असम का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

इस अध्याय के माध्यम से हम असम (Assam) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त असम राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है।

असम का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामअसम (Assam)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीदिसपुर
राज्य का गठन26 जनवरी 1950
सबसे बड़ा शहरगुवाहाटी
कुल क्षेत्रफल78,438 वर्ग किमी
जिले34
वर्तमान मुख्यमंत्रीहिमंत बिस्वा सरमा
वर्तमान गवर्नर जगदीश मुखी
राजकीय पक्षी देवहंस
राजकीय फूलद्रौपदी माला
राजकीय जानवरएक सींग वाला गैण्डा
राजकीय पेड़हॉलोंग
राजकीय भाषाअसमिया
लोक नृत्यबीहू, बीछुआ, नटपूजा, महारास, कालिगोपाल, बागुरुम्बा, नागा नृत्य, खेल गोपाल, ताबाल चोनग्ली, कानोई, झूमूरा होबजानाई।

असम (Assam)

असम अथवा आसाम भारत के उत्तर पूर्व में स्थित एक राज्य है। असम राज्य की राजधानी दिसपुर है, जो गुवाहाटी में स्थित है। असम चारों ओर से देश के अन्य उत्तर पूर्वी राज्यों से घिरा हुआ है, इसलिए असम भारत के सेवन-सिस्टर्स वाले कहे जाने वाले राज्यों में से एक है। इस राज्य के उत्तर में अरुणाचल प्रदेश, पूर्व में नागालैंड तथा मणिपुर, दक्षिण में मिजोरम, त्रिपुरा तथा मेघालय एवं पश्चिम में बांग्लादेश स्थित है। असम भारतीय राज्यों के अलावा भूटान और बांग्लादेश भी से अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है। असम राज्य का अपना अलग राज्य गान है। असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने 18 नवंबर 2013 को “ओ मोर अपनोर देश” गीत को राज्य का आधिकारिक गान घोषित किया था। इस राज्य गान जी रचना रचना साहित्यकार साहित्यार्थी लक्ष्मीनाथ बेज़बरोबा ने की है।

दो राजवंशों ने मध्यकालीन समय में असम पर राज किया था, जिनका नाम कोच और अहोम है। कोच तिब्बती-बर्मी मूल के थे, वहीं अहोम ताई थे और उत्तर असम पर राज करते थे। भारत ने मध्यकाल में कई हमलों का सामना किया, लेकिन असम पर अंग्रेजों से पहले कभी किसी विदेशी ताकत का राज नहीं रहा। असम पर पर मुगलों द्वारा 17 बार आक्रमण किया गया, परन्तु वह हर बार विफल रहे। सन् 1826 में पहले एंग्लो-बर्मी यु़द्ध के बाद पश्चिमी असम पर ईस्ट इंडिया कंपनी का कब्जा हो गया। आखिरकार सन् 1833 में पुरंदर सिंघा के रुप में ऊपरी असम को अपना राजा मिला। असम राज्य की स्थापना साल 1912 (असम प्रांत- ब्रिटिश भारत) एवं आजादी के भारतीय राज्य के रूप में 15 अगस्त 1947 को हुई थी।
असम की सबसे पुरानी नदी और राज्य की जीवन रेखा ब्रह्मपुत्र नदी है। यह नदी असम के पूर्वोत्तर सिरे पर सादिया के पास प्रवेश करती है, फिर पश्चिम में पूरे असम में लगभग 724 किमी. लंबे मार्ग में प्रवाहित होकर दक्षिण की ओर मुड़कर बांग्लादेश के मैदानी इलाक़ों में चली जाती है। असम में प्रवेश के बाद यह नदी बहुत चैड़ी हो जाती है और इसकी कई उपनदियाँ बन जाती हैं। ब्रह्मपुत्र नदी की कई प्रमुख सहायक नदियां हैं जैसे: माजुली, सुबनसिरी, भरेली, धनसिरी, सोनई, पगलडिया, मानस, संकाश, लोहित, नवदिहिंग, बूढ़ी दिहिंग, दिसांग, कपिली और दिगारू। असम के काजीरंगा नेशनल पार्क और मानस वाइल्डलाइफ अभ्यारण्य  यूनेस्को की वैश्विक धरोहर सूची में शामिल है। असम का राजकीय पक्षी 'श्वेत-पंखी काठ बतख' है। असम का राजकीय पेड 'होलोंग है। असम का राजकीय फूल 'द्रौपदी माला' है। असम का राजकीय पशु एक सींग वाला गैण्डा है।

