नागालैंड का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

इस अध्याय के माध्यम से हम नगालैंड (Nagaland) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त नगालैंड राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है।

नागालैंड का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामनागालैंड (Nagaland)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीकोहिमा
राज्य का गठन1 दिसम्बर 1963
सबसे बड़ा शहरदीमापुर
कुल क्षेत्रफल16,579 वर्ग किमी
जिले12
वर्तमान मुख्यमंत्रीनीपिहु रियो
वर्तमान गवर्नर जगदीश मुखी
राजकीय पक्षी ब्लिथ का ट्रैगोपेन
राजकीय फूलबुरांस या बुरुंश
राजकीय जानवरगायल/मिथुन
राजकीय पेड़एल्डर
राजकीय भाषाअंग्रेजी, हिंदी
लोक नृत्यरंगमा, बांस नृत्य, जीलैंग, सूईरोलियंस, गीथिंगलिम, तिमांगनेतिन, हेतलईयूली।

नागालैंड (Nagaland)

नागालैंड देश के उत्तर पूर्वी भाग में स्थित 16वां राज्य है। नागालैंड भारत के सबसे छोटे राज्यों में से एक है। इसका कुल क्षेत्रफल 16,578 वर्ग किमी. है। राज्य की राजधानी कोहिमा है और इसे ‘पूरब का स्विजरलैंड’ भी कहा जाता है। इस राज्‍य की सीमाएं पूर्व में म्यांमार, उत्‍तर में अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम में असम और दक्षिण में मणिपुर से लगती है।

नागालैंड का इतिहास बर्मा और असम से मिलता-जुलता है, परन्तु कुछ मतों के अनुसार इस राज्य का नाम अंग्रेज़ों ने नागा (नंगा हिन्दी मे) के अनुसार रखा था। नागालैंड पर वर्ष 1890 तक ब्रिटिशों का शासन था और पारंपरिक प्रथा हैडहंटिंग को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से नागा क्षेत्र असम और नाॅर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी के बीच विभाजित रहा। सन् 1957 में कुछ हिंसक घटनाओं के बाद सरकार ने भारतीय शासन के तहत एक नागा प्रशासनिक इकाई की स्थापना की थी। उसके पश्चात् साल 1955 में भारत सरकार द्वारा भारतीय सेना की एक टुकड़ी को नागालैंड भेजा गया। इसके वर्ष 1957 में भारत सरकार और नागा लोगों के बीच विलय की बातचीत शुरूआत हुई, जिसके अंतर्गत भारत सरकार द्वारा नागालैंड को एक स्वशासित राज्य बनाने की मंजूरी दे दी गयी। नागालैंड 01 दिसम्बर 1963 को आधिकारिक तौर पर देश का 16वां राज्य बन गया।
भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित नागालैंड अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमा म्यांमार से साझा करता है। नागालैंड 93 डिग्री 20’ ई और 95 डिग्री 15’ ई देशांतर और 25 डिग्री 6’ और 27 डिग्री 4’ अक्षांश के बीच स्थित है। नागालैण्ड में सबसे ऊंची चोटी माउंट सारामती है जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 12,600 फुट है। नागालैंड की मुख्य नदियां: धनसिरी, दोयांग, दिखू और झांझी हैं। राज्य के इलाके पहाड़ी, घने जंगली और नदी की गहरी घाटियों से कटे हुए हैं। यहां पौधों और जानवरों की कई प्रजातियां भी हैं। नागालैंड का राजकीय पक्षी 'ब्लाइथ्स ट्रागोपन' है। नागालैंड का राजकीय पशु 'सीरो' है। नागालैंड का राजकीय पेड 'आल्डर' है। नागालैंड का राजकीय फूल 'बुरांश' है।
राज्य की जलवायु मानसूनी और सामान्य तौर पर बहुत नमी वाली है। यहां पर वार्षिक औसत वर्षा 1800 से 2500 मिमी. तक होती है।ऊँचाई के साथ-साथ औसत तापमान घटता बढता रहता है, गर्मी के दिनों में तापमान 21° से. से 40° से. तक होता है, जबकि शीत ऋतु में यह तापमान 4° से, से भी नीचे चला जाता है, लेकिन अधिक ऊँचाई वाले स्थानों में आमतौर पर पाला पड़ता है।

नागालैण्ड का मुख्यमंत्री नागालैण्ड राज्य का प्रमुख होता है। नागालैंड में विधानसभा की 60 सीट है। यहां स्थानीय सरकार के सात प्रशासनिक जिले हैं जिसमें मोकोकचुंग, तुएनसंग, मोन, वोखा, जुनहेबोतो, फेक और कोहिमा हैं।नागालैंड के वर्तमान मुख्यमंत्री नीपिहु रियो है। उन्होंने 8 मार्च 2018 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। नागालैंड के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति नागा नेशनलिस्ट ऑर्गनाइजेशन के पी॰ शीलू एओ थे। उन्होंने 01 दिसम्बर 1963 में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

