हिमाचल प्रदेश का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Himachal Pradesh General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

हिमाचल प्रदेश का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामहिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीशिमला (गर्मी), धर्मशाला (सर्दी)
राज्य का गठन25 जनवरी 1971
सबसे बड़ा शहरशिमला
कुल क्षेत्रफल55,673 वर्ग किमी
जिले12
वर्तमान मुख्यमंत्रीजय राम ठाकुर
वर्तमान गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
राजकीय पक्षी जुजुराना
राजकीय फूलबुरांस या बुरुंश
राजकीय जानवरहिम तेन्दुआ
राजकीय पेड़देवदार
राजकीय भाषाहिन्दी
लोक नृत्यझोरा, झाली, छारही, धामन, छापेली, महासू, नटी, डांगी।

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)

हिमाचल प्रदेश देश की उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित एक राज्य है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर शिमला है। राज्य के उत्तर में जम्मू कश्मीर, पश्चिम तथा दक्षिण-पश्चिम में पंजाब, दक्षिण में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में उत्तराखण्ड तथा पूर्व में तिब्बत स्थित है।हिमाचल प्रदेश को “देव भूमि” भी कहा जाता है। राज्य का कुल क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किमी. है। ट्रान्सपरेन्सी इंटरनैशनल के 2005 के सर्वेक्षण के अनुसार, हिमाचल प्रदेश देश में केरल के बाद दूसरी सबसे कम भ्रष्ट राज्य है।

इस क्षेत्र में आर्यों का प्रभाव ऋग्वेद से भी पुराना है। आंग्ल-गोरखा युद्ध के बाद, यह ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार के हाथ में आ गया। सन 1857 तक यह महाराजा रणजीत सिंह के शासन के अधीन पंजाब राज्य (पंजाब हिल्स के सीबा राज्य को छोड़कर) का हिस्सा था। हिमाचल प्रदेश को साल 1950 में केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया था, लेकिन 1971 मे हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम-1971 के अन्तर्गत 25 जनवरी 1971 को आधिकारिक रूप से देश का 18वाँ राज्य बनाया गया।
पश्चिमी हिमाचल की तलहटी में स्थित होने के कारण हिमाचल प्रदेश समुद्र तल से 6500 मीटर की उंचाई पर है। इसकी उंचाई पश्चिम से पूर्व और उत्तर से दक्षिण की ओर है। भौगोलिक तौर पर यह क्षेत्र तीन श्रेणियों में बंटा हैः बाहरी हिमालय यानि शिवालिक, भीतरी हिमालय यानि सेंट्रल ज़ोन और ग्रेटर हिमालय यानि अल्पाइन ज़ोन। यहां की मुख्य नदियां चंद्र भागा, ब्यास, चिनाब, सतलज और रावी हैं। हिमाचल प्रदेश के कुछ ग्लेशियर बारा शिरी, भागा, चंद्रा हैं। हिमालय की तीनों मुख्य पर्वत श्रंखलाएँ, बृहत हिमालय, लघु हिमालय; जिन्हें हिमाचल में धौलाधार और उत्तरांचल में नागतीभा कहा जाता है। रेणुका झील हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी झील है। हिमाचल प्रदेश का राजकीय फूल 'बुरांश' है। हिमाचल प्रदेश का राजकीय पक्षी 'पश्चिमी ट्रागोपन' है। हिमाचल प्रदेश का राजकीय पेड 'देवदार' है। हिमाचल प्रदेश का राजकीय पशु 'हिम तेंदुआ' है।
हिमाचल प्रदेश की समुद्रतल से ऊंचाई की के कारण ही राज्य की जलवायु में भी विविधता पाई जाती है। यहां की जलवायु अत्यधिक ठंडी से सेमी ट्रापीकल है। हिमाचल में तीन ऋतुएं होती हैं- ग्रीष्म ऋतु, शरद ऋतु और वर्षा ऋतु। यहां की गर्मियां अप्रैल से जून तक रहती हैं, जिसमें मौसम काफी सुहावना रहता है और भारी बर्फबारी की वजह से सर्दियां अत्यधिक ठंडी रहती हैं। बरसात का मौसम जुलाई से सितंबर तक रहता है।

