ओडिशा का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम ओडिशा (Odisha) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त ओडिशा राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Odisha General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

ओडिशा का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामओडिशा (Odisha)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीभुवनेश्वर
राज्य का गठन26 जनवरी 1950
सबसे बड़ा शहरभुवनेश्वर
कुल क्षेत्रफल1,55,707 वर्ग किमी
जिले30
वर्तमान मुख्यमंत्रीनवीन पटनायक
वर्तमान गवर्नर गणेशी लाल
राजकीय पक्षी नीलकंठ
राजकीय फूलअशोक वृक्ष
राजकीय जानवरसाम्भर
राजकीय पेड़पीपल
राजकीय भाषाओडिया
लोक नृत्यओडिसि (शास्त्रीय), सवारी, घूमरा, पैंरास मुनारी, छाउ।

ओडिशा (Odisha)

ओड़िशा भारत के पूर्वी तट पर स्थित एक राज्य है। ओडिशा को पहले उड़ीसा के नाम से जाना जाता था। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर है। ओड़िशा का सबसे बड़ा नगर ‎भुवनेश्वर है। यहां बड़ी संख्या में खूबसूरत और नक्काशीदार मंदिर होने के कारण इस प्रांत को “मंदिरों की धरती” के नाम से भी जाना जाता है। राज्य में 01 अप्रैल को उत्कल दिवस (ओड़िशा दिवस) के रूप में मनाया जाता है।

प्राचीन समय में ओडिशा राज्य ‘कलिंग’ के नाम से विख्यात था। ओडिशा का इतिहास लगभग 5,000 साल पुराना है। ओडिशा कलिंग शासन के कारण प्रसिद्ध हुआ। अशोक सबसे महान मौर्य शासक थे जिन्होंने लगभग पूरे भारत और आसपास के देशों पर विजय प्राप्त कर ली थी। चौथी शताब्दी मे गुप्त राजवंश ने ओडिशा पर शासन आया। 10वीं सदी में भौम कारा साम्राज्य और उसके बाद सोम राजवंश ने ओडिशा में राज किया। 13वीं और 14वीं सदी से लेकर सन् 1568 तक मुस्लिम शासकों का यहां वर्चस्व था। ओडिशा ने हैदराबाद के नवाब और मराठों का भी राज देखा है। 19वीं सदी की शुरुआत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने शासन किया,वह 1803 ईस्वी में यहाँ आये थे। बंगाल के तटीय इलाके को बिहार और ओडिशा में बदल दिया गया था। सन् 1936 में बिहार और ओडिशा का विभाजन हो गया। ओडिशा सन् 1950 में आधिकारिक तौर पर भारत का राज्य बन गया।
क्षेत्रफल के अनुसार ओड़िशा भारत का नौवां और जनसंख्या के हिसाब से 11वां सबसे बड़ा राज्य है। ओडिशा का कुल क्षेत्रफल 1,55,707 वर्ग किलोमीटर का है। यह राज्य पश्चिम में छत्तीसगढ़, दक्षिण में आंध्र प्रदेश, उत्तर-पूर्व में पश्चिम बंगाल और उत्तर में झारखंड से घिरा है। बंगाल की खाड़ी राज्य के पूर्व में है। राज्य के आंतरिक भाग और कम आबादी वाले पहाड़ी क्षेत्र हैं। 1672 मीटर ऊँचा देवमाली, राज्य का सबसे ऊँचा स्थान है। यहां के समुद्री इलाके और नदी की घाटियां अद्भुत हैं। ओडिशा की प्रमुख नदियों में महानदी, ब्राम्हणी और वंसधरा शामिल है। इस प्रांत में तीन मुख्य क्षेत्र हैं: पठार, पहाड़ी और तटीय मैदान। सुब्मरेखा, वैतरणी, रुशिकुल्य और बुधबलंग जैसी नदियों के कारण यहां कई डेल्टा का निर्माण हुआ है। ओड़िशा के संबलपुर के पास स्थित हीराकुंड बांध विश्व का सबसे लंबा मिट्टी का बांध है। ओडिशा का राजकीय पक्षी 'हिमालयी मोनाल' है। ओडिशा का राजकीय पेड 'बुरंस' है। ओडिशा का राजकीय फूल 'बुरांस' है। ओडिशा का राजकीय पशु 'सांभर' है।
ओडिशा की जलवायु उष्णकटिबंधीय आर्द्र-शुष्क़ (उष्णकटिबंधीय सवाना घास के मैदान) है। यहाँ पर जनवरी में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ती है, जिसमें औसत तापमान 20° से. रहता है, मई का महिना यहाँ सबसे गर्म होंता है जिसमें औसत तापमान 33° से. तक बढ़ जाता है। यहाँ पर जून से अक्टूबर के महीनों में वर्षा होती है। राज्य में औसत वार्षिक वर्षा लगभग 1,800 मिमी है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री सरकार के मुखिया होते हैं। भारत के संविधान के अनुसार राज्यपाल, राज्य सरकार के विधिक प्रमुख होते हैं लेकिन वास्तविक अधिकार मुख्यमंत्री के पास होते हैं। सरकार का कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है या फिर सरकार को पाँव वर्षों से पहले भी भंग किया जा सकता है। भारतीय संसद में ओडिशा से 21 सीटें लोकसभा की और राज्य सभा की 10 सीटें हैं।

