रास बिहारी बोस का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

✅ Published on May 25th, 2021 in प्रसिद्ध व्यक्ति, स्वतंत्रता सेनानी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे रास बिहारी बोस (Rash Behari Bose) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए रास बिहारी बोस से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Rash Behari Bose Biography and Interesting Facts in Hindi.

रास बिहारी बोस का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

नामरास बिहारी बोस (Rash Behari Bose)
जन्म की तारीख25 मई 1886
जन्म स्थानवर्धमान ज़िला, पश्चिम बंगाल (भारत)
निधन तिथि21 जनवरी 1945
माता व पिता का नामभुवनेश्वरी देवी / विनोद बिहारी बोस
उपलब्धि1937 - भारतीय स्वातंय संघ के संस्थापक
पेशा / देशपुरुष / स्वतंत्रता सेनानी / भारत

रास बिहारी बोस (Rash Behari Bose)

रास बिहारी बोस एक भारतीय क्रान्तिकारी थे, जिन्होने अंग्रेजी हुकुमत के विरुद्ध ‘गदर" एवं ‘आजाद हिन्द फौज" के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न सिर्फ देश के अन्दर बल्कि दूसरे देशों में भी रहकर अँगरेज़ सरकार के विरुद्ध क्रान्तिकारी गतिविधियों का संचालन किया और ताउम्र भारत को स्वतन्त्रता दिलाने का प्रयास करते रहे।

