रविंद्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय – Rabindranath Tagore Biography in Hindi

रविंद्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय | Biography of Rabindranath Tagore in Hindi

भारत के प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता: रविंद्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय (Biography of Rabindranath Tagore in Hindi)

रविंद्रनाथ टैगोर एक विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार और दार्शनिक थे। वे अकेले ऐसे भारतीय साहित्यकार हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार मिला है। 16 साल की उम्र में ‘भानुसिम्हा’ उपनाम से उनकी कवितायेँ प्रकाशित भी हो गयीं। वह घोर राष्ट्रवादी थे और ब्रिटिश राज की भर्त्सना करते हुए देश की आजादी की मांग की। जलिआंवाला बाग हत्याकांड के बाद उन्होंने अंग्रेजों द्वारा दी गयी “नाइटहुड की उपाधि” को भी त्याग दिया था।

रविंद्रनाथ टैगोर के जीवन परिचय का संक्षिप्त विवरण:

नाम रविंद्रनाथ टैगोर
जन्म तिथि 07 मई 1861
जन्म स्थान जोड़ासाँको ठाकुरबाड़ी, कोलकाता
निधन तिथि 07 अगस्त, 1941
उपलब्धि नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति
उपलब्धि वर्ष 1913

रविंद्रनाथ टैगोर से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य: (Important Facts Related to Rabindranath Tagore)

  • रविंद्रनाथ टैगोर का जन्म 07 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासाँको ठाकुरबाड़ी में हुआ।
  • उनके पिता का नाम देवेन्द्रनाथ टैगोर और माता का नाम शारदा देवी थीं।
  • रविंद्रनाथ टैगोर को ‘गुरुदेव’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • उनकी स्कूल की पढ़ाई प्रतिष्ठित सेंट जेवियर स्कूल में हुई। उन्होंने बैरिस्टर बनने की चाहत में 1878 में इंग्लैंड के ब्रिजटोन में पब्लिक स्कूल में नाम दर्ज कराया। उन्होंने लन्दन विश्वविद्यालय में कानून का अध्ययन किया लेकिन 1880 में बिना डिग्री हासिल किए ही देश लौट आये।
  • उन्होंने 8 साल की उम्र में अपनी पहली कविता लिखी थी और वर्ष 1877 में 16 साल की उम्र में ‘भानुसिम्हा’ उपनाम से उनकी लघुकथा प्रकाशित हुई।
  • टैगोर की कई कृतियां प्रकाशित हुई जिनमें गीतांजली, गीताली, गीतिमाल्य, कथा ओ कहानी, शिशु, शिशु भोलानाथ, कणिका, क्षणिका, खेया आदि प्रमुख हैं।
  • टैगोर को शुरुआत से ही प्रकृति से बहुत प्यार था जिस कारण उन्होने 1901 में सियालदह छोड़कर एक प्रकृतिक शान्तिनिकेतन आश्रम की स्थापना करने के लिए शान्तिनिकेतन आ गए।
  • टैगोर ने अपने जीवान में तकरीबन 2,230 गीतों की रचना की है।
  • टैगोर के 150 वें जन्मदिन के अवसर पर उनके कार्यों का एक “कालनुक्रोमिक रबीन्द्र रचनाबली” नामक एक संकलन वर्तमान में बंगाली कालानुक्रमिक क्रम में प्रकाशित किया गया है।
  • 2011 में, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने विश्व-भारती विश्वविद्यालय के साथ अंग्रेजी में उपलब्ध टैगोर के कार्यों की सबसे बड़ी संकलन द एसेंटियल टैगोर, को प्रकाशित करने के लिए सहयोग किया है यह फकराल आलम और राधा चक्रवर्ती द्वारा संपादित की गयी थी।
  • वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं- भारत का राष्ट्र-गान: जन गण मन और बांग्लादेश का राष्ट्रीय गान- आमार सोनार बाँग्ला रविंद्रनाथ टैगोर की ही रचनाएँ हैं।
  • सन् 1913 में उन्हें उनकी काव्यरचना ‘गीतांजलि’ के लिये साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था, जिस कारण वह यह पुरस्कार पाने वाले भारत के ही नही बल्कि एशिया के भी प्रथम नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वाले व्यक्ति बन गए।
  • वर्ष 1915 में उन्हें इंग्लैंड के राजा जॉर्ज पंचम ने नाइटहुड की पदवी से सम्मानित किया, जिसे उन्होंने वर्ष 1919 में जलियाँवाला बाग हत्याकांड के विरोध में वापस कर दिया था।
  •  उन्होंने वर्ष 1878 से लेकर सन 1932 तक 30 देशों की यात्रा की थी।
  • लम्बी बीमारी के बाद 07 अगस्त 1941 को रविंद्रनाथ टैगोर का निधन हो गया।
(Visited 23 times, 1 visits today)

Like this Article? Subscribe to Our Feed!