असम राज्य की जलवायु देश के अन्य राज्यों की भांति मानसूनी है, परन्तु 05 कारक असम की जलवायु को भावित करते हैं: (1) उच्चावच, (2) पश्चिमोत्तर भारत तथा बंगाल की खाड़ी पर सामयिक परिवर्तनशील दबाव की पेटियां, तथा उनका उत्तरी एवं पूर्वोत्तरीय सामयिक दोलन। (3) उष्णकटिबंधीय समुद्री हवाएं। (4) सामयिक पश्चिमी चक्रवातीय हवाएं। (5) पर्वत एवं घाटी की स्थानीय हवाएं।

इस राज्य में गंगा के मैदान की तरह ज्यादा गर्मी नहीं पड़ती है, क्योंकि प्राय: तूफान तथा वर्षा होती रहती हैं। यहाँ पर साल में 60 से 70 दिन कोहरा और औसत वार्षिक वर्षा 200 सें॰मी॰ है। लेकिन मध्य भाग (गुवाहाटी, तेजपुर) में यह मात्रा 100 से.मी. से भी कम है, जबकि पूर्व और पश्चिम में कहीं भी 1,000 से.मी. तक भी वर्षा होती है। राज्य में सर्दियों का औसत तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस और ग्रीष्मकाल का औसत तापमान 23 डिग्री सेंटीग्रेड होता है। वर्षा ऋतु के अगस्त महीने में यहाँ का अधिकतम तापमान लगभग (27.17 सें॰ग्रे॰) रहता है।


असम के वर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा है। उन्होंने 10 मई 2021 को राज्य के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। असम के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति गोपीनाथ बोरदोलोई थे। उन्होंने 11 फ़रवरी 1946 को असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

असम के वर्तमान राज्यपाल जगदीश मुखी है। जगदीश मुखी ने 10 अक्टूबर 2017 को असम के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


असम की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि आधारित है, जिसमें 69% आबादी लगी हुई है। असम की अर्थव्यवस्था आज प्रचुरता के बीच पिछड़ेपन के अनूठे मेल का प्रतिनिधित्व करती है।

असम एक कृषि प्रधान राज्य है। असम में लगभग दो-तिहाई जनसंख्या खेती करती है। कृषि यहाँ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। चावल इस राज्य की मुख्य खाद्य फ़सल है। यहाँ की नकदी फ़सलें चाय, जूट, चाय, कपास, सरसों, तिलहन, गन्ना और आलू आदि हैं। राज्य की प्रमुख बाग़वानी फ़सलें संतरा, केला, अनन्नास, सुपारी, नारियल, अमरुद, आम, कटहल और नीबू आदि हैं। इस राज्य में लगभग 39.44 लाख हेक्टयर भूमि कुल खेती योग्य भूमि है। इसमें से क़रीब 27.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही खेती की जाती है।

चाय और जूट यहाँ की प्रमुख औद्योगिक फ़सलें हैं। ब्रितानी समय में ही यहां चाय की खेती शुरू की गई थी, मगर वर्तमान में असम भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है। राज्य के लगभग 65 प्रतिशत भाग में चाय की कृषि होती है। भारत की छोटी बड़ी 7,100 चाय बागान में से लगभग 700 असम में ही स्थित हैं।


असम पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य है। 2011 में, असम की साक्षरता दर 73.18% (78.81% पुरुष और 67.27% महिला) होने का अनुमान लगाया गया था। असम की साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत 74.04% से थोड़ा कम है।
राज्य में प्राकर्तिक संसाधनों की बहुतायत है, जैसे कोयला, चूना, पेट्रोल और प्राकृतिक गैस। राज्य में कई प्रकार के खनिज पदार्थ पाए जाते है, जैसे मिट्टी, चुंबकीय क्वार्टज़ाइट, फेल्ड्स्पार, सिलिमेनाइट, चीनी-मिट्टी आदि। भारत का पहला तेल भंडार डिगबोई, असम में स्थित है। असम के उत्तरी भाग में सभी मशहूर गैस और पेट्रोल के भंडार स्थित हैं जिनकी खोज सन् 1889 में हुई थी। राज्य में लगभग 450 मिलियन टन खनिज तेल का भंडार है, जो पूरे भारत का लगभग 50% है।

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार असम की आबादी 31169272 थी। पिछले 10 वर्षो में राज्य में अनुमानित तौर पर 16.93 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि देखी गई। साल 2011 में राज्य की साक्षरता दर 73.18 प्रतिशत और शहरीकरण की दर 12.9 प्रतिशत थी। सन् 2011 में असम की साक्षरता दर 73.18 प्रतिशत के आसपास रही, जिसमें महिला साक्षरता 67.27 प्रतिशत और पुरुष साक्षरता 78.81 प्रतिशत थी। असम सरकार राज्य के 14 साल तक के बच्चों को मुफ्त अनिवार्य शिक्षा मुहैया कराती हैं।

