मध्य प्रदेश का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Madhya Pradesh General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

मध्य प्रदेश का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नाममध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीभोपाल
राज्य का गठन1 नवम्बर 1956
सबसे बड़ा शहरइंदौर
कुल क्षेत्रफल3,08,245 वर्ग किमी
जिले52
वर्तमान मुख्यमंत्रीशिवराज सिंह चौहान
वर्तमान गवर्नर मंगूभाई छगनभाई पटेल
राजकीय पक्षी दूधराज
राजकीय फूलपलाश
राजकीय जानवरबारहसिंगा (दलदल हीरण)
राजकीय पेड़बरगद
राजकीय भाषाहिन्दी
लोक नृत्यजवारा, मटकी, अडा, खाड़ा नाच, फूलपति, ग्रिदा नृत्य, सालेलार्की, सेलाभडोनी, मंच।

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)

मध्य प्रदेश देश के मध्य भाग में स्थित एक राज्य है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है। राज्य का सबसे बड़ा शहर इन्दौर हैं। राज्य की सीमायें पश्चिम में गुजरात, उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र और उत्तर-पश्चिम में राजस्थान से लगती हैं। मध्य प्रदेश का कुल क्षेत्रफल 308,244 वर्ग किमी वर्ग किलोमीटर है। मध्य प्रदेश साल 2000 तक क्षेत्रफल के आधार पर देश का सबसे बड़ा राज्य था। बाद में 01 नवंबर, 2000 को मध्यप्रदेश का विभाजन करके छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की गयी थी।

राज्य का इतिहास पेलियोलिथिक समय से शुरु हो गया था। 300-500 ईस्वी तक भारत के ज्यादातर हिस्सों पर गुप्त साम्राज्य का शासन था। 11वीं सदी की शुरुआत में मुसलमानों का मध्य भारत में आगमन हुआ, इसमें महमूद गजनी पहला था और मोहम्मद गोरी दूसरा था, जिसके पास दिल्ली की सल्तनत का इलाका था। मराठाओं के उद्भव के साथ यह मुगल साम्राज्य का हिस्सा बन गया। सन् 1794 में माधोजी सिंधिया की मौत तक मराठाओं ने मध्य भारत पर वर्चस्व स्थापित रखा लेकिन उसके बाद स्वतंत्र और छोटे राज्य अस्तित्व में आए। सन् 1947 में जब देश आजाद हुआ तो ब्रिटिश भारत का मध्य प्रांत और बरार से मध्य प्रदेश का गठन हुआ था।

मध्य भारत में स्थित मध्य प्रदेश उत्तर में 22.42 डिग्री और पूर्व में 72.54 डिग्री की भौगोलिक स्थिति है। मध्य प्रदेश उत्तरपश्चिम में राजस्थान से, उत्तर में उत्तर प्रदेश से, पूर्व में छत्तीसगढ़ से, दक्षिण में महाराष्ट्र से और पश्चिम में गुजरात से अपनी सीमाएं बांटता है। मध्य प्रदेश में सबसे ऊँची चोटी, धूपगढ़ की है जिसकी ऊंचाई 1,350 मीटर (4,429 फुट) हैं। नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की सबसे प्रमुख और लंबी नदी है। इसकी सहायक नदियों में बंजार, तवा, मचना, शक्कर, देनवा और सोनभद्र नदियां आदि शामिल हैं। मध्य प्रदेश का राजकीय फूल 'लिलि' है। मध्य प्रदेश का राजकीय पक्षी 'एशियाई पैराडाइस फ़्लाइकैचर' है। मध्य प्रदेश का राजकीय पेड 'बरगद' है। मध्य प्रदेश का राजकीय पशु 'बारहसिंगा' है।

मध्य प्रदेश का वनक्षेत्र साल 2011 के आंकड़ों के अनुसार 36,560 वर्ग मील हैं, जोकि राज्य के कुल क्षेत्र का 30.72% हैं और देश में स्थित कुल वनक्षेत्र का 12.30% है। राज्य में पाये जाने वाले मिट्टी के प्रमुख प्रकार हैं:

  • महाकौशल और दक्षिणी बुंदेलखंड में: काली मिट्टी
  •  बघेलखण्ड क्षेत्र में: लाल और पीली मिट्टी
  • उत्तरी मध्य प्रदेश में: जलोढ़ मिट्टी
  • हाइलैंड क्षेत्रों में: लेटराइट मिट्टी
  • ग्वालियर और चंबल में: मिश्रित मिट्टी

यह राज्य वन्य प्राणियों से सम्पन्न राज्य है, मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभयारण्य है, जिसमें विभिन्न प्रकार के वन्यजीव पाए जाते हैं। मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान में कान्हा किसली, बाधवगड, पेंच सतपुडा, रीवा एवं जीवाश्म आदि प्रमुख हैं। अभयारण्यों में चम्बल, केन करेरा, धाटीगाव, पलनपुर कूनो इत्यादि अभयारण्य है।


