बिहार का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम बिहार (Bihar) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त बिहार राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Bihar General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

बिहार का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामबिहार (Bihar)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीपटना
राज्य का गठन26 जनवरी 1950
सबसे बड़ा शहरपटना
कुल क्षेत्रफल94,163 वर्ग किमी
जिले38
वर्तमान मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार
वर्तमान गवर्नर फागू चौहान
राजकीय पक्षी गौरैया
राजकीय फूलकचनार
राजकीय जानवरबैल
राजकीय पेड़पीपल
राजकीय भाषाहिन्दी
लोक नृत्यजाट– जाटिन, बक्खो– बखैन, पनवारिया, सामा चकवा, बिदेसिया।

बिहार (Bihar)

बिहार भारत के पूर्वी भाग में स्थित एक राज्य है। बिहार की राजधानी और राज्य का सबसे बड़ा शहर पटना है। पटना का प्राचीन नाम पाटलीपुत्र था। राज्य उत्तरी भाग में नेपाल, पूर्वी भाग में पश्चिम बंगाल और पश्चिमी भाग में उत्तर प्रदेश, दक्षिणी भाग में झारखण्ड से घिरा हुआ है। बिहार क्षेत्रफल के हिसाब से देश का 12वां सबसे बड़ा और आबादी के हिसाब से तीसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है।

प्राचीन काल में बिहार विशाल साम्राज्यों का गढ़ रहा है। बिहार को पहले मगध के नाम से जाना जाता था। प्राचीन काल में इस क्षेत्र पर कुछ महान राजवंशो जैसे बिम्बिसार, उदयन, चन्द्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक मौर्य, शुंग वंश तथा कण्‍व राजवंश ने राज किया, इसके पश्‍चात कुषाण शासकों और बाद में गुप्‍त वंश के चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने बिहार पर शासन किया। मध्‍यकाल में मुस्लिम शासकों का इस क्षेत्र पर अधिकार रहा।

आधुनिक काल में साल 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बिहार के बाबू कुंवर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सन् 1912 में बंगाल का विभाजन हुआ और उसके फलस्वरूप बिहार राज्य अस्तित्व में आया। साल 1936 में उड़ीसा को बिहार से विभाजित कर दिया गया। आजादी के बाद बिहार का एक और विभाजन हुआ और सन् 2000 में झारखंड राज्य इससे अलग कर दिया गया।


बिहार का कुल क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है। यहाँ पर अनेक नदियां बहती हैं जिनमें गंगा प्रमुख है। राज्य की अन्य नदियों में सोन, पुपुन, फल्गु, कर्मनाशा, दुर्गावती, कोसी, गंडक, घाघरा आदि शामिल है। बिहार गंगा तथा उसकी सहायक नदियों के मैदान में बसा है। गंगा नदी प्रदेश के लगभग बीचों बीच होकर बहती है। उत्तरी बिहार बागमती, कोसी, गंडक, सोन और उनकी सहायक नदियों का समतल मैदान है। बिहार के उत्तर में हिमालय पर्वत श्रेणी है और दक्षिण में छोटा नागपुर पठार है जिसका हिस्सा अब झारखंड है। बिहार का वन क्षेत्र भी विशाल है जो कि लगभग 6,764 वर्ग किमी है। बिहार का राजकीय पक्षी 'भारतीय रोलर' है। बिहार का राजकीय फूल 'कचनार' है। बिहार का राजकीय पेड 'पीपल' है। अरुणाचल प्रदेश का राजकीय पशु 'बैल' है।
बिहार में मुख्य रूप से तीन ऋतुएँ हैं:- 1. ग्रीष्म ऋतु: मार्च से मुख्य जून तक। 2. वर्षा ऋतु: जून से अक्टूबर तक। 3. शीत ऋतु: नवंबर से फ़रवरी तक। बिहार का ग्रीष्म ऋतु औसत तापमान 35-45 डिग्री सेल्सियस तथा शीत ऋतु में 5-15 तापमान डिग्री सेल्सियस रहता है। राज्य में औसत वार्षिक वर्षा पश्चिम-मध्य में 1,016 मिमी और सुदूर उत्तर में 1,524 मिमी के बीच होती है।

