विश्व हृदय दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व के विभिन्न देशों में हर साल 29 सितंबर को ‘विश्व हृदय दिवस’ या ‘वर्ल्ड हार्ट डे’ मनाया जाता है। विश्व हृदय दिवस 2018 का विषय- आपका दिल, मेरा दिल (Your heart, My Heart)” है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हृदय रोग से प्रतिवर्ष 2.5 मिलियन लोगों की मृत्यु हो जाती हैं तथा वर्ष 2030 तक इन आंकड़ों में 23 मिलियन की वृद्धि होने की संभावना हैं। भारत में कुल मौतों में से लगभग 26% मौते गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) यानि कि हृदय रोगों के कारण होती है।

विश्व हृदय दिवस का इतिहास:

विश्व के लोगों को हृदय रोग के प्रति जागरुक करने के मकसद से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2000 में हर साल 29 सितंबर को ‘विश्व हृदय दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। अब तक सितम्बर के अंतिम रविवार को ‘विश्व हृदय दिवस’ मनाया जाता रहा था, लेकिन 2014 से इसे 29 सितम्बर के दिन ही मनाया जाएगा। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (डब्ल्यूएचओ) की भागीदारी से स्वयंसेवी संगठन ‘वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन’ हर साल ‘विश्व हृदय दिवस’ मनाता है।

विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य:

विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य पूरे विश्व के लोगों में हृदय से संबंधित होने वाले रोगों, उनके परिणाम व उनके रोकथाम के लिए जागरूक बनाना है। विश्व में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु की दर सबसे अधिक है।

विश्व हृदय दिवस के विषय (थीम):

  • विश्व हृदय दिवस 2019 का विषय (थीम)- “मेरा दिल, आपका दिल (My Heart, Your Heart ) है
  • विश्व हृदय दिवस 2018 का विषय (थीम)- “आपका दिल, मेरा दिल (Your heart, My Heart)” था।
  • विश्व हृदय दिवस 2017 का विषय (थीम)- “शक्ति को साझा करें (Share the Power)” था।
  • विश्व हृदय दिवस 2016 का विषय (थीम) – “आपके जीवन की शक्ति ” था।
  • विश्व हृदय दिवस 2015 का विषय (थीम) – “स्वस्थ हृदय का विकल्प सबके लिए, सब जगह” (Healthy heart choices for everyone, everywhere) था।
  • विश्व हृदय दिवस 2014 का विषय (थीम) – “हृदय विकल्प मुश्किल विकल्प नहीं  (Heart Choices Not Hard Choices) था।
  • विश्व हृदय दिवस 2011 का विषय (थीम) – “एक संसार, एक घर और एक दिल (One World, One Home or One Heart)” था।
  • विश्व हृदय दिवस 2010 का विषय (थीम) – “ऑफिस में हृदय स्वास्थ” था।
  • विश्व हृदय दिवस 2009 का विषय (थीम) – “ऑफिस में हृदय स्वास्थ” था।

हृदय किसे कहते है?

हृदय एक पेशी अंग है, जो कि जो हमारे परिसंचरण तंत्र के केंद्र में होता है। इस प्रणाली में केशिका, शिराओं और धमनियों का एक नेटवर्क होता हैं। यहाँ से रक्त वाहिकाएं, हमारे शरीर के सभी भागों में रक्त को लेकर जाती हैं। इस प्रकार यह शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है। हृदय रोग, हृदय एवं रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाले रोग विकारों का समूह है, जो कि फेफड़े, मस्तिष्क, गुर्दे और शरीर के अन्य भागों में रक्त की आपूर्ति को बाधित करता है।

हृदय रोग के प्रकार:

हृदय में कई प्रकार के रोग हो सकते हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार से हैं:

  • हृदयाघात
  • रुमेटिक हृदय रोग
  • जन्मजात खराबियां
  • हृदय की विफलता
  • पेरिकार्डियल बहाव

हृदय रोग के प्रमुख कारण:

  • उच्च रक्तचाप (उच्च रक्तचाप)।
  • उच्च रक्त शर्करा (मधुमेह)।
  • उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल।
  • धूम्रपान एवं अत्यधिक शराब का सेवन करना।
  • परिवार में हृदय रोग का इतिहास।
  • अत्यधिक मोटा होना या मोटापे से पीड़ित होना।
  • उच्च वसा युक्त अस्वस्थ आहार।
  • तनाव।
  • व्यायाम की कमी।

दिल का दौरा पड़ने के संकेत:

  • सीने में दर्द।
  • सांस की तकलीफ़।
  • जबड़े, गर्दन या पीठ में दर्द।
  • हाथ या कंधे में दर्द।
  • पसीना, मतली या उल्टी।
  • कमजोरी और चिंता।
  • दिल का दौरा पड़ने के दौरान प्राथमिक चिकित्सा।
  • रोगी को बैठाएं और उसे शांत करने का प्रयास करें।
  • रोगी के तंग कपड़ों को ढीला करें।
  • यदि पीड़ित व्यक्ति पहले से ही हृदय रोगी हैं, तो उसे दवा दें।
  • यदि तीन मिनट के भीतर दर्द कम नहीं होता हैं, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा के लिए फोन करें।
  • यदि रोगी बेहोश है, तो आपातकालीन सहायता आने तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटैशन (सीपीआर) को जारी रखें।

हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सुझाव:-

  • कम वसा एवं उच्च रेशा युक्त आहार जैसे कि साबुत अनाजों और फलों तथा सब्जियों का सेवन करें।
  • पैक्ड या प्रसंस्कृत आहार जैसे कि डिब्बाबंद, जमे हुए खाद्य पदार्थों और/या तैयार आहार का सेवन करने से बचें।
  • तंबाकू व धूम्रपान का सेवन करने से बचें।
  • शराब का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से हृदय रोग के ज़ोखिम को तीस प्रतिशत कम किया जा सकता हैं।
  • यदि आपका वज़न ज़्यादा हैं, तो अपने शरीर की वसा को कम करें।
  • प्रतिदिन कम से कम तीस मिनट व्यायाम अवश्य करें।
  • नमक का सेवन कम करें।
  • योग, ध्यान एवं अन्य मनोरंजक गतिविधियों द्वारा तनाव को कम करें।
  • अपने वज़न, ब्लड प्रेशर, ग्लूकोज और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखें।
  • अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने अवश्य जाएँ।

सितम्बर माह के महत्वपूर्ण दिवस की सूची - (राष्ट्रीय दिवस एवं अंतराष्ट्रीय दिवस):

तिथि दिवस का नाम - उत्सव का स्तर
02 सितम्बरविश्व नारियल दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
05 सितम्बरशिक्षक दिवस (डॉक्टर राधाकृष्ण जन्म दिवस) - राष्ट्रीय दिवस
08 सितम्बरविश्व साक्षरता दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
14 सितम्बरविश्व बन्धुत्व और क्षमायाचना दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
14 सितम्बरहिन्दी दिवस: भारत - राष्ट्रीय दिवस
15 सितम्बरअभियंता (इंजीनियर्स) दिवस - राष्ट्रीय दिवस
16 सितम्बरविश्व ओज़ोन परत संरक्षण दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
17 सितम्बरविश्वकर्मा जयंती - राष्ट्रीय दिवस
21 सितम्बरअन्तरराष्ट्रीय शांति दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
26 सितम्बरविश्व मूक बधिर दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
27 सितम्बरविश्व पर्यटन दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
29 सितम्बरविश्व हृदय दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस

This post was last modified on October 1, 2019 8:43 am

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