मदन लाल ढींगरा का जीवन परिचय | Biography of Madan Lal Dhingra in Hindi

मदन लाल ढींगरा का जीवन परिचय एवं उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

इस अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे मदन लाल ढींगरा (Madan Lal Dhingra) से जुड़े महत्वपूर्ण एवं रोचक तथ्य जैसे उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा तथा करियर, उपलब्धि तथा सम्मानित पुरस्कार और भी अन्य जानकारियाँ। इस विषय में दिए गए मदन लाल ढींगरा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्रित किया गया है जिसे पढ़कर आपको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी। Madan Lal Dhingra Biography and Interesting Facts in Hindi.

मदन लाल ढींगरा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

नाममदन लाल ढींगरा (Madan Lal Dhingra)
जन्म की तारीख18 फरवरी 1883
जन्म स्थानअमृतसर (भारत)
निधन तिथि17 अगस्त 1909
पिता का नाम दित्तामल
उपलब्धि - अभिनव भारत के सदस्य
पेशा / देशपुरुष / क्रांतिकारी / भारत

मदन लाल ढींगरा (Madan Lal Dhingra)

मदन लाल ढींगरा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान् क्रान्तिकारी थे। स्वतंत्र भारत के निर्माण के लिए भारत-माता के कितने शूरवीरों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था, उन्हीं महान् शूरवीरों में ‘अमर शहीद मदन लाल ढींगरा" का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखे जाने योग्य है।

मदन लाल ढींगरा का जन्म

मदन लाल ढींगरा का जन्म 18 फरवरी 1883 को अमृतसर(भारत) में हुआ था। इनके पिता का नाम गीता मल ढींगरा था। इनके पिता एक सिविल सर्जन थे और अंग्रेजी रंग में पूरी तरह रंगे हुए थे। ये अपने माता पिता की सात संतानों में से छटे थे इनकी एक बहन भी थी।

मदन लाल ढींगरा का निधन

मदन लाल ढींगरा की मृत्यु 17 अगस्त 1909 (आयु 25 वर्ष) को लंदन , इंग्लैंड , यूनाइटेड किंगडम में पेंटोनविले जेल में फांसी होने के कारण हुई।

मदन लाल ढींगरा की शिक्षा

मदन लाल ढींगरा ने 1900 तक एमबी इंटरमीडिएट कॉलेज अमृतसर में पढ़ाई की। उसके बाद वे गवर्नमेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए लाहौर चले गए। यहां, वह उस उग्र राष्ट्रवादी आंदोलन से प्रभावित थे, जो उस समय स्वतंत्रता के बजाय होम रूल की मांग कर रहा था। सन 1906 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने इंग्लैण्ड चले गये जहाँ उन्होंने यूनिवर्सिटी कालेज लन्दन में यांत्रिकी अभियांत्रिकी में प्रवेश ले लिया था। जहाँ उनके बड़े भाई ने उनके खर्चों का भुगतान किया था।

मदन लाल ढींगरा का करियर

मदन लाल विशेष रूप से भारत की गरीबी से परेशान थे। उन्होंने भारतीय गरीबी और अकाल के कारणों के बारे में साहित्य का विस्तार से अध्ययन किया और महसूस किया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रमुख मुद्दे स्वराज (स्व-शासन) और स्वदेशी हैं। उन्होंने पाया कि औपनिवेशिक सरकार की औद्योगिक और वित्त नीतियों को स्थानीय उद्योग को दबाने और ब्रिटिश आयातों की खरीद के पक्ष में बनाया गया था, जिसमें से उन्हें लगा कि यह भारत में आर्थिक विकास की कमी का एक प्रमुख कारण है। ढींगरा ने विशेष रूप से स्वदेशी आंदोलन को अपनाया, जो ब्रिटिश (और अन्य विदेशी) सामानों का बहिष्कार करते हुए भारतीय उद्योग और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के बारे में था। किसी भारतीय द्वारा ब्रिटेन में की गयी यह पहली राजनितिक हत्या मदनलाल ने की थी। इन्होने नारा दिया था कि- ‘देश की पूजा ही राम की पूजा है‘। 1904 में, मास्टर ऑफ आर्ट्स कार्यक्रम में एक छात्र के रूप में, ढींगरा ने प्रिंसिपल के आदेश के खिलाफ एक छात्र विरोध का नेतृत्व किया, जो कॉलेज ब्लेज़र ब्रिटेन से आयातित कपड़े से बना था। उन्हें इसके लिए कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया था। इस प्रकार, अपने निष्कासन के बाद, ढींगरा ने शिमला पहाड़ियों के तल पर कालका में एक क्लर्क की नौकरी की, एक फर्म में जो ब्रिटिश परिवारों को गर्मियों के महीनों के लिए शिमला ले जाने के लिए ताँगा गाड़ी सेवा चलाता था। विद्रोह के लिए बर्खास्त होने के बाद, उन्होंने एक कारखाना मजदूर के रूप में काम किया। यहाँ, उन्होंने एक संघ को संगठित करने का प्रयास किया, लेकिन प्रयास करने के कारण उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। वह बॉम्बे चले गए और वहां कुछ समय के लिए काम किया, फिर से निचले स्तर की नौकरियों में। अब तक, उनका परिवार उनके बारे में गंभीर रूप से चिंतित था 1 जुलाई 1909 की शाम को, ढींगरा, बड़ी संख्या में भारतीयों और अंग्रेजों के साथ इंपीरियल इंस्टीट्यूट में इंडियन नेशनल एसोसिएशन द्वारा आयोजित वार्षिक "एट होम" समारोह में भाग लेने के लिए एकत्र हुए थे।

मदन लाल ढींगरा के पुरस्कार और सम्मान

इनका स्मारक अजमेर में रेलवे स्टेशन के ठीक सामने है। फिल्म वीर सावरकर में, अभिनेता पंकज बेरी ने मदन लाल ढींगरा को चित्रित किया गया है।

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व्यक्तिउपलब्धि

नीचे दिए गए प्रश्न और उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। यह भाग हमें सुझाव देता है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह प्रश्नोत्तरी एसएससी (SSC), यूपीएससी (UPSC), रेलवे (Railway), बैंकिंग (Banking) तथा अन्य परीक्षाओं में भी लाभदायक है।

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQs):


  • प्रश्न: जुलाई 1909 को किसने एक समारोह में कर्जन वायली को गोली मार दी जिससे कुछ दिनों बाद उसकी मृत्यु हो गयी थी?
    उत्तर: मदन लाल ढींगरा
  • प्रश्न: अदालत ने मदन लाल को फांसी पर लटकाने की सजा कब सुनाई थी?
    उत्तर: 23 जुलाई 1909
  • प्रश्न: 17 अगस्त 1909 को किस देशभक्त को जो की 22 वर्षीय था फांसी पर लटकाया गया था?
    उत्तर: मदन लाल ढींगरा
  • प्रश्न: मदन लाल ढींगरा का स्मारक कहाँ पर स्थित है?
    उत्तर: अजमेर में
  • प्रश्न: यह नारा किसका दिया हुआ है 'देश की पूजा ही राम की पूजा है'?
    उत्तर: मदन लाल ढींगरा

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