हरियाणा का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति तथा जिले

✅ Published on October 29th, 2021 in भारत, भारतीय राज्य

इस अध्याय के माध्यम से हम हरियाणा (Haryana) की विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी जानेगें, जिसमे राज्य का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, संस्कृति और राज्य में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आदि जैसी महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकरियों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त हरियाणा राज्य में हाल ही में हुये विकास व बदलाव को भी विस्तारपूर्वक बताया गया है। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ-साथ पाठकों के लिए भी रोचक तथ्यों से भरपूर है। Haryana General Knowledge and Recent Developments (Hindi).

हरियाणा का संक्षिप्त सामान्य ज्ञान

राज्य का नामहरियाणा (Haryana)
इकाई स्तरराज्य
राजधानीचंडीगढ़
राज्य का गठन1 नवम्बर 1966
सबसे बड़ा शहरफरीदाबाद
कुल क्षेत्रफल44,212 वर्ग किमी
जिले22
वर्तमान मुख्यमंत्रीमनोहर लाल खट्टर
वर्तमान गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय
राजकीय पक्षी काला तीतर
राजकीय फूलकमल
राजकीय जानवरकाला हिरन
राजकीय पेड़पीपल
राजकीय भाषाहिन्दी
लोक नृत्यझूमर, फाग, डाफ, धमाल, लूर, गुग्गा, खोर, जागोर।

हरियाणा (Haryana)

हरियाणा देश की उत्तर दिशा में स्थित एक राज्य है। हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ है, जो केंद्र शासित प्रदेश होने के साथ पंजाब राज्य की भी राजधानी है। राज्य के दक्षिण-पश्चिम में राजस्थान, उत्तर में पंजाब और हिमाचल प्रदेश, पूर्व में उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश स्थित है।हरियाणा की सीमायें भारत की राजधानी दिल्ली के तीन तरफ़ लगी हुई हैं, जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का एक बड़ा हिस्सा हरियाणा में मिला है। राज्य का सबसे बड़ा शहर फरीदाबाद है।

वर्तमान हरियाणा राज्य में आने वाला क्षेत्र साल 1803 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन कर दिया गया था। वर्ष 1832 में इसे तत्कालीन पश्चिमोत्तर प्रांत को हस्तांतरित कर दिया गया और 1858 में यह क्षेत्र पंजाब का हिस्सा बन गया। साल 1960 की शुरुआत में उत्तरी पंजाब के पंजाबीभाषी सिक्खों और दक्षिण में हरियाणा क्षेत्र के हिन्दीभाषी हिंदुओं द्वारा भाषाई आधार पर राज्यों की स्थापना की मांग ज़ोर पकड़ने लगी। वर्ष 1966 में पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के पारित होने के साथ ही पंजाब के साथ-साथ हरियाणा भी भारत का एक पृथक् राज्य बन गया और इस प्रकार 01 नवम्बर, 1966 को हरियाणा राज्य की स्थापना हुई थी।
हरियाणा राज्य 44,212 वर्ग किमी. में फैला है। इसकी भौगोलिक स्थिति 30.73 डिग्री उत्तर और 76.78 डिग्री पूर्व में है। राज्य की भूमि बहुत उपजाउ है और इस राज्य को भारत की हरित भूमि कहा जाता है। हरियाणा को दो प्राकृतिक क्षेत्रों में बांटा जा सकता हैः उप-हिमालयी तराई और इंडो-गंगा के मैदान। मैदानी इलाका उपजाउ है और उत्तर से दक्षिण की ओर इसकी ढलान है और समुद्र तल से इसकी उंचाई औसतन 700 से 900 फीट है। दक्षिण-पश्चिम हरियाणा शुष्क, रेतीला और बंजर है। हरियाणा का राजकीय फूल 'कमल' है। हरियाणा का राजकीय पक्षी 'श्याम फ़्रैंकोलिन' है। हरियाणा का राजकीय पेड 'पीपल' है। हरियाणा का राजकीय पशु 'कृष्ण मृग' है।
राज्य में विभिन्न प्रकार की जलवायु परिस्थितियों के कारण इस राज्य में तीन विशिष्ट मौसम होते हैं। मई और जून के महीनों में पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और दिसंबर और जनवरी में तापमान 01 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। बरसात का मौसम हरियाणा में जुलाई से शुरु होकर सितंबर तक चलता है।

