उच्च न्यायालय की प्रथम भारतीय महिला न्यायाधीश: अन्ना चांडी का जीवन परिचय


Famous People: Anna Chandy Biography [Post ID: 12344]



अन्ना चांडी का जीवन परिचय: (Biography of Anna Chandy in Hindi)

जस्टिस अन्ना चांडी भारत की प्रथम महिला न्यायाधीश थीं और भारत के उच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश भी थी। एलिजाबेथ लेन के दशकों से पहले वह पूरे एंग्लो-सैक्सन दुनिया में पहली महिला न्यायाधीश थी। वे साल 1928 में न्यायालयी सेवा में आयीं और उन्हें सर सी.पी.रामास्वामी द्वारा जिला न्यायाधीश (मुंसिफ) के रूप में नियुक्त किया गया।

Quick Info related to India’s first woman High Court Judge:

नाम अन्ना चांडी
जन्म तिथि 04 मई 1905
जन्म स्थान केरल (भारत)
निधन तिथि 20 जुलाई 1966
उपलब्धि उच्च न्यायालय की प्रथम भारतीय महिला न्यायाधीश
उपलब्धि वर्ष 1959

अन्ना चांडी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts Related to Anna Chandy)

  1. अन्ना चांडी का जन्म 04 मई 1905 केरल, भारत में एक मलयाली सीरियाई ईसाई माता-पिता के यहाँ हुआ था।
  2. वर्ष 1926 में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद, वह अपने राज्य की पहली महिला बनी थी जिसने केरल में कानून की डिग्री ली थी।
  3. 1929 से एक वकील के रूप में अभ्यास करते समय, वह सक्रिय रूप से महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी मूल भूमिका के कारणों को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल थीं।
  4. उन्होंने 1931 में श्री मुलम पॉप्युलर असेंबली को चुनौती दी और 1932-34 की अवधि के लिए सफलतापूर्वक चुनी गई।
  5. अन्ना चांडी भारत में महिलाओं के अधिकारों के शुरुआती मशाल जलने वालों में से एक थी।
  6. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होने भारत के कानूनी क्षेत्र में महिलाओं के कैरियर रूपी आशाओं को जन्म दिया।
  7. जब 09 फरवरी 1959 को उन्हें केरल उच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया था, तब वह भारतीय उच्च न्यायालय में नियुक्त होने पहली महिला न्यायाधीश बनी थी। वह 05 अप्रैल 1967 तक उस कार्यालय में बनी रही।
  8. अपनी सेवानिवृत्ति में, चांडी ने भारत के कानून आयोग में भी काम किया और वर्ष 1973 में ‘आत्मकथा’ नाम की बुक भी लिखी।
  9. अन्ना चांडी का 20 जुलाई 1996 को निधन हो गया।
जांचें कि आपने ऊपर क्या पढ़ा? प्रश्नोत्तरी:

अन्ना चांडी ने 1973 में कौन से किताब लिखी थी?

Correct
Incorrect

अन्ना चांडी कब एक वकील के रूप में अभ्यास करते समय सक्रीय रूप से महिलाओ के अधिकार और समाज में उनकी मूल भूमिका के कारणों को बढ़ावा देने में सक्रीय रूप से शामिल थी?

Correct
Incorrect

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