महाराष्ट्र का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम महाराष्ट्र (Maharashtra) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Maharashtra General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

महाराष्ट्र का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नाममहाराष्ट्र (Maharashtra)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीमुंबई
राज्य का गठन1 मई 1960
सबसे बड़ा शहरमुंबई
कुल क्षेत्रफल3,07,713 वर्ग किमी
जिले36
वर्तमान मुख्यमंत्रीउद्धव ठाकरे
वर्तमान गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी
राजकीय पक्षी हरियल
राजकीय फूलजरुल
राजकीय जानवरभारतीय विशाल गिलहरी
राजकीय पेड़आम
राजकीय भाषामराठी
लोक नृत्यलावणी, नकाटा, कोली, लेजिम, गाफा, दहीकला दसावतार या बोहादा।

महाराष्ट्र (Maharashtra)

महाराष्ट्र देश के दक्षिण मध्य में स्थित एक राज्य है। महाराष्ट्र की राजधानी और राज्य का सबसे बड़ा शहर मुंबई है। मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। राज्य के पश्चिम में अरब सागर से, उत्तर-पश्चिम में गुजरात, उत्तर में मध्य प्रदेश, दक्षिण में कर्नाटक और पूर्व में छत्तीसगढ़ और तेलंगाना स्थित है। महाराष्ट्र का कुल क्षेत्रफल 3,07,713 वर्ग किमी. है। महाराष्ट्र का पुणे शहर देश का छठा सबसे बड़ा शहर है।

राज्य का इतिहास बहुत समृद्ध है और प्राचीनकाल में यहाँ पर बहुत से राजवंशो ने शासन किया था। महाराष्ट्र के पहले प्रसिद्ध शासक सातवाहन (ई.पू. 230 से 225 ई.) थे, जो महाराष्ट्र राज्य के संस्‍थापक थे। ऐतिहासिक पुराणों में मौजूद तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि राज्य अस्तित्व तीसरी सदी से है और यह उद्योग, वाणिज्यिक लेनदेन और व्यापार का केंद्र था। शुरुआत में यहां ‘वकतकाओं’ का राज था जो बहुत महान लड़ाके थे। उन्होंने राज्य का नाम बदलकर ‘दंडकारण्य’ रखा, जिसका अर्थ था जंगल पर राज करने वाले राजा। उन्हें बाद में यादवों ने हराया जिन्होंने यहां कुछ साल शासन किया था।

सन् 1296 में अलाउद्दीन खिलजी ने यादवों को हरा अपना साम्राज्य स्थापित किया, वह पहला मुस्लिम शासक था जिसने अपनी विरासत को दक्षिण में मदुरै तक फैला दिया था। अलाउद्दीन खिलजी के बाद महाराष्ट्र ने अन्य मुस्लिम शासकों मोहम्मद बिन तुगलक और बीजापुर के बहमनी सुल्तानों ने अपना साम्राज्य स्थापित किया। उसके बाद सन् 1680 में शिवाजी के नेतृत्व में मराठा आए और उन्होंने मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया और महाराष्ट्र के राजा बने। बाद में पेशवा राजवंश ने महाराष्ट्र पर अपना अधिपत्य स्थापित किया, उन्होंने अंग्रेजों के साथ कई वर्षो तक युद्ध किया और अंत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 01 मई 1960 में बंबई पुनर्गठन अधिनियम के तहत् कोकण, मराठवाडा, पश्चिमी महाराष्ठ्र, दक्षिण महाराष्ट्र, उत्तर महाराष्ट्र (खानदेश) तथा विदर्भ, संभागों को एकजुट करके भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रुप से महाराष्ट्र राज्य की स्थापना की गई।