बिहार राज्य भारतीय गणराज्य के संघीय ढाँचे में द्विसदनीय व्यवस्था के अन्तर्गत आता है। राज्य का संवैधानिक मुखिया राज्यपाल है लेकिन वास्तविक सत्ता मुख्यमंत्री और मंत्रीपरिषद के हाथ में होता है।

बिहार के मुख्य राजनीतिक दल (पार्टी) (Political Parties of Bihar):

बिहार की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में, एनडीए जिसमें भाजपा, जनता दल शामिल हैं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाला गठबंधन शामिल है। बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नितीश कुमार है। वह साल 2007 से राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैबिहार के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति श्रीकृष्ण सिंह थे। उन्होंने 02 अप्रैल 1946 में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

बिहार के वर्तमान राज्यपाल फागू चौहान है। सत्यपाल मलिक ने 29 जुलाई 2019 को बिहार के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


सन् 2007-08 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय 11,615 रुपये थी। हालांकि सन् 2011-12 में यह बढ़कर 42.07 प्रतिशत हो गई। झारखंड के गठन के साथ ही इसकी मुसीबतें बढ़ीं हैं और बिहार को खनिज संपदा के विशाल भंडार से वंचित होना पड़ा। राज्य के लगभग 6,764.14 वर्ग कि. मी. क्षेत्र में वन फैले हैं।
बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य की लगभग 75% जनसंख्या कृषि सम्बंधित कार्यों में लगी हुई है। उत्तर में भूमि प्रायः सर्वत्र उपजाऊ एवं कृषियोग्य है। बिहार की प्रमुख खाद्य फ़सलें गेहूँ, धान, सब्जी, मक्‍का और दालें हैं। बिहार की मुख्‍य नकदी फ़सलें गन्ना, आलू, केला, आम, लीची, तंबाकू, तिलहन, प्‍याज, मिर्च और पटसन हैं। हाजीपुर का केला एवं मुजफ्फरपुर की लीची बहुत प्रसिद्ध है।
बिहार की शिक्षा दर 20वीं सदी के उत्तरार्ध में लगभग तिगुनी होकर राज्य की जनसंख्या के क़रीब 48% तक पहुंच गई है, फिर भी यह देश के अन्य राज्यों की शिक्षा दर की तुलना में काफ़ी नीचे है। महिला साक्षरता दर (33.57%) की तुलना में पुरुष साक्षरता दर (60.32%) लगभग दुगनी है। बिहार की ’आउट आॅफ स्कूल’ दर सन् 2006 में 12.8% थी, सन् 2007 में गिरकर 6.3% हो गई, जो बहुत प्रभावशाली नहीं है। राज्य के ज्यादातर स्कूल बिहार विद्यालय परीक्षा मंडल के अंतर्गत आते हैं। एक समय बिहार शिक्षा के सर्वप्रमुख केन्द्रों में गिना जाता था। नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय तथा ओदंतपुरी विश्वविद्यालय प्राचीन बिहार के गौरवशाली अध्ययन केंद्र थे।
एक आधिकारिक स्रोत के अनुसार, बिहार में 13 चिन्हित खदानें हैं - सभी खनिजों के समृद्ध भंडार के साथ, और विभिन्न जिलों में धातुओं के साथ नवादा में एक अभ्रक रिजर्व, कैमूर में एक चूना पत्थर रिजर्व, और अन्य शामिल हैं।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की जनसंख्या 104,099,452 करोड़ है। राज्य में पुरुषों की जनसंख्या 54,278,157 और महिलाओं की जनसंख्या 49,821,295 है।
बिहारी लोगों की पारंपरिक पोशाक में पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता और महिलाओं के लिए साड़ी होती है। पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव ने बिहार के लोगों के जीवन को भी प्रभावित किया है क्योंकि पश्चिमी शर्ट और पतलून ग्रामीण और शहरी पुरुष आबादी और शहरी बिहार में महिलाओं के लिए सलवार कमीज दोनों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।

बिहार की संस्कृति एक महान ऐतिहासिक अतीत की विरासत है। बिहार में मगध, अंग, मिथिला तथा वज्जी संस्कृतियों का मिश्रण है। शहरों और ग्रामीण लोगों की संस्कृति में ज्यादा फर्क देखने को नहीं मिलता है। शहरों में भी लोग पारंपरिक रीति रिवाजों का पालन करते है तथा उनकी मान्यताएँ रुढिवादी है। यहाँ का समाज पुरूष प्रधान है। जातिवाद बिहार की राजनीति तथा आमजीवन का अभिन्न अंग रहा है। वर्तमान में काफी हद तक यह भेदभाव कम हो गया है।

