अरुणाचल प्रदेश का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त अरुणाचल प्रदेश राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Arunachal Pradesh General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

अरुणाचल प्रदेश का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामअरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीईटानगर
राज्य का गठन20 फ़रवरी 1987
सबसे बड़ा शहरईटानगर
कुल क्षेत्रफल83,743 वर्ग किमी
जिले25
वर्तमान मुख्यमंत्रीपेमा खांडू
वर्तमान गवर्नर बी डी मिश्रा (सेवानिवृत्त)
राजकीय पक्षी भीमकाय धनेश
राजकीय फूलद्रौपदी माला
राजकीय जानवरगायल
राजकीय पेड़हॉलोंग
राजकीय भाषाअंग्रेज़ी
लोक नृत्यबुईया, छालो, वांचो, पासी कोंगकी, पोनुंग, पोपीर, बारडो छाम।

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh)

अरुणाचल प्रदेश भारत के उत्तर पूर्वी भाग में स्थित एक पहाड़ी राज्य है। अरुणाचल का हिन्दी मे अर्थ “उगते सूर्य का पर्वत” (अरूण+अंचल) है। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर है। इसकी सीमाएँ दक्षिण में असम, दक्षिणपूर्व में नागालैंड, पूर्व मे बर्मा/म्यांमार, पश्चिम में भूटान और उत्तर में तिब्बत से जुडी हुई हैं। इसकी सीमा नागालैंड और असम से भी मिलती है। अरुणाचल प्रदेश की मुख्य भाषा हिन्दी और असमिया है। यह राज्य भौगोलिक दृष्टि से पूर्वोत्तर के राज्यों में सबसे बड़ा है। इस राज्य का कुल क्षेत्र 83,743 वर्ग किमी है।

24 फ़रवरी 1826 को ‘यंडाबू संधि’ हुई, इसके बाद असम में ब्रिटिश शासन लागू हुआ था। उसके बाद से ही अरुणाचल प्रदेश का आधुनिक इतिहास प्राप्त होता हैं। सन 1962 से पहले इस राज्य को पूर्वात्तर सीमांत एजेंसी (नार्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी- नेफा) के नाम से जाना जाता था। संवैधानिक रूप से यह असम का ही एक भाग था, लेकिन सामरिक महत्त्व के कारण वर्ष 1965 तक यहाँ के प्रशासन की देखभाल विदेश मंत्रालय करता था। साल 1965 के बाद असम के राज्पाल द्वारा यहाँ का प्रशासन गृह मंत्रालय के अन्तर्गत आ गया था। सन 1972 में इसका नाम ‘अरुणाचल प्रदेश’ रखकर केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। इसके बाद 20 फ़रवरी 1987 को अरुणाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और यह देश का 24वां राज्य बनाया गया।
इस राज्य का अधिकांश भाग हिमालय से ढका हुआ है। यह पर्वत श्रृंखला अरुणाचल प्रदेश को पूर्व में तिब्बत से अलग करती है। काँग्तो, न्येगी कांगसांग, मुख्य गोरीचन चोटी और पूर्वी गोरीचन चोटी इस क्षेत्र में हिमालय की सबसे ऊँची चोटियाँ हैं। इस राज्य में पहाड़ी और अर्द्ध-पहाड़ी क्षेत्र है। इसके पहाड़ों की ढलान असम राज्य के मैदानी भाग की ओर है। अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख नदियाँ कामेंग, सुबनसिरी, सिआंग,लोहित और तिरप हैं। विभिन्न प्रकार की हरी भरी घाटियाँ, वनस्पति और जीव-जंतु अरुणाचल प्रदेश की मुख्य विशेषता है। यहाँ आर्किड के फूल भी पाए जाते हैं। यहाँ के पहाड़ और उनकी ढलानें समशीतोष्ण और उपविषुवतीय जंगलों से भरी हैं, इसी कारण से यहाँ बौना रॉडॉडेन्ड्रोन, ओक, चीड़, मैप्ले, फर और जुनिपर के वृक्ष मिलते हैं साथ ही साल और सागौन प्रजाति के वृक्ष पाए जाते हैं। अरुणाचल प्रदेश का राजकीय पक्षी 'ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल' है। अरुणाचल प्रदेश का राजकीय पेड 'होलोंग' है। अरुणाचल प्रदेश का राजकीय फूल 'रेटुसा' है। अरुणाचल प्रदेश का राजकीय पशु 'मिथुन' है।
अरुणाचल प्रदेश की जलवायु में भू-आकृति एवं ऊँचाई के साथ परिवर्तन होता है। राज्य का मौसम बदलता रहता है। ज्यादा ऊँचाई वाले स्थान जैसे ऊपरी हिमालय स्थित तिब्बत के निकटवर्ती क्षेत्रों में मौसम अल्पाइन या टुन्ड्रा प्रकार का होता है। मध्य हिमालयी भागों में मौसम समशीतोष्ण होता है। यहाँ पर औसत वार्षिक वर्षा 2000 से 4000 मि.मी. तक होती है।

अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री पेमा खांडू है। उन्होंने 17 जुलाई 2016 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 16 सितम्बर 2016 को पेमा खांडू 43 सत्तापक्ष विधायकों के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस छोड़कर पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल में शामिल हो गये और भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाई। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति प्रेम खांडू थुंगन थे। उन्होंने 13 अगस्त 1975 में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल बिस्व भूषण हरिचंदन है। बिस्व भूषण हरिचंदन ने 24 जुलाई 2019 को अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी। अरुणाचल प्रदेश में मुख्यत: पाँच राजनैतिक दल हैं- भारतीय जनता पार्टी, अरुणाचल कांग्रेस, अरुणाचल कांग्रेस (मेइते), कांग्रेस (दोलो), पिपुल्स पार्टी आफ़ अरुणाचल।


अरुणाचल प्रदेश अभी भी एक पारंपरिक अर्थव्यवस्था के साथ एक अविकसित राज्य बना हुआ है। राज्य दुर्गम भूभाग और प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक आधारभूत संरचना प्रदान करने की अत्यधिक उच्च लागत के कारण बिगड़ा हुआ आर्थिक विकास से पीड़ित है।
राज्य के लोगो के जीवन यापन का मुख्य साधन कृषि है। अरुणाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यत: ‘झूम’ खेती पर ही आधरित है। वर्तमान में नकदी फ़सले जैसे-आलू और बागबानी की फसलें जैसे सेब, संतरे और अनन्नास आदि को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी लोगों में खेती की पारंपरिक विधि शिइंग (झूम) का प्रयोग होता है। इस कृषि विधि की मुख्य पैदावार चावल, मक्का, जौ एवं मोथी (कूटू) हैं। अरुणाचल प्रदेश की मुख्य फ़सले: चावल, मक्का, बाजरा, गेहूँ, जौ, दलहन, गन्ना, अदरक और तिलहन हैं।
इसकी साक्षरता दर 1991 में 41,59 % से बढ़कर 54.74 % हो गयी है। इस प्रदेश के 487796 व्यक्ति पढ़े लिखे है। भारत सरकार की 2001 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार अरुणाचल के 20% निवासी प्रकृतिधर्मी हैं, जो जीववादी धर्म- डो न्यी-पोलो और रन्गफ्राह का निर्वाह करते हैं। मिरि और नोक्ते जाति के लगभग 35% निवासी हिन्दू हैं। राज्य के 13% निवासी बौद्ध धर्म का पालन करते हैं तथा लगभग 19% आबादी ईसाई धर्म की अनुयायी है।
राज्य में कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, डोलोमाइट, चूना पत्थर, ग्रेफाइट, एस्बेस्टस, प्लेसर गोल्ड, आयरन, मार्बल, फेरो-सिलिकॉन ग्रेड, क्वार्टजाइट, लेड और जिंक, माइनर मिनरल्स (रेत, बजरी, बोल्डर, मिट्टी) जैसे विभिन्न प्रकार के खनिज हैं। आदि) अरुणाचल प्रदेश लघु खनिज रियायत नियम 2002 से लागू हुआ था।
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश की जनसंख्या 1,382,611 है और इसका क्षेत्रफल 83,743 वर्ग किलोमीटर (32,333 वर्ग मील) है। यह एक जातीय रूप से विविध राज्य है, जिसमें मुख्य रूप से पश्चिम में मोनपा लोग, केंद्र में तानी लोग, पूर्व में ताई लोग और राज्य के दक्षिण में नागा लोग हैं।
अरुणाचल प्रदेश के पारंपरिक परिधानों में शॉल, रैप और स्कर्ट शामिल हैं। पुरुषों के लिए आंध्र प्रदेश की पारंपरिक पोशाक धोती और कुर्ता है। वे लुंगी और शर्ट भी पहनते हैं। 14वीं शताब्दी से पहले आंध्र प्रदेश की पारंपरिक पोशाक महिलाओं के लिए धोती थी। बाद में, साड़ी और लंगा वोनी जैसे अन्य पारंपरिक कपड़े चलन में आए।
अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति, वेशभूषा धर्म, सामाजिक दशाए तथा भाषाएँ तिब्बत, बर्मी व पूर्वी क्षेत्र में रहने वाली खामित जैसी जनजातियों से प्रभावित है। राज्य के लोक नृत्यों में वान्को नृत्य, मिश्मी (शास्त्रीय) नृत्य, डीगारू मिश्मी (बगैया) नृत्य, खाम्प्टी नृत्य, का फिफाई नृत्य (ड्रामा) तथा पोनुन्ग नृत्य (अदिस) बहुत प्रसिद्ध है।
भले ही अंग्रेजी राज्य की आधिकारिक भाषा है, लेकिन हिंदी ही राज्य की कनेक्टिंग और संचार भाषा है। संस्कृत के अलावा अरुणाचल प्रदेश में हिंदी और अंग्रेजी मुख्य भाषाएं हैं जिन्हें वैकल्पिक रखा गया था।
अरुणाचल प्रदेश राज्य में प्रत्येक जाति का अपना अलग-2 खानपान है। इस राज्य में मसालों का प्रयोग बहुत कम मात्र में किया जाता है होता है। इस प्रदेश का मनपसंद भोजन पत्तों में लिपटे उबले हुए चावल (भात) नाश्ते के रूप खाया जाता है, यहाँ की मोनपा जनजाति द्वारा थुपका नूडल सूप भी पसंद किया जाता है। यहाँ के प्रमुख व्यंजनो में थुपका, पंच फौरन तरकारी, मीसा माच पुरा , दल और अंडे, कोट पीथा आदि भी शामिल है।
इस प्रदेश के कुछ मुख्य त्योहारों में ‘अदीस’ समुदाय का ‘मापिन और सोलंगु’, ‘मोनपा’ समुदाय का त्योहार ‘लोस्सार’, ‘अपतानी’ समुदाय का ‘द्री’, ‘तगिनों’ समुदाय का ‘सी-दोन्याई’, ‘इदु-मिशमी’ समुदाय का ‘रेह’, ‘निशिंग समुदाय का ‘न्योकुम’ आदि त्योहार शामिल हैं। अधिकतर त्योहारों पर पशुओं को बलि चढ़ाने की पुरातन प्रथा प्रचलित है।
अरुणाचल प्रदेश में 26 से भी ज्यादा जनजातियाँ निवास करती है। ज्यादातर आबादी तिब्बती-बर्मी या ताई-बर्मी मूल की हैं। यहां की प्रमुख जनजातियों में अपातानी, अका, बोरी, अदि, ताजिन और नईशी प्रमुख हैं। अरुणाचल प्रदेश में कई तरह की भाषाएं बोली जाती हैं।
इस राज्य में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्य पर्यटन स्थलों में अलोंग, आकाशगंगा, ईटानगर, खोंसा, टीपी, तवांग, तेजू, दापोरिजो, दिरांग, नामदफा, परशुराम कुंड, पासीघाट, बोमडिला, भीष्मकनगर, मालिनीथान, मियाओ, रोइंग और लीकाबाली शामिल हैं। तवांग मठ भारत का सबसे बड़ा बौद्ध मठ है और ल्हासा के पोताला महल के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मठ है। राज्य में चार राष्ट्रीय उद्यान और सात वन्यजीव अभ्यारण्य हैं जो कि पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र हैं।
  • वर्तमान में, अरुणाचल प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GDP) रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। 2020-21 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद 299.74 लाख करोड़ था। 2015-16 और 2020-21 के बीच राज्य की GDP 10.1% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGRर) से बढ़ी है।
  • वर्तमान में 50,328 मेगावाट (मेगावाट) या भारत की वर्तमान बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग 22% अनुमानित है। जो अप्रैल 2021 तक, राज्य में स्थापित पनबिजली क्षमता 765.14 मेगावाट थी।
  • उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अनुसार, अप्रैल 2000 और मार्च 2021 के बीच पूर्वोत्तर राज्यों में FDI प्रवाह कुल 142 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। वहीं अक्टूबर 2019 और मार्च 2021 के बीच 5.55 मिलियन अमेरिकी डॉलर का FDI प्रवाह को आंका किया।
  • टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (TRIHMS), जो कि राज्य का पहला मेडिकल कॉलेज है, को चालू कर दिया गया और इसे 2018 में पचास MBBS छात्रों का पहला बैच प्राप्त हुआ।
  • फरवरी 2021 में, केंद्र सरकार ने 1,100 करोड़ अनुमानित लागत के साथ 598 किलोमीटर की सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी है।


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