प्रथम भारतीय महिला कुलपति: हंसा मेहता का जीवन परिचय

Famous People: Hansa Mehta Biography

हंसा मेहता का जीवन परिचय: (Biography of Hansa Mehta in Hindi)

हंसा मेहता प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वतंत्रता सेनानी तथा शिक्षाविद थीं। वे देश की संविधान परिषद की भी सदस्य थीं। वर्ष 1941 से 1958 ई० तक बडौदा विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर (कुलपति) के रूप में हंसा मेहता ने शिक्षा जगत में अपना नाम बनाया। वे भारत की पहली महिला वाइस चांसलर (कुलपति) थी।

Quick Info about First Women Vice Chancellor:

नाम हंसा मेहता
जन्म तिथि 03 जुलाई 1897
जन्म स्थान सूरत, गुजरात (भारत)
निधन तिथि 04 अप्रैल, 1995
उपलब्धि प्रथम भारतीय महिला कुलपति
उपलब्धि वर्ष 1941

हंसा मेहता से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य: (Important Facts Related to Hansa Mehta)

  1. हंसा मेहता का जन्म 03 जुलाई, 1897 ई. को सूरत, गुजरात में हुआ था।
  2. हंसा मेहता के पिता मनुभाई मेहता बड़ौदा और बीकानेर रियासतों के दीवान थे।
  3. उन्होंने अपनी आरम्भिक शिक्षा बड़ौदा में प्राप्त की। वर्ष 1919 में वे पत्रकारिता और समाजशास्त्र की उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैण्ड चली गईं।
  4. हंसा मेहता का विवाह देश के प्रमुख चिकित्सकों में से एक तथा गाँधी जी के निकट सहयोगी डॉ. जीवराज मेहता के साथ हुआ था।
  5. हंसा ने साइमन कमीशन के बहिष्कार में आगे बढ़कर भाग लिया और सविनय अवज्ञा आन्दोलन में शराब और विदेशी वस्त्रों की दुकानों पर धरना देने में महिलाओं का नेतृत्व किया।
  6. इन्हीं प्रकार के आंदोलनों के कारण उन्हें सन 1930 और 1932 में जेल भी जाना पड़ा था।
  7. महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने ने जेनेवा के ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मेलन’ में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
  8. उन्हें वर्ष 1931 में ‘मुम्बई लेजिस्लेटिव कौंसिल’ का सदस्य चुना गया था।
  9. साल 1959 में हंसा मेहता को भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले तीसरे सर्वोच्च सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजा गया।
  10. हंसा मेहता का 04 अप्रैल, 1995 को निधन हो गया।

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