विश्व पर्यटन दिवस (27 सितम्बर)


Inter National Days: World Tourism Day In Hindi



विश्व पर्यटन दिवस (27 सितम्बर): (27 September: World Tourism Day in Hindi)

विश्व पर्यटन दिवस कब मनाया जाता है?

प्रत्येक वर्ष विश्व के विभिन्न देशों में 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। भारत में घूमने केे लिए अनेकों एेेतिहासिक इमारतें, मंदिर आदि हैं जो पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करते हैं जैसे ताजमहल, लाल किला, कुतुब मीनार, चारमीनार, अक्षरधाम मंदिर, गेटवे ऑफ इंडिया, वैष्णोदेवी मंदिर, हवा महल, इंडिया गेटभानगढ़ किलाउम्मैद भवन पैलेसमैसूर पैलेस, विक्टोरिया मेमोरियलसूर्य कोणार्क मंदिर और जैसलमेर किला आदि। भारत सरकार द्वारा पर्यटकों का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए “अतुल्‍य भारत” योजना की भी शुरूआत की गई और यह योजना काफी सफल भी हुई है। भारत में प्रत्‍येक वर्ष लाखों की संख्‍या में पर्यटक आते हैंं। इन्‍हीं पर्यटकों काेे आकर्षित करने के लिए हर साल विश्‍व पर्यटन दिवस की एक थीम रखी जाती है।विश्व पर्यटन दिवस 2018 की थीम (विषय) “पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण” है।

विश्व पर्यटन दिवस का इतिहास:

विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा हुई। इस तिथि के चुनाव का मुख्य कारण यह था क्योंकि इसी दिन वर्ष 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था।। इस मूर्ति को स्वीकारना वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास हेतु मील के पत्थर के रूप में देखा जाता है। इस्तांबुल टर्की में अक्टूबर 1997 को बारहवीं UNWTO महासभा ने यह फैसला लिया कि प्रत्येक वर्ष संगठन के किसी एक देश को हम विश्व पर्यटन दिवस मनाने के लिए सहयोगी रख सकते हैं इसी परिकल्पना में विश्व पर्यटन दिवस वर्ष 2006 में यूरोप में 2007 में साउथ एशिया में 2008 में अमेरिका में 2009 में अफ्रीका में तथा 2011 में मध्य पूर्व क्षेत्र यह देशों में मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल विश्व पर्यटन दिवस की विषय-वस्तु तय करती है।

विश्व पर्यटन दिवस का उद्देश्य:

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विश्व में इस बात को प्रसारित तथा जागरूकता फैलाने के लिए हैं कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक रुप से, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने में तथा आपसी समझ बढ़ाने में सहायता करता है।