रास बिहारी बोस का जन्म 25 मई 1886 को सुबालदह ग्राम, बर्धमान जिला, पश्चिम बंगाल में हुआ था। इनके पिता का नाम विनोद बिहारी बोस था।
रास बिहारी बोस का निधन 21 जनवरी 1945 (आयु 58 वर्ष) को टोक्यो , जापान में स्वास्थ्य में गिरावट आने के कारण हुई थी।
रासबिहारी बोस और सुशीला सरकार (उनकी बहन) के बचपन का मुख्य हिस्सा सुबुधा गाँव में व्यतीत हुआ था। वे इस गाँव में मैडम बिदुमुखी और उनके पैतृक घर में रहते थे। बिधुमुखी अपने प्रारंभिक जीवन से ही विधवा थी। बिधुमुखी कालीचरण बोस की भाभी थीं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा उनके दादा, कालीचरण बोस की देखरेख में, गाँव पथसला (वर्तमान में "सुबलदाह राशबिहारी बोस एफ.पी. स्कूल") में पूरी हुई। राश बिहारी बोस ने सुबालदहा में अपने बच्चे में लाठी खेत की शिक्षा प्राप्त की। उन्हें अपने दादा सुबलदाहा में दादाजी से कहानियों को सुनने के लिए क्रांतिकारी आंदोलन की प्रेरणा मिली। वह सभी ग्रामीणों का वंशज था। उसका उपनाम रसू था। वह जिद्दी था और गाँव वाले उसे बहुत प्यार करते थे। ग्रामीणों से सुना जाता है कि वह 12 या 14 साल की उम्र तक सुबलदाहा में था। उनके पिता, बिनोद बिहारी बोस, कुछ वर्षों के लिए हुगली जिले में तैनात थे। बोस ने अपने दोस्त श्रीश चंद्र घोष के साथ डुप्लेक्स कॉलेज में पढ़ाई की। प्रिंसिपल चारु चंद्र रॉय ने उन्हें क्रांतिकारी राजनीति में प्रेरित किया। बाद में वह कोलकाता में "मॉर्टन स्कूल" में शामिल हो गए। बाद में बोस ने चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ फ्रांस और जर्मनी से इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की।
क्रान्तिकारी रासबिहारी बोस का उपनाम रसू था। वह अपने जीवन के शुरुआती दिनों से ही क्रांतिकारी गतिविधियों में रुचि रखते थे, उन्होंने (1908) के अलीपुर बम केस के मुकदमों से बचने के लिए बंगाल छोड़ दिया। देहरादून में उन्होंने वन अनुसंधान संस्थान में हेड क्लर्क के रूप में काम किया। वहाँ, जतिन मुखर्जी (बाघा जतिन) के नेतृत्व में जुगन्तर के अमरेंद्र चटर्जी के माध्यम से, वह गुप्त रूप से बंगाल के क्रांतिकारियों के साथ जुड़ गए। उन्होंने ही सन् 1912 में वाइसराय लार्ड हार्डिंग पर बम फेंका था। ब्रिटिश खुफिया पुलिस ने रासबिहारी बोस को भी पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वे उन्हें नही पकड़ सके थे। 1915 में राजा पी. एन. टैगोर के नाम से जापान के शहर शंघाई में पहुँचे और वहाँ रहकर भारत देश की आजादी के लिये काम करने लगे थे। क्रान्तिकारी रासबिहारी बोस ने अंग्रेजी हुकुमत के विरुद्ध ‘गदर" एवं ‘आजाद हिन्द फौज" के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आई०एन०ए० का गठन रासबिहारी बोस की इण्डियन नेशनल लीग की सैन्य शाखा के रूप में सितम्बर 1942 को किया गया था। 1923 में एक पत्रकार और लेखक के रूप में रहने वाले एक जापानी नागरिक बन गए। बोस ने 28-30 मार्च 1942 को टोक्यो में एक सम्मेलन बुलाया, जिसमें इंडियन इंडिपेंडेंस लीग की स्थापना का निर्णय लिया गया। सम्मेलन में, उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता के लिए सेना जुटाने के लिए एक प्रस्ताव रखा। उन्होंने 22 जून 1942 को बैंकॉक में लीग का दूसरा सम्मेलन आयोजित किया। यह इस सम्मेलन में था कि सुभाष चंद्र बोस को लीग में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने और इसके अध्यक्ष के रूप में कमान लेने के लिए एक प्रस्ताव अपनाया गया था। सितंबर 1942 को राश बिहारी बोस की भारतीय सेना के रूप में गठित इंडियन इंडिपेंडेंस लीग में शामिल होने और इंडियन नेशनल आर्मी (INA) के सैनिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। नेशनल लीग। उन्होंने आज़ाद हिंद आंदोलन के लिए झंडा चुना और झंडा सुभाष चंद्र बोस को सौंप दिया। और रास बिहारी बोस ने भारतीय राष्ट्रीय सेना (जिसे "आजाद हिंद फौज" भी कहा जाता है) का निर्माण किया।
उनकी मृत्यु से पहले, जापानी सरकार ने उन्हें ऑर्डर ऑफ द राइजिंग सन (द्वितीय श्रेणी) से सम्मानित किया था। 26 दिसंबर, 1967 को, डाक और तार विभाग ने राश बिहारी बोस के सम्मान में एक विशेष डाक टिकट जारी किया।
व्यक्तिउपलब्धि
लक्ष्मी सहगल की जीवनीअस्थायी आज़ाद हिंद सरकार की कैबिनेट में पहली महिला सदस्य
अरुणा आसफ अली की जीवनीसंयुक्त राष्ट्रसंघ महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष
लाला हरदयाल की जीवनीग़दर पार्टी के संस्थापक
राम मनोहर लोहिया की जीवनीहिन्द किसान पंचायत' के अध्यक्ष
जयप्रकाश नारायण की जीवनीऑल इंडिया कांग्रेस सोशलिस्ट के संस्थापक
शहीद भगत सिंह की जीवनीभारतीय समाजवादी युवा संगठन
मैडम भीकाजी कामा की जीवनीभारत में प्रथम क्रान्तिकारी महिला
बहादुर शाह जफर की जीवनीमुग़ल साम्राज्य के अंतिम बादशाह
बाल गंगाधर तिलक की जीवनीफर्ग्युसन कॉलेज की स्थापना
शहीद उधम सिंह की जीवनीजलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शी
भीमराव अम्बेडकर की जीवनीआजाद भारत के पहले कानून मंत्री एवं न्याय मंत्री
लाला लाजपत राय की जीवनीपंजाब नेशनल बैंक के संस्थापक
चंद्रशेखर आजाद की जीवनीहिदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख नेता
मंगल पांडे की जीवनीस्वतंत्रता सेनानी
स्वामी विवेकानंद की जीवनीविश्व धर्म परिषद् के भारतीय प्रतिनिधि
अल्लूरी सीताराम राजू की जीवनीभारतीय क्रांतिकारी
रानी लक्ष्मीबाई की जीवनीझांसी राज्य की रानी
वीर सावरकर की जीवनीअभिनव भारत संगठन के संस्थापक
बिपिन चंद्र पाल की जीवनीन्यू इंडिया नामक अंग्रेजी पत्रिका के संपादक
सुखदेव थापर की जीवनीनौजवान भारत सभा के संस्थापक
फखरुद्दीन अली अहमद की जीवनीभारत के पांचवे राष्ट्रपति
मोतीलाल नेहरू की जीवनीस्वराज पार्टी के पहले सचिव एवं अध्यक्ष
तात्या टोपे की जीवनीप्रथम स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी
सागरमल गोपा की जीवनीप्रसिद्ध पुस्तक 'जैसलमेर में गुण्डाराज' के लेखक
पुष्पलता दास की जीवनीखादी और ग्रामोद्योग आयोग की अध्यक्ष
शिवराम राजगुरु की जीवनीदिल्ली सेंट्रल असेम्बली में हमला
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जीवनीआजाद हिन्द फौज के संस्थापक
राम प्रसाद बिस्मिल की जीवनीकाकोरी कांड के सदस्य
अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ाँ की जीवनीभारतीय स्वतंत्रता सेनानी
खुदीराम बोस की जीवनीरिवोल्यूशनरी पार्टी के सदस्य