नागालैंड के वर्तमान राज्यपाल आर. एन. रवि है। आर. एन. रवि ने 17 सितंबर 2021 को नागालैंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


नागालैंड मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था है, राज्य कृषि आधारित और वन आधारित उद्योगों, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, खनन, पर्यटन और हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों के लिए उत्कृष्ट नीति और वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है। उत्पादों की विपणन क्षमता बढ़ाने के लिए औद्योगिक केंद्र और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) विकसित किए जा रहे हैं।
राज्य के लोगो के जीवन यापन का मुख्य साधन कृषि है। यहाँ के लगभग 90% लोग कृषि व्यवसाय में लगे हुए है। यहां की मुख्य फसलें चावल, मक्का, दलहन, तिलहन, रेशेदार फ़सलें, गन्ना, आलू और तंबाकू हैं। नागालैंड की आय का प्रमुख साधन जंगल हैं, जो राज्य के 17 प्रतिशत हिस्से में फैले हैं। सन् 1970 की शुरुआत तक राज्य में सिर्फ कुटीर उद्योग जैसे बुनाई, लकड़ी का काम, टोकरी बनाना और मिट्टी के बर्तन बनाना शामिल था।
नागालैंड की साक्षरता दर सन् 2011 की जनगणना के अनुसार 80.11% है। राज्य में 14 साल से कम उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार है। यहां के ज्यादातर स्कूल नागालैंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से और कुछ स्कूल सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध हैं।
राज्य में कई प्रकार के खनिज पदार्थ जैसे: क्रोमियम, निकल, कोबाल्ट, लौह अयस्क और चूना-पत्थर पाए जाते हैं। नागालैंड का प्रमुख औद्योगिक केंद्र दीमापुर है। यहाँ पर चीनी मिल, शराब के कारख़ाने, ईट कारख़ाना तथा टेलीविजन फैक्ट्री है। राज्य के अन्य उद्योगों में एक खांडसारी मिल, चावल मिल, डिब्बाबंद फल संयंत्र, काग़ज़ व लुगदी कारख़ाना एक प्लाईवुड कारख़ाना तथा फर्नीचर बनाने के कारखाने शामिल हैं। वर्तमान में यहाँ सिर्फ तीन औद्योगिक क्षेत्र हैं।
नागालैंड की जनसंख्या वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार इस राज्य की आबादी 19,88,636 है। राज्य में पुरुषों के प्रति महिलाओं की संख्या 931 है और जनसंख्या का घनत्व 119 है। राज्य की ज्यादातर आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है। नागालैंड में रहने वालों का ‘नागा’ कहा जाता है।
नागालैंड में अलग-अलग नागा जनजातियों के स्त्री-पुरूषों के पहनावे भी अलग-अलग होते हैं। मेखला जो एक शॉलनुमा वस्त्र होता है जिसे लोग कमर में लपेट कर पहनते है। इसके अलावा लोग यहां करघे से बुने शॉल ओढ़ते भी हैं। शॉल उनका प्रमुख पहनावा है और इनके डिजाइनों से नागा जनजातियों का पता लगाया जा सकता है। शॉलों के अलावा उनके अन्य पारंपरिक वस्त्र अक्सर कौड़ियों से सजे होते हैं।नागालैंड का सांस्कृतिक माहौल विभिन्न जनजातियों के भिन्न रंगों से रंगा हुआ है।
नागालैंड में रहने वाले नागाओं को इंडो-मंगोला वंश से संबंधित कहा जाता है। यह वो नस्ल है जिसकी उपस्थिति का पहला उल्लेख ईसा मसीह से दस सदी पहले का है। विशिष्ट भौगोलिक वितरण के कारण नागाओं की 20 से ज्यादा जनजातियां हैं और कई उपजनजातियां हैं। हालांकि इनके बीच कई सांस्कृतिक लक्षण एक से हैं पर इनमें अपने आप में काफी हद तक अलगाव की स्थिति और आपसी सामंजस्य की कमी है। सबसे बड़ी जनजाति कोनयाक है उसके बाद आओ, तंगखुल, सेमास और अंगामी हैं। नागा लोग बहुत सुंदर और मैत्रीपूर्ण व्यवहार वाले होते हैं।
