खुदीराम बोस का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on December 3rd, 2021 in प्रसिद्ध व्यक्ति, स्वतंत्रता सेनानी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे खुदीराम बोस (Khudiram Bose) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए खुदीराम बोस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Khudiram Bose Biography and Interesting Facts in Hindi.

खुदीराम बोस का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामखुदीराम बोस (Khudiram Bose)
जन्म की तारीख03 दिसम्बर 1889
जन्म स्थानमिदनापुर ज़िला, बंगाल (भारत)
निधन तिथि11 अगस्त 1908
माता व पिता का नामलक्ष्मीप्रिय देवी / त्रैलोक्य नाथ बोस
उपलब्धि - रिवोल्यूशनरी पार्टी के सदस्य
पेशा / देशपुरुष / स्वतंत्रता सेनानी / भारत

खुदीराम बोस (Khudiram Bose)

खुदीराम बोस केवल 19 साल की उम्र में हिन्दुस्तान की आज़ादी के लिये फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी थे। खुदीराम बोस राजनीतिक गतिविधियों में स्कूल के दिनों से ही भाग लेने लगे थे। उन दिनों अंग्रेज़ों से छोटे-छोटे हिन्दुस्तानी स्कूली बच्चे भी नफ़रत किया करते थे। वे जलसे जलूसों में शामिल होते थे तथा अंग्रेज़ी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ नारे लगाते थे।

खुदीराम बोस का जन्म 03 दिसम्बर 1889 को हबीबपुर गाँव, मिदानपुर जिला, बंगाल (भारत) में हुआ था। इनके पिता का नाम त्रैलोक्य नाथ बोस तथा माता का नाम लक्ष्मीप्रिय देवी था। इनके पिता नेरजोल में तहसीलदार के रूप में कार्य करते थे। इनके माता पिता की चार औलाद थी ये अपने माता पिता के तीन बेटियों के बाद परिवार में चौथा बच्चा थे। इनकी बड़ी बहन का नाम अपर्पा रॉय था।
11 अगस्त, 1908 को इस वीर क्रांतिकारी को फाँसी पर चढा़ दिया गया था। जब खुदीराम शहीद हुए थे, तब उनकी आयु 19 वर्ष थी। खुदीराम को मुजफ्फरपुर, बंगाल प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत अब बिहार ,भारत में किंग्सफोर्ड की हत्या करने के कारण न्यायालय ने इन्हें फासी की फाँसी के बाद खुदीराम इतने लोकप्रिय हो गये कि बंगाल के जुलाहे एक खास किस्म की धोती बुनने लगे।
जब वह छह साल के थे, तब उन्होंने अपनी माँ को खो दिया था। एक साल बाद उनके पिता का निधन हो गया। अपर्पा रॉय, उनकी बड़ी बहन, उन्हें दासपुर पुलिस स्टेशन के तहत हाटगाछा गांव में अपने घर ले आईं। अरुप्पा के पति अमृतलाल रॉय ने उन्हें तमलुक के हैमिल्टन हाई स्कूल में दाखिला दिलाया। लेकिन बाद में वे एक शहीद के रूप में प्रसिद्ध हुए।
1902 और 1903 में, श्री अरबिंदो और सिस्टर निवेदिता ने मिदनापुर का दौरा किया। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए मौजूदा क्रांतिकारी समूहों के साथ सार्वजनिक व्याख्यान और निजी सत्र की एक श्रृंखला आयोजित की। एक किशोर, खुदीराम, क्रांति के बारे में चर्चा में एक सक्रिय भागीदार था। वह 15 साल की उम्र में स्वयंसेवक बन गए, और उन्हें भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ पर्चे बांटने के लिए गिरफ्तार किया गया। 16 साल की छोटी उम्र में, खुदीराम ने पुलिस स्टेशनों के पास बम लगाने में भाग लिया और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया। 1907 में, बरिंद्र कुमार घोष ने निर्वासन में रूसी क्रांतिकारी निकोलस सफ्रांस्की से बम बनाने की तकनीक सीखने के लिए अपने सहयोगी हेमचंद्र कानूनगो के पेरिस जाने की व्यवस्था की। बंगाल लौटने के बाद, हेमचंद्र और बरिंद्र कुमार ने फिर से सहयोग किया और डगलस किंग्सफोर्ड को अगले लक्ष्य के रूप में चुना। 1905 में बंगाल के विभाजन (बंग-भंग) के विरोध में चलाये गये आन्दोलन में उन्होंने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया था। ऐसा माना जाता है की वह सबसे कम उम्र के क्रन्तिकारी थे, जिन्हें फांसी दी गई थी। 28 फरवरी 1906 को खुदीराम बोस गिरफ्तार कर लिये गये लेकिन वह कैद से भाग निकले। 28 फरवरी 1906 को खुदीराम बोस गिरफ्तार कर लिये गये लेकिन वह कैद से भाग निकले। खुदीराम ने अपने शब्दों में, पुलिस की विशेष शाखा द्वारा, गिरफ्तारी के समय (जिसे अपडेट किया गया था) एक बयान दिया, इससे पहले कि उसे फांसी दी जाती: "मैं बचपन में शरारती था। (लेकिन जब मैंने मिदनापुर कॉलेजिएट स्कूल में प्रवेश किया था)। मुझे बदल दिया ”।
उनके सम्मान में कई स्थानो के नाम उनके नाम पर रखे गए हैं, जिनमें खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज - 1965 में कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत में एक अंडरग्रेजुएट कॉलेज के रूप में स्थापित हुआ। यह कला और वाणिज्य में केवल पाठ्यक्रम प्रदान करता है। यह कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध है। शाहिद खुदीराम स्टेशन - कोलकाता में गरिया के पास एक मेट्रो रेलवे स्टेशन। शहीद खुदीराम बोस अस्पताल - नगर पालिका पार्क के पास बीटी रोड पर एक अस्पताल। खुदीराम बोस मेमोरियल सेंट्रल जेल - मुज़फ़्फ़रपुर जेल, जहाँ स्वतंत्रता सेनानी को 11 अगस्त 1908 को कैद कर लिया गया था और उनका नाम बदल दिया गया था। साहिद खुदीराम शिक्षा प्रांगण - कोलकाता विश्वविद्यालय, कोलकाता के स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए एक विश्वविद्यालय परिसर। इसे अलीपुर परिसर के रूप में भी जाना जाता है। खुदीराम अनुशीलन केंद्र - कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंदौर स्टेडियम के निकट स्थित है। खुदीराम बोस पूसा रेलवे स्टेशन
व्यक्तिउपलब्धि
लक्ष्मी सहगल की जीवनीअस्थायी आज़ाद हिंद सरकार की कैबिनेट में पहली महिला सदस्य
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शहीद उधम सिंह की जीवनीजलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शी
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अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ाँ की जीवनीभारतीय स्वतंत्रता सेनानी

