्बर)

Inter National Days: National Bird Day In Hindi

राष्ट्रीय पक्षी दिवस (12 नवम्बर): (12 November: National Bird Day in Hindi)

राष्ट्रीय पक्षी दिवस कब मनाया जाता है?

प्रत्येक वर्ष देश भर में 12 नवम्बर को ‘राष्ट्रीय पक्षी दिवस’ मनाया जाता है। भारत के मशहूर पक्षी विज्ञानी और प्रकृतिवादी डॉ. सालिम अली के जन्मदिवस के अवसर पर भारत सरकार ने राष्ट्रीय पक्षी दिवस घोषित किया था।

डॉ. सालीम अली का जीवन परिचय:

डॉ. सालिम अली का जन्म 12 नवम्बर 1896 में बॉम्बे के एक सुलेमानी बोहरा मुस्लिम परिवार में हुआ था। डॉ. सालिम अली विश्वविख्यात भारतीय पक्षी विज्ञानी और प्रकृतिवादी थे। डॉ. सालीम अली का पूरा नाम डॉ. सलीम मोइज़ुद्दीन अब्दुल अली है। सालिम अली की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई में हुई। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बी॰एन॰एच॰एस॰) के सचिव डबल्यू॰एस॰ मिलार्ड की देख-रेख में सालिम ने पक्षियों पर गंभीर अध्ययन करना शुरू किया, जिन्होंने असामान्य रंग की गौरैया की पहचान की थी।

डॉ. सालिम अली का निधन 27 जुलाई 1987 को 91 साल की उम्र में हुआ। इनके नाम पर ‘बॉम्बे नैचुरल हिस्ट्री सोसाइटी’ और ‘पर्यावरण एवं वन मंत्रालय’ द्वारा कोयम्बटूर के निकट ‘अनाइकट्टी’ नामक स्थान पर सालिम अली पक्षीविज्ञान एवं प्राकृतिक इतिहास केन्द्र स्थापित किया गया।

डॉ. सालीम अली से संबंधित महत्वपूर्ण रोचक तथ्य:

  • पक्षी विशेषक्ष सालिम अली के जन्म दिवस को ‘भारत सरकार’ ने राष्ट्रीय पक्षी दिवस घोषित किया हुआ है।
  • डॉ. सालीम अली को भारत में “पक्षी मानव” के नाम से भी जाना जाता था।
  • सालिम अली ने पक्षियों से सम्बंधित अनेक पुस्तकें लिखी थीं। ‘बर्ड्स ऑफ़ इंडिया’ इनमें सबसे लोकप्रिय पुस्तक है।
  • डाक विभाग ने इनकी स्मृति में डाक टिकट भी जारी किया है।
  •  दिल्ली विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा।
  • वर्ष 1958 में सालिम अली को ‘पद्मभूषण’ तथा 1976 में ‘पद्मविभूषण’ से अलंकृत किया गया था।

भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर:

‘मोर’ भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। मोर एक बहुत ही सुन्दर तथा आकर्षक पक्षी है। यह भारत के सभी क्षेत्रों में पाया जाता है। मोर के सर पर मुकुट जैसी खूबसूरत कलंगी होती है। इसकी लम्बी गर्दन पर सुन्दर नीला मखमली रंग होता है। मोर की मादा मोरनी कहलाती है। मोर के अद्भुत सौंदर्य के कारण ही भारत सरकार ने 26 जनवरी,1963 को इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया था। हमारे पड़ोसी देश म्यांमार और श्रीलंका का राष्ट्रीय पक्षी भी मोर ही है। मोर का शिकार भारत में पूर्णतया प्रतिबंधित है। इसे भारतीय वन्य-जीवन (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत पूर्ण संरक्षण दिया गया है

सामान्य ज्ञान अपनी ईमेल पर पाएं!

Leave a Reply

Your email address will not be published.