भारतीय संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन के लिए उसे मंत्रिपरिषद से सहायता और सलाह मिलती है, जिसका प्रमुख मुख्यमंत्री होता है। हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें

हरियाणा के राजनीतिक दल (पार्टी): (Political Parties of Haryana)

हरियाणा के प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दलों में बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी ), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी हैं। जबकि हरियाणा हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) राज्य की पंजीकृत पार्टियां हैं। इनके साथ ही हरियाणा से 14 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल भी हैं।

राज्य में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है। हरियाणा के वर्तमान मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर है। उन्होंने 26 अक्टूबर 2014 को हरियाणा के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। हरियाणा के मुख्‍यमंत्री बनने वाले प्रथम व्यक्ति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पंडित भगवत दयाल शर्मा थे। उन्होंने 01 नवम्बर 1966 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

हरियाणा के वर्तमान राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय है। बंडारू दत्तात्रेय ने 07 जुलाई, 2021 को हरियाणा के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है।


हरियाणा देश के अमीर राज्यों में से एक है और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर यह देश का दूसरा सबसे धनी राज्य है। वर्ष 2012-13 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,19,158 लाख भारतीय रुपये और वर्ष 2013-14 में 1,32,089 लाख भारतीय रुपये रही है।
हरियाणा की धरती कृषि के लिए उपयुक्त है और इसकी 60% भूमि सिंचित है। यहां की एक चैथाई से ज्यादा आबादी कृषि करती है। यहाँ की प्रमुख फ़सलें तिलहन, कपास, गन्ना, आलू, दालें, जौ, ज्वार और बाजरा हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा की साक्षरता दर 76.64% है। राज्य में कई सरकारी और निजी स्कूल हैं, जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या फिर हरियाणा स्कूली शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हैं। राज्य में रोहतक, सोनीपत और गुड़गांव उच्च शिक्षा के हब बनकर उभरे हैं। हरियाणा का राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र देश का एकमात्र न्यूरोसाइंस शोध और शिक्षा संस्थान है।
राज्य में कई प्रकार के खनिज पदार्थ भी पाए जाते है, जिनमें मुख्य रूप से चीनी मिट्टी, चूना पत्थर, क्वार्ट्ज/सिलिका बालू आदि शामिल हैं। पानीपत रिफ़ाइनरी दक्षिण एशिया की दूसरी सबसे बड़ी रिफ़ाइनरी है। हरियाणा राज्य में इस्पात और वस्त्र उद्योग भी बहुत विकसित है।यह राज्य कार, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, साइकिल, रेफ्रिजरेटर, वैज्ञानिक उपकरण उत्पादन में सबसे आगे हैं।
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा की कुल जनसंख्या 25,353,081 है और इसका जनसंख्या घनत्व 573.4 वर्ग किमी. है। राज्य में लिंग अनुपात 1000 पुरुषों पर 877 महिलाओं का है। राज्य की जनसंख्या में हिंदुओं की बहुतायत है और अन्य धर्मों के लोग जैसे मुस्लिम, सिख, जैन और ईसाई भी यहां रहते हैं। इसके अलावा अन्य समुदायों के लोग जैसे दलित और वाल्मिकी भी यहां की आबादी का हिस्सा हैं।
