मणिपुर का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम मणिपुर (Manipur) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त मणिपुर राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Manipur General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

मणिपुर का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नाममणिपुर (Manipur)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीइंफाल
राज्य का गठन21 जनवरी 1972
सबसे बड़ा शहरइंफाल
कुल क्षेत्रफल22,327 वर्ग किमी
जिले16
वर्तमान मुख्यमंत्रीएन. बिरेन सिंह
वर्तमान गवर्नर ला. गणेशन
राजकीय पक्षी नांगयिन
राजकीय फूलसिरोई लिली
राजकीय जानवरसंगई
राजकीय पेड़तोना
राजकीय भाषामीती (मणिपुरी)
लोक नृत्यडोल चोलम, थांग टा, लाई हाराओबा, पुंग चोलोम, खांबा थाईबी आदि।

मणिपुर (Manipur)

मणिपुर भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित एक राज्य है। मणिपुर की राजधानी और राज्य का सबसे बड़ा शहर इम्फाल है। राज्य के उत्तरी भाग में नागालैंड, पूर्वी भाग में म्यांमार और पश्चिमी भाग में असम, दक्षिणी भाग में मिज़ोरम से स्थित है। मणिपुर का शाब्दिक अर्थ ‘मणि की धरती’ या ‘रत्नों की भूमि’ है। मणिपुर में प्रकृति की सुंदरता और भव्यता भरपूर है।

मणिपुर का इतिहास बहुत शानदार है। अनेक राजाओं ने मणिपुर पर शासन किया उनकी संप्रभुता 19वीं सदी के आरंभ तक बनी रही। बर्मी शासकों ने भी सात साल (1819 से 1825) तक मणिपुर पर शासन किया था। उसके पश्चात् सन् 1891 में पहले एंग्लो-मणिपुरी युद्ध के बाद यह राज्य ब्रिटिश शासन के अधीन आ गया। सन् 1947 में भारत की आजादी के बाद मणिपुर संविधान अधिनियम बनाया गया, जिससे राज्य में एक लोकतांत्रिक सरकार बनाई जा सके। 21 जनवरी 1972 को मणिपुर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
भारत के पूर्वी सीमा पर स्थित राज्य मणिपुर का कुल क्षेत्रफल करीब 22,347 वर्ग किमी. है। मणिपुर एक अण्डाकार घाटी में स्थित है जो कि लगभग 700 वर्ग मील में फैली है। मणिपुर की भौगोलिक स्थिति दर्शनीय है। उत्तरी तथा पूर्वी इलाकों में ऊंची पहाडियां है और मध्य भाग में मैदानी समतल है। राज्यों की प्रमुख नदियों के नाम मणिपुर, इरिल, चाक्पी, सेक्मई, खुगा, थोबल, नाम्बुल और इंफाल है। मणिपुर का राजकीय पक्षी 'मिसिस हूमेस तीतर' है। मणिपुर का राजकीय फूल 'सिरोय कुमुदिनी' है। मणिपुर का राजकीय पेड 'तून' है। मणिपुर का राजकीय पशु 'संगाई' है।
भारत के पूर्वी सिरे पर स्थित राज्य मणिपुर जी जलवायु उष्णकटिबंधीय है। राज्य में सर्दियों में गर्मियों से बहुत कम वर्षा होती है। राज्य का औसत वार्षिक तापमान 26.9 है। यहाँ पर औसत वार्षिक वर्षा 1517 मिमी. होती है।

मणिपुर में विधानसभा की 60 सीटें हैं। इस विधानसभा में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए 19 सीट आरक्षित हैं। मणिपुर से लोकसभा के दो और राज्‍य सभा का एक प्रतिनिधि है। मणिपुर राज्य भारतीय गणराज्य के संघीय ढाँचे में द्विसदनीय व्यवस्था के अन्तर्गत आता है। राज्य का संवैधानिक मुखिया राज्यपाल है लेकिन वास्तविक सत्ता मुख्यमंत्री और मंत्रीपरिषद के हाथ में होता है।

मणिपुर के मुख्य राजनीतिक दल (पार्टी) (Political Parties of Manipur):

मणिपुर के राष्ट्रीय राजनीतिक दलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शामिल है। क्षेत्रीय राजनीतिक दलों में मणिपुर हिल यूनियन, कूकी नेशनल एसेम्बली तथा मणिपुर जनमुक्ति सेना शामिल है।

