बालकृष्ण शर्मा का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on April 29th, 2022 in प्रसिद्ध व्यक्ति, स्वतंत्रता सेनानी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे बालकृष्ण शर्मा (Bal Krishna Sharma Naveen) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए बालकृष्ण शर्मा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Bal Krishna Sharma Naveen Biography and Interesting Facts in Hindi.

बालकृष्ण शर्मा का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामबालकृष्ण शर्मा (Bal Krishna Sharma Naveen)
वास्तविक नामबालकृष्ण शर्मा नवीन
जन्म की तारीख08 दिसम्बर 1897
जन्म स्थानग्वालियर, मध्य प्रदेश (भारत)
निधन तिथि29 अप्रैल 1960
माता व पिता का नामराधाबाई / जमनादास शर्मा
उपलब्धि1960 - साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में 'पद्म भूषण' पुरस्कार से सम्मानित
पेशा / देशपुरुष / साहित्यकार / भारत

बालकृष्ण शर्मा (Bal Krishna Sharma Naveen)

पंडित कवि बालकृष्ण शर्मा नवीन हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध भारतीय कवि, गद्यकार और अद्वितीय वक्ता थे। पढ़ाई छोड़ने के बाद बालकृष्ण शर्मा नवीन पूरी तरह देश भक्ति के रंग में रंग गए तथा राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लेने के कारण इनकी पहली गिरफ्तारी 1921 में प्रयाग में हुई। इनके जेल के साथियों में पंडित जवाहरलाल नेहरु, राजर्षि, पुरुषोतम टंडन, देवदास गांधी आदि राष्ट्रनेता थे।

बालकृष्ण शर्मा नवीन का जन्म 08 दिसम्बर, 1897 ई. में ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ था। इनका जन्म मामूली आर्थिक साधन वाले परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम जमानादास शर्मा और माता का नाम राधाबाई था। इनके पिता वल्लभ मत के अनुयायी थे और नाथद्वारा के मन्दिरों में पुरोहिती करते थे।
देश के मशहूर कवि बालकृष्ण शर्मा मृत्यु 29 अप्रैल 1960 (आयु 62 वर्ष) को हुई थी।
घर पर गरीबी के कारण, वह अपनी औपचारिक शिक्षा केवल 11 साल की उम्र में शाजापुर के एक स्थानीय स्कूल में शुरू कर सकते थे जहाँ उन्होंने मिडिल स्कूल पूरा किया। उज्जैन में चलते हुए, उन्होंने 1917 में मैट्रिक पास किया और इस अवधि के दौरान, उन्हें प्रसिद्ध कवि माखनलाल चतुर्वेदी से मिलने का अवसर मिला, जिन्होंने उन्हें गणेश शंकर विद्यार्थी के सामने रखा, जो बाद में उन्हें प्रताप पत्रिका के संपादक के रूप में पेश किया। ग्वालियर से प्रारंभिक शिक्षा लेने के उपरांत इन्होंने उज्जैन से दसवीं और कानपुर से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। इनके उपरांत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक श्रीमती एनी बेसेंट एवं श्री गणेशशंकर “विद्यार्थी” के संपर्क में आने के बाद उन्होंने पढना छोड़ दिया था। सन 1920 ई. में बालकृष्ण शर्मा जब बी.ए. फ़ाइनल में पढ़ रहे थे, गांधीजी के ‘सत्याग्रह आन्दोलन" के आवाहन पर वे कॉलेज छोड़कर व्यावहारिक राजनीति के क्षेत्र में आ गये।
सन् 1916 ई. के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में उनकी भेंट माखनलाल चतुर्वेदी, मैथिलीशरण गुप्त एवं गणेशशंकर विद्यार्थी से हुई थी। उन्होंने साल 1921 से 1923 तक हिन्दी की राष्ट्रीय काव्य धारा को आगे बढ़ाने वाली पत्रिका ‘प्रभा" का सम्पादन भी किया था। शर्माजी के साहित्यिक जीवन की पहली रचना ‘सन्तू" नामक एक कहानी थी। उनकी नवीन का पहला कविता संग्रह ‘कुंकुम" साल 1936 में प्रकाशित हुआ था। साल 1952 से लेकर अपनी मृत्यु तक वे भारतीय संसद के भी सदस्य रहे हैं। बालकृष्ण शर्मा नवीन सन् 1955 ई. में स्थापित राजभाषा आयोग के सदस्य भी रहे है।
बालकृष्ण शर्मा नवीन को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन 1960 में ‘पद्म भूषण" से सम्मानित किया गया था।
व्यक्तिउपलब्धि
सुमित्रानंदन पंत की जीवनीज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम हिंदी साहित्यकार
गोविन्द शंकर कुरुप की जीवनीभारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रथम साहित्यकार