देश अन्य राज्यों की तरह ही हरियाणा का पहनावा भी काफी भिन्न है। राज्य के पुरुष वर्तमान समय में पेंट-कोट, कुड़ता-पायजामा, जेकट, जर्सी, सफारी-सूट, जींस-पेंट, लोवर-टी-शर्ट, पेंट-शर्ट, जूते-सेंडल-चप्पल, टोपी-पगड़ी आदि पहनते हैं। राज्य की महिलाये वर्तमान समय में सलवार-सूट, कुड़ता-कुडती-लहंगा, साड़ी, लहंगा-चोली, चुन्नी-जम्फर, पजामी-सूट-लोवर-टी-शर्ट, पेंट-शर्ट, जूते-सेंडल-जूती-चप्पल, सितारे-घोटों वाली चुंदड़ी पहनती हैं।
हरियाणवी लोग सीधे, सरल, उद्यमी और मेहनतकश होते हैं। इस क्षेत्र के अपने प्रसिद्ध लोकगीत, कहावतें और संगीत वाद्ययंत्र हैं। यहां की महिलाएं समर्पित और मेहनती हैं और खेतों में पुरुषों की सहायता करती हैं। राज्य के लोक नृत्यों सॉन्ग डांस, छठी डांस, खोरी या डांस, रास लीला, घूमर डांस, लूर नृत्य आदि शामिल हैं।
हरियाणा के लोगों की मातृभाषा हरियाणवी है। हरियाणवी राज्य में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। राज्य की आधिकारिक भाषा हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी है। यहाँ की अन्य भाषाओं में बंगरु, बागड़ी और अहिरवाटी बोली जाती हैं।
हरियाणा के प्रमुख व्यंजनों में बाजरे की खिचड़ी, कचरी की सब्जी, सिंगरी की सब्जी, हरा धनिया छोलीया, मेथी गाजर, कढ़ी पकोड़ा, मिश्रित दल, खिचड़ी, बथुआ रायता, टमाटर की चटनी, बेसन मसाला रोटी-माखन, बाजरे की रोटी आलू-माखन, भूरा रोटी-घी, मीठे चावल, खीर, चूरमा, मालपूआ आदि शामिल हैं।
लोहड़ी हरियाणा में सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। लोहड़ी सर्दियों के अंत का प्रतीक है और प्रजनन क्षमता के मौसम का स्वागत करती है। यह हर साल 13 जनवरी को मकर संक्रांति से ठीक पहले मनाया जाता है। लोहड़ी वास्तव में पंजाबियों के लिए है, लेकिन पूरा राज्य इसे समान खुशी और उत्साह के साथ मनाता है।
हरियाणा में कई प्रकार की जनजातियाँ निवास करती है। जिनमें भाट, बोध, गड्डी, गुज्जर, जाड, लाम्बा, खाम्पा, कनौरा, किन्नर लाहौला, पंगवाला, स्वंगला, बीटा, बेडा और डोम्बा आदि शामिल हैं।
हरियाणा भारत में पर्यटन का प्रमुख केन्द्र है। हरियाणा धार्मिक और ऐतिहासिक इमारतों की दृष्टि से समृध्द है, जो दुनियाभर के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते है। यहाँ के महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्थलों में बधकल झील, दमदमा लेक, कर्ण, कुरुक्षेत्र, सूरजकुंड, मोरनी हिल्स, पंचकूला, पानीपत, पृथ्वीराज की कचहरी, सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य, थानेश्वर, तिलसार झील, यदाविंद्र उद्यान, ब्रह्म सरोवर, बाण गंगा, स्थानेश्वर महादेव मन्दिर, सन्निहित सरोवर और बाबा फ़रीद गुम्बद आदि शामिल हैं।
  • राज्य भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल केंद्रों में से एक है और देश में निर्मित दो-तिहाई यात्री कारों, 50% ट्रैक्टरों और 60% मोटरसाइकिलों के लिए हिस्सेदार है।
  • 2021-22 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार राज्य की GDP 7% की वृद्धि के बाद 8,87,252 करोड़ रु. अनुमानित है। वहीं वित्त वर्ष 2012 के लिए हरियाणा की GDP वृद्धि 15.8% अनुमानित की गई थी।
  • हरियाणा राज्य सरकार एक प्रगतिशील कारोबारी माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य औद्योगिक और निवेश नीति, 2011 के तहत व्यवसायों के लिए वित्तीय और नीतिगत प्रोत्साहनों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।
  • वित्त वर्ष 2010 में हरियाणा से माल का निर्यात 12.06 बिलियन अमेरिकी डॉलर और वित्त वर्ष 2011 में 11.60 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था।


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