असम में साल 2001 की जनगणना के अनुसार हिंदुओं की संख्या 1,72, 96, 455, मुसलमानों की 82,40,611, ईसाई की 9, 86,589 और सिखों की 22,519, बौद्धों की 51,029, जैनियों की 23, 957 और 22, 999 अन्य धार्मिक समुदाय से संबंधित थे।


असम की वेशभूषा की अपनी अलग ही पहचान है। असम का पहनावा वर्तमान समय के साथ-2 बदल चुका है यहां की युवा भी पश्चिमी सभ्यता के वेशभूषा को अपना रहे हैं, लेकिन असम की वेशभूषा को अगर आपको देखना है तो उसके पारंपरिक त्यौहारों में आप देख सकते हैं। यहाँ पर पुरुष कमर से ऊपर एक विशिष्ट प्रकार का चादर जिसे गामोशा कहां जाता है तथा कमर से नीचे धोती पहनते है। यहां की महिलाएं कमर से ऊपर के हिस्से को ढकने के लिए विशिष्ट प्रकार के चादर का उपयोग करती है और कमर से नीचे पहने जाने वाले पहनावे को मेखला कहां जाता है।
असम की संस्कृति अहोम और कोच राजवंश का राज आने के बाद बहुत प्रभावित हुई। सांस्कृतिक बदलाव में सबसे अहम भूमिका श्रीमंत शंकरदेवा वैष्णव आंदोलन की रही। इस आंदोलन ने असम की संस्कृति को ललित कला, साहित्य, भाषा और परफॅार्मिंग आर्ट के क्षेत्र में विकसित किया। ब्रिटिश काल के बाद के समय ने भी असम की आधुनिक संस्कृति को बहुत प्रभावित किया। राज्य के साहित्य और कला क्षेत्र पर उत्तर भारत और पाश्चात्य के मिश्रण का असर देखा जा सकता है। कुछ मशहूर नृत्य और नाटक है जैसे: अंकिया नाट, बीहू नृत्य, कुषण नृत्य, बगुरुंबा, बोरडोइसिखला, सत्तरिया, बंजर केकन, मिशिंग बिहू आदि। संगीत भी राज्य की परंपरा का हिस्सा है, जैसे लोक गीत बोरगीत आदि।
असम की आधिकारिक भाषा असमिया और बोडो है। बंगाली भाषा को भी आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला हुआ है और यह असम में काफी बोली जाती है। असम की भाषा में ब्रजावली भाषा के भी अंश हैं, जो कि भारत की विभिन्न भाषाओं से शब्द लेकर बनी है। राज्य में विभिन्न समुदाय अलग-अलग भाषा बोलते हैं और राज्य में लगभग 45 भाषाएँ बोली जाती हैं। राज्य में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली आदिवासी भाषा संथाली है। पश्चिमी असम के लोग राजबोंगशी भाषा बोलते हैं, जिसे गोलपरिया या कमातापुरी भी कहते हैं। बराक घाटी में कुछ लोग बिश्नुप्रिया मणिपुरी भी बोलते हैं। असम के कुछ भागों में लोग नेपाली बोलते भी दिख जाते हैं।
असम के खाने की आदतें ज्यादातर मांसाहारी होती हैं, फिश करी के साथ चावल असमिया के लिए मुख्य खाद्य पदार्थ है। वे अपने भोजन के दौरान इस्तेमाल होने वाले बांस के अंकुर, कटहल, जैतून और केले का इस्तेमाल करते थे। एक और दिलचस्प डिश है बैम्बू शूट्स चटनी और अचार, यह असम का बेस्ट फूड है। असम में उबले हुए चावल (भात) के साथ तेंगामाछ (सौर फिश) एवं खर (क्षारविशिष्ट) एक लोकप्रिय भोजन है।
असम में अनेक रंगारंग त्योहार मनाए जाते हैं। ‘बिहू’ असम का मुख्य पर्व है। यह वर्ष में तीन बार मनाया जाता है- ‘रंगाली बिहू’ या ‘बोहाग बिहू’ फ़सल की बुआई की शुरुआत का प्रतीक है। इसी से नए वर्ष का शुभारंभ भी होता है। ‘भोगली बिहू’ या ‘माघ बिहू’ फ़सल की कटाई का त्योहार है और ‘काती बिहू’ या ‘कांगली बिहू’ शरद ऋतु का एक मेला है। राज्य में भारत के प्रमुख त्योहारों में शिवरात्रि मेला, दीपावली, अशोक अष्टमी मेला, पौष मेला, परशुराम मेला, अंबुकाशी मेला, दोल-जात्रा, ईद, क्रिसमस और दुर्गा पूजा, आदि धार्मिक त्योहार राज्य भर में श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं। लगभग सभी त्योहार धार्मिक कारणों से मनाए जाते हैं।
असम में पाई जाने वाली जनजातियों में सबसे बड़ी गारो, कछारी, खासी, लुशाई और मिकिर हैं।