भारतीय संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन के लिए उसे मंत्रिपरिषद से सहायता और सलाह मिलती है, जिसका प्रमुख मुख्यमंत्री होता है। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की 68 सीटें हैं। राज्य में 04 लोक सभा क्षेत्र और 03 सीटें राज्य सभा की हैं।

हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक दल (पार्टी) (Political Parties of Himachal Pradesh):

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दलों में  भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और निर्दलीय हैं। राज्य में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार है। हिमाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर है। उन्होंने 24 दिसंबर 2017 को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के यशवंत सिंह परमार थे। उन्होंने 8 मार्च 1952 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

हिमाचल प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर है। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकरय ने 07 जुलाई 2021 को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


राज्य अर्थव्यवस्था की तीन ( पनबिजली, पर्यटन और कृषि) पर निर्भर करती है। राज्य की प्रमुख बिजली परियोजनाओं में पौंग बांध परियोजना (व्यास नदी पर), भाखड़ा बांध परियोजना( सतलुज नदी पर) आदि है।
हिमाचल प्रदेश का प्रमुख व्‍यवसाय कृषि है। राज्य के लगभग 50% लोग कृषि पर आधारित है। राज्य की महत्वपूर्ण फसलों में चावल, जौ, मक्का और गेंहू शामिल है। हिमालय की गोद में बसा होने के कारण हिमाचल की भूमि उपजाउ है और फलों की खेती के लिए अनुकूल है। यहां खेती किये जाने वाले अन्य फलों में सेब, अंजीर, जैतून, हाॅप, नट्स, मशरुम, केसर और शारदा खरबूज हैं। सेब की खेती से राज्य को हर साल 300 करोड़ रुपये की आय होती है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर 82.8% है। राज्य मे हमीरपुर जिले की साक्षरता दर सबसे अधिक है। राज्य में हजारों स्कूल हैं जो प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा देते है और जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या फिर आईसीएसई से संबद्ध हैं।हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने प्राथमिक शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाना मुमकिन किया है।
राज्य में कई प्रकार के खनिज पदार्थ भी पाए जाते है, जिनमें मुख्य रूप से चूने का पत्थर, डोलोमाइट युक्त चूने की पत्थर, चट्टानी नमक, सिलिका रेत और स्लेट आदि शामिल हैं। यहां लौह अयस्क, तांबा, चांदी, शीशा, यूरेनियम और प्राकृतिक गैस भी पाई जाती है।

सन् 2011 की जनगणना के अनुसार हिमाचल प्रदेश की कुल जनसंख्या 68,64,602 है। राज्य में पुरुषों की जनसंख्या 34,81,873 तथा महिलाओं की जनसंख्या 33,82,729 है। साल 2011 के जनगणना आंकड़ों के अनुसार राज्य का लिंग अनुपात 972/1000 है।

राज्य में हिन्दुओं की संख्या कुल जनसंख्या का लगभग 90% है। हिमाचल प्रदेश में तिब्बतियों की अच्छी खासी आबादी है और हिंदू धर्म के बाद बौद्ध धर्म दूसरा प्रमुख धर्म है। राज्य की सीमा पंजाब से बंटी होने के कारण सिख समुदाय के लोग भी शहरों और कस्बों में रहते हैं। मुसलमानों की संख्या राज्य में कम है।