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: बालकृष्ण शर्मा कब अपनी बी.ए. की चल रही पढाई छोड़ के गांधीजी के सत्याग्रह आन्दोलन के आवाहन पर व्यावहारिक राजनीति के क्षेत्र में आ गये थे?
उत्तर: सन 1920 ई.
प्रश्न: वह कौन है जिसने साल 1921 से 1923 तक हिन्दी की राष्ट्रीय काव्य धारा को आगे बढ़ाने वाली पत्रिका प्रभा का संपादन किया था?
उत्तर: बालकृष्ण शर्मा
प्रश्न: बालकृष्ण शर्मा नवीन का पहला कविता संग्रह कौन-सा है जोकि 1936 में प्रकाशित हुआ था?
उत्तर: कुंकुम
प्रश्न: बालकृष्ण शर्मा नवीन को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में कब पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था?
उत्तर: बालकृष्ण शर्मा नवीन को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 1960 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
प्रश्न: राजभाषा आयोग का गठन कब किया था जिसके सदस्य बालकृष्ण शर्मा भी रहे?
उत्तर: 1955

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: बालकृष्ण शर्मा कब अपनी बी.ए. की चल रही पढाई छोड़ के गांधीजी के सत्याग्रह आन्दोलन के आवाहन पर व्यावहारिक राजनीति के क्षेत्र में आ गये थे?
Answer option:

      सन 1923 ई.

    ❌ Incorrect

      सन 1920 ई.

    ✅ Correct

      सन 1929 ई.

    ❌ Incorrect

      सन 1922 ई.

    ❌ Incorrect

प्रश्न: वह कौन है जिसने साल 1921 से 1923 तक हिन्दी की राष्ट्रीय काव्य धारा को आगे बढ़ाने वाली पत्रिका प्रभा का संपादन किया था?
Answer option:

      माखनलाल चतुर्वेदी

    ❌ Incorrect

      सुभद्राकुमारी चौहान

    ❌ Incorrect

      बालकृष्ण शर्मा

    ✅ Correct

      जवाहर लाल नेहरु

    ❌ Incorrect

प्रश्न: बालकृष्ण शर्मा नवीन का पहला कविता संग्रह कौन-सा है जोकि 1936 में प्रकाशित हुआ था?
Answer option:

      अतीत के चलचित्र

    ❌ Incorrect

      स्मरण

    ❌ Incorrect

      दीपशिखा

    ❌ Incorrect

      कुंकुम

    ✅ Correct

प्रश्न: बालकृष्ण शर्मा नवीन को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में कब पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था?
Answer option:

      1950

    ❌ Incorrect

      1960

    ✅ Correct

      1970

    ❌ Incorrect

      1920

    ❌ Incorrect

अधिक पढ़ें: भारत के शिक्षा मंत्री की सूची (वर्ष 1947 से 2021 तक)
प्रश्न: राजभाषा आयोग का गठन कब किया था जिसके सदस्य बालकृष्ण शर्मा भी रहे?
Answer option:

      1952

    ❌ Incorrect

      1951

    ❌ Incorrect

      1955

    ✅ Correct

      1957

    ❌ Incorrect

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