भारतीय संविधान की अनुसूचियां और उनसे सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य: 

द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद जुलाई 1945 में ब्रिटेन ने भारत संबन्धी अपनी नई नीति की घोषणा की तथा भारत की संविधान सभा के निर्माण के लिए एक कैबिनेट मिशन भारत भेजा जिसमें ३ मंत्री थे। 15 अगस्त 1947 को भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से आरम्भ कर दिया। संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे।

जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। इस संविधान सभा ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन मे कुल 114 दिन बैठक की। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी। भारत के संविधान के निर्माण में डॉ भीमराव अम्बेडकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इसलिए उन्हें 'संविधान का निर्माता' कहा जाता है।

अनुसूची किसे कहते है ?

भारतीय  संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान होने के साथ-साथ विश्व के सबसे बड़े न्यायिक संविधानों में से एक है। यह भारत की संघात्मक संरचना की रीड है। प्रत्येक संघात्मक देश में शक्ति और कार्य क्षेत्र को लेकर राज्य सरकार और संघ की सरकार के मध्य विवाद उत्पन्न होने की संभावना रहती है और इन विवाद की संभावनाओ से बचने के लिए भारतीय संविधान निर्माताओं ने राज्य सरकार और संघ की सरकार के कार्य क्षेत्र और उनके अधिकारो की सूची बनाई है जिसे अनुसूची कहा जाता है।

शुरुआत में इन अनुसूचियों की संख्या 8 थी, परंतु समय बीतने के साथ राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कार्य क्षेत्र में वृद्धि होने के कारण इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। 

आइये जाने भारतीय संविधान की अनुसूचियों की सूची:-

अनुसूची विषय वस्तु संबंधित अनुच्छेद
पहली अनुसूची इनमें भारतीय राज व्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों के वेतन भत्ते और 1 से 4
दूसरी अनुसूची इनमें भारतीय राज व्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों के वेतन भत्ते और पेंशन आदि का उल्लेख- 1.भारत के राष्ट्रपति 2.राज्यों के राज्यपाल 3.लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष 4.राज्यसभा के सभापति और उपसभापति 5.राज्य विधानसभाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष 6.राज्य विधान परिषदों के सभापति और उपसभापति 7.सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 8.उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश 9.भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक 59, 65, 75, 97, 125, 148, 158, 164, 186, एवं 221
तीसरी अनुसूची इसमें विभिन्न उम्मीदवारों द्वारा ली जाने वाली शपथ या प्रतिज्ञान के प्रारूप दिए गये हैं-  1.सघं के मंत्री 2.संसद के लिए निर्वाचन हेतु अभ्यर्थी 3.संसद के सदस्य 4.सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 5.भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक 6.राज्य मंत्री 7.राज्य विधानमंडल के लिए निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी 8.राज्य विधानमंडल के सदस्य 9.उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश 75, 84, 99,124, 146, 173, 188, और 219
चौथी अनुसूची राज्यों तथा संघशासित क्षेत्रों के लिए राज्यसभा में सीटों के आवंटन का उल्लेख। 4 एवं 80
पाँचवी अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों के एवं अनुसूचित जनजाति के प्रशासन बारे में उल्लेख। 244
छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा तथा मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन का उल्लेख। 244 एवं 275
सातवीं अनुसूची संघ सूची (मूल रूप से 97 वर्तमान में 100), राज्य सूची (मूल रूप से 66 वर्तमान में 61) और समवर्ती सूची (मूल रूप से 47 वर्तमान में 52) के संदर्भ में राज्य और केंद्र के मध्य शक्तियों का विभाजन 246
आठवीं अनुसूची संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाएँ (मूल रूप से वर्तमान में 22) असमिया, बांग्ला, बोडो, डोगरी, गुजरती, हिन्दी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओडिया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिंधी, तमिल, तेलुगू और उर्दू का उल्लेख। 344 एवं 351
नौवीं अनुसूची भू-सुधारों और जमींदारी प्रणाली के उन्मूलन से संबंधित राज्य विधानमंडलों और अन्य मामलों से संसद के अधिनियम और विनियम वर्ष 2007 में उच्चतम न्यायालय के निर्णय दिया, कि इस अनुसूची में 24, अप्रैल 1975 केबाद सम्मिलित कानूनों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है। 31 ख
दसवीं अनुसूची दल-बदल से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख इस संविधान में 52वें संशोधन, 1985 के द्वारा जोड़ी गई है। 102 एवं 191
ग्यारहवीं अनुसूची पंचायत की शक्तियाँ, प्राधिकार एवं जिम्मेंदारियाँ इसमें 29 विषय हैं जोकि 73वें संविधान संसोधन में जोड़े गए है। 243 छ
बाहरवीं अनुसूची नगरपालिकाओं की शक्तियाँ प्राधिकार एवं जिम्मेदारियाँ इसे 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा जोड़ा गया। 243 ब

अब संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें और देखें कि आपने क्या सीखा?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद से संबंधित प्रश्न उत्तर 🔗

यह भी पढ़ें:

भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ प्रश्नोत्तर (FAQs):

भारत के संविधान में कुल मिलाकर 12 अनुसूचियाँ हैं। ये अनुसूचियाँ विभिन्न विषयों पर संविधान के संशोधन या आनुपातिक विवरण प्रस्तुत करती हैं, जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची, भाषाओं की सूची, जनजातियों की सूची, अनुसूचित जातियों की सूची आदि।

संविधान के अनुच्छेद 243(डी) के तहत, पंचायतों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित हैं। इस लेख के अनुसार, पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत, तालुका पंचायत और जिला परिषद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें होती हैं

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची भारत की भाषाओं से संबंधित है। इस अनुसूची में 22 भारतीय भाषाओं को शामिल किया गया है।इसके बाद, कोंकणी भाषा, मणिपुरी भाषा, और नेपाली भाषा को 1992 ई. में जोड़ा गया। हाल में 2003 में बोड़ो भाषा, डोगरी भाषा, मैथिली भाषा, और संथाली भाषा शामिल किए गए

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची भारत की भाषाओं से संबंधित है। प्रारंभ में 14 भाषाओं को संवैधानिक मान्यता दी गई, बाद में इसमें 21वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम 1967 में सिंधी भाषा, 71वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम 1992 ई. में कोंकणी भाषा, मणिपुरी भाषा और नेपाली भाषा को जोड़ा गया।

भारत के संविधान ने इस जिम्मेदारी का अधिकार राष्ट्रपति को दिया है। राष्ट्रपति के पास अनुसूचित जातियों की पहचान करने, पंजीकरण करने और सूची तैयार करने की शक्ति है। इसके लिए राष्ट्रपति स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राज्य अनुसूचित जाति आयोग की सहायता ली जाती है।

  Last update :  Tue 21 Mar 2023
  Download :  PDF
  Post Views :  14850