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अन्ना चांडी का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामअन्ना चांडी (Anna Chandy)
जन्म की तारीख04 मई 1905
जन्म स्थानकेरल (भारत)
निधन तिथि20 जुलाई 1966
उपलब्धि1959 - उच्च न्यायालय की प्रथम भारतीय महिला न्यायाधीश
पेशा / देशमहिला / न्यायाधीश / भारत

अन्ना चांडी (Anna Chandy)

जस्टिस अन्ना चांडी भारत की प्रथम महिला न्यायाधीश थीं और भारत के उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश भी थी। एलिजाबेथ लेन के दशकों से पहले वह पूरे एंग्लो-सैक्सन दुनिया में पहली महिला न्यायाधीश थी। वे साल 1928 में न्यायालयी सेवा में आयीं और उन्हें सर सी.पी.रामास्वामी द्वारा जिला न्यायाधीश (मुंसिफ) के रूप में नियुक्त किया गया।

अन्ना चांडी का जन्म 04 मई 1905 को त्रिवेंद्रम,त्रावणकोर (भारत) में एक मलयाली सीरियाई ईसाई माता-पिता के यहाँ हुआ था।
अन्ना चांडी की मृत्यु 20 जुलाई 1996 को केरल, भारत में हुई थी।
वर्ष 1926 में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद, वह अपने राज्य की पहली महिला बनी थी जिसने केरल में कानून की डिग्री ली थी।
सन 1928 में अन्ना चांडी न्यायालयी सेवा में आयीं और उन्हें सर सी.पी. रामास्वामी द्वारा जो त्रावणकोर के तत्कालीन दीवान थे, ज़िला न्यायाधीश (मुंसिफ) के रूप में नियुक्त किया गया। 1929 से एक वकील के रूप में अभ्यास करते समय, वह सक्रिय रूप से महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी मूल भूमिका के कारणों को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल थीं। वे केरल उच्च न्यायालय में 9 फ़रवरी, 1959 से 5 अप्रैल, 1967 तक न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के क़ानूनी क्षेत्र में महिलाओं के कॅरियर रूपी आशाओं को जन्म दिया। उन्होंने 1931 में श्री मुलम पॉप्युलर असेंबली को चुनौती दी और 1932-34 की अवधि के लिए सफलतापूर्वक चुनी गई। अन्ना चांडी भारत में महिलाओं के अधिकारों के शुरुआती मशाल जलने वालों में से एक थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होने भारत के कानूनी क्षेत्र में महिलाओं के कैरियर रूपी आशाओं को जन्म दिया। जब 09 फरवरी 1959 को उन्हें केरल उच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया था, तब वह भारतीय उच्च न्यायालय में नियुक्त होने पहली महिला न्यायाधीश बनी थी। वह 05 अप्रैल 1967 तक उस कार्यालय में बनी रही। अपनी सेवानिवृत्ति में, चांडी ने भारत के कानून आयोग में भी काम किया और वर्ष 1973 में ‘आत्मकथा" नाम की बुक भी लिखी।

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