राज्य में कई प्रकार के लोक गीत और नृत्य का विशेष अवसरों पर प्रदर्शन भी किया है। बच्चे के जन्म के समय ‘सोहर’ गाया जाता है, शादी के वक्त ‘सुमंगली’ गाते हैं, पहले धान को बोते समय ‘कटनीगीत’ गाया जाता है और फसल की कटाई के दौरान ‘रोपनीगीत’ गाते हैं। बिहार की कुछ प्रसिद्ध लोक नृत्य शैलियां गोंड नाच, धोबी नाच, झूमर नाच, जितिया नाच आदि हैं।


हिन्दी बिहार की प्रमुख भाषा है। राज्य में अन्य कई भाषाएं बोली जाती हैं जिनमें उर्दू , भोजपुरी, मैथिली, मगही, बज्जिका और अंगिका शामिल है। भोजपुरी बिहार की बहुत लोकप्रिय भाषा है यह भारत की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। मगही भाषा मौर्य साम्राज्य की आधिकारिक भाषा थी और भगवान बुद्ध भी इसे बोलते थे। मगही देवनागरी लिपि में लिखी जाती है।
देश के प्रत्येक राज्य के लोगों का अपना अलग-2 खानपान है। बिहार अपने खानपान की विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ पर शाकाहारी तथा मांसाहारी दोनो व्यंजन पसंद किये जाते हैं। मिठाईयों की विभिन्न किस्मों के अतिरिक्त अनरसा की गोली, खाजा, मोतीचूर का लड्डू, तिलकुट, सत्तू, चूड़ा-दही और लिट्टी-चोखा जैसे स्थानीय व्यंजन यहाँ के लोगों को बहुत पसंद है। प्रदेश में सुबह के नाश्ते मे चुडा-दही या पूरी-जलेबी बड़े चाव से खाये जाते है। दिन में चावल-दाल-सब्जी और रात में रोटी-सब्जी सामान्य भोजन है।
बिहार का सबसे महत्‍वपूर्ण त्‍योहार छठ पूजा है। इसके अतिरिक्त होली, दीपावली, दशहरा, महाशिवरात्रि, नागपंचमी, श्री पंचमी, मुहर्रम, ईद तथा क्रिसमस आदि त्यौहार भी धूमधाम से मनाये जाते हैं।
बिहार में 30 जनजातियों को अनुसूचित जनजाति के रूप में अधिसूचित किया गया है। सबसे अधिक एसटी संथाल, उरांव, मुंडा, हो, खरवार, खारिया और भूमिज हैं जो राज्य की कुल आदिवासी आबादी का लगभग 86% हिस्सा हैं।

बिहार प्राचीनकाल से ही पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धर्म, अध्यात्म और संस्कृति का केन्द्र रहा है। यहाँ की परम्पराएं, संस्कृति, रीति-रिवाज और जीवन-पद्धतियां हमेशा से पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं। बिहार में लगभग 3,000 साल पुराने प्राचीन स्मारक आज भी मौजूद हैं और दुनियाभर के पर्यटक इन्हें देखने हर साल यहाँ आते हैं। राज्य में स्थित महाबोधि मंदिर को यूनेस्को द्वारा विरासत स्थल घोषित किया गया है।

बिहार के मुख्य पर्यटन स्थलों में राजगीर, नालंदा, वैशाली, पावापुरी, बोधगया, विक्रमशिला उच्‍च शिक्षा के बौद्ध विश्‍वविद्यालय के अवशेष, पटना,शीतला माता मंदिर, इस्कॉन मंदिर, नवलख्खा मंदिर, सुर्य मंदिर, पादरी की हवेली, शेरशाह की मस्जिद, बेगू ह्ज्जाम की मस्जिद, मधुबनी, मुंडेश्‍वरी मंदिर, कैमूर, रोहतासगढ़ क़िला, रोहतास, जैन तीर्थ स्‍थल, कुंडलपुर, नालंदा, बिहार योग केंद्र, मुंगेर, मनेर शरीफ, केसरिया और पूर्वी चंपारन आदि शामिल हैं।



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