गुजरात का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम गुजरात (Gujarat) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त गुजरात राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Gujarat General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

गुजरात का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामगुजरात (Gujarat)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीगांधीनगर
राज्य का गठन30 मई 1987
सबसे बड़ा शहरअहमदाबाद
कुल क्षेत्रफल1,96,024 वर्ग किमी
जिले33
वर्तमान मुख्यमंत्रीभूपेंद्रभाई पटेल
वर्तमान गवर्नर आचार्य देवव्रत
राजकीय पक्षी हंसावर
राजकीय फूलअफ्रीकी मैरीगोल्ड
राजकीय जानवरएशियाई शेर
राजकीय पेड़बरगद
राजकीय भाषागुजराती
लोक नृत्यगरबा, डांडिया रास, टिप्पनी जुरुन, भावई।

गुजरात (Gujarat)

गुजरात देश के पश्चिमी भाग में स्थित एक राज्य है। इस राज्य की राजधानी गांधीनगर है। गुजरात का क्षेत्रफल लगभग 196,024 वर्ग किलोमीटर है और 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या 60,383,628 है। गुजरात में कुल 40 बन्दरगाह हैं। काण्डला राज्य का प्रमुख बन्दरगाह है। अहमदाबाद गुजरात प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है। भारतवर्ष में यह नगर का सातवें स्थान पर है।

गुजरात का इतिहास लगभग 2,000 साल पुराना है। यह माना है कि भगवान कृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे थे, जो द्वारका अर्थात ‘प्रवेशद्वार’ कहलाया। बाद के वर्षों में मौर्य, गुप्त, प्रतिहार तथा अन्य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर शासन किया था।गुजरात के इतिहास को प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक उपवर्गों में बाँटा जा सकता है। प्राचीन इतिहास को सिंधु घाटी सभ्यता से जोड़ा जा सकता है। आजादी के बाद गुजरात बम्बई राज्य का हिस्सा बन गया जिस पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शासन किया। 1960 में बम्बई राज्य को महाराष्ट्र और गुजरात में बाँटा गया और उन्हें अलग राज्यों का दर्जा मिला।
भारतीय प्रायदीप के पश्चिमी तट पर स्थित होने के कारण इस राज्य में देश का तीसरा सबसे लंबा समुद्री किनारा है जो कि 1300 किमी लंबा है। भौगोलिक तौर पर राज्य के तीन मुख्य उपविभाजन हैः उत्तर पूर्व में बंजर और पथरीला कच्छ, जिसमें कच्छ का प्रसिद्ध रण या रेगिस्तान शामिल है। गुजरात से साबरमती, नर्मदा, तापी और दमनगंगा नदियाँ गुजरती हैं। राज्य के उत्तरी और पूर्वी भाग की सीमा अरावली, सतपुड़ा, विंध्य और सहयाद्री पर्वतों से घिरी है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा गिर, डांग और पंचमहल जैसे जंगलों से ढंका है। इन जंगलों में नम और सूखे दोनों तरह के वनस्पति मिलते हैं। गुजरात के वनों में उपलबध वृक्षों की जातियाँ हैं-सागवान, खैर, हलदरियो, सादाद और बाँस। गुजरात का राजकीय पक्षी 'विशाल फ़्लैमिंगो' है। गुजरात का राजकीय पशु 'एशियाई शेर' है। गुजरात का राजकीय पेड 'आम है।
गुजरात के दक्षिणी भाग की आबोहवा नम और उत्तरी हिस्से की शुष्क है। राज्य में बारिश का सालाना औसत 33 से 152 सेमी है जबकि डांग में लगभग 190 सेमी वर्षा होती है। गुजरात के कर्क रेखा पर स्थित होने के कारण उत्पन्न कठिन जलवायु को खंभात की खाड़ी और अरब सागर सहज कर देते हैं। यहाँ के पहाड़ और उनकी ढलानें समशीतोष्ण और उपविषुवतीय जंगलों से भरी हैं, इसी कारण से यहाँ बौना रॉडॉडेन्ड्रोन, ओक, चीड़, मैप्ले, फर और जुनिपर के वृक्ष मिलते हैं साथ ही साल और सागौन प्रजाति के वृक्ष पाए जाते हैं।

