छत्तीसगढ़ का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Chhattisgarh General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

छत्तीसगढ़ का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामछत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीरायपुर (कार्यकारी शाखा), बिलासपुर
राज्य का गठन1 नवम्बर 2000
सबसे बड़ा शहररायपुर, बिलासपुर
कुल क्षेत्रफल1,35,192 वर्ग किमी
जिले27
वर्तमान मुख्यमंत्रीभूपेश बघेल
वर्तमान गवर्नर अनसुइया उइके
राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना
राजकीय फूललेडीज़ स्लीपर
राजकीय जानवरछत्तीसगढ़
राजकीय पेड़साल
राजकीय भाषाछत्तीसगढ़ी और हिंदी
लोक नृत्यगौर मारिया, पैंथी, राउत नाच, पंडवाणी, वेडामती, कपालिक, भारथरी चरित्र, चंदनानी।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)

छत्तीसगढ़ भारत का 26वाँ राज्य है। छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 01 नवम्बर 2000 को हुआ था। इस राज्य की राजधानी रायपुर है और इसका उच्च न्यायालय बिलासपुर में है। छत्तीसगढ़ का कुल क्षेत्र 135,191 वर्ग किमी है जो कि मध्य प्रदेश का सिर्फ 30% है। भू-भाग सम्पूर्ण भारत के भू-भाग का कुल 4.14% है। क्षेत्रफल के हिसाब से छत्तीसगढ़ देश का 9वाँ बड़ा राज्य है। जनसंख्या की दृष्टि से इस राज्य का 17वाँ स्थान है। छत्तीसगढ़ में कुल 27 जिले हैं।

प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ को ‘दक्षिण कोशल’ के नाम से जाना जाता था। छठी और बारहवीं शताब्दियों के बीच सरभपूरिया, पांडुवंशी, सोमवंशी, कलचुरी और नागवंशी शासकों ने इस क्षेत्र पर शासन किया। कलचुरी और नागावंशी शासकों ने इस क्षेत्र पर लम्बे समय तक शासन किया। कलचुरियों ने छत्तीसगढ़ पर सन् 980 से लेकर 1791 तक राज किया किया था। आजादी के बाद छत्तीसगढ़ 44 वर्ष तक मध्य प्रदेश का अंग ही था। बाद में 01 नवंबर, 2000 को मध्य प्रदेश का विभाजन करके छत्तीसगढ़ भारतीय संघ के 26वें राज्य के रूप में पूर्ण अस्तित्व में आया।
छत्तीसगढ़ के उत्तर में उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम में मध्यप्रदेश का शहडोल संभाग, उत्तर-पूर्व में उड़ीसा और झारखंड, दक्षिण में तेलंगाना और पश्चिम में महाराष्ट्र राज्य स्थित हैं। छत्तीसगढ़ का कुल क्षेत्र अनुमानित तौर पर 135,191 वर्ग किमी है। छत्तीसगढ़ का विस्तार उत्तर में 17˚46‘ से 24˚05‘ अक्षंाशीय और पूर्व में 80˚15 से 84˚20‘ तक अधोमुखी है। यह प्रदेश ऊँची नीची पर्वत श्रेणियों से घिरा हुआ घने जंगलों वाला राज्य है। यहाँ साल, सागौन, साजा और बीजा और बाँस के वृक्षों की अधिकता है। यहाँ सबसे ज्यादा मिस्रित वन पाया जाता है। छत्तीसगढ़ में भारत के कुल वन क्षेत्र का लगभग 12% है। राज्य की प्रमुख नदियाँ महानदी, शिवनाथ, खारुन, अरपा, पैरी तथा इंद्रावती हैं। छत्तीसगढ़ का राजकीय पेड 'साल' है। छत्तीसगढ़ का राजकीय पक्षी 'पहाड़ मैना' है। छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु 'जंगली भैंस' है।
राज्य की जलवायु उष्ण-आर्द्र मॉनसून प्रकार की है, जिसे सामान्य बोलचाल में उष्णकटिबंधीय मॉनसूनी जलवायु या शुष्क उप-आर्द्र कहा जाता है। कर्क रेखा प्रदेश के उत्तरी भाग (सरगुजा, कोरिया ज़िले) से होकर गुज़रती है, जिसका पर्याप्त प्रभाव यहाँ की जलवायु पर पड़ता है। सम्पूर्ण प्रदेश की जलवायु में आंशिक भिन्नता है, जो समय-समय पर वर्षा, तापमान आदि के रूप में परिलक्षित होती रहती है।