मणिपुर के वर्तमान मुख्‍यमंत्री एन. बीरेन सिंह है। उन्होंने 15 मार्च 2017 को मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। मणिपुर के मुख्‍यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति मैरेम्बम कोइर्ंग सिंह थे। उन्होंने 01 जुलाई 1963 में राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। मणिपुर के वर्तमान राज्यपाल ला. गणेशन ने 27 अगस्त 2021 को मणिपुर के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


मणिपुर की अर्थव्यवस्था कृषि, वन उत्पादों, उद्योगों, खनन और पर्यटन क्षेत्रों पर आधारित है। मणिपुर राज्य की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र पर निर्भर करती है क्योंकि यह ग्रामीण लोगों के लिए आजीविका का सबसे बड़ा स्रोत है।
मणिपुर में कृषि और वानिकी आय के प्रमुख स्रोत हैं। यहां की जलवायु और मिट्टी, कृषि व बागवानी वाली प्राय: सभी फसलें उगाने के लिए उपयुक्त है। यहाँ की मुख्य फ़सल चावल है, राज्य के लगभग 72% भाग में उगाई जाती है। राज्य में प्रचुर मात्रा में धान, गेहूं, मक्का, दलहन व तिलहन (जैसे तेल, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी आदि) की खेती की जाती है। इसके अतिरिक्त विभिन्न फलों जैसे अनानास, नींबू, केला, नारंगी आदि और सब्जियां जैसे फूलगोभी, बंदगोभी, टमाटर व मटर आदि का उत्पादन किया जाता है।
मणिपुर में, 59% साक्षरों ने माध्यमिक स्तर तक अध्ययन किया है और 41% ने माध्यमिक और उससे ऊपर की शिक्षा पूरी की है। मणिपुर के शिक्षा विभाग के अनुसार, केवल 12% साक्षर स्नातक हैं। मणिपुर में उच्च शिक्षा का अनुपात 2004-05 के 13% से बढ़कर 2012-13 के दौरान 30% हो गया है।
GSI, खान और खनिज मंत्रालय, भारत सरकार ने मणिपुर का व्यवस्थित भूवैज्ञानिक मानचित्रण किया और चूना पत्थर, क्रोमाइट, निकल, तांबा, मैलाकाइट, अज़ूराइट और मैग्नेटाइट और तत्वों के विभिन्न प्लैटिनम समूह (पीजीई) जैसे खनिजों की संख्या का पता लगाया।हथकरघा उद्योग राज्य का सबसे बड़ा कुटीर उद्योग है। राज्य में तक़रीबन 7,700 लघु उद्योग हैं। जिन लघु उद्योगों ने राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद की है उनमें हथकरघा, ग्रामोद्योग, कुटीर उद्योग और हस्तशिल्प मुख्य रूप से शामिल हैं। मणिपुर में कुछ सीमेंट उद्योगों की स्थापना का भी राज्य की अर्थव्यवस्था में विशेष योगदान है।
मणिपुर की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 25,70,390 है। जिसे शहरी जनसंख्या8,34,154 और ग्रामीण जनसंख्या 1,736,236 है। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या घनत्व 122 है जो कि सन् 2011 के आंकड़े के मुकाबले 19 पाॅइंट ज्यादा है।
महिलाओं के लिए एक पारंपरिक मणिपुरी पोशाक में इन्नाफी नामक एक शॉल, एक फानेक और स्कर्ट के चारों ओर एक लपेट शामिल है जिसे सारंग कहा जाता है। मणिपुर पुरुष अपनी पारंपरिक पोशाक धोती को जैकेट के साथ पहनते हैं। पगड़ी नामक सफेद पगड़ी आमतौर पर पहनी जाती है। समाज का श्रेष्ठ सदस्य कपड़ा पहनता है जिसे खमेन चटपा कहा जाता है। खमेन चटपा आमतौर पर अनुष्ठान के अवसरों पर पहना जाता है।
मणिपुर में कई संस्कृतियों के लोग रहते हैं जैसे कुकी, नागा, पांगल और मिज़ो हैं, जो कई भाषाएं बोलते हैं। मणिपुरी नृत्य भारत का प्रमुख शास्त्रीय नृत्य है। इसका नाम इसकी उत्पत्तिस्थल (मणिपुर) के नाम पर पड़ा है। यह नृत्य मुख्यतः हिन्दू वैष्णव प्रसंगों पर आधारित होता है जिसमें राधा और कृष्ण के प्रेम प्रसंग प्रमुख है। पोलो और हॉकी यहाँ के लोकप्रिय खेल हैं।