गुजरात विधानसभा मे 182 सदस्य हैं, और जिनमें से 39 सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। अन्य भारतीय राज्यों की तरह गुजरात में भी मुख्यमंत्री ही सरकार और विधानसभा का नेता होता है और उसके पास विशेष कार्यकारी शक्तियाँ होती हैं। राज्यपाल राज्य का प्रधान होता है और उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और विधानसभा के सदस्य स्पीकर का चुनाव करते हैं, जो विधानसभा की बैठकों की अध्यक्षता करता है।

गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री रमेश बैसो है। उन्होंने 14 जुलाई 2021 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति डॉ॰ जीवराज नारायण मेहता थे। उन्होंने 01 मई, 1960 में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। गुजरात के वर्तमान राज्यपाल आचार्य देवव्रत है। ओम प्रकाश कोहली ने 22 जुलाई 2019 को गुजरात के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


गुजरात की अर्थव्यवस्था, पश्चिमी भारत का एक राज्य, भारत के भीतर महत्वपूर्ण कृषि के साथ-साथ औद्योगिक उत्पादन भी करता है। राज्य के प्रमुख कृषि उत्पादों में कपास, मूंगफली (मूंगफली), खजूर, गन्ना, दूध और दूध उत्पाद शामिल हैं।
राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। गुजरात कपास, तम्बाकू और मूँगफली का उत्‍पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्‍य है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्‍वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्‍चा माल उपलब्‍ध कराता है। यहाँ की अन्‍य महत्‍वपूर्ण नकदी फसलें हैं – इसबगोल, धान, गेहूँ और बाजरा। यहाँ के प्रमुख उधोग धंधे पेट्रोलियम, कृषि, भारी खनिज है।
गुजरात माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का गठन 1972 में गुजरात माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1972 के अधिनियमन के बाद किया गया था। इसके अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है। गुजरात में निजी और सरकारी दोनों स्कूल यहां संचालित होते हैं। अहमदाबाद में कई नगर निगमों और ट्रस्टों द्वारा संचालित स्कूल भी देखे जा सकते हैं। बड़ौदा का महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय गुजरात का एकमात्र अंग्रेजी माध्यम का विश्वविद्यालय है। इसे इंडिया टुडे द्वारा भारत के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की सूची (अगस्त 2011 अंक) में दसवें स्थान पर रखा गया था।

गुजरात खनिज विकास निगम लिमिटेड (जीएमडीसी) अहमदाबाद में स्थित एक प्रमुख भारतीय राज्य के स्वामित्व वाली खनिज और लिग्नाइट खनन कंपनी है। गुजरात के प्रमुख खनिज संसाधन प्राकृतिक गैस, चूना पत्थर, मैंगनीज, बॉक्साइट, चाइना-क्ले फायर-क्ले, कैल्साइट, डोलोमाइट, फ्लोरस्पार, जिप्सम, बेंटोनाइट, क्वार्ट्ज, सिलिका सैंड और स्टीटाइट हैं। सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों, लखपत, खेड़ा और गुजरात के बनासकांठा जिलों में अच्छी गुणवत्ता वाले चूना पत्थर का उत्खनन किया जाता है।

गुजरात भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक राज्य है जिसका राष्ट्र के कुछ महत्वपूर्ण कारोबारों पर कब्जा है। कपड़ा, रसायन, बिजली, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, वनस्पति तेल, सोडा एश और उर्वरकों का निर्माण राज्य में होता है। खनिज समृद्ध राज्य होने के नाते गुजरात भारत के 66% नमक की जरुरत पूरी करता है और 35% रासायनिक आवश्यकता भी यहीं से पूरी होती है।