मध्य प्रदेश में उपोष्णकटिबंधीय जलवायु है। इस राज्य में तीन प्रमुख मौसम होते हैं नवंबर से फरवरी तक सर्दी, मार्च से मई तक गर्मी और जून से सितंबर तक मानसून का मौसम रहता है। सर्दियों के दौरान औसत तापमान 10 डिग्री से 27 डिग्री सेल्सियस रहता है। गर्मियों में तापमान बहुत ज्यादा रहता है, जिसमें औसत 29 डिग्री और अधिकतम 48 डिग्री तक पहुंच जाता है। मानसून के मौसम में औसतन तापमान 19 से 30 डिग्री सेल्सियस रहता है। मध्य प्रदेश में औसत वार्षिक वर्षा 1200 मिमी. है।

अन्य राज्य की तरह मध्य प्रदेश की सरकार भी कार्यकारी, विधायी और न्यायपालिका से मिलकर बनी है। राज्य की कार्यकारी शाखा का प्रमुख राज्यपाल है। अन्य राज्यों की तरह राज्य का प्रमुख राज्यपाल है। मध्य प्रदेश में 230+1 (राज्यपाल के द्वारा मनोनीत) विधान सभा सीटें है। राज्य से भारत की संसद को 40 सदस्य भेजे जाते है: जिनमे 29 लोकसभा (निचले सदन) और 11 राज्यसभा के लिए (उच्च सदन) के लिए चुने जाते हैं।

राज्य की प्रमुख राजनीतिक दलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी हैं। राज्य में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है। मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति रविशंकर शुक्ल थे। उन्होंने 01 नवंबर 1956 राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

मध्य प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल मंगूभाई छगनभाई पटेल है। मंगूभाई छगनभाई पटेल ने 07 जुलाई 2021 को मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण रूप से कृषि प्रधान है जो औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों की ओर भी तेजी से प्रगति को दर्शाती है। इंदौर और भोपाल जिले राज्य की अर्थव्यवस्था के इंजन हैं, क्योंकि वे कुल मिलाकर राज्य की अर्थव्यवस्था में 30% से अधिक का योगदान करते हैं।
राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। राज्य के लगभग 60% भाग पर खेती की जाती हैं। यहां की मुख्य फसलें गेहूं, सोयाबीन, चना, गन्ना, ज्वार, चावल, मक्का, कपास, राइ, सरसों, दालें और मूंगफली शामिल हैं। मध्य प्रदेश भारत का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक है।
मध्य प्रदेश की पूरी स्कूली शिक्षा तीन स्तरों पर बंटी है- प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर। मध्य प्रदेश की साक्षरता दर 2011 की जनगणना के अनुसार 70.60% थी, जिसमे पुरुष साक्षरता 80.5% और महिला साक्षरता 60.0% थी। वर्ष 2017 के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 114,418 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय, 3,851 उच्च विद्यालय और 4,765 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं। राज्य में 208 इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर कॉलेजों, 208 प्रबंधन संस्थानों और 12 मेडिकल कॉलेज हैं।
मध्य प्रदेश खनिज संसाधनों से काफी समृद्ध है। यह राज्य देश में हीरे और तांबे का सबसे बड़ा भंडार है। अन्य प्रमुख खनिज भंडार में कोयला, कालबेड मीथेन, मैंगनीज और डोलोमाइट शामिल हैं। मध्य प्रदेश में 6 आयुध कारखाने, जिनमें से 4 जबलपुर, एक कटनी और एक इटारसी में स्थित हैं। ये कारखाने आयुध कारखाना बोर्ड द्वारा चलाए जाते हैं, जिनमे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाता हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश की आबादी 72,626,809 करोड़ है। जिसमे पुरुषों की जनसंख्या 37,612,306 और महिलाओं की जनसंख्या 35,014,503 है। जनसंख्या के हिसाब से मध्य प्रदेश भारत का छठा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य में लगभग 90.9% लोग हिंदू धर्म, जबकि अन्य में मुस्लिम (6.6%), जैन(1%), ईसाई (0.3%), बौद्ध (0.3%) और सिख (0.2%) आदि से आते है।
मध्य प्रदेश का पहनावा बहुत सरल और सुन्दर है। राज्य में स्त्रियाँ कलीदार घाघरा, लुंगड़ा व काचली साड़ी, पोलका पेटीकोट पहनती है। पुरुष द्वारा धोती, कुर्ता, पगड़ी, टोपी, दुप्पटा, कोट-पेन्ट, पजामा, टाई, जूते, मोज़े, घडी आदि का भी उपयोग किया जाता है।

मध्य प्रदेश में अपनी शास्त्रीय और लोक संगीत के लिए विख्यात है। प्रदेश के प्रमुख लोक नृत्य में बधाई, राई, सायरा, जावरा, शेर, अखाड़ा, शैतान, बरेदी, कर्म, काठी, आग, सैला, मौनी, धीमराई, कनारा, भगोरिया, दशेरा, ददरिया, दुलदुल घोड़ी, लहगी घोड़ी, फेफरिया मांडल्या, डंडा, एडीए-खड़ा, दादेल, मटकी, बिरहा, अहिराई, परधौनी, विल्मा, दादर और कलस शामिल हैं।

