प्रोटीन के मुख्य स्त्रोत, उनके कार्य, मात्रा और लाभ:
प्रोटीन किसे कहते है?
प्रोटीन वास्तव में एक ग्रीक शब्द है जिसका अर्थ है– सबसे जरुरी। प्रोटीन या प्रोभूजिन एक जटिल भूयाति युक्त कार्बनिक पदार्थ है जिसका गठन कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन एवं नाइट्रोजन तत्वों के अणुओं से मिलकर होता है। कुछ प्रोटीन में इन तत्वों के अतिरिक्त आंशिक रूप से गंधक, जस्ता, ताँबा तथा फास्फोरस भी उपस्थित होता है। ये जीवद्रव्य (प्रोटोप्लाज्म) के मुख्य अवयव हैं एवं शारीरिक वृद्धि तथा विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए आवश्यक हैं। रासायनिक गठन के अनुसार प्रोटीन को सरल प्रोटीन (Simple proteins), संयुक्त प्रोटीन (Combined protein) तथा व्युत्पन्न प्रोटीन (Derived proteins) नामक तीन श्रेणियों में बांटा गया है। सरल प्रोटीन का गठन केवल अमीनो अम्ल (Amino acids) द्वारा होता है एवं संयुक्त प्रोटीन के गठन में अमीनो अम्ल के साथ कुछ अन्य पदार्थों के अणु भी संयुक्त रहते हैं। व्युत्पन्न प्रोटीन वे प्रोटीन हैं जो सरल या संयुक्त प्रोटीन के विघटन से प्राप्त होते हैं। अमीनो अम्ल के पॉलीमराईजेशन (Polymerization से बनने वाले इस पदार्थ की अणु मात्रा 10000 से अधिक होती है। प्राथमिक स्वरूप, द्वितीयक स्वरूप, तृतीयक स्वरूप और चतुष्क स्वरूप प्रोटीन के चार प्रमुख स्वरुप है।
प्रोटीन के मुख्य स्त्रोत:
1. प्रोटीन के शाकाहारी (herbivorous) मुख्य स्त्रोत:
- चना, मटर, मूंग दाल, मसूर दाल, उड़द दाल, सोयाबीन, राजमा, लोभिया, गेहूँ, मक्का, अरहर दाल, काजू, बादाम,कद्दू के बीज, सीसम, दूध
2. प्रोटीन के मांसाहारी (carnivorous) मुख्य स्त्रोत:
- मांस, मछली, अंडा, यकृत प्रोटीन
प्रोटीन खाद्य पदार्थों में बड़ी संख्या में मिलता है, जैसे: अंडा, मीट, मछली, सोयाबीन, दूध तथा दूध से बने उत्पाद आदि। पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में सोयाबीन में सबसे अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। इसमें 40 प्रतिशत से अधिक प्रोटीन होता है। 16 से 18 वर्ष के आयु वर्ग वाले लड़के, जिनका वजन 57 किलोग्राम है, उनके लिए प्रतिदिन 78 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
आवश्यक प्रोटीन और उनके कार्य:
| शारीरिक प्रोटीन | कार्य |
| एंजाइम (Enzymes) | जैव उतप्रेरक, जैव रासायनिक अभिक्रियाओं में सहायक। |
| हार्मोन्स (Hormones) | शरीर की क्रियाओं का नियमन करते हैं। |
| परिवहन प्रोटीन (Transport protein) | हीमोग्लोबिन, विभिन्न पदार्थों का परिवहन करती हैं। |
| संरचनात्मक प्रोटीन (Structural proteins) | कोशिका एवं ऊतक निर्माण करती है। |
| रक्षात्मक प्रोटीन (Protective protein) | संक्रमण में रक्षा करने में सहायक है। |
| संकुचन प्रोटीन (Contractile Protein) | ये पेशी संकुचन एवं चलन हेतु उत्तरदाई है, उदाहरण-मायोसीन, एक्टिन आदि। |
मुख्य खाद्य पदार्थ और प्रोटीन की मात्रा:
| भोज्य पदार्थ | प्रोटीन की मात्रा |
| सोयाबीन | 43.2 |
| बंगाल चना, काला चना, हरा चना, मसूर, और लाल चना | 22 |
| मूंगफली, काजू, बदाम | 23 |
| मछली | 20 |
| मांस | 22 |
| दूध (गाय ) | 3.2 |
| अंडा | 13.3(प्रति अंडा) |
| भैंस | 4.3 |
प्रोटीन के लाभ (फायदे):
- शरीर की कार्यप्रणाली को दुरूस्त रखता है।
- भूख को नियंत्रित रखता है।
- तनाव को कम करता है।
- मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- ऊतकों की मरम्मत होती है।
- वजन कम करने में सहायक।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता शक्तिशाली होती है।
- बालों और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है।
- हड्डियों, स्नायु (Ligaments) और दूसरे संयोजी ऊतकों को स्वस्थ रखने में सहायक।
- प्रोटीन से बाल, नाखुन, त्वचा, मांसपेशी, हड्डी और रक्तकोशिका बनती हैं।
- शरीर में पाए जाने वाले रसायनों, जैसे कि हार्मोन (Hormones), न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitter) और एंजाइम (Enzyme) में भी प्रोटीन है।
प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग (नुकसान):
- किडनी से संबंधित रोग।
- मूत्र में पीएच बैलेंस का बिगड़ना।