देश अन्य राज्यों की तरह ही हिमाचल प्रदेश का पहनावा भी काफी भिन्न है। राज्य की परंपरागत पोशाकों में मुख्य रूप से चोलू, दोहड़ू, ढियाठु( सुंदर सूती कपड़ा जो स्तरीय माथे में बांधती है), कुल्लू टोपी(प्रसिद्ध), रेजटा, बुशैहरी टोपी और कोटनुमा ‘लोइया’ (ये सभी उन के बने वस्त्र होते है) आदि शामिल है।
हिमाचल प्रदेश एक बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक राज्य है। राज्य की सांस्कृतिक विरासत बहुत विविध, रंगीन और समृद्ध है। इसका प्रदर्शन यहां के रंगीन कपड़ों, मीठे संगीत, त्यौहार के उत्सव, लयबद्ध नृत्य और सरल लेकिन समृद्ध जीवनशैली में होता है। कला और हस्तशिल्प यहां की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। राज्य के लोक नृत्यों में मुंजरा, ढीली, नाटी, गीह, हुडक, ठोडा , करथी, खड़तायर, रूंझका, ढीली, पंगवाल, सेन, काठी (कुल्लू का प्रसिद्ध नृत्य) शामिल है। डोडमला, चम्पाकली, चन्दनहार, साबी, गल पट्टू, कर्णफूल , झुमकु,लौंग, बालू,बुलाक, बाजूबन्द, कमरकंध, पायजेब राज्य के प्रमुख आभूषण है। संगीत और नृत्य हिमाचलियों के जीवन का खास हिस्सा है।
हिमाचल प्रदेश में लोगो द्वारा सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा हिंदी भाषा है। राज्य की अन्य प्रमुख भाषाओं में काँगड़ी, पहाड़ी, डोगरी, किन्नौरी, पंजाबी और मंडियाली शामिल हैं। लों में पढ़ाने के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाता है। हिमाचल प्रदेश में बोली जाने वाली पहाडि़यों के कुछ रुप चुराही, हिमाचली, मंडेली, कुलुही आदि हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों से आए लोग जैसे मारवाड़ी, गुजराती, बिहारी, बंगाली आदि अपने समुदाय में खुद की भाषा में ही बात करते हैं।
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख व्यंजनों में रेहडू (लस्सी व दही से बनाया जाता है), सिदूए, अकटोरीए, धाम, सेप्पू, वादीए बडानाए, बदरु आदि शामिल हैं।
राज्य के सभी धर्म के लोग अपने त्यौहार बड़ी धूमधाम से मानते हैं। हिमाचल प्रदेश में प्रत्येक वर्ष धर्मशाला में अंतर्राष्ट्रीय हिमालय फेस्टिवल मनाया जाता है। यहां के स्थानीय त्यौहारों में लाहौलियों के चीशु और लाहौल और कांगड़ा जिले का त्यौहार हरियाली है जोकि बहुत धूमधाम से मनाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए राष्ट्रीय त्यौहार जैसे दीपावली, लोहड़ी, बैसाखी और क्रिसमस भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।
हिमाचल प्रदेश का मुख्य समुदाय राजपूत है जो कि बहुत पहले यहां आकर बस गए थे। हिमाचल प्रदेश में कई प्रकार की अन्य जनजातियाँ निवास करती है। जिनमें घीर्थ, चैधरी, ब्राम्हण, राठी कन्नेत, कोली, गड्डी, गुज्जर, लाहौली और पंगवाल आदि शामिल हैं।
हिमांचल प्रदेश राज्य में गर्म पानी के स्रोत, ऐतिहासिक दुर्ग, प्राकृतिक और मानव निर्मित झीलें है, जो दुनियाभर के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते है। राज्‍य पर्यटन विकास निगम राज्‍य की आय में 10 प्रतिशत का योगदान करता है। यहाँ के महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्थलों में रोहतांग पास, चंबा, कांगड़ा, शिमला, कुल्लू, मनाली, डलहौजी, रेओ पुरगिल, मनीरंग, रामाबंग, किन्नौर कैलाश, शिल्ला, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, नेशनल पार्क पिन वेली, पिनघाटी राष्ट्रीय अभयारण्य,कालाटोप खज्जियार वन्यजीव विहार, पौंग झील, पंडोह झील और रेणुका झील आदि शामिल हैं।

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