असम राज्य में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। राजधानी गुवाहाटी में तथा उसके आसपास प्रमुख पर्यटन स्थलों में कामाख्या मंदिर, उमानंदा (मयूरद्वीप), नवग्रह मंदिर वशिष्ठ आश्रम, डोलगोबिंद, गांधी मंडप, राज्य का चिडियाघर, राज्य संग्रहालय, शुक्रेश्वर मंदिर, गीता मंदिर,  मदन कामदेव मंदिर और सरायघट पुल आदि काफी प्रसिद्ध हैं।

अन्य दर्शनीय स्थल:

  • काजीरंगा राट्रीय पार्क (एक सींग वाले गैंडों के लिए प्रसिद्ध)।
  • मानस बाघ परियोजना, पोबीतोरा और ओरंग (वन्यजीव उद्यान)।
  • शिवसागर (शिव मंदि, रंगघर,कारेंगघर)।
  • तेजपुर (भैरवी मंदिर और रमणीक सथान)।
  • भलुकपुंग (अंगलिंग), हॉफलांग (स्वास्थ्यप्रद स्थान और जतिंगा पहाडियां)।
  • माजुली (विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप)।
  • चंदुबी झील (पिकनिक स्थल)।
  • हाजो (बौद्ध, हिन्दू और इस्लाम)।
  • बताद्रव (महान वैष्णव संत शंकरदेव की जन्मभूमि)।
  • आर सुआलकूची (रेशम उद्योग के लिए प्रसिद्ध)।

असम में कुल 27 जिले हैं, जनसँख्या के आधार पर सबसे बड़ा ज़िला नौगांव है और क्षेत्रफल के आधार पर सबसे छोटा ज़िला कार्बी आंगलोंग है।

असम में निम्नलिखित 27 जिले हैं:- बकसा, बारपेटा, बोंगईगांव, कछार, चिराग, दारांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, दीमा हासओ, गोलपाड़ा, गोलाघाट, हैलकन्दी, जोरहट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपोलिटन, कार्बी आंगलोंग, करीमगंज, कोकराझार, लखीमपुर, मोरीगांव, नौगांव, नलबारी, सिबसागर, सोनितपुर, तिनसुकिया और उदलगुरी।


  • मौजूदा कीमतों पर, 2020-21 में असम का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GDP) 4.09 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। 2015-16 और 2020-21 के बीच राज्य की GDP 12.38% की CGR (रुपये में) से बढ़ी है।
  • असम ने चाय, पेट्रोलियम उत्पाद, कोयला, कोक और ब्रिकेट और अन्य उत्पादों जैसी प्रमुख वस्तुओं का निर्यात किया। वित्त वर्ष FY21 (जनवरी 2021 तक) में, असम से कुल चाय निर्यात 217.89 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो कुल निर्यात का 64% था।
  • मई 2021 में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय में हुई प्रेस बैठक के अनुसार, CRS से हरी झंडी मिलने के बाद अगले महीने धुबरी जिले के अभयपुरी और गौरीपुर के बीच 48 किलोमीटर नई रेलवे लाइन का उद्घाटन होने की उम्मीद है।
  • फरवरी 2021 में, भारत और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) ने पूर्वोत्तर राज्य में पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता, क्षमता और सुरक्षा में सुधार के लिए असम इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम एन्हांसमेंट प्रोजेक्ट के लिए 304 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • फरवरी 2021 में, असम के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलदोई, दरांग में असम कौशल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। विश्वविद्यालय असम और उत्तर पूर्वी क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने के साथ भारत के युवाओं को कौशल शिक्षा प्रदान करेगा। इस परियोजना को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
  • फरवरी 2021 में, प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने और कनेक्टिविटी में सुधार के इरादे से सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली में 'असम माला' कार्यक्रम की शुरुआत की।


📅 Last update : 2022-06-28 11:44:49