- किडनी की पथरी का खतरा।
- कुल कैलोरी का 30 प्रतिशत से अधिक सेवन नुकसानदायक।
- शरीर में कीटोन की मात्रा बढ़ जाती है जो कि एक विषैला पदार्थ है।
- अत्यधिक प्रोटीन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक और कैंसर हो सकता है।
- प्रोटीन की मात्रा बढ़ने से कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम हो जाता है जिससे शरीर को फाइबर कम मिलता है।
- प्रोटीन के मेटाबॉलिज्म से निकलने वाले व्यर्थ पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में शरीर को परेशानी होती है।
प्रोटीन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
- प्रोटीन हमारे शरीर की हर एक कोशिका में मौजूद होता है। प्रोटीन के बिना जीवन का अस्तित्व नहीं होता।
- शोध के अनुसार, प्रोटीन सबसे अधिक तृप्त करने वाला मैक्रो (macro) है, जो यह समझाने में मदद करता है कि क्यों उच्च प्रोटीन आहार वजन घटाने और वजन घटाने के रखरखाव को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
- प्रोटीन 22 अमीनो एसिड से बना होता है, जिनमें से नौ आवश्यक होते हैं, जिसका अर्थ है कि हमें उन्हें भोजन के माध्यम से प्राप्त करना होगा क्योंकि हमारा शरीर उनका उत्पादन नहीं कर सकता है।
- प्रोटीन का प्रत्येक 4 ग्राम कैलोरी प्रदान करता है।
- आपको हर दिन प्रोटीन खाना है। शरीर प्रोटीन का भंडारण नहीं कर सकता जैसे वह कार्बोहाइड्रेट (carbohydrates) और वसा (fat) कर सकता है।
- शरीर में एक प्रोटीन का जीवनकाल दो दिन का होता है।
- हमारे शरीर के वजन का लगभग पांचवां हिस्सा प्रोटीन होता है।
- चलते-फिरते या जिम के बाद, भोजन के बीच में, नाश्ते के रूप में, या सोने से ठीक पहले - प्रोटीन शेक आपके प्रोटीन सेवन को दैनिक रूप से पूरा करने का एक सुपर सुविधाजनक तरीका है।
- आप प्रोटीन पाउडर के साथ मफिन (muffins), पैनकेक (pancakes), और स्मूदी (smoothies)से पका सकते हैं।
- मॉडर्न सोर्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन (Modern Source Plant-Based Protein) में ऑर्गेनिक राइस प्रोटीन आइसोलेट, मटर प्रोटीन आइसोलेट, पोटैटो प्रोटीन और क्रैनबेरी प्रोटीन का विशिष्ट अनुपात में एक अनूठा मिश्रण होता है, जो इसे एक मजबूत अमीनो एसिड प्रोफाइल देने में मदद करता है जो शाकाहारी हैं और व्यायाम करना पसंद करते हैं।
- येलोफिन टूना (Yellowfin Tuna) में सभी मछलियों की तुलना में सबसे अधिक प्रोटीन (30 ग्राम प्रति 100 ग्राम) होता है। इसके बाद एंकोवी- anchovies (29 ग्राम), सैल्मन- salmon (27 ग्राम), हलिबूट- halibut (27 ग्राम), स्नैपर- snapper (26 ग्राम), और तिलापिया- tilapia (26 ग्राम) आते हैं।
अब संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें और देखें कि आपने क्या सीखा?
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प्रोटीन के नाम प्रश्नोत्तर (FAQs):
प्रोटीन पौधे और पशु दोनों स्रोतों में पाया जाता है। पशु स्रोतों, जैसे गोमांस, चिकन, टूना, पोल्ट्री, मछली में उच्च प्रोटीन होता है। दूसरी ओर, प्रोटीन के प्रमुख पौधों के स्रोतों में नट्स, बीज, आलू, साबुत अनाज और फलियां शामिल हैं।
हीमोग्लोबिन एक संयुक्त प्रोटीन है जिसमें ग्लोबिन नामक प्रोटीन और आयरन आयन होते हैं। लाल रक्त कोशिका में मौजूद हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है या ऊतकों तक पहुंचाता है और यह ऊतकों से फेफड़ों तक कार्बन डाइऑक्साइड भी पहुंचाता है।
क्लोरोमाइसेटिन एक एंटीबायोटिक है जो बैक्टीरिया के विकास को रोकता है। यह बैक्टीरिया द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रोटीन के संश्लेषण को रोककर ऐसा करता है। यह बैक्टीरिया को सीधे नहीं मारता है, लेकिन उनके गुणन को रोकता है, और अंततः संक्रमण को मार देता है।
मानव बाल और नाखूनों में पाए जाने वाले प्रोटीन को किरेटिन के रूप में जाना जाता है और इस तरह के प्रोटीन केटेटिनोसाइट्स के रूप में जाने जाने वाले कोशिकाओं से निकलते हैं।
हीमोग्लोबिन रुधिर की लाल रक्त कणिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जिसमें लोहा पाया जाता है। यह टेट्रामेर प्रोटीन होता है जिसमें 4 श्रृंखलाएं c2 B2 होती है।