यह राज्य देश के उत्तरी भाग में बसा हुआ है और भौगोलिक दृष्टि से यह राज्य मुख्यत: पठारी है। यहां सबसे उंची चोटी पश्चिमी घाट की कल्सुबाई है और पश्चिम में कोंकण के तटीय मैदान हैं। पूर्व में डेक्कन पठार है। राज्य के उत्तरी भाग में सतपुड़ा की पहाड़ियाँ है, जबकि अजंता तथा सतमाला पहाड़ियां राज्य के मध्य भाग से होकर जाती है। महाराष्ट्र का राजकीय फूल 'जरुल' है। महाराष्ट्र का राजकीय पक्षी 'हरियाल' है। महाराष्ट्र का राजकीय पेड 'आम' है। महाराष्ट्र का राजकीय पशु 'विशाल गिलहरी' है। महाराष्ट्र की प्रमुख नदियां गोदावरी, कृष्णा और तापी हैं।
महाराष्ट्र की जलवायु ट्राॅपिकल मानसून वाली है और राज्य में औसत वार्षिक वर्षा तक़रीबन 400 मिमी. से 6000 मिमी. के बीच होती है। राज्य के कोंकण इलाके में सबसे ज्यादा बारिश होती है। साल का औसत तापमान 25 से 27 डिग्री के बीच रहता है। महाराष्ट्र के मध्यवर्ती और पूर्वी हिस्से में गर्मी के मौसम में औसत तापमान 43° से. और शीत ऋतु में लगभग 20° से. होता है।

देश अन्य राज्य की तरह महाराष्ट्र की सरकार भी कार्यकारी, विधायी और न्यायपालिका से मिलकर बनी है। राज्य की कार्यकारी शाखा का प्रमुख राज्यपाल है। अन्य राज्यों की तरह राज्य का प्रमुख राज्यपाल है। महाराष्ट्र में छह प्रशासनिक जिलों और पांच मुख्य क्षेत्रों के साथ 288 विधान सभा सदस्य है। राज्य से भारत की संसद को 40 सदस्य भेजे जाते है: जिनमे 48 लोकसभा (निचले सदन) और 19 राज्यसभा के लिए (उच्च सदन) के लिए चुने जाते हैं।

राज्य की प्रमुख राजनीतिक दलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना हैं। महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे है। उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को शपथ ग्रहण की थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के यशवंतराव चव्हाण थे। उन्होंने 01 मई 1960 राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी है। भगत सिंह कोश्यारी ने 31 अगस्त 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है। इससे पहले वे उत्तराखण्ड राज्य के द्वितीय सफल मुख्यमन्त्री तथा उत्तराखण्ड विधानसभा में 2002 से 2007 तक विपक्ष के शीर्ष नेता रह चुके हैं।


