झारखंड का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

इस अध्याय के माध्यम से हम झारखंड (Jharkhand) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त झारखंड राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है।

झारखंड का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामझारखंड (Jharkhand)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीरांची
राज्य का गठन15 नवम्बर 2000
सबसे बड़ा शहरजमशेदपुर
कुल क्षेत्रफल79,714 वर्ग किमी
जिले24
वर्तमान मुख्यमंत्रीरमेश बैसो
वर्तमान गवर्नर द्रौपदी मुर्मू
राजकीय पक्षी कोयल
राजकीय फूलपलाश
राजकीय जानवरभारतीय हाथी
राजकीय पेड़साल
राजकीय भाषाहिन्दी
लोक नृत्यअलकप, कर्मा मुंडा, अग्नि, झूमर, जनानी झूमर, मर्दाना झूमर, आदि।

झारखंड (Jharkhand)

झारखण्ड भारत के पूर्वी भाग में स्थित देश का 28वाँ राज्य हैं। राज्य की राजधानी राँची है। झारखण्ड का सबसे बड़ा शहर जमशेदपुर हैं। राज्य की उप राजधानी दुमका है। इसकी सीमाएँ उत्तर में बिहार, पश्चिम में उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़, दक्षिण में ओड़िशा और पूर्व में पश्चिम बंगाल से लगी हुई है। पूरे देश में वनों के अनुपात में यह राज्य एक अग्रणी राज्य माना जाता है तथा वन्यजीवों के संरक्षण के लिये मशहूर है।

इस क्षेत्र को मुगल काल के दौरान 'कुकारा' के नाम से जाना जाता था। सन् 1756 के बाद अंग्रेज यहां शासन करने आए और इस धरती को झारखंड नाम दिया गया। सन् 1832 के आदिवासी विद्रोह ने झारखंड में स्थित ब्रिटिश प्रशासन पर बहुत असर डाला। सबसे लंबा और आखिरी आदिवासी विद्रोह 'बिरसा मुंडा' के तहत सन् 1895 में हुआ और सन् 1900 तक चला। साल 1939 के आसपास पूर्व भारतीय हाकी खिलाड़ी जयपाल सिंह ने पहली बार तत्कालीन बिहार के दक्षिणी जिलों को मिलाकर झारखंड राज्य बनाने का विचार रखा था। 02 अगस्त 2000 को दक्षिण बिहार का विभाजन करके देश के 28वें राज्य झारखंड का निर्माण किया गया था।
इस प्रदेश का कुल क्षेत्रफल 79,714 वर्ग किमी. है, जो देश के कुल क्षेत्रफल का 2.4% है। इसमें 152 शहर एवं 32,615 गाँव है। इस राज्य की लम्बाई (उत्तर से दक्षिण) 380 किमी. और चौड़ाई (पूर्व से पश्चिम) 463 किमी. है। राज्य का ज्यादातर हिस्सा छोटानागपुर पठार का हिस्सा है जो कोयल, दामोदर, ब्रम्हाणी, खड़कई, एवं स्वर्णरेखा नदियों का उद्गम स्थल भी है जिनके जलक्षेत्र ज्यादातर झारखण्ड में है। राज्य का ज्यादातर हिस्सा वन-क्षेत्र है, जहाँ हाथियों एवं बाघ काफी मात्र में पाए जाते है। झारखंड की मिट्टी में पत्थर और टूटी चट्टानों का मिश्रण है। राज्य में विभिन्न प्रकार की मिट्टी अलग अलग स्थानों पर पाई जाती है। झारखण्ड का राजकीय पेड 'साल' है। झारखण्ड का राजकीय पक्षी 'एशियाई कोयल' है। झारखण्ड का राजकीय फूल 'पलाश' है। झारखण्ड का राजकीय पशु 'हाथी' है।
यह राज्य उष्णकटिबंधीत क्षेत्र में स्थित है। झारखण्ड की जलवायु सामान्यताः उष्णकटिबंधीत है किन्तु ऊँचे पठारी भाग होने के कारण यहाँ की जलवायु की स्थिति आस-पास से भिन्न है। यह क्षेत्र मॉनसूनी जलवायु के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक मौसम के उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। झारखण्ड की जलवायु में पर्याप्त आर्द्रता पायी जाती है, जिसके कारण यह उष्णकटिबंधीय जलवायु से कुछ भिन्न प्रकार की बन जाती है।