वर्तमान समय में ओडिशा में बीजू जनता दल की सरकार है। ओडिशा के वर्तमान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक है। उन्होंने 21 मई 2014 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। ओडिशा के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति हरेकृष्ण महताब थे। उन्होंने 23 अप्रैल 1946 में राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

ओडिशा के वर्तमान राज्यपाल गणेशी लाल है। उन्होंने ओडिशा के 26 वें राज्यपाल के रूप में 29 मई 2018 को शपथ ली है।


कर्नाटक अपने हर क्षेत्र में विकसशील देश है, और यहाँ की अर्थव्यवस्था भारत में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में से एक है। ओडिशा की एक कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है जो एक उद्योग और सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण में है।
राज्य की अर्थ-व्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। ओडिशा की लगभग 80% जनसंख्या कृषि कार्य में लगी है, हालांकि यहाँ की अधिकांश भूमि अनुपजाऊ या एक से अधिक वार्षिक फ़सल के लिए अनुपयुक्त है। राज्य के कुल क्षेत्रफल के लगभग 45% भाग में खेत है। इसके 80 प्रतिशत भाग में चावल उगाया जाता है।गन्ना राज्य की दूसरी सबसे बडी नगदी फसल हैं। गन्ना उत्पादन में ओडिशा का आठवां स्थान है। यहॉ की प्रमुख फसलें धान, दालें, तेल के बीज, जूट, गन्ना, हल्दी की खेती, नारियल आदि हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ओडिशा की साक्षरता दर लगभग 73% है, जिसमें पुरुषों की दर 82% और महिलाओं की दर 64% है। यह आंकड़ा है। ओडिशा की आबादी का केवल एक छोटा सा हिस्सा विश्वविद्यालय-शिक्षित है। हालाँकि, उच्च शिक्षा कई स्थानीय विश्वविद्यालयों (और कई संबद्ध कॉलेजों) में उपलब्ध है। विश्वविद्यालयों में, उत्कल विश्वविद्यालय (1943 में स्थापित) और उड़ीसा कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (1962), दोनों भुवनेश्वर में, सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध हैं। एक दर्जन से अधिक सरकारी और निजी कॉलेजों में एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। ओडिशा में कई फार्मेसी कॉलेज और नर्सिंग स्कूल भी हैं।
ओडिशा के खनिज संसाधन काफी हैं। राज्य क्रोमाइट, बॉक्साइट (एल्यूमीनियम अयस्क), मैंगनीज अयस्क, ग्रेफाइट और निकल अयस्क के उत्पादन में एक देश का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। यह उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क के शीर्ष उत्पादकों में से एक है। पूर्व-मध्य शहर ढेंकनाल के पास तालचर क्षेत्र से कोयला राज्य के कई बड़े पैमाने के उद्योगों के लिए ऊर्जा आधार प्रदान करता है।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार ओडिशा की आबादी 4,19,74,218 थी। महिला और पुरुषों का अनुपात 1000 पुरुषों के मुकाबले 978 महिलाओं का है।
प्रसिद्ध साड़ियों में कटकी साड़ी, बोमकाई साड़ी और संबलपुरी साड़ी शामिल हैं। इन्हें उड़ीसा में त्योहारों, विवाह और अन्य विशेष आयोजनों के दौरान महिलाओं द्वारा सजाया जाता है। सलवार कमीज भी लड़कियों और महिलाओं द्वारा पहनी जाती है। वे बहुत सारे आभूषणों और गहनों से खुद को सुशोभित करना पसंद करते हैं।
उड़ीसा समृद्ध परंपरा और संस्कृति का गढ़ है और यह इसके ऐतिहासिक स्मारकों, मूर्तिकला, कलाकारों, नृत्य और संगीत में दिखता है। इस राज्य में एक विभाग है जो संस्कृति को देखने के साथ ही कला और संस्कृति को व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा भी देता है। इस प्रांत में कई सौ मंदिर हैं और इसके लिए यह दुनिया भर में प्रसिद्ध भी है। ओडिशा का शास्त्रीय नृत्य उड़ीसा 700 वर्षों से भी अधिक समय से अस्तित्व में है। मूलत: यह ईश्वर के लिए किया जाने वाला मंदिर नृत्य था।
ओड़िआ भाषा राज्य की अधिकारिक और सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। भाषाई सर्वेक्षण के अनुसार ओड़िशा की 93.33% जनसंख्या ओड़िआ भाषी है। हिंदी यहां दूसरी सबसे लोकप्रिय और व्यापक रुप से स्वीकृत भाषा है। इसके अलावा यहां उर्दू और बंगाली भी बोली जाती है और कुछ लोग तेलगु भी बोलते हैं। ओड़िआ की खोज उरजंग में 1051 ईस्वी में की गई थी। इसकी लिपी ब्रम्ही में शुरु की गई थी और द्रविड़ में खत्म की गई।
उड़ीसा का पारंपरिक भोजन मसालेदार है और इसमें चावल, सब्जियां, दालों, चटनी और अचार शामिल हैं। तटीय क्षेत्रों में झींगा और फ्लैट पोमफ्रैट मछली सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं। उड़ीसा मुख्य रूप से दूध से तैयार मिठाई के लिए जाना जाता है। कुछ विशिष्ट मीठे पदार्थों में रसगुल्ला, रसमलई, चेनपुडा, खिरमाहन, राजभागा, रबड़ी, चिंजाहिली, रसबाली (दोनों दूध से बना) और पिठा (केक) शामिल हैं। उबले हुए भोजन में चावल, दाल, सब्जियां, करी और मीठे व्यंजन शामिल हैं।
ओडिशा के अपने अनेक पारंपरिक त्योहार हैं। राज्य का सबसे अनोखा त्योहार अक्टूबर या नवंबर में मनाया जाने वाला बोइता बंदना (नौकाओं की पूजा) है। उड़ीसा के कुछ प्रसिद्ध मेलों और त्यौहारों में कटक की बाली यात्रा, कालीजल द्वीप, चिल्का झील, भुवनेश्वर के आदिवासी मेला, दुर्गा पूजा, मंगल मेला, भुवनेश्वर के भगवान लिंगराजा का कार उत्सव और पुरी में रथ यात्रा शामिल है।
ओडिशा की संस्कृति में यहां की जनजातियों और आदिवासियों की भी बड़ी भूमिका है। ओडिशा की मशहूर रथयात्रा पुरी में आयोजित होती है और बड़े भक्ति भाव और श्रद्धा से निकाली जाती है। यहां के हस्तशिल्प और हथकरघा वस्त्र उल्लेखनीय हैं। चांदी का महीन काम, पिक्चर फ्रेम और इकत के कपड़े बहुत प्रसिद्ध हैं।

