विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस (26 नवम्बर)

Inter National Days: World Environment Protection Day In Hindi

विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस (26 नवम्बर): (World Environment Protection Day in Hindi)

विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस कब मनाया जाता है?

प्रतिवर्ष सम्पूर्ण विश्व में 26 नवम्बर को ‘विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने एवं लोगों को जागरूक करने के सन्दर्भ में सकारात्मक कदम उठाने के लिए मनाते हैं। सन् 1992 में विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी।

पर्यावरण की परिभाषा/पर्यावरण क्या है?

साधारण तौर पर सोचे तो पर्यावरण से तात्पर्य हमारे चारो ओर के वातावरण और उसमे निहित तत्वो और उसमे रहने वाले प्राणियों से है। हम अपने चारो ओर उपस्थित वायु, भूमि, जल, पशु पक्षी, पेड़ पौधे आदि को अपने पर्यावरण मे शामिल करते है।

जिस तरह हम अपने पर्यावरण से प्रभावित होते हैं, उसी प्रकार हमारा पर्यावरण भी हमारे द्वारा किए गए कृत्यो से प्रभावित होता है। जैसे लकड़ी के लिए काटे गए पेड़ो से जंगल समाप्त हो रहे है और जंगलो के समाप्त होने से इसमे रहने वाले जीवो के जीवन पर भी असर पड रहा है। जीवो की कुछ जातीय तो विलुप्त हो गयी और कुछ विलुप्त होने की कगार पर है।

पर्यावरण प्रदुषण के प्रकार:

  • जल प्रदुषण।
  • थल प्रदुषण।
  • वायु प्रदुषण।
  • ध्वनी प्रदुषण।

पर्यावरण प्रदुषण के कारण:

  • कारखानों से निकलने वाला धुँआ।
  • नदी-तालाब में गन्दा पानी डालना।
  • घर-उद्योग की गन्दगी को खुले में फेंकना।
  • तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाना।

पर्यावरण प्रदूषण रोकने के उपाय:

  • जनसँख्या नियंत्रण।
  • कारखानों का शहर से दूर होना व चिमनी की ऊंचाई बढ़ाना।
  • दो पहिया वाहनों में अच्छा आयल डालें, जिससे वे काला धुँआ न छोड़े।
  • वृक्षारोपण अधिक करें।
  • कचरा को उसके डब्बे में ही डालें।

पर्यावरण के संरक्षण उपाय:

वैसे तो ऐसी कोई तेज़ तकनीक नहीं है, जिससे कि पर्यावरण प्रदूषण पर तुरंत काबू पाया जा सके। परंतु मनुष्य अपने छोटे-छोटे प्रयासो से इस समस्या को कम जरूर कर सकता है। यहा हम कुछ बाते बताना चाहेंगे जिनका खयाल रखकर शायद पर्यावरण प्रदूषण पर काबू पाया जा सकता है, जैसे:-

  • आज तक जो कारखाने स्थापित हो चुके है, उन्हे उठाकर कही और शिफ्ट करना तो संभव नहीं है, परंतु अब सरकार को यह ध्यान रखना जरूरी है कि जो नये कारखाने खुले वो शहर से दूर हो। उनके द्वारा किया गया प्रदूषण शहर की जनता को प्रभावित न करे।
  • मनुष्य को जितना हो सके अपने द्वारा किए गए प्रदूषण पर काबू पाना चाहिए, जैसे जहा संभव हो वाहनो का उपयोग कम करे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके भी इस समस्या को कम करने मे कुछ योगदान किया जा सकता है।
  • जंगलो की कटाई पर कड़ी सजा दी जानी चाहिए तथा नये पेड़ो को लगाए जाने वाले व्यक्ति को रिवार्ड देना चाहिए।
  • कारखानो के हानिकारक पदार्थ को रिफ्रेश करके उसे पुनः उपयोग करना चाहिए।

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