विश्व सामाजिक न्याय दिवस (20 फरवरी)

Inter National Days: World Day Of Social Justice In Hindi

विश्व सामाजिक न्याय दिवस (20 फरवरी): (World Day of Social Justice in Hindi)

विश्व सामाजिक न्याय दिवस कब मनाया जाता है?

प्रतिवर्ष सम्पूर्ण विश्व में 20 फरवरी को ‘विश्व सामाजिक न्याय दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2017 में इस दिवस का मुख्य विषय-‘‘सभ्य कार्य के माध्यम से संघर्ष को रोकना और शांति बनाए रखना’  है।

विश्व सामाजिक न्याय दिवस का इतिहास:
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इस अवसर पर यह घोषणा की गयी कि 20 फरवरी को प्रत्येक वर्ष विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया जायेगा। प्रत्येक वर्ष विभिन्न कार्यों एवं क्रियाकलापों का आयोजन किया जायेगा।

विश्व सामाजिक न्याय दिवस का उद्देश्य:

यह दिवस विभिन्न सामाजिक मुद्दों, जैसे- बहिष्कार, बेरोजगारी तथा गरीबी से निपटने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।

इस अवसर पर, विभिन्न संगठनों जैसे संयुक्त राष्ट्र एवं अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा लोगों से सामाजिक न्याय हेतु अपील जारी की जाती है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सामाजिक न्याय देशों के मध्य समृद्ध और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के लिए एक अंतर्निहित सिद्धांत है। सामाजिक न्याय का अर्थ है लिंग, आयु, धर्म, अक्षमता तथा संस्कृति की भावना को भूलकर समान समाज की स्थापना करना।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इस दिवस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गरीबी उन्मूलन के लिए कार्य करना चाहिए। सभी स्थानों पर लोगों के लिए सभ्य काम एवं रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए तभी सामाजिक न्याय संभव है।

सामाजिक न्याय का अर्थ:

समाज में हर तबका एक अलग महत्व रखता है। कई बार समाज की संरचना इस प्रकार होती है कि आर्थिक स्तर पर भेदभाव हो ही जाता है। ऐसे में न्यायिक व्यवस्था पर भी इसका असर पड़े, यह सही बात नहीं है। समाज में फैली असमानता और भेदभाव से सामाजिक न्याय की मांग और तेज हो जाती है। सामाजिक न्याय के बारे में कार्य और उस पर विचार तो बहुत पहले से शुरू हो गया था, लेकिन दुर्भाग्य से अभी भी विश्व के कई लोगों के लिए सामाजिक न्याय सपना बना हुआ है। सामाजिक न्याय का अर्थ निकालना बेहद मुश्किल कार्य है। सामाजिक न्याय का मतलब समाज के सभी वर्गों को एक समान विकास और विकास के मौकों को उपलब्ध कराना है। सामाजिक न्याय यह सुनिश्चित करता है कि समाज का कोई भी शख्स वर्ग, वर्ण या जाति की वजह से विकास की दौड़ में पीछे न रह जाए। यह तभी संभव हो सकता है जब समाज से भेदभाव को हटाया जाए।

भारत में सामाजिक न्याय के प्रयास:

सामाजिक न्याय के संदर्भ में जब भी भारत की बात होती है तो हम पाते हैं कि हमारे संविधान की प्रस्तावना और अनेकों प्रावधानों के द्वारा इसे सुनिश्चित करने की बात कही गई है। भारत में फैली जाति प्रथा और इस पर होने वाला स्वार्थपूर्ण भेदभाव सामाजिक न्याय को रोकने में एक अहम कारक सिद्ध होता है। भारत में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास आयोग जैसी कई सरकारी तंत्र एवं लाखों स्वयं सेवी संगठन हमेशा इस बात की कोशिश करते हैं कि समाज में भेदभाव से कोई आम इंसान पीड़ित न हो। भारत में आज भी कई लोग अपनी कई मूल जरुरतों के लिए न्याय प्रकिया को नहीं जानते जिसके अभाव में कई बार उनके मानवाधिकारों का हनन होता है और उन्हें अपने अधिकारों से वंचित रहना पड़ता है। आज भारत में अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता ज्यादा है। इन्हीं भेदभावों के कारण सामाजिक न्याय बेहद विचारणीय विषय हो गया है।

"फरवरी" माह में मनाये जाने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस एवं अंतराष्ट्रीय दिवस की सूची:

तिथि दिवस का नामउत्सव का स्तर
02 फरवरीविश्व आर्द्रभमि दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
04 फरवरीविश्व कैंसर दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
14 फरवरीवेलेंटाइन दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
20 फरवरीविश्व सामाजिक न्याय दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
21 फरवरीअंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवसअन्तरराष्ट्रीय दिवस
24 फरवरीकेन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवसराष्ट्रीय दिवस
28 फरवरीराष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय दिवस

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