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

प्रश्न: क्रान्तिकारी रासबिहारी बोस ने कब वाइसराय लार्ड हार्डिंग पर बम फेंका था?
उत्तर: 1912
प्रश्न: रासबिहारी बोस की इण्डियन नेशनल लीग की सैन्य शाखा के रूप आई०एन०ए० का गठन कब किया गया था?
उत्तर: सितम्बर 1942
प्रश्न: 21 जनवरी 1945 को किस महान देशभक्त और क्रांतिकारी का देहांत हुआ था?
उत्तर: रासबिहारी बोस
प्रश्न: रासबिहारी बोस बचपन से ही क्या स्वप्न देखा करते थे?
उत्तर: देश की स्वतन्त्रता के
प्रश्न: रासबिहारी बोस के पिता का क्या नाम था?
उत्तर: विनोद बिहारी बोस

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी:

प्रश्न: क्रान्तिकारी रासबिहारी बोस ने कब वाइसराय लार्ड हार्डिंग पर बम फेंका था?
Answer option:

      1911

    ❌ Incorrect

      1917

    ❌ Incorrect

      1913

    ❌ Incorrect

      1912

    ✅ Correct

प्रश्न: रासबिहारी बोस की इण्डियन नेशनल लीग की सैन्य शाखा के रूप आई०एन०ए० का गठन कब किया गया था?
Answer option:

      सितम्बर 1946

    ❌ Incorrect

      अक्टूबर 1942

    ❌ Incorrect

      नवंबर 1952

    ❌ Incorrect

      सितम्बर 1942

    ✅ Correct

प्रश्न: 21 जनवरी 1945 को किस महान देशभक्त और क्रांतिकारी का देहांत हुआ था?
Answer option:

      रासबिहारी बोस

    ✅ Correct

      श्यामजी कृष्ण वर्मा

    ❌ Incorrect

      खुदीराम बोस

    ❌ Incorrect

      अश्फ़खुल्ला खां

    ❌ Incorrect

प्रश्न: रासबिहारी बोस बचपन से ही क्या स्वप्न देखा करते थे?
Answer option:

      देश की स्वतन्त्रता के

    ✅ Correct

      शादी का

    ❌ Incorrect

      देश की बदनामी का

    ❌ Incorrect

      सरकारी नौकरी का

    ❌ Incorrect

प्रश्न: रासबिहारी बोस के पिता का क्या नाम था?
Answer option:

      लाल लाजपत राय

    ❌ Incorrect

      जवाहलाल नेहरु

    ❌ Incorrect

      विनोद खन्ना

    ❌ Incorrect

      विनोद बिहारी बोस

    ✅ Correct

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