देश में अपने सबसे ज्यादा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के कारण ही महाराष्ट्र भारत का सबसे अमीर राज्य है। महाराष्ट्र भारत की आर्थिक राजधानी है इसलिए यहाँ पर प्रमुख बैंकों, शीर्ष बीमा कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और प्रसिद्ध म्यूचअल फंडों के मुख्यालय (हेड ऑफिस) स्थापित है। देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार ‘बंबई शेयर बाजार’ भी महाराष्ट्र में स्थित है। राज्य में भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग का केंद्र भी है, जिससे महाराष्ट्र को प्रत्येक वर्ष भारत और दुनियाभर से करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। राज्य के लगभग 65% लोग कृषि तथा संबंधित गतिविधियों पर आश्रित हैं। यहाँ की प्रमुख फ़सलें धान, ज्‍वार, बाजरा, गेहूँ, तूर (अरहर), उडद, चना और दलहन हैं। महाराष्ट्र तिलहनों का प्रमुख उत्‍पादक है और मूँगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन यहाँ की प्रमुख तिलहन फ़सलें है। राज्य के महत्‍वपूर्ण नकदी फसलों में कपास, गन्ना, हल्दी और सब्जियाँ शामिल है। राज्‍य में विभिन्‍न प्रकार के फल, जैसे आम, केला, संतरा, अंगूर आदि का उत्पादन भी पर्याप्त मात्रा में होता है।
महाराष्ट्र ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है। वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार राज्य की साक्षरता दर 77.27% है, जिसमे महिलाओं की साक्षरता दर 67.51% और पुरुषों की साक्षरता दर 86.27 प्रतिशत है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, 21 डीम्ड विश्वविद्यालय, 19 राज्य विश्वविद्यालय हैं। राज्य में लगभग 75,000 प्राथमिक स्कूल और 20,000 माध्यमिक स्कूल हैं जो या तो राज्य बोर्ड, सीबीएसई या आईसीएसई से संबद्ध हैं। राज्य में लगभग 350 इंजीनियरिंग काॅलेज हैं।
प्रदेश के खनिज पदार्थों में मैंगनीज, कोयला, चूना-पत्थर, लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट और सिलिकायुक्त रेत शामिल है। इनमें से अधिकतर खनिज पदार्थ, भंडारा, नागपुर और चंद्रपुर ज़िलों में पाए जाते हैं। राज्य के प्रमुख उद्योगों में सूती वस्त्र, मशीनरी, रसायन, परिवहन, इलेक्ट्रीकल और धातुकर्म आदि आते हैं। अन्य उद्योग जैसे चीनी, फार्मास्यूटिकल, भारी रसायन, पेट्रो रसायन, आॅटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग आदि बहुत फलेफूले हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र की आबादी 12,374,333 करोड़ है। जिसमे पुरुषों की जनसंख्या 58,243,056 और महिलाओं की जनसंख्या 54,131,277 है। सन 2001 में महाराष्ट्र की जनसंख्या 96,752,247 थी। आबादी के मामले में यह भारत दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य की ज्यादातर आबादी मराठी हिंदुओं की है, जो महाराष्ट्र की कुल आबादी का 82% है। दूसरी सबसे बड़े धर्म की आबादी मुसलमानों की है, जो 13% है। राज्य के अन्य प्रमुख धर्मों में बौद्ध, सिख, जैन और ईसाई आदि आते है।
महाराष्ट्र के लोग विभिन्न प्रकार के वेशभूषा धारण करते हैं। राज्य की महिलाएं 9 गज की साड़ी पहनती हैं, जिसे नौवरी कहा जाता है. यहां पैथानी साड़ी भी काफी प्रसिद्ध है। पुरुष आमतौर पर धोती के साथ कुर्ता और कमीज़ पहनते हैं। कुछ लोग सिर पर केसरिया रंग की पगड़ी या सफेद रंग की टोपी पहनते हैं, जिसे बदी और पेठा कहा जाता है। लेकिन बदलते समय के साथ-साथ युवा महाराष्ट्रीयन भी तेजी से पश्चिमी देशों से आयात किए गए नवीनतम फैशनों को और आकर्षित कर रहे हैं।
महाराष्ट्र की संस्कृति में प्राचीन भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ऐतिहासिक घटनाओं की झलक देखने को मिलती है। महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय नृत्यों में धनगरी, लावणी, पोवादास, तमाशा और कोली शामिल हैं। इनमें से कला और डींडी धार्मिक लोक नृत्य माने जाते हैं। महाराष्ट्रियन लोरी पलाने भी यहां बहुत मशहूर है। इसके अलावा और अन्य संगीत प्रकार जैसे भरुड़, भजन, कीर्तन और तुम्बादी भी लोकप्रिय हैं। कई शिल्प के प्रकार जैसे कोल्हापुरी चप्पल और गहने, बिदरीवार, वार्ली पेंटिंग, पैठानी साड़ी आदि विश्व भर में मशहूर हैं।
