मेघालय का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम मेघालय (Meghalaya) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त मेघालय राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Meghalaya General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

मेघालय का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नाममेघालय (Meghalaya)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीशिलांग
राज्य का गठन21 जनवरी 1972
सबसे बड़ा शहरशिलांग
कुल क्षेत्रफल22,429 वर्ग किमी
जिले11
वर्तमान मुख्यमंत्रीकॉनराड संगमा
वर्तमान गवर्नर सत्य पाल मलिक
राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना
राजकीय फूललेडीज़ स्लीपर
राजकीय जानवरधूमिल तेंदुए
राजकीय पेड़सफेद सागौन
राजकीय भाषाअंग्रेज़ी
लोक नृत्यका शाद सुक मिनसेइम, नॉन्गरेम, लाहो।

मेघालय (Meghalaya)

मेघालय भारत के उत्तर पूर्व में स्थित एक राज्य है। मेघालय की राजधानी और राज्य का सबसे बड़ा शहर शिलांग है। राज्य के उत्तर में असम और दक्षिण में बांग्लादेश स्थित है। मेघालय का कुल क्षेत्रफल लगभग 22,429 वर्ग किलोमीटर है।

साल 1905 में बंगाल के बंटवारे के दौरान मेघालय असम और पूर्वी बंगाल का हिस्सा बना था। बंगाल के विभाजन के लिए लार्ड कर्जन जिम्मेदार थे। सन् 1912 में जब विभाजन रद्द हुआ तब मेघालय असम राज्य का एक अभिन्न हिस्सा बन गया। सन् 1947 में भारत की आजादी के समय दो जिलों वाले मेघालय को असम के अंदर ही सही मायनों में स्वायत्ता का आनंद मिला। सन् 1971 में उत्तर-पूर्व अधिनियम क्षेत्र की मंजूरी के बाद मेघालय को राज्य के रुप में मान्यता मिली। पूर्ण राज्य का दर्जा पाने के पहले मेघालय को सन् 1970 में अर्ध-स्वायत्त राज्य का दर्जा दिया गया था। 21 जनवरी 1972 को जयंतिया हिल्स और यूनाइटेड खासी हिल्स को मिला कर मेघालय राज्य बनाया गया था।
मेघालय का अर्थ मेघो का आलय अर्थात बादलों का फघर होता है। यहां कई नदियां हैं जिनमें गनोल, उमियाम, मिनगोत, मिखेम और दारेंग शामिल हैं। इन नदियों के अलावा आपको यहां और भी ढेरों नदियां जैसे उमियाम, मावपा और खरी मिल सकती हैं। यहाँ विस्तृत मैदान, पहाडियां और नदी, घाटियां हैं। पहाड की तलहटी पर समतल भूमि की संकरी पट्टी बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगी है। मेघालय का राजकीय फूल 'लेडी स्लिपर आर्किड' है। मेघालय का राजकीय पक्षी 'पहाड़ी मैना' है। मेघालय का राजकीय पेड 'सफेद सागौन' है। मेघालय का राजकीय पशु 'मलिन तेंदुआ' है। मेघालय का सबसे ऊँचा पर्वत शिलांग शिखर, जिसकी ऊँचाई 1966 मीटर है।
मेघालय की जलवायु उपोष्ण (उष्ण और शीत के मध्य) तथा आर्द्र है। राज्य में सालाना वार्षिक वर्षा 1200 से॰मी॰ तक होती है जिसके कारण इस राज्य देश का सबसे “नम” राज्य कहा जाता है। यहां पर ग्रीष्म ऋतु में तापमान 20 डिग्री से 29 डिग्री तक और सर्दियों में तापमान 11 डिग्री से 21 डिग्री के बीच रहता है।

मेघालय के मुख्यमंत्री उत्तर-पुर्व राज्य के सरकार के प्रमुख हैं। भारत के संविधान के मुताबिक, मेघालय के राज्यपाल राज्य के न्यायपालिक है, लेकिन वास्तविक कार्यकारी प्राधिकारी मुख्यमंत्री होता है। मिज़ोरम में विधानसभा की 60, लोक (संसदीय) सभा की 02 और राज्य सभा की 01 सीट है। राज्य की प्रमुख राजनीतिक दलों में यूनाइटेड लोकतांत्रिक पार्टी, मेघालय लोकतांत्रिक पार्टी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हैं।