मणिपुर की राजभाषा मणिपुरी हैं। साल 1992 में मणिपुरी भाषा को भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची में जोड़ा गया था और इस प्रकार इसे एक राष्ट्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त हुआ था। दुनिया भर में 4,50,000 लोग बिश्नुप्रिया मणिपुरी भाषा बोलते हैं।
मणिपुर के लोग मछली बहुत शौक से खाते हैं। यहां पर बहुत सारे आदिवासी समुदाय रहते हैं इसलिए यहां के खाने में अलग-2 प्रकार की जंगली वनस्पतियों का मिश्रण देखने को मिलता है। राज्य के मुख्य व्यंजनों में नघुई नगोसिंग, उषॉप आदि शामिल है।
देश के अन्य राज्यों की तरह ही मणिपुर में साल भर त्यौहार मनाए जाते हैं। ये पर्व यहाँ के लोगों की सामाजिक, सांस्‍कृतिक और धार्मिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। मणिपुर के प्रमुख त्‍योहार लाई हारोबा, रास लीला, चिरओबा, निंगोल चाक-कुबा, रथ यात्रा, ईद-उल-फितर, इमोइनु, गान-नागी, लुई-नगाई-नी, ईद उल ज़ुहा, योशांग (होली), दुर्गा पूजा, मेरा होचोंगबा, दीपावली, कुट और क्रिसमस बड़े धूमधाम से मनाये जाते हैं।
मणिपुर में रहने वालों को तीन प्रमुख जनजातियों में बांटा जा सकता है जो कि मेइती, घाटी में रहने वाले और पहाड़ों में रहने वाले प्रमुख आदिवासी हैं। पहाड़ों में रहने वाली जनजातियों को दो और उपजनजातियों में बांटा जा सकता है जो कि कुकी-चिन और नागा हैं।
इस राज्य को अपनी विविध वनस्पतियों व जीव-जंतुओं के कारण मणिपुर को ‘भारत का आभूषण’ व ‘पूरब का स्विट्जरलैंड’ आदि विविध नामों से संबोधित किया जाता है। मणिपुर के मुख्य पर्यटन स्थलों में कांगला, गोविंद जी मंदिर, खारीम बंद बाज़ार (इमा कैथल), युद्ध स्‍मारक, श‍हीद मीनार, नूपी लेन (स्त्रियो का युद्ध) स्‍मारक परिसर, खोगंमपट्ट उद्यान, विष्‍णु मंदिर, सेंदरा, मारह, सिरोय गांव, सिरोय पहाडिया, ड्यूको घाटी, लोकटक झील, दज़ुको घाटी, कैबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान, राजकीय संग्रहालय, केनिया पर्यटक आवास, खोग्‍जोम युद्ध स्‍मारक परिसर आदि शामिल हैं।
  • मणिपुर भारत के सबसे बड़े बांस उत्पादक राज्यों में से एक है और देश के बांस उद्योग में एक प्रमुख योगदानकर्ता है। 2017 में, राज्य में 10,687 वर्ग किलोमीटर बांस असर क्षेत्र था।
  • मणिपुर में हस्तशिल्प इकाइयों की संख्या सबसे अधिक है और साथ ही पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में कुशल और अर्ध-कुशल कारीगरों वाले शिल्पकारों की संख्या सबसे अधिक है।
  • वित्त वर्ष 2011 में मणिपुर से कुल व्यापारिक निर्यात 0.95 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। वित्त वर्ष 2011 में, चिकित्सा और वैज्ञानिक उपकरणों ने राज्य के व्यापारिक निर्यात का बहुमत (55%) हिस्सा लिया।
  • अप्रैल 2021 तक, मणिपुर की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 261.82 मेगावाट थी। राज्य में 2,200 मेगावाट के बराबर पनबिजली पैदा करने की क्षमता है।
  • मणिपुर की राजधानी इंफाल में एक हवाई अड्डा है और एयर इंडिया एयर कार्गो सेवाएं प्रदान करती है। 11 राष्ट्रीय राजमार्ग, जिनकी कुल लंबाई 1,750 किलोमीटर है, राज्य से होकर गुजरते हैं।
  • भारतीय रेलवे मणिपुर में इजाई नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे घाट पुल का निर्माण कर रहा है। मणिपुर पियर ब्रिज के निर्माण की लागत 2.8 बिलियन रु. है, और मार्च 2022 में पूरा होने के लिए निर्धारित है।


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