महाराष्ट्र की राजभाषा मराठी है। मराठी यहां के लोगों द्वारा सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। यहाँ कई क्षेत्रीय बोलिया भी बोली जाती हैं जिनमें डांगी, अहिरानी, वैदाली, खानदेशी, सामदेवी, कोंकणी और मानवाणी आदि शामिल हैं।
अन्य राज्यों की भांति महाराष्ट्र के पकवानों का अपना अलग ही स्वाद है। यहाँ के प्रमुख व्यंजनो में अरबन तड़का, फिरनी और मालपुआ, गर्म पोहा, चॉकलेट चाय, साबूदाना वड़ा, भेल पूरी, पानी पूरी, दही बटाटा पूरी, पापड़ी चाट और पाव भाजी आदि काफी लोकप्रिय है।
महाराष्ट्र की मुख्य त्यौहार गणेश चतुर्थी ही जिसे पूरे राज्य में भरपूर उत्साह से मनाई जाता है। महाराष्ट्र के अन्य भारतीय त्योहारों में होली, दशहरा, दीपावली, ईद, गुड़ी पड़वा, नारली पूर्णिमा, मोहर्रम, महाशिवरात्री, वट पूर्णिमा और क्रिसमस भी मनाते हैं। इन धार्मिक त्यौहारों के अलावा यहां कई और उत्सव जैसे औरंगाबाद का अजंता एलोरा महोत्सव और एलिफेंटा महोत्सव भी लोगों के बीच बहुत मशहूर है।
भारत की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा आदिवासियों का है। पुरातन लेखों मे आदिवासियों को अत्विका और वनवासी भी कहा गया है। महाराष्ट्र की जनजातियों में मुख्य रूप से बारली, बंजारा, कोली, चितपावन, गोंड और अबुम्फामाड़िया समुदायें के लोग निवास करते है।
महाराष्ट्र में बहुत सारे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते है। यहाँ के महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्थलों में अजंता, एलोरा, एलिफेंटा, कन्हेरी गुफ़ाएँ, पीतलखोरा और कारला गुफाएं, महाबलेश्वर, माथेरान और पंचगनी, जवाहर, मालशेज घाट, अंबोली, चिकलधारा और पन्‍हाला पर्वतीय स्‍थल। पंढरपुर, नाशिक, शिरडी, नांदेड, औधानागनाथ, त्रयंबकेवर, तुलजापुर, गणपतिपुले, भीमशंकर, हरिहरेश्‍वर, शेगाव, कोल्हापुर, जेजुरी तथा अंबजोगई आदि शामिल है।
  • उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अनुसार, अक्टूबर 2019 और मार्च 2021 के बीच, महाराष्ट्र में FDI प्रवाह 23,432.35 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो भारत में कुल FDI प्रवाह का ~ 28% है।
  • अप्रैल 2021 तक, राज्य में 44,176.12 मेगावाट की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता थी, जिसमें 22,571.24 मेगावाट की क्षमता के साथ निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान था, इसके बाद राज्य उपयोगिताओं से 13,660.97 मेगावाट और केंद्रीय उपयोगिताओं से 7,943.91 मेगावाट था।
  • राज्य के बजट 2021-22 के तहत, सरकार ने अपने बजट का 5.2% सड़कों और पुलों पर खर्च किया, जो राज्यों द्वारा सड़कों और पुलों के लिए औसत आवंटन (4.3%) (22,608 करोड़ रुपये या 3.06 बिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक है। सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए आवंटित)।
  • राज्य के बजट 2021-22 के तहत, सरकार ने 235 किलोमीटर की प्रस्तावित लंबाई और 16,039 करोड़ (2.18 बिलियन अमेरिकी डॉलर) रुपये की अनुमानित लागत के साथ पुणे-नासिक मध्यम उच्च गति रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
  • नासिक मेट्रो नियो प्रोजेक्ट, कुल लंबाई 33 किलोमीटर और अनुमानित लागत 2,100 करोड़ रु (286.03 मिलियन अमेरिकी डॉलर) इसकी मंजूरी भी सरकार ने दे दी है। इसके अतिरिक्त 7,165 करोड़ (US$ 975.92 मिलियन) रुपये की अनुमानित लागत पर ठाणे शहर में मेट्रोलाइट प्रणाली और पिंपरी चिंचवड़ से निगडी कॉरिडोर परियोजना की अनुमानित लागत 946.73 करोड़ (US$ 128.95 मिलियन) रु. के साथ काम शुरू कर दिया गया है।


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