झारखंड के प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य का प्रमुख राजनीतिक दल है। राज्य के मुखिया राज्यपाल हैं, जो राष्ट्रपति द्वारा चुने जाते है, परंतु वास्तविक कार्यकारी शक्तियाँ मुख्यमंत्री के हाथों में केन्द्रित होती है जो अपनी सहायता के लिए एक मंत्रीमंडल का भी गठन करता है। राज्य का प्रशासनिक मुखिया राज्य का मुख्य सचिव होता है।

झारखण्ड के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल है। उन्होंने 13 सितंबर 2021 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। झारखण्ड के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति बाबूलाल मरांडी थे। उन्होंने 15 नवम्बर 2000 में राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। झारखण्ड के वर्तमान राज्यपाल रमेश बैस है। रमेश बैस ने 07 जुलाई 2021 को झारखण्ड के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


झारखंड की अर्थव्यवस्था खनिज संसाधनों, उद्योगों, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों पर निर्भर करती है। 2004 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। झारखंड राज्य की अर्थव्यवस्था को यह राजस्व खनिज संसाधन क्षेत्र से मिलता है, क्योंकि राज्य में खनिजों का एक समृद्ध भंडार है।
झारखण्ड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खनिज और वन संपदा पर आधारित है। छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड भारत का दूसरा सबसे बड़ा खनिज संपदा उत्पादक है। झारखण्ड को प्रचुर मात्रा में खनिज की उपलबध्ता के कारण भारत का ‘रूर’ भी कहा जाता है। राज्य में लौह अयस्क, तांबा, कोयला, यूरेनियम, बाॅक्साइट, अभ्रक, चूना पत्थर और ग्रेफाइट के रुप में खनिज पाए जाते हैं। झारखण्ड राज्य के 79,714 वर्ग किमी क्षेत्र में से 18,423 वर्ग किमी क्षेत्र में वन हैं। राज्य में कई प्रसिद्ध औद्योगिक शहर जैसे बोकारो स्टील शहर, रांची, रामगढ़ और धनबाद हैं। भारत का पहला और विश्व का पाँचवां सबसे बड़ा इस्पात कारखाना टाटा स्टील जमशेदपुर में स्थित हैं। बोकारो में एशिया का सबसे बड़ा स्टील संयत्र है।
झारखंड की साक्षरता दर सन् 2011 की जनगणना के अनुसार 67.63% है। राज्य में पुरुष साक्षरता दर 78.45% और महिला साक्षरता दर 56.21% है।झारखंड के गठन के बाद झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने प्राथमिक स्तर की शिक्षा के प्रसार के लिए चार परियोजनाएं – डीपीईपी, एसएसए, एनपीईजीईएल और केजीबीवी शुरु की।
झारखंड खनिज संसाधनों जैसे कोयला (भारत के भंडार का 27.3%), लौह अयस्क (भारत के भंडार का 26%), तांबा अयस्क (भारत के भंडार का 18.5%), यूरेनियम, अभ्रक, बॉक्साइट, ग्रेनाइट, चूना पत्थर, चांदी, ग्रेफाइट में समृद्ध है।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार झारखंड की आबादी 32.96 मिलियन है। इसमें पुरुषों की संख्या 16.93 मिलियन और महिलाओं की संख्या 16.03 मिलियन है। यहां की कुल आबादी के 28% लोग जनजातियों के और 12% अनुसूचित जाति के शामिल हैं। राज्य में लगभग 68.5% लोग हिंदू, 13.8% लोग मुस्लिम, 13% जणात्मवाद सरना और 4.1% लोग ईसाई धर्म के हैं। शेष आबादी बौद्ध, जैन और सिख धर्म के लोगों की है।
पांची और परहान झारखंड की महिलाओं का पारंपरिक पहनावा है। निचला वस्त्र पंची और ऊपरी, परहान। झारखंड लोकप्रिय रूप से वनचल (जंगल की भूमि) के रूप में जाना जाता है, जो वस्त्र और कपड़े की एक गतिशील विरासत के साथ सुसंस्कृत है।
