आशापूर्णा देवी का जीवन परिचय | Biography of Ashapoorna Devi in Hindi

आशापूर्णा देवी का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे आशापूर्णा देवी (Ashapoorna Devi) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए आशापूर्णा देवी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Ashapoorna Devi Biography and Interesting Facts in Hindi.

आशापूर्णा देवी के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नामआशापूर्णा देवी (Ashapoorna Devi)
जन्म की तारीख08 जनवरी 1909
जन्म स्थानपोटोलडांगा, कलकत्ता, भारत
निधन तिथि13 जुलाई 1995
माता व पिता का नामसरोला सुंदरी / हरेंद्र नाथ गुप्ता
उपलब्धि1967 - ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय महिला
पेशा / देशमहिला / कवि / भारत

आशापूर्णा देवी (Ashapoorna Devi)

आशापूर्णा देवी एक प्रसिद्ध बंगाली कवयित्री और उपन्यासकार थीं। इनका परिवार एक मध्यमवर्गीय परिवार था। इनके पिता एक अच्छे चित्रकार थे और इनकी माता की बांग्ला साहित्य में गहरी रुचि थी। पिता की चित्रकारी में रुचि और माँ के साहित्य प्रेम की वजह से आशापूर्णा देवी को उस समय के जाने-माने साहित्यकारों और कला शिल्पियों से निकट परिचय का अवसर मिला। उनकी प्रमुख रचनाएँ निम्न है जैसे; स्वर्णलता, प्रथम प्रतिश्रुति, प्रेम और प्रयोजन, बकुलकथा, गाछे पाता नील, जल, आगुन आदि। उन्हें 1976 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली वे पहली महिला हैं।

आशापूर्णा देवी का जन्म

आशापूर्णा जी का जन्म 08 जनवरी, 1909 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल के हुआ था। यह एक मध्यमवर्गीय परिवार से थी| इनके पिता एक चित्रकार थे और इनकी माता की बांग्ला साहित्य में गहरी रुची थी। इसके अलावा इनके तीन भाई भे थे|

आशापूर्णा देवी का निधन

आशापूर्णा देवी की मृत्यु 13 जुलाई, 1995 को (87 वर्ष) की उम्र में हुई थी।

आशापूर्णा देवी की शिक्षा

आशापूर्णा देवी के घर की महिला बच्चों को स्कूल जाने की अनुमति नहीं थी। निजी ट्यूटर केवल लड़कों के लिए नियोजित थे। ऐसा कहा जाता है कि एक शिशु के रूप में आशापूर्णा अपने भाइयों की रीडिंग उनके सामने बैठकर सुनती थी और इसी तरह उन्होंने अक्षर की पहचान करना सीखा था।

आशापूर्णा देवी का करियर

मात्र 13 वर्ष की आयु में ही आशापूर्णा देवी की लेखन यात्रा शुरू हो गयी और आजीवन वे साहित्य से जुड़ी रही। अपने लेखन करियर की शुरुआत में, आशापूर्णा ने केवल बच्चों के लिए लिखा था - छोटा ठाकुरदार काशी यात्रा (महान अंकल गोआस वाराणसी) 1938 में प्रकाशित पहला मुद्रित संस्करण था, उसके बाद उनके साहित्यिक करियर में अन्य लोगों ने भी लिखा था। 1936 में उन्होंने पहली बार वयस्कों के लिए एक कहानी लिखी, "पाटनी ओ प्रियोशी", आनंद बाज़ार पत्रिका के पूजा अंक में प्रकाशित। 1944 में प्रकाशित वयस्कों के लिए प्रेम ओ प्रयाजन उनका पहला उपन्यास था। साल 1940 में उनका पहला कहानी-संकलन “जल और जामुन” पश्चिम बंगाल से प्रकाशित हुआ था। इस अवधि के बाद से, उनका लेखन एक कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया के रूप में जारी रहा। उनके अधिकांश लेखन ने पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए एक उत्साही विरोध को चिह्नित किया, जो लिंग आधारित भेदभाव और पारंपरिक हिंदू समाज में व्याप्त संकीर्णता से उपजी असमानता और अन्याय के खिलाफ था। आशापूर्णा देवी की कहानियों ने महिलाओं पर अत्याचार का सामना किया और नए सामाजिक व्यवस्था के लिए एक उत्कट अपील की, हालांकि पश्चिमी विधा के आधुनिक सैद्धांतिक नारीवाद की सदस्यता नहीं ली। उनकी मैग्नम ऑप्स, ट्रिलॉजी प्रथम प्रतिष्ठा (1964), सुबरनोलता (1967) और बकुल कथा (1974), महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त करने के लिए एक अंतहीन संघर्ष का प्रतीक है।

पुरस्कार और सम्मान की सूची (List of Awards)

वर्षपुरस्कार और सम्मानपुरस्कार देने वाला देश एवं संस्था
1954लीला पुरस्कारकलकत्ता विश्वविद्यालय
1966भुवन मोहिनी स्वर्ण पदकभुवन मोहिनी दास
1966रवीन्द्र मेमोरियल पुरस्कारपश्चिम बंगाल सरकार
1976ज्ञानपीठ पुरस्कारभारतीय ज्ञानपीठ संगठन
1988हरनाथ घोष पदकबंगिया साहित्य परिषद
1993जगत्तारिणी स्वर्ण पदककलकत्ता विश्वविद्यालय


भारत के अन्य प्रसिद्ध कवि

व्यक्तिउपलब्धि
रविंद्रनाथ टैगोर की जीवनीनोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
अमृता प्रीतम की जीवनीसाहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित प्रथम भारतीय महिला

नीचे दिए गए प्रश्न और उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। यह भाग हमें सुझाव देता है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्नोत्तरी एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC), रेलवे (Railway), बैंकिंग (Banking) तथा अन्य परीक्षाओं में भी लाभदायक है।

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQs):


  • प्रश्न: आशापूर्ण देवी का पहला कहानी-संकलन जल और जामुन कब प्रकशित हुआ था?
    उत्तर: 1940
  • प्रश्न: आशापूर्णा देवी की लेखन यात्रा कितनी आयु में शुरू हुई थी?
    उत्तर: 13
  • प्रश्न: वर्ष 1976 में प्रथम प्रतिश्रुति के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से किसे सम्मानित किया गया था?
    उत्तर: आशापूर्ण देवी
  • प्रश्न: 1954 लीला पुरस्कार से किसे नवाजा गया था?
    उत्तर: आशापूर्ण देवी
  • प्रश्न: आशापूर्णा देवी की मृत्यु कब हुई थी?
    उत्तर: 13 जुलाई, 1995

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