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: खुदीराम बोस ने कब बंगाल के विभाजन (बंग-भंग) के विरोध में चलाये गये आन्दोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था?
उत्तर: 1905
प्रश्न: खुदीराम बोस को कब गिरफ्तार किया गया था?
उत्तर: 28 फरवरी 1906
प्रश्न: 06 दिसंबर 1907 को किसने नारायणगढ़ रेलवे स्टेशन पर बंगाल के गवर्नर की विशेष ट्रेन पर हमला किया था?
उत्तर: खुदीराम बोस
प्रश्न: खुदीराम बोस को फाँसी पर कब चढा़या गया था?
उत्तर: 11 अगस्त, 1908
प्रश्न: जब खुदीराम शहीद हुए थे तब उनकी आयु कितनी थी?
उत्तर: 19 वर्ष

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: खुदीराम बोस ने कब बंगाल के विभाजन (बंग-भंग) के विरोध में चलाये गये आन्दोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था?
Answer option:

      1908

    ❌ Incorrect

      1907

    ❌ Incorrect

      1905

    ✅ Correct

      1902

    ❌ Incorrect

प्रश्न: खुदीराम बोस को कब गिरफ्तार किया गया था?
Answer option:

      29 जनवरी 1906

    ❌ Incorrect

      28 फरवरी 1906

    ✅ Correct

      20 मार्च 1906

    ❌ Incorrect

      28 फरवरी 1905

    ❌ Incorrect

प्रश्न: 06 दिसंबर 1907 को किसने नारायणगढ़ रेलवे स्टेशन पर बंगाल के गवर्नर की विशेष ट्रेन पर हमला किया था?
Answer option:

      खुदीराम बोस

    ✅ Correct

      नाना साहब

    ❌ Incorrect

      अमरचंद बांठिया

    ❌ Incorrect

      मंगल पांडे

    ❌ Incorrect

प्रश्न: खुदीराम बोस को फाँसी पर कब चढा़या गया था?
Answer option:

      12 अगस्त, 1908

    ❌ Incorrect

      11 अगस्त, 1908

    ✅ Correct

      15 अगस्त, 1947

    ❌ Incorrect

      11 सितम्बर, 1908

    ❌ Incorrect

प्रश्न: जब खुदीराम शहीद हुए थे तब उनकी आयु कितनी थी?
Answer option:

      29 वर्ष

    ❌ Incorrect

      24 वर्ष

    ❌ Incorrect

      19 वर्ष

    ✅ Correct

      20 वर्ष

    ❌ Incorrect

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