राज्य में वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार है। मेघालय के वर्तमान मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा है। मेघालय के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति विलियमसन ए. संगमा थे। उन्होंने 02 अप्रैल 1970 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। मेघालय के वर्तमान राज्यपाल सत्य पाल मलिक है। सत्य पाल मलिक ने 18 अगस्त 2020 को मेघालय के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


लगभग सभी अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों की तरह, मेघालय काफी हद तक लकड़ी और लकड़ी आधारित उद्योगों पर निर्भर है। खनन क्षेत्र भी राज्य की आय में महत्वपूर्ण योगदान देता है, और निजी उद्यमी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं। मेघालय मूल रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है जिसकी लगभग 80% आबादी अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है। मेघालय के भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 10% भाग खेती के अधीन है।
मेघालय की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। मेघालय के लगभग 80% लोग कृषि तथा संबंधित गतिविधियों पर आश्रित हैं। चावल और मक्का इस राज्य के प्रमुख फसलों में से एक है। राज्य की अन्य फसलों में आलू, हल्दी, अदरक, काली मिर्च, सुपारी, पान टैपियोका, छोटे रेशे वाली कपास, पटसन और मेस्‍टा, सरसों और तोरिया ,तिलहनों (मूँगफली, सोयाबीन और सूरजमुखी), काजू, स्‍ट्रॉबरी, चाय और कॉफी, मशरूम, जड़ी-बूटियों, ऑर्किड आदि की खेती भी की जाती है। राज्य में विभिन्न फलों में संतरे (खासी मेंडेरियन), अनन्नास, केला, कटहल और आलू बुखारा, नाशपाती तथा आड़ू की फसलें भी उगाई जाती है।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार इस राज्य की साक्षरता दर 75.48% है। मेघालय भारत के सबसे कम विकसित राज्यों में से एक है।राज्य में लगभग 5,517 शिक्षण संस्थाएं हैं। राज्य में एक पाॅलिटेक्निक और यूनिवर्सिटी भी है। यहां कई माध्यमिक और उच्च स्तर के शैक्षिक स्कूल भी हैं।
राज्य में कई प्रकार के प्राकृतिक संसाधन भी पाए जाते है, जिनमे मुख्य रूप से सिलिमेनाइट, चूना, कोयला और ग्रेनाइट शामिल है। राज्य के प्रमुख उद्यगों में लोहे, इस्‍पात सामग्री, सीमेंट उद्योग शामिल है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मेघालय की आबादी 2,966,889 करोड़ है। जिसमे पुरुषों की जनसंख्या 1,475,057 और महिलाओं की जनसंख्या राज्य की जनसंख्या का 27.82% है।
मेघालय खासी, जयंतिया और गारो जनजातियों का घर है। जैनसेम महिलाओं के लिए पारंपरिक पोशाक है और आमतौर पर शहतूत रेशम, एक स्थानीय विशेषता से बना होता है। जैनसेम के ऊपर, वे कपास की शॉल पहनते हैं जिसे तप-मोह को कहा जाता है गारो जनजाति के पुरुष अपनी पारंपरिक पोशाक के हिस्से के रूप में एक लंगोटी पहनते हैं। खासी जनजाति के पुरुष अपनी कमर के चारों ओर एक लंबा, बिना सिला हुआ कपड़ा पहनते हैं। का शाद सुक मिन्सी के त्योहार के दौरान, पुरुष नर्तक रेशम से बनी एक सुंदर पगड़ी पहनते हैं, जिसके साथ सोने या चांदी की अर्ध-गोलाकार प्लेट गले में होती है।
मेघालय में मुख्य रुप से तीन प्रमुख जनजातियों का दबदबा है। कुछ ऐसे नृत्य रुप हैं जो मेघालय की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं जैसे लाहो, शाद नोंगक्रेम, डोरेराता, शाद सुकमिनसीम और डोकरुसुआ। बड़ी संख्या में लोग मानते हैं कि शाद सुकमिनसिम ‘सुखी दिल’ का नृत्य है।भैंस के सींगों, बाँसुरी और मृदंगों से निकली स्वर लहरियों के साथ नृत्य और मदिरापान यहाँ के सामाजिक समारोहों व धार्मिक अनुष्ठानों का अभिन्न अंग है।