राज्य की राजभाषा अंग्रेज़ी है। यहां लगभग 36 अलग अलग भाषाएं और बोलियां हैं जो नागा लोगों द्वारा बोली जाती हैं। नागामी के अलावा ऐसी कई भाषाएं हैं जो राज्य के लोग बोलते हैं। राज्य की अन्य भाषाओं में नगामीस, क्रियोल, अंगामी, आओ, चांग, कोनयाक, लोथा, संगमत, सेमा और असमिया शामिल है।
नागालैंड का खानपान भारत के अन्य राज्यों से बिल्कुल अलग है। यहाँ के नागा लोग ज्यादातर मांसाहारी होते है। यहाँ के लोग मांस, कुत्ते का मांस, भैंसे का मांस, सुअर का मांस, मटन, चिकन, मछली सांप आदि के मांसो के शौकिन होते है। कुत्ते का मांस यहा बहुत लोकप्रिय होता है।
हर साल दिसम्बर महीने के पहले सप्‍ताह में ‘हॉर्नबिल’ उत्‍सव आयोजित किया जाता है, जिसमें नागालैंड की सभी जनजातियां एक स्थान पर आकर उत्‍सव मनाती हैं और अपनी पांरपरिक वस्‍तुओं, खाद्य पदार्थों और शिल्‍पगत चीज़ों का प्रदर्शन करती हैं। इस राज्य के मुख्य त्योहारों में मोआत्सु, सेकरेन्यी, नकनयुलेम, सुक्रुनिये, बुशु, त्सोकुम, मिकूंट, ओलंगमोन्यू, चंगगाडी, तोखुएमोंग, मोन्यू एमशे, नगाडा, तुलनी, मोग्मोंग, मेटमन्यू, हेलिबबै आदि शामिल है।
नागालैंड में कई प्रकार की जनजातियाँ पाई जाती है, जिनमें मुख्य रूप से अंगामी, आओ, चख़ेसंग, चांग, दिमासा कचारी, खियमनिंगान, कोनयाक, लोथा, फोम, पोचुरी, रेंगमा, संगतम, सूमी, इंचुंगेर, कुकी और ज़ेलियांग इत्यादि शामिल है।
इस राज्य में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैैं। पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहाँ लगभग 16,000 पर्यटक प्रतिवर्ष आते है। नागालैंड के मुख्य पर्यटन स्थलों में द्वितीय विश्व युद्ध का क़ब्रिस्तान, राज्य संग्रहालय, कोहिमा व दीमापुर के चिड़ियाघर, कछारी शासकों की पुरानी राजधानी, जप्फुं पीक, प्राणी उद्यान कोहिमा, कैथोलिक गिरजाघर, दीमापुर, किफिरे, कोहिमा, लोंग्लेंग, मोकोकचुंग, मोन, परें, फेक, तुएंसंग, वोखा, ज़ुन्हेबोटो शामिल हैं।
नागालैंड में कुल 11 जिले है, जनसँख्या के आधार पर राज्य का सबसे बड़ा ज़िला दीमापुर है जिसकी आबादी 378811 है। क्षेत्रफल के आधार सबसे बड़ा ज़िला तुएनसांग है। तुएनसांग का क्षेत्रफल 4228 वर्ग किमी हैं। नागालैंड में निम्नलिखित 11 जिले हैं:- कैफाइर, कोहिमा, ज़ुन्हेबोटो, दीमापुर, ट्वेनसांग, पेरेन, फेक, मोकोकचुआंग, मोन, लॉन्गलेन्ग और वोखा।
  • नागालैंड राज्य से कुल निर्यात 2019-20 में 5.71 मिलियन अमेरिकी डॉलर और 2020-21 में 6.06 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। वहीं 2020-21 में, नागालैंड से इलेक्ट्रिक मशीनरी का कुल निर्यात 1.48 मिलियन अमेरिकी डॉलर (~ 24.4%) था।
  • नागालैंड से निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में सिरेमिक और संबद्ध उत्पाद, इलेक्ट्रिक मशीनरी और उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स घटक, मानव बाल, उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण और सूती कपड़े और बने-बनाए हैं।
  • नागालैंड एक उद्यम के रूप में बांस प्रसंस्करण को बढ़ावा देता है, जिसमें खाद्य-आधारित, औषधीय उपयोग, हस्तशिल्प, कला, टाइल और फर्श जैसे विभिन्न अनुप्रयोग शामिल हैं।
  • नागालैंड बांस विकास एजेंसी (NBDA) नोडल कार्यालय है जो बांस से संबंधित सभी अनुसंधान, विकास और व्यावसायिक अनुप्रयोगों के लिए अन्य कार्यालयों के साथ समन्वय करता है।
  • वित्तीय वर्ष 20-2021 (FY 2020-21) में, नागालैंड में 'राष्ट्रीय बांस मिशन' को लागू करने के लिए 60 मिलियन रु. का वार्षिक आवंटन किया गया है।


📅 Last update : 2022-06-28 11:44:49