स्थानीय लोक गायन की शैलियों में फाग, भर्तहरि, संजा गीत, भोपा, कालबेलिया, भट्ट/भांड/चरन, वसदेवा, विदेसिया, कलगी तुर्रा, निर्गुनिया, आल्हा, पंडवानी गायन और गरबा गरबि गोवालं शामिल हैं।


मध्य प्रदेश की राजभाषा हिंदी है। यहाँ कई क्षेत्रीय बोलिया भी बोली जाती हैं जिनमें मालवी, निमाड़ी, बुंदेली, बघेली, तेलुगू, भिलोड़ी (भीली), गोंडी, कोरकू, कळतो (नहली) और निहाली (नाहली) आदि शामिल हैं।
अन्य राज्यों की भांति मध्य प्रदेश के पकवानों का अपना अलग ही स्वाद है। यहाँ के प्रमुख व्यंजनो में पोहा जलेबी, दाल बाफला, भुट्टे की कीस, भोपाली गोश्त कोरमा, रोगन जोश, बिरयानी पिलाफ, सीख कबाब, चक्की की शाक, इंदौरी नमकीन और मावा बाटी आदि काफी लोकप्रिय है।

मेलों को मध्य प्रदेश की संस्कृति और रंगीन जीवन शैली का पैनोरमा कहा जा सकता है। इन मेलों में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप का एक अद्वितीय और दुर्लभ सामजस्य दिखाई देता है। इनमें से अधिकांश मेले मार्च अप्रैल और मई के दौरान आयोजित होते है।

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों में सिंहस्थ, रामलीला का मेला, हीरा भूमियां का मेला, पीर बुधान का मेला, नागाजी का मेला, तेताजी का मेला, जागेश्वरी देवी का मेला, अमरकंटक का शिवरात्रि मेला, महामृत्यंजय का मेला, चंडी देवी का मेला, कालूजी महाराज का मेला, सिंगाजी का मेला, धामोनी उर्स, बरमान का मेला और मठ घोघरा का मेला आदि शामिल है। मध्य प्रदेश में मुख्य भारतीय त्योहारों में होली, रखाबंधन, दशहरा, दीपावली और ईद आदि त्यौहार मनाए जाते हैं।


राज्य की आबादी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक बड़े हिस्से का गठन करते हैं। राज्य के आदिवासी समूहों में मुख्य रूप से गोंड, भील, बैगा, कोरकू, भड़िया (या भरिया), हल्बा, कौल, मरिया, मालतो और सहरिया शामिल हैं। धार, झाबुआ, मंडला और डिंडौरी जिलों में 50% से अधिक जनजातीय आबादी की है। खरगोन, छिंदवाड़ा, सिवनी, सीधी, सिंगरौली और शहडोल जिलों में 30-50% आबादी जनजातियों की है।

मध्य प्रदेश में बहुत सारे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते है। राज्य के तीन स्थलों को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है, जिनमे खजुराहो (1986), सांची बौद्ध स्मारक (1989) और भीमबेटका की रॉक शेल्टर (2003) शामिल हैं।

राज्य के अन्य लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में भेड़ाघाट, भीमबेटका, भोजपुर, मांडू, कान्हा, अजयगढ़, अमरकंटक, असीरगढ़, बांधवगढ़, बावनगजा, भोपाल, विदिशा, चंदेरी, चित्रकूट, धार, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, बुरहानपुर, महेश्वर, मंडलेश्वर, मांडू, ओंकारेश्वर, ओरछा, पचमढ़ी, शिवपुरी, सोनागिरि, मण्डला और उज्जैन शामिल हैं।


  • वर्तमान में 2020-21 के लिए मध्य प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GDP) 9.18 ट्रिलियन रु. है। वहीं 2015-16 और 2020-21 के बीच राज्य की GDP 11.14% की CAGR (रुपये के संदर्भ में) से बढ़ी है।
  • अप्रैल 2021 तक, मध्य प्रदेश में 25,489.32 मेगावाट की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता थी, जिसमें राज्य उपयोगिताओं के तहत 7,187.62 मेगावाट, केंद्रीय उपयोगिताओं के तहत 7,326.09 मेगावाट और निजी क्षेत्र के तहत 10,975.61 मेगावाट शामिल थे।
  • उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अनुसार, मध्य प्रदेश में संचयी FDI प्रवाह अक्टूबर 2019 और मार्च 2021 के बीच 282.29 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • राज्य के बजट 2021-22 के तहत, सरकार ने 1,237 करोड़ रुपये रु. औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के अंतर्गत मैग्नीफिसेंट एमपी इन्वेस्टमेंट अट्रैक्शन स्कीम के लिए और 480 करोड़ रु. औद्योगीकरण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रस्तावित किए हैं।


📊 This topic has been read 369 times.

« Previous
Next »