यहां की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है। मेघालय के लोगों द्वारा बोले जाने वाली अन्य भाषाओं में गारो, खासी, वार, चेरापूंजी, हिन्रिआम और नार शामिल हैं।
मेघालय के खाने के अपनी ही अलग विशेषता है। मेघालय का स्थानीय जदोह विथ पोर्क व्यंजन है। अन्य मुख्य व्यंजनों मेंजदोह, नखम बितची और पुमालोई शामिल है।
मेघालय का ‘पांबलांग-नोंगक्रेम’ खासियों का एक प्रमुख धार्मिक त्यौहार है। जो पांच दिन तक मनाया जाता है। इसे ‘नोंगक्रेम’ के नाम से भी जाना जाता है। राज्य के अन्य प्रमुख त्यौहारों में वांगला, बेहदीनखलम जयंतिया और शाद सुक मिनसीम शामिल है।
मेघालय की ज्यादातर आबादी आदिवासी लोगों की है। राज्य में सबसे ज्यादा संख्या में खासी समूह के लोग हैं। खासी के बाद दूसरा सबसे बड़ा समूह गारो है। यहाँ पाई जाने वाली अन्य जनजातियों में खासी, जैंतिया और गारों आदिवासी समुदाय के लोग मुख्यत: रहते हैं। इसके अतिरिक्त जयंतिया तथा हजोंग लोग भी हैं। लगभग 15% आबादी अजनजातीय है जिसमें बंगाली तथा शेख़ शामिल हैं। मेघालय भारत के उन 3 राज्यों में शामिल है जिसमें ईसाई समुदाय की आबादी लगभग 70.3% है।
पर्यटन मेघालय की अर्थव्यवस्था का बहुत अहम हिस्सा है। मेघालय में बहुत सारे पर्यटन स्थल है, जो सैलानियों अपनी ओर आकर्षित करते है। यहाँ के महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्थलों में शिलांग, उमियाम झील, चेरापूँजी, मॉसिनराम, जाक्रीयम, माईरांग, जोवाई, नार्तियांग, थदलाशीन, तुरा, सीजू और बलपाक्रम राष्ट्रीय उद्यान, नरतियांग दुर्गा मंदिर, श्री रामकृष्ण मंदिर, मातृ मंदिर, श्री रामकृष्ण मंदिर, महादेव खोला धाम, शिलांग चोटी, वार्डस लेक, उमियाम झील, पोलो ग्राउंड,हाथी झरना, बालपक्रम राष्ट्रीय उद्यान, नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान, लेडी हैदरी उद्यान, मिनी चिडियाघर और सीजू पक्षी अभयारण्य है।
  • बजट 2021-22 के तहत राज्य सरकार ने 1,080 करोड़ रुपये सड़कों और पुलों के विकास के लिए, 820 करोड़ रुपये स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए आवंटित किए।
  • मई 2021 में मुख्यमंत्री श्री कोनराड संगमा ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य में कोयला खनन के लिए पूर्वेक्षण लाइसेंस को मंजूरी दे दी है।
  • वित्तीय वर्ष 2021 में, "मेघालय किसान जुटाव परियोजना" 5.12 अरब रुपये की लागत से लागू की जाएगी। और पांच साल की अवधि में क्लस्टर आधारित, किसान स्वामित्व और किसान संचालित बाजारों की स्थापना के लिए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
  • स्वदेश दर्शन योजना के कार्यान्वयन में मेघालय चौथे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता के रूप में स्थान पर है।
  • वर्तमान में, 2019-20 में मेघालय का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GDP) 0.35 ट्रिलियन रु. है। वहीं 2015-16 और 2020-21 के बीच राज्य की GDP (रुपये में) 6.74% की CAGR से बढ़ी है।
  • वित्त वर्ष 2011 में, बारापानी हवाई अड्डे पर यात्री यातायात 5,690 तक पहुंच गया और हवाई अड्डे पर विमान की आवाजाही 146 थी।
  • अप्रैल 2021 तक, मेघालय में 616.03 मेगावाट की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता थी, जिसमें राज्य उपयोगिताओं से 354.53 मेगावाट, निजी उपयोगिताओं से 13.92 और केंद्रीय उपयोगिताओं से 247.58 मेगावाट शामिल थे। कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में से, 409.27 मेगावाट जलविद्युत द्वारा, 160.31 मेगावाट थर्मल पावर द्वारा और 46.45 मेगावाट अक्षय ऊर्जा द्वारा योगदान दिया गया था।


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