ओड़ीशा राज्य के प्रसिद्ध मंदिर देश विदेश लोगो के लिए एक पर्यटन केंद्र हैं। ओडिशा राज्य संग्रहालय क्षेत्र के इतिहास और पर्यावरण पर केंद्रित है। राज्य के सबसे प्रसिद्ध स्थानों की सूची नीचे दी गई है:-

  • कोणार्क का सूर्य मंदिर
  • पूरी का जगन्नाथ मन्दिर
  • नंदनकानन
  • चिलका झील
  • धौली बौद्ध मंदिर
  • उदयगिरि-खंडगिरि की प्राचीन गुफाएं
  • रत्नगिरि (बौद्ध मठ)
  • ललितगिरि संग्रहालय
  • उदयगिरि के बौद्ध भित्तिचित्र और गुफाएं
  • सप्तसज्या का मनोरम पहाडी दृश्य
  • हीराकुंड बांध
  • दुदुमा जलप्रपात
  • उषाकोठी वन्य जीव अभयारण्य
  • गोपानपुर समुद्री तट
  • हरिशंकर मंदिर
  • नृसिंहनाथ मंदिर
  • तारातारिणी मंदिर
  • तप्तापानी मंदिर
  • भितरकणिका मंदिर
  • भीमकुंड और कपिलाश मंदिर

  • राज्य की अर्थव्यवस्था में 2016-17 और 2020-21 के बीच उच्च विकास दर देखी गई, जिसमें राज्य का GDP 6.72% की CAGR से बढ़ रहा है। अक्टूबर 2019 और मार्च 2021 के बीच राज्य में संचयी FDI इनफ़्लो 32.80 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • यह भारत का पहला राज्य है जिसने बिजली क्षेत्र में सुधार और पुनर्गठन की पहल की है। अप्रैल 2021 तक, ओडिशा में कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 8,594.47 मेगावाट (मेगावाट) थी।
  • ओडिशा में एक अच्छी तरह से विकसित सामाजिक, भौतिक और औद्योगिक बुनियादी ढांचा है, और राज्य सरकार ने समग्र विकास को और बढ़ावा देने के लिए कई ढांचागत परियोजनाएं शुरू की हैं। राज्य के बुनियादी ढांचे में अच्छी तरह से जुड़े सड़क और रेल नेटवर्क, हवाई अड्डे, बंदरगाह, बिजली और दूरसंचार शामिल हैं।
  • केंद्रीय बजट 2021 में, ओडिशा ने स्वास्थ्य पर अपने कुल व्यय का 6.4% आवंटित किया, (अन्य राज्यों द्वारा स्वास्थ्य के लिए औसत आवंटन से अधिक (5.5%), ग्रामीण विकास पर 7.5% (अन्य राज्यों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए औसत आवंटन से अधिक) 6.1%) और सड़कों और पुलों पर 7.8% (राज्यों द्वारा औसत आवंटन से अधिक (4.3%))।
  • मैरीटाइम इंडिया समिट 2021 में, सरकार ने ओडिशा को समुद्री व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की घोषणा की।
  • 2019-20 में लगभग 153.07 लाख घरेलू पर्यटक और 1.15 लाख विदेशी पर्यटकों ने ओडिशा का दौरा किया।


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