विश्व पर्यटन दिवस के विषय (World Tourism Day Themes):-
  • वर्ष 2018 का विषय “पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण” है।
  • वर्ष 2017 का विषय “सतत पर्यटन – विकास का साधन” था।
  • वर्ष 2016 का विषय “सभी के लिए पर्यटन – विश्वव्यापी पहुंच को बढ़ावा देना” था।
  • वर्ष 2015 का विषय “लाखों पर्यटक, लाखों अवसर” था।
  • वर्ष 2014 का विषय “पर्यटन और सामुदायिक विकास” था।
  • वर्ष 2013 का विषय “पर्यटन और जल: हमारे साझे भविष्य की रक्षा” था।
  • वर्ष 2012 का विषय “पर्यटन और ऊर्जावान स्थिरता ‘था।
  • वर्ष 2011 की विषय “पर्यटन संस्कृति को जोड़ता है” था।
  • वर्ष 2010 का विषय “पर्यटन और जैव विविधता” था।
  • वर्ष 2009 का विषय “पर्यटन – विविधता का उत्सव” था।
  • वर्ष 2008 का विषय “जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का जवाब पर्यटन” था।
  • वर्ष 2007 का विषय “पर्यटन महिलाओं के लिए दरवाजे खोलता है” था।
  • वर्ष 2006 का विषय “पर्यटन को समृद्ध बनाना”।
  • वर्ष 2005 का विषय “यात्रा और परिवहन: जूल्स वर्ने की काल्पनिकता से 21 वीं सदी की वास्तविकता तक” था।
  • वर्ष 2004 का विषय “खेल और पर्यटन: आपसी समझ वालो के लिये दो जीवित बल, संस्कृति और समाज का विकास” था।
  • वर्ष 2003 का विषय “पर्यटन: गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सामाजिक सद्भाव के लिए एक प्रेरणा शक्ति” था।
  • वर्ष 2002 का विषय “पर्यावरण पर्यटन सतत विकास के लिए कुंजी” था।
  • वर्ष 2001 का विषय “पर्यटन: सभ्यताओं के बीच शांति और संवाद के लिए एक उपकरण ” था।
  • वर्ष 2000 का विषय “प्रौद्योगिकी और प्रकृति: इक्कीसवीं सदी के प्रारंभ में पर्यटन के लिए दो चुनौतियॉं” था।
  • वर्ष 1999 का विषय था “पर्यटन: विश्व धरोहर का नयी शताब्दी के लिये संरक्षण”।
  • वर्ष 1998 का विषय “सार्वजनिक-निजी क्षेत्र भागीदारी: पर्यटन विकास और संवर्धन की कुंजी” था।
  • वर्ष 1997 का विषय “पर्यटन: इक्कीसवीं सदी की रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अग्रणी गतिविधि ” था।
  • वर्ष 1996 का विषय “पर्यटन: सहिष्णुता और शांति का एक कारक” था।
  • वर्ष 1995 का विषय “विश्व व्यापार संगठन: बीस साल से विश्व पर्यटन में सेवारत” था।
  • वर्ष 1994 का विषय “गुणवत्ता वाले कर्मचारी, गुणवत्ता पर्यटन” था।
  • वर्ष 1993 का विषय “पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण: एक स्थायी सद्भाव की ओर” था।
  • वर्ष 1992 का विषय “पर्यटन: एक बढ़ती सामाजिक और आर्थिक एकजुटता का कारक है और लोगों के बीच मुलाकात का” था।
  • वर्ष 1991 का विषय “संचार, सूचना और शिक्षा: पर्यटन विकास की शक्ति कारक” था।
  • वर्ष 1990 का विषय था “पर्यटन: एक अपरिचित उद्योग, एक मुक्त सेवा”।
  • वर्ष 1989 का विषय “पर्यटकों का मुक्त आवागमन एक दुनिया बनाता है” था।
  • वर्ष 1988 का विषय “पर्यटन: सभी के लिए शिक्षा” था।
  • वर्ष 1987 का विषय “विकास के लिए पर्यटन” था।
  • वर्ष 1986 का विषय “पर्यटन: विश्व शांति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति” था।
  • वर्ष 1985 का विषय “युवा पर्यटन: शांति और दोस्ती के लिए सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत” था।
  • वर्ष 1984 का विषय “अंतरराष्ट्रीय समझ, शांति और सहयोग के लिए पर्यटन” था।
  • वर्ष 1982 का विषय “यात्रा में गर्व: अच्छे मेहमान और अच्छे मेजबान” था।
  • वर्ष 1981 का विषय “पर्यटन और जीवन की गुणवत्ता” था।
  • वर्ष 1980 का विषय “सांस्कृतिक विरासत और शांति और आपसी समझ के संरक्षण के लिए पर्यटन का योगदान” था।

सितम्बर माह के महत्वपूर्ण दिवस की सूची - (राष्ट्रीय दिवस एवं अंतराष्ट्रीय दिवस):

तिथि दिवस का नाम - उत्सव का स्तर
02 सितम्बरविश्व नारियल दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
05 सितम्बरशिक्षक दिवस (डॉक्टर राधाकृष्ण जन्म दिवस) - राष्ट्रीय दिवस
08 सितम्बरविश्व साक्षरता दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
14 सितम्बरविश्व बन्धुत्व और क्षमायाचना दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
14 सितम्बरहिन्दी दिवस: भारत - राष्ट्रीय दिवस
15 सितम्बरअभियंता (इंजीनियर्स) दिवस - राष्ट्रीय दिवस
16 सितम्बरविश्व ओज़ोन परत संरक्षण दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
17 सितम्बरविश्वकर्मा जयंती - राष्ट्रीय दिवस
21 सितम्बरअन्तरराष्ट्रीय शांति दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
26 सितम्बरविश्व मूक बधिर दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
27 सितम्बरविश्व पर्यटन दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
29 सितम्बरविश्व हृदय दिवस - अन्तरराष्ट्रीय दिवस
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