छत्तीसगढ़ की विधान सभा में 90 सदस्य हैं। इस राज्य से 11 सदस्य लोक सभा और पांच सदस्य राज्य सभा में जाते हैं। छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल है। उन्होंने 17 दिसंबर 2018 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति अजीत जोगी थे। उन्होंने 01 नवम्बर 2000 में राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

छत्तीसगढ़ के वर्तमान राज्यपाल अनसुइया उइके है। अनसुइया उइके ने 29 जुलाई 2019 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खनन, कृषि, ऊर्जा उत्पादन और विनिर्माण पर आधारित है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, डोलोमाइट और अन्य खनिजों के प्रमुख भंडार हैं।
यहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि करती है। यहाँ पर खेती का प्रमुख मौसम ख़रीफ हैं। चावल यहाँ की मुख्य फ़सल है। धान की भरपूर पैदावार के कारण इसे धान का कटोरा भी कहा जाता है और यहां से 600 चावल मिलों को आपूर्ति की जाती है। यहाँ प्रति हेक्टेयर 14 क्विंटल धान का उत्पादन होता है। राज्य की अन्य महत्त्वपूर्ण फ़सलें हैं- मक्का, गेंहूँ कच्चा अनाज, मूँगफली और दलहन। कोरिया छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है, जहाँ पर मक्के की खेती सबसे ज़्यादा की जाती है।
2001 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ की साक्षरता दर 65.18% थी जिसमें पुरुष और महिला साक्षरता दर क्रमशः 77.86% और 52.40% शामिल थी। राजधानी रायपुर छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। इसमें राज्य के शिक्षा के कुछ सबसे महत्वपूर्ण विभाग हैं।
छत्तीसगढ़ भारत के प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्यों में से एक है। इसका वन राजस्व राज्य के कुल वन राजस्व का 44 प्रतिशत है। यहां चूना पत्थर, लौह-अयस्क, तांबा अयस्क, राॅक फाॅस्फेट, मैंगनीज़ अयस्क, बाॅक्साइट, कोयला, एस्बस्टस और माइका का प्रचुर भंडार है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से घिरे इस राज्य में कृषि लोगों की मुख्य गतिविधि है। यहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि करती है।स्टील और बिजली राज्य के प्रमुख उद्योग हैं। देश का 15 प्रतिशत स्टील छत्तीसगढ़ में उत्पादित होता है।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ की आबादी लगभग 2.55 करोड़ है। राज्य की जनसंख्या घनी है और यह 189 प्रति वर्ग किमी है।
छत्तीसगढ़ की महिलाएं आकर्षक गहनों और गहनों के साथ 'लुगड़ा' (साड़ी) और 'पोलखा' (ब्लाउज) पहनने के लिए प्रसिद्ध हैं जो संस्कृति और विरासत का एक अभिन्न अंग भी था। एक अन्य प्रमुख कपड़ा बनाने की तकनीक जो आज दुनिया भर में उपयोग की जाती है, वह है छत्तीसगढ़ की विरासत से एक उपहार, बाटिक।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में गीत एवं नृत्य का बहुत महत्व है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख और लोकप्रिय गीतों में से कुछ हैं: भोजली, पंडवानी, जस गीत, भरथरी लोकगाथा, बाँस गीत, गऊरा गऊरी गीत, सुआ गीत, देवार गीत, करमा, ददरिया, डण्डा, फाग, चनौनी, राउत गीत और पंथी गीत। इनमें से सुआ, करमा, डण्डा व पंथी गीत नाच के साथ गाये जाते हैं। छत्तीसगढ़ की शिल्पकला में परंपरा और आस्था का अद्भुत समन्वय है। यहाँ की पारंपरिक शिल्प कला में धातु, काष्ठ, बांस तथा मिट्टी एकाकार होकर अर्चना और अलंकरण के लिए विशेष रुप से लोकप्रिय है।