झारखंड में प्रत्येक उप जाति और जनजाति के समूह में अनूठी परंपरा के लोग हैं। अधिकांश जनजातीय गाँवों में एक नृत्यस्थली होती है। पइका, छउ, जदुर, करमा, नचनी, नटुआ, अग्नि, छोकरा, संथाल, जामदा, घटवारी, महता, सोहारी, लुरिसेरी यहाँ के लोकनृत्य हैं। प्रत्येक गाँव का अपना पवित्र वृक्ष (सरना) होता है, जहाँ गाँव के पुजारी द्वारा पूजा अर्पित की जाती है। इसके अलावा अविवाहितों का शयनागार भी होता है। साप्ताहिक हाट जनजातीय अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यहाँ पतला, मजबूत बांस से सुनम्य व्यावहारिक लेख जैसे दरवाजा पैनल, बक्सा, चम्मच, शिकार तथा मछली पकड़ने के उपकरण, नाव के आकार का टोकरियाँ और कटोरे और फुलके बनाये जाते हैं और गुलाबी हरी पत्ती वाले पाउडर का उपयोग धार्मिक अवसरों पर करते हैं। ‘साल’ पत्तियों से बनाये गये कटोरे और ‘पत्तल’ प्लेटों का उपयोग शादी और अन्य उत्सव के दौरान व्यापक रूप से किया जाता है।
राज्य की आधिकारिक भाषा हिंदी है। यहां के लोग कई भाषाएं बोलते हैं। प्रदेश में हिंदी के आलावा मुंडा, इंडो-आर्य और द्रविड़ भाषा भी बोली जाती है।संथाली, भूमजी, हो, मुंदरी और खरिया मुंडा भाषा के तहत आती हैं। बंगाली, सदरी, मैथली, पंचपरगनिया, उडि़या, खोरथा, पागपुरी और कुरमाली इंडो-आर्य भाषा के तहत आती हैं। पहाडि़या, कोरवा और ओरांव द्रविड़ भाषा के तहत आती हैं।
हर भारतीय राज्य की तरह ही झारखण्ड के खान-पान की भी अपनी अलग विशेषताएं है। राज्य के मुख्य व्यंजनों में धुस्का, सत्तू (ठेकुआ आटा और गेहूं के आटे से बनाया जाता है), ठेकुआ और तिलकुट बहुत लोकप्रिय है।
झारखण्ड आदिवासी बहुल राज्य है। इसलिए यहां की संस्कृति में आदिम जीवन का रंग-गंध यहां के सभी पर्व-त्योहारों में बिखरा पड़ा है। आदिवासियों का सबसे बड़ा त्योहार सरहुल है, जो मुख्यतः बसंतोत्सव है जो मार्च-अप्रैल महीने में मनाया जाता है। मकर संक्रांति के दौरान लोग तुसु मेला या पौश मेला भी मनाते हैं जो दरअसल फसल कटाई का एक त्यौहार है। इस प्रदेश के अन्य त्योहारों में टुसू, बांदना, करमा, मागे शामिल है।
अत्यधिक वन होने के कारण झारखण्ड में बहुत से आदिवासी समुदाय निवास करते हैं जैसे: असुर, बिनझिया, गोंड, हो, खरीया, खरवर, बंजारा, बथुंडी, मल पहाडिया, चिक बैराक, कोरबा, बिरहोर, महली, खोंड, सोरिया पहाडिया, किसन, मोरवा, मुंडा, ओरन, संथाल, सवर, चबर, पहारिया, बिरजिया, हिल खरिया आदि।
इस राज्य में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैैं। राज्य में वनों, पहाड़ों की भरमार है। इसके अलावा कई वन्यजीव अभयारण्य, मंदिर, संग्रहालय आदि हैं जो देश भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। झारखण्ड के मुख्य पर्यटन स्थलों में देवघर वैधनाथ मंदिर, हुंडरू जलप्रपात, दलमा अभयारण्य, बेतला राष्ट्रीय उद्यान, श्री समेद शिखरजी जैन तीर्थस्थल (पारसनाथ), पतरातू डैम, गौतम धारा, छिनमस्तिके मंदिर, पंचघाघ जलप्रपात, दशम जलप्रपात, हजारीबाग राष्ट्रीय अभयारण्य, रांची फाॅल्स, दासम फॅाल, सूर्य मंदिर, जमशेदपुर, नेतरहाट आदि शामिल हैं।

राज्य में कुल निम्नलिखित 24 जिले हैं जो इस प्रकार हैं:-

कोडरमा, खूंटी, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, गोड्डा, चतरा, जामताड़ा, दुमका, देवघर, धनबाद, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम, पाकुर, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, रांची, रामगढ़, लातेहार, लोहरदगा, सरायकेला खरसावाँ, साहिबगंज, सिमडेगा, हजारीबाग


  Last update :  2022-06-28 11:44:49
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  Post Category :  भारतीय राज्य