2011 की जनगणना के अनुसार गुजरात की जनसंख्या 60,683,628 है और जनसंख्या का घनत्व लगभग 308 प्रति वर्ग किमी है जो कि दूसरे राज्यों के मुकाबले कम है। राज्य में पुरुषों और महिलाओं का अनुपात 1000 पुरुषों के अनुपात में महिलाओं की संख्या 918 है जो कि अन्य राज्यों के मुकाबले कम है। गुजराती और हिन्दी राज्य की अधिकृत भाषाएं हैं। गुजराती 11 प्रकार से बोली जाती है और राज्य में अलग-अलग प्रांतों से आकर बसे लोग बोलते हैं। इनमें से कुछ मानक गुजराती, काठीयावाड़ी, खरवा, खाकरी, गमठी और पारसी बोलियाँ हैं।
गुजरात के लोग मुख्यतः पगड़ी, प्लेटेड जैकेट लंबी आस्तीन का कुर्ता, पतलून, बैगी बॉटम के साथ चूड़ीदार (पुरुषों), रंग बिरंगा घाघरा चानिया और चोली, पाटन की पटोला साड़ियों और केडियु आदि वस्त्र धारण करते है।
गुजरात की अधिकांश लोक संस्कृति और लोकगीत हिन्दू धार्मिक साहित्य पुराण में वर्णित भगवान कृष्ण से जुड़ी किंवदंतियों से प्रतिबिंबित होती है। कृष्ण के सम्मान में किया जाने वाला रासनृत्य और रासलीला प्रसिद्ध लोकनृत्य “गरबा” के रूप में अब भी प्रचलित है। यहां के नृत्यों के रुप जैसे डांडिया, गरबा, गरबी और पधार दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। कई राग जैसे खंबावती, टोडी, लाटी और सौराठी गुजरात से ही उत्पन्न हुए हैं।
गुजरात में सबसे ज्यादा गुजरती भाषा बोली जाती है लेकिन गुजरात में अपने आप में ग्यारह बोलियाँ हैं, जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाती हैं। गुजरात में बोली जाने वाली अन्य भाषाएँ हिंदी, मराठी, मारवाड़ी, सिंडी और उर्दू हैं। कच्छ क्षेत्र में, लोगों की एक अलग मातृभाषा होती है जिसे कच्छी के नाम से जाना जाता है।
देश के अलग-2 राज्यों की तरह गुजरात का खानपान भी भिन्न है। गुजरात के प्रमुख व्यंजनों में ढोकला, खांडवी, लप्सी, बाफला, थेपला, पोहा, भेलपुरी आदि है।
इस प्रदेश के कुछ मुख्य त्योहारों में होली, दीपावली और दशहरा के अलावा यहां अन्य हिंदू त्यौहार जैसे मकर संक्रांति या पतंगबाजी का त्यौहार, कच्छ महोत्सव, मोधेरा, भद्र पूर्णिमा, ईद, क्रिसमस और महावीर जयंती त्यौहार आदि बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं।
गुजरात की जनसंख्या को मोटे तौर पर इंडिक/भारतोद्भव (उत्तरी मूल) या द्रविड़ (दक्षिणी मूल) के रूप में वर्गीकरण किया जा सकता है। पहले वर्ग में नगर ब्राह्मण, भटिया, भदेला, राबरी और मीणा जातियां (पारसी, मूल रूप से फ़ारस से, परवर्ती उत्तरी आगमन का प्रतिनिधित्व करते हैं), जबकि दक्षिणी मूल के लोगों में वाल्मीकि, कोली, डबला, नायकदा व मच्छि-खरवा जनजातिया हैं। अनुसूचित जनजाति और आदिवासी जनजाति के सदस्य राज्य की जनसंख्या का लगभग 5वां हिस्सा हैं।
इस राज्य में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैैं। गुजरात को “पश्चिम का जेवर“ भी कहते हैं और यहां कई प्रकार के संग्रहालय, किले, अभयारण्य, मंदिर और कई रूचिकर जगहें हैं। गुजरात के मुख्य पर्यटन स्थलों में हृदय कुंज, महात्मा गांधी का निवास स्थान, लोथल या सिंधु घाटी सभ्यता, हटकेश्वर मंदिर, धौलावरिया, द्वारका, पावागढ़, शामलजी, पालिताना पर्वत, जैन मंदिर, डबलोई, पाटन, मोधेरा नज़र बाग महल, धबोई किला, गांधी स्मारक संग्रहालय, गांधी संग्रहालय, बड़ौदा संग्रहालय और पिक्चर गैलेरी भी हर साल हजारों पर्यटक देखने आते हैं।

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