राज्य की आधिकारिक भाषा हिंदी है। हालांकि राज्य की ज्यादातर आबादी छत्तीसगढ़ी बोलती है जो कि हिंदी की ही बोली है। राज्य में कुछ लोग तेलगु भी बोलते हैं। उडि़या, भोजपुरी और कोसाली भी राज्य के कुछ भागों में बोली जाती है।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खानपान की विशिष्ट और दुर्लभ परंपराएं हैं, जो हर प्रहर, बेला, मौसम और तीज-त्यौहार के मुताबिक सामने आती है। राज्य के मीठे व्यंजनों में तसमई, खुरमी, पपची, अइरसा, देहरौरी, फरा और चौसेला शामिल है तथा राज्य के नमकीन व्यंजनों में ठेठरी, बफौरी, करी, सोहारी, बरा और चीला काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा मिठाइयों में बबरा, देहरउरी, मालपुआ, दूधफरा, अईरसा, ठेठरी, खुरमी, बिड़िया, पिड़िया, पपची, पूरन लाडू, करी लाडू, बूंदी लाडू, पर्रा लाडू, खाजा, कोचई पपची आदि शामिल है। छत्तीसगढ़ी व्यंजन संतुलित, स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट होते हैं।
इस प्रदेश के कुछ मुख्य त्योहारों में पोला, नवाखाई, दशहरा, दीपावली, होली, गोवर्धन पूजा शामिल है। बस्तर का दशहरा, रायगढ़ का गणेशोत्सव तथा बिलासपुर का राउत मढ़ई ऐसे ही उत्सव हैं, जिनकी अपनी ही पहचान है।
छत्तीसगढ़ मॆं कई जातियां और जनजातियां हैं। जनगणना 2011 के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य की कुल जनसंख्या में से 30.62 प्रतिशत (78.22 लाख) जनसंख्या अनुसूचित जनजातियों की है। अघरीया, गोंड, कंवर, उरांव, हल्बा, भतरा, सवरा आदि प्रमुख जनजातियॉ है। अबूझमाड़िया, कमार, बैगा, पहाड़ी कोरवा तथा बिरहोर राज्य के विशेष पिछड़ी जनजातियाँ है, इनके अतिरिक्त अन्य जनजाति समूह भी है, जिनकी जनसंख्या अपेक्षाकृत कम है।
इस राज्य में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैैं। छत्तीसगढ़ के मुख्य पर्यटन स्थलों में अमरकंटक, चित्रकूट, दूधधारीमठ, इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान, केशकल घाटी, कांगेरघाट राष्ट्रीय पार्क, कैलाश गुफ़ाएं, कुडंबसर गुफ़ाएं, जगदलपुर, बस्तर और दंतेश्वरी मंदिर आदि हैं।
  • 2020-21 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GDP) 3.62 ट्रिलियन रु. था। वहीं 2015-16 और 2020-21 के बीच मौजूदा कीमतों पर राज्य का GDP (रुपये में) 9.97% की CAGR से बढ़ा था।
  • छत्तीसगढ़ वर्तमान में उन कुछ राज्यों में से एक है जिनके पास अतिरिक्त बिजली है। छत्तीसगढ़ में कोरबा जिला भारत की शक्ति राजधानी के रूप में जाना जाता है। उपयोगिता आधारित बिजली के मामले में भी यह कुछ लाभदायक राज्यों में से एक है।
  • अप्रैल 2021 तक, छत्तीसगढ़ में 13,076.27 मेगावाट की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता थी, जिसमें निजी उपयोगिताओं के तहत 8,229.83 मेगावाट, 1,971.05 मेगावाट (राज्य उपयोगिताओं) और 2,875.39 मेगावाट (केंद्रीय उपयोगिताओं) शामिल हैं। 2019-20 में राज्य में ऊर्जा की आवश्यकता 27,303 मिलियन यूनिट थी।
  • राज्य (मध्य प्रदेश सहित) ने अप्रैल 2000 और मार्च 2020 के बीच 1.43 बिलियन अमेरिकी डॉलर का संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित किया। अक्टूबर 2019 और मार्च 2021 के बीच, छत्तीसगढ़ में एफडीआई प्रवाह 0.03 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • वित्त वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ से कुल व्यापारिक निर्यात 1,278.69 मिलियन अमेरिकी डॉलर और वित्त वर्